Monday, May 25, 2020
होम राजनीति अब दिल्ली को जलाया, 20 साल पहले सिखों का कत्लेआम किया: तब क्लिंटन आए...

अब दिल्ली को जलाया, 20 साल पहले सिखों का कत्लेआम किया: तब क्लिंटन आए थे, आज ट्रंप दौरे पर हैं

20 साल बाद वही सब दोहराया जा रहा है। कुछ नहीं बदला है। तब क्लिंटन का दौरा था, आज ट्रंप दौरे पर हैं। तब भी भारत-अमेरिका का संबंध नया मोड़ ले रहा था, आज भी दोनों मुल्कों के संबंधों में नई गर्मजोशी दिख रही है। जाहिर है, दिल्ली में जो कुछ हुआ है वह अचानक नहीं हुआ है। इसके पीछे साजिशें गहरी हैं।

ये भी पढ़ें

देश की राजधानी दिल्ली में रविवार को हिंसा की हुई। सोमवार को इसने भयावह रूप ले लिया। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में कई जगहों पर आगजनी-पत्थरबाजी हुई। गोलियॉं चलाई गई। अब तक पॉंच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मंगलवार की सुबह भी मौजपुर और ब्रह्मपुरी में पत्थरबाजी तथा आगजनी की घटना हुई। दिल्ली की सड़कों पर हिंसा की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत आने से ठीक पहले हुई। उनके अहमदाबाद में लैंड करने के बाद हिंसा तेज हो गई।

इसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कहा जा रहा है कि भारत की छवि खराब करने के लिए ट्रंप के दौरे को हिंसा के लिए सोच-समझकर चुना गया है। आखिर क्यों जब ट्रंप अहमदाबाद में दुनिया को इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ संदेश दे रहे थे देश की राजधानी तेजी से भभक उठी? इसके पीछे किसका हाथ है? ये किसकी साजिशें हैं?

हिंसा की पूरी जॉंच के बाद ही तस्वीरें स्पष्ट हो पाएँगी। फिलहाल जो वीडियो, तस्वीरें सामने आई हैं उससे जाहिर है कि सुनियोजित तरीके से यह सब अंजाम दिया गया है। 20 साल पुरानी एक घटना पर गौर करें तो हालात और स्पष्ट हो जाते हैं।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

दरअसल, आज से बीस साल पहले यानी साल 2000 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भारत आए थे। उस समय भी देश में बीजेपी नीत एनडीए सरकार आज की तरह ही थी। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के मुखिया थे। उस समय क्लिंटन का भारत दौरा दो कारणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा था। कारगिल युद्ध के दौरान अमेरिका ने पहली बार सार्वजनिक तौर से भारत का पक्ष लिया था। दूसरा, करीब 22 साल बाद कोई अमेरिकी राष्ट्रपति भारत के दौरे पर आए थे। क्लिंटन 5 दिन (19-25 मार्च) भारत में रुके। आगरा, हैदराबाद, मुंबई, जयपुर और दिल्ली का भ्रमण किया था। संसद को संबोधित किया था। ऊर्जा व पर्यावरण संधि पर हस्ताक्षर किए थे।

मगर, उसी दौरान श्रीनगर से 70 किलोमीटर दूर दक्षिण में अनंतनाग जिले के छत्तीसिंहपुरा गाँव में जहाँ 200 सिख परिवार रहते थे, वहाँ से एक हृदयविदारक खबर आई। सूचना मिली कि 20 मार्च, 2000 की रात गाँव में बिजली नहीं थी और स्थानीय निवासी रेडियो पर अमेरिका के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पाँच दिन की भारत यात्रा की खबरें सुन रहे थे। तभी शाम को 7 बजकर 20 मिनट पर 40 से 50 आतंकवादी गाँव में घुस आए और उन्होंने जबरन सिख लोगों को घरों से बाहर निकालना शुरू कर दिया। सिखों को कुछ आगे समझ आता कि अचानक उन्होंने अपनी ऑटोमेटिक बंदूकों से गोलियाँ दागनी शुरू कर दी। अगले ही पल 35 लाशों का ढेर लग गया और बाद में एक व्यक्ति ने अस्पताल में दम तोड़ा। सामूहिक नरसंहार के इस तांडव में सभी लाशें सिख समुदाय के लोगों की थी।

इस घटना के उजागर होने के बाद सुरक्षा सलाहकार रहे बृजेश मिश्र ने दावा किया कि यह काम लश्कर-ए-तय्यबा और हिज्बुल मुजाहिद्दीन का है। और, नरसंहार के अगले दिन पाकिस्तान के विदेश मंत्री अब्दुल सत्तार ने दोनों आतंकी समूहों के समर्थन में बयान दे दिए। बता दें, सत्तार वही शख्स हैं, जो भारत के ख़िलाफ़ गतिविधियों के लिए पूरे दक्षित एशिया में कुख्यात रहे हैं।

बर्बरता की उस रात निहत्थे सिखों को दो समूहों में खड़ा किया गया था। उनमें से एक आतंकी पास के ही गाँव का रहने वाला था। उसे एक सिख ने पहचान लिया। गोलीबारी से पहले उसने आतंकी से पूछा ‘चट्टिया तू इधर क्या कर रहा है’? दरअसल चट्टिया एक आतंकी मोहम्मद याकूब का उपनाम था। इस वाकए के दो दिनों के अन्दर ही याकूब सुरक्षा बलों के हत्थे चढ़ गया। हिरासत में उसने बताया कि वह मुजाहिद्दीन के साथ काम करता हैं। नरसंहार वाले दिन वह लश्कर के एरिया कमांडर अबू माज के साथ छत्तीसिंहपुरा आया था। छह फीट लंबा पाकिस्तानी अबू माज ही लश्कर के चार आतंकियों शाहिद, बाबर, टीपू खान और मसूद को लेकर आया था। कश्मीरी मुजाहिद्दीन आतंकियों को इकठ्ठा करने की जिम्मेदारी गुलाम रसूल वानी उर्फ सैफुल्ला के पास थी।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

उस दर्दनाक और क्रूर रात की यादें आज भी वहाँ के लोगों के जेहन में जिंदा हैं। उस खौफनाक मंजर को शायद ही कोई भुला सकता हैं। कल्पना भी नहीं की जा सकती कि वह दर्द कैसे झेला गया होगा। साम्प्रदायिक नरसंहार की सबसे बड़ी घटनाओं में से यह एक थी।

उल्लेखनीय है कि आज भी 20 साल बाद वही सब दोहराया जा रहा है। कुछ नहीं बदला है। तब क्लिंटन का दौरा था, आज ट्रंप दौरे पर हैं। तब भी भारत-अमेरिका का संबंध नया मोड़ ले रहा था, आज भी दोनों मुल्कों के संबंधों में नई गर्मजोशी दिख रही है। जाहिर है, दिल्ली में जो कुछ हुआ है वह अचानक नहीं हुआ है। इसके पीछे साजिशें गहरी हैं।

‘हिंदू की गाड़ी जला दी, दुकानें जला रहे हैं’: दिल्ली में फिर पत्थरबाजी-आगजनी, अब तक 5 मौतें

जाफराबाद में गोली चलाने वाले का नाम है शाहरुख, ‘दी प्रिंट’ की पत्रकार का दावा; पुष्टि का इन्तजार

VIDEO: ट्रम्प के भारत दौरे के बीच दिल्ली में प्रदर्शन के नाम पर गोलीबारी-आगजनी, हेड कॉन्स्टेबल की मौत

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ख़ास ख़बरें

‘₹60 लाख रिश्वत लिया AAP MLA प्रकाश जारवाल ने’ – टैंकर मालिकों का आरोप, डॉक्टर आत्महत्या में पहले से है आरोपित

AAP विधायक प्रकाश जारवाल ने पानी टैंकर मालिकों से एक महीने में 60 लाख रुपए की रिश्वत ली है। अपनी शिकायत लेकर 20 वाटर टैंकर मालिकों ने...

‘महाराष्ट्र में मजदूरों को एंट्री के लिए लेनी होगी अनुमति’ – राज ठाकरे ने शुरू की हिंदी-मराठी राजनीति

मजदूरों पर राजनीति करते हुए राज ठाकरे ने CM योगी आदित्यनाथ के 'माइग्रेशन कमीशन' के फैसले पर बयान जारी किया। दरअसल वे हिंदी-मराठी के जरिये...

कॉन्ग्रेस का सन्देश है कि जो गाँधी परिवार के खिलाफ बोलेगा उसे प्रताड़ित किया जाएगा: तजिंदर बग्गा

तजिंदर बग्गा ने पूछा कि अगर सिख नरसंहार में राजीव गाँधी का हाथ नहीं होता तो इसमें शामिल लोगों को मंत्रिपद देकर क्यों नवाजा जाता?

उद्धव सरकार की वजह से खाली लौट रही ट्रेनें, देर रात तक जानकारी माँगते रहे पीयूष गोयल, नहीं मिली पैसेंजरों की लिस्ट

“रात के 12 बज चुके हैं और 5 घंटे बाद भी हमारे पास महाराष्ट्र सरकार से कल की 125 ट्रेनों की डिटेल्स और पैसेंजर लिस्टें नही आई है। मैंने अधिकारियों को आदेश दिया है फिर भी प्रतीक्षा करें और तैयारियाँ जारी रखें।"

विष्णुदत्त विश्नाेई सुसाइड नहीं कर सकते, CBI जाँच कर हत्या का करे खुलासा: कॉन्ग्रेस MLA का गहलाेत काे खत

कुलदीप विश्नोई ने CBI जाँच की माँग करते हुए कहा कि विष्णुदत्त जैसा जाँबाज और ईमानदार पुलिस अधिकारी आत्महत्या कर ही नहीं सकता है।

राहुल गाँधी को आड़े हाथों लेने पर कॉन्ग्रेस ने साधा मायावती पर निशाना, कहा- भाजपा में हो सकती हैं शामिल

"ये लोग नाथूराम गोडसे को आदर्श मानकर उनकी प्रशंसा करते हैं, उनकी पूजा करते हैं और कई जगह उनका मंदिर बनाने का भी प्रयास किया है।"

प्रचलित ख़बरें

गोरखपुर में चौथी के बच्चों ने पढ़ा- पाकिस्तान हमारी प्रिय मातृभूमि है, पढ़ाने वाली हैं शादाब खानम

गोरखपुर के एक स्कूल के बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बने व्हाट्सएप ग्रुप में शादाब खानम ने संज्ञा समझाते-समझाते पाकिस्तान प्रेम का पाठ पढ़ा डाला।

‘न्यूजलॉन्ड्री! तुम पत्रकारिता का सबसे गिरा स्वरुप हो’ कोरोना संक्रमित को फ़ोन कर सुधीर चौधरी के विरोध में कहने को विवश कर रहा NL

जी न्यूज़ के स्टाफ ने खुलासा किया है कि फर्जी ख़बरें चलाने वाले 'न्यूजलॉन्ड्री' के लोग उन्हें लगातार फ़ोन और व्हाट्सऐप पर सुधीर चौधरी के खिलाफ बयान देने के लिए विवश कर रहे हैं।

राजस्थान के ‘सबसे जाँबाज’ SHO विष्णुदत्त विश्नोई की आत्महत्या: एथलीट से कॉन्ग्रेस MLA बनी कृष्णा पूनिया पर उठी उँगली

विष्णुदत्त विश्नोई दबंग अफसर माने जाते थे। उनके वायरल चैट और सुसाइड नोट के बाद कॉन्ग्रेस विधायक कृष्णा पूनिया पर सवाल उठ रहे हैं।

रवीश ने 2 दिन में शेयर किए 2 फेक न्यूज! एक के लिए कहा: इसे हिन्दी के लाखों पाठकों तक पहुँचा दें

NDTV के पत्रकार रवीश कुमार ने 2 दिन में फेसबुक पर दो बार फेक न्यूज़ शेयर किया। दोनों ही बार फैक्ट-चेक होने के कारण उनकी पोल खुल गई। फिर भी...

तब भंवरी बनी थी मुसीबत का फंदा, अब विष्णुदत्त विश्नोई सुसाइड केस में उलझी राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार

जिस अफसर की पोस्टिंग ही पब्लिक डिमांड पर होती रही हो उसकी आत्महत्या पर सवाल उठने लाजिमी हैं। इन सवालों की छाया सीधे गहलोत सरकार पर है।

हमसे जुड़ें

206,834FansLike
60,106FollowersFollow
241,000SubscribersSubscribe
Advertisements