हमारे देश में आरक्षण की वजह से हर वर्ष लाखों होनहार और प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएँ उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका, कनाडा, यूके, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी जैसे देशों का रुख करते हैं। वे वहीं शिक्षा अर्जित करते है और फिर वहीं बस जाते हैं।
सीधी तौर पर कहें तो यूक्रेन दूसरे देशों के प्रति अमेरिका के आक्रामक रवैये का शिकार बना है। पुतिन इस युद्ध के इकलौते खलनायक नहीं हैं और निश्चित रूप से ना ही सबसे बड़े खलनायक हैं।