असम सरकार ने कार्रवाई करते हुए 37 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को सीमा पार उनके देश लौटा दिया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया कि अब सभी घुसपैठियों को इसी तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री सरमा ने मंगलवार (23 सितम्बर 2025) को एक्स पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, “गुड बाय इनफिल्ट्रेटर्स! आपका समय असम में खत्म हो चुका है। 37 अनचाहे मेहमानों को उनके देश बांग्लादेश वापस भेज दिया गया है।”
Good bye infiltrators ??; your time's up in Assam!
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) September 23, 2025
37 uninvited guests have been PUSHED BACK to their own homeland in Bangladesh from the Sribhumi sector.
Just letting you all in advance — All unwanted guests will be treated with the same gesture. pic.twitter.com/zEPU85nNq7
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में भी हर घुसपैठिए को इसी तरीके से बाहर किया जाएगा। साथ ही सीएम ने तस्वीरें साझा कीं, जिनमें पुरुषों, महिलाओं और बच्चों का समूह दिखाई दे रहा है। यह कार्रवाई असम-बांग्लादेश सीमा के श्रीभूमि सेक्टर से की गई।
मुख्यमंत्री ने पहले ही ऐलान किया था कि उनकी सरकार असम को पूरी तरह इनफिल्ट्रेशन-फ्री बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरमा ने दावा किया कि राज्य में हर सप्ताह औसतन 35 से 40 लोगों को ऑपरेशन ‘पुश बैक’ के तहत सीमा पार भेजा जा रहा है। यह प्रक्रिया लंबे और जटिल कानूनी डिपोर्टेशन सिस्टम से तेज मानी जाती है। मुख्यमंत्री का कहना है कि असम में अब घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं है।

