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श्रवण शुक्ल

I am Shravan Kumar Shukla, known as ePatrakaar, a multimedia journalist deeply passionate about digital media. I’ve been actively engaged in journalism, working across diverse platforms including agencies, news channels, and print publications. My understanding of social media strengthens my ability to thrive in the digital space. Above all, ground reporting is closest to my heart and remains my preferred way of working.

कपड़े फाड़े, बिजली काटी, महिलाओं को घसीटा… बंगाल में TMC गुंडों ने 2 साल पहले किया था मुफ्त शिक्षा देने वाले ‘अरण्यज स्कूल’ पर...

लगातार जान से मारने की धमकियाँ मिलने के बावजूद वो पीछे नहीं हटे और बंगाल में ममता और TMC सरकार के ढहते ही अरण्यज स्कूल को मुक्त करा लिया गया।

बंगाल चुनाव में BJP के लिए 2021 से 2026 तक में क्या बदला, क्यों जीत को लेकर आश्वस्त है पार्टी? समझें मतदान का दूसरा...

आखिर पश्चिम बंगाल में साल 2021 से 2026 के बीच बीजेपी में क्या बदला? हम हर उस पहलू का विश्लेषण कर रहे हैं, जिससे ये सबसे दिलचस्प चुनाव बन गया।

ईरान के सपोर्ट में शिया आबादी पाकिस्तान में कल्तेआम न मचा दे, इसलिए डरे असीम मुनीर ने NYT की रिपोर्ट ही उड़ा दी: पढ़ें...

यह घटना 2017 के मोहम्मद हनीफ वाले NYT आर्टिकल और जनवरी 2026 के “It Is Over” लेख की याद दिलाती है, जो दोनों सेंसर हो चुके हैं।

योगी आदित्यनाथ का चुनावी मैदान में दिखा दम, बिहार के बाद बंगाल में छाए: अखिलेश यादव सोशल मीडिया तक सिमटें, समझें- किस बात है...

CM योगी बंगाल में डिमांड पर रैलियाँ कर रहे हैं। लेकिन अखिलेश वंशवादी डर के मारे बंगाल नहीं जा रहे क्योंकि बिहार की हार अभी उनके जेहन में है।

नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन की आड़ में चल रहा था बड़ा खेल, टारगेट था UP की औद्योगिक विकास की गति को तोड़ना: जानें...

जाँच से पता चला कि नोएडा हिंसा स्पॉन्टेनियस नहीं थी। मुख्य आरोपित अदित्य आनंद ने 5 साल से तैयारी कर रखी थी। श्रमिकों को भड़काने के लिए 17+ व्हाट्सएप ग्रुप्स बनाए गए।

एक बार फिर बदल रहा मिडिल ईस्ट का नक्शा, इजरायल ने कब्जाया दक्षिणी लेबनान का हिस्सा: समझें- क्या यह स्थायी है या ईरान से...

इजरायल-लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम शुरू होते ही इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में 10KM गहरी ‘येलो लाइन’ फॉरवर्ड डिफेंस लाइन बना ली।

वाजपेयी सरकार से लेकर UPA तक सपा ने हमेशा किया महिलाओं का विरोध, सदन में फाड़े कपड़े-बिल; जमकर किया हंगामा: जानें SP-RJD ने लोकसभा...

यूपीए शासन में में भी SP-RJD सांसदों ने उग्र विरोध किया था। सपा के 4 सांसद नंद किशोर, कमाल अख्तर, वीरपाल यादव और आमिर आलम खान निलंबित हुए।

पुरखे बताते थे महिलाओं की चड्डी का रंग, कहते थे- ग्रामीण-गरीब महिला आकर्षक नहीं होती; आज ‘सपोले’ बता रहे सपा सबसे बड़ी महिला हितैषी:...

अखिलेश यादव ने भी 'कोटा के भीतर कोटा' की माँग करते हुए बिल का विरोध किया। सपा की यह रणनीति महिलाओं की भागीदारी को बढ़ने से रोकने में अहम रही।