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जयन्ती मिश्रा

7 दिन में गोरी, 15 दिनों में छरहरी: क्रीम बेचने वालों पर लगाम जरूरी और खुद की मानसिकता पर भी!

कॉलेज-ट्यूशन से लेकर शादी-ब्याह तक के बीच एक लड़की के मन में ब्यूटी प्रोडक्ट्स को लेकर चुनाव चलता ही रहता है कि आखिर वो किस तरह समाज के बनाए पैमानों पर निखर पाएगी और कैसे अन्य लड़कियों की तरह खुद को सुंदर बना पाएगी... और कंपनियाँ इसी का फायदा उठाती हैं।

‘सिंहगढ़ युद्द’ के 350 साल: जब ‘तानाजी’ के साथ एक छिपकली भी हुई थी वीरगति को प्राप्त

इस युद्ध के 350 साल पूरे होने पर हमें ध्यान रखने की आवश्यकता है कि तानाजी द्वारा लड़ा गया ये युद्ध आम युद्ध नहीं था। क्योंकि ये किला लगभग 4,304 फुट की ऊँचाई पर स्थित है। जिस तक पहुँचने के लिए तानाजी ने यशवंती नामक गोह प्रजाति की छिपकली का प्रयोग किया था।

औरतें हलाला को मजबूर, मर्दों के लिए बनी रहे 4 बीवियों की आजादी: जिल्लत से मुक्ति कब

कभी ससुर से तो कभी देवर से। कभी मौलवी से तो कभी जीजा से। हलाला को अभिशप्त औरतें आखिर कब पितृसत्तात्मक इस्लामिक कानून से मुक्ति की आवाज बनेंगीं।

शाहीन बाग की इन औरतों का हंगामा और संविधान देने वाली उन 15 महिलाओं का हासिल

संविधान का मसौदा तैयार करने में अहम किरदार निभाने वाली उन महिलाओं ने क्या सपना देखा था और शाहीन बाग की औरतें कैसी मिसाल पेश कर रही हैं। यह जानने के लिए 26 जनवरी से बेहतर दिन नहीं हो सकता।

तिरंगे वाले हिजाब में हरे को ऊपर रखने के पीछे की मंशा क्या है?

तिरंगे में समाहित रंगों की आड़ में संदेश दिया जा रहा है कि शाहीन बाग कोई आम प्रदर्शन नहीं है। ये वो प्रदर्शन हैं, जहाँ वेदना के नाम पर अपने मनसूबों को इस्लामिक ताकतों ने खुलेआम प्रदर्शित करना शुरू कर दिया है। औचित्य की लड़ाई को अब स्पष्ट तौर पर मजहबी लड़ाई बना दिया गया है...

CAA से नागरिकता पाने वाले 70-75% SC/ST, OBC गरीब, फिर रावण-कन्हैया जैसे इसका विरोध क्यों कर रहे

एससी/एसटी कमीशन के चेयरमैन ने बताया कि भारत में जिन शरणार्थियों को सीएए के तहत नागरिकता मिलने वाली है। उनमें 70 से 75 प्रतिशत दलित, ओबीसी और गरीब है। जिन्हें अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से भगाया गया था।

शाहीन बाग की औरतें: कब माँगेंगी हलाला से, माहवारी आते ही निकाह कर देने की रवायत से आजादी

"सहारनपुर जिले में महिलाओं का हलाला करवाने के लिए मदरसों में लड़कों को रखा जाता है। यही नहीं, उम्र और सुन्दरता के अनुसार वो महिलाओं के हलाला का पैसा लेते हैं।" अब सोचिए, इनकी स्थिति कितनी बदतर है। लेकिन फिर भी आवाज़ उस पर उठानी है, जिस पर इनका समुदाय इजाजत दे।

केजरीवाल के 2 वीडियो, 1 टोटका: ‘बच्चों की कसम’ जैसी तो नहीं AAP गारंटी कार्ड

केजरीवाल जीत की हैट्रिक लगा पाएँगे? आप की सत्ता में वापसी होगी? इन सवालों के जवाब 11 फरवरी को मिलेंगे। ले​किन यह कितना अजीब है कि जो नेता अपनी बातों की गारंटी नहीं दे पाता, वह दिल्ली की जनता को गारंटी कार्ड बाँट रहा है।