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Vinayak Tripathi

वामपंथियों, लिबरल वोक ब्रिगेड और हिन्दू-विरोधी ताकतों से सवाल: तुम्हारे दोहरे मापदंड अब छिप क्यों नहीं पा रहे हैं?

जब भी 'अभिव्यक्ति की आज़ादी' और 'धर्मनिरपेक्षता' की बात आती है, तथाकथित उदारवादी सेक्युलर गिरोह और वोक लिबरल्स सबसे पहले सामने आते हैं।

देश से प्रतिभाओं का पलायन, आरक्षण की जड़ें और मेरिट का सवाल: राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास के सामने सबसे बड़ी चुनौती

हमारे देश में आरक्षण की वजह से हर वर्ष लाखों होनहार और प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएँ उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका, कनाडा, यूके, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी जैसे देशों का रुख करते हैं। वे वहीं शिक्षा अर्जित करते है और फिर वहीं बस जाते हैं।

विनायक दामोदर सावरकर: एक ऐसा नाम जिससे अंग्रेज भी काँपते थे, जो थे हिन्दू राष्ट्र के पुनर्जागरण के स्वप्नद्रष्टा

अंग्रेजों को डर था कि अगर वीर सावरकर जैसे व्यक्ति देश में खुलकर बोलने लगे, तो उनका राज एक दिन भी टिक नहीं पाएगा।

‘रलिव गलिव चलिव’… जब भारतीय महिलाओं को गुलाम बना कर कश्मीर को Pak बनाना चाहते थे आतंकी, अब्दुल्ला-कॉन्ग्रेस की थी सरकार

या वो दौर था जब घाटी के मस्जिदों से हिन्दुओं के ख़िलाफ़ मौत का फ़रमान जारी होता था। 16-17 साल के कश्मीरी मुस्लिम बड़े शौक़ से हथियार उठा रहे थे।

बम-बारूद रूस के, पर छलनी कर रहा दुनिया का ‘स्वयंभू रखवाला’ अमेरिका भी: यूक्रेन पर हमले का असली विलेन कौन

सीधी तौर पर कहें तो यूक्रेन दूसरे देशों के प्रति अमेरिका के आक्रामक रवैये का शिकार बना है। पुतिन इस युद्ध के इकलौते खलनायक नहीं हैं और निश्चित रूप से ना ही सबसे बड़े खलनायक हैं।