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‘जब भारत के इतिहास में पहली बार किसी गैर वंशवादी पार्टी को मिला था पूर्ण बहुमत’

"कांग्रेस के काम करने का तरीका एकदम साफ है - पहले नकारो, फिर अपमानित करो और इसके बाद धमकाओ। उनकी सोच यही है कि सब गलत हैं, और सिर्फ कांग्रेस सही है। यानि ‘खाता न बही, जो कांग्रेस कहे, वही सही’।"

‘विमान से जाने वाले की लाश ही वापस आती है’ – पर्रिकर का वो लेख, जो हर माँ-बाप-पति-पत्नी को पढ़ना जरूरी

मेधा के जाने का सबसे बड़ा धक्का छोटे बेटे अभिजीत को ही लगा। उसने अपनी माँ को उपचार के लिए विमान से मुम्बई जाते हुए देखा था, लेकिन विमान से उसकी माँ का शव ही वापस आया।

29 ट्वीट, 88 लोगों व संस्था को टैग: एक सामान्य बात के लिए आखिर PM मोदी को क्यों लगाना पड़ा इतना जोर

माहौल ऐसा बने कि वोट नहीं कर पाने पर व्यक्ति को पश्चाताप हो। फिर कभी देश में कुछ भी गलत दिखे तो व्यक्ति अपने आप को उसके लिए जिम्मेदार माने और सोचे कि यदि मैं उस दिन वोट करने गया होता तो ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति पैदा नहीं होती।

सत्ता पाकर शिक्षा को कैसे बर्बाद किया जाता है यह कॉन्ग्रेस से सीखना चाहिए

देश के किसी भी विश्वविद्यालय में किसी भी आमूल चूल बदलाव को फासीवाद का नाम देने वाले कांग्रेस और वामदलों ने एफटीआईआई के पूर्व चेयरमैन गजेंद्र सिंह चौहान का विरोध इतने निचले स्तर पर आकर किया था कि आखिरकार उन्हें इस्तीफा देना पड़ गया।

बिना जुबाँ लड़खड़ाए कश्मीर समस्या को इस्लामी आतंक जनित समस्या कहना ज़रूरी

कश्मीर में अलगाववाद को बल मिलता है पैन-इस्लामिज़म से, जो खिलाफत आंदोलन के या उससे भी पूर्व के उस विचार से प्रभावित है, जिसमें दुनिया के सभी मुस्लिमों को राष्ट्रीय सीमाओं से परे एक झंडे के नीचे खड़े होने को अपना आदर्श मानता है।