Mathukumalli Vidyasagar

M. Vidyasagar received his Ph.D. in Electrical Engineering from the University of Wisconsin, Madison in 1969. During his fifty-year career he has received numerous awards in recognition of his research, including Fellowship in The Royal Society, the world's oldest scientific society. At present he is a Distinguished Professor at the Indian Institute of Technology Hyderabad.

फैक्ट चेक – मूर्खता, रडार और मोदी विरोध: आँखों में डालो कैक्टस, बिलबिलाओ कि मोदी सही क्यों है

मीडिया गिरोह या अधिकांश विरोधियों की टिप्पणी ऐसे छद्म विशेषज्ञों की बेवकूफी का प्रमाण है। बादल विभिन्न तरीकों से रडार प्रणाली के कई पहलुओं को प्रभावित करते हैं और एक कुत्ते के साथ एक तस्वीर को ट्वीट करने से तथ्य बदलने वाला नहीं है।

ऐश्वर्या, अभिषेक और सलमान: विवेक ओबरॉय ने तीनों के साथ की छिछोरापंती, जम कर हुए ट्रोल

विवेक ओबरॉय ने ट्विटर पर एक मीम शेयर किया। इस मीम को शेयर करके उन्होंने अपनी सह-अभिनेत्री ऐश्वर्या राय के बीते कल को उछालने का प्रयास किया। इस मीम में ऐश्वर्या की तीन तस्वीरें हैं। एक में वो सलमान के साथ, दूसरी में विवेक के साथ और तीसरी में...

मिशन खिचड़ी सरकार: पवार ने दिया नायडू को झटका, मायावती नहीं मिलेंगी सोनिया से

शरद पवार ने चंद्रबाबू नायडू से बैठक के दौरान उन्हें झटका दिया। नायडू ने राहुल गाँधी, सीताराम येचुरी, अरविन्द केजरीवाल और अभिसेक सिंघवी से मुलाक़ात की है। वह सोनिया और ममता से भी मिलेंगे।उधर मायावती ने सोनिया गाँधी से मुलाक़ात रद्द कर दी है।

EVM को सही साबित करने के लिए 3 राज्यों में कॉन्ग्रेस के जीत की रची गई थी साजिश: राशिद अल्वी

"अगर चुनाव परिणाम एग्जिट पोल की तरह ही आते हैं, तो इसका मतलब पिछले साल तीन राज्यों के विधानसभा के चुनाव में कॉन्ग्रेस जहाँ-जहाँ जीती थी, वह एक साजिश थी। तीन राज्यों में कॉन्ग्रेस की जीत के साथ ये भरोसा दिलाने की कोशिश की गई कि ईवीएम सही है।"

ABP-Nielsen Exit Poll: BJP की आती ज्यादा सीटें लेकिन… मक्कारी व धूर्तता से ‘संघी’ लोगों को हटाया

नीलसन के निदेशक ने यह बताया कि वह मान कर चल रहे थे कि भाजपा का वोट शेयर बढ़ने वाला है ही नहीं- इसलिए उन्होंने उन सभी लोगों के जवाबों को ख़ारिज कर दिया, जिन्होंने यह कहा कि उन्होंने पिछली बार तो भाजपा को वोट नहीं दिया था मगर इस बार दे रहे हैं।

‘लाडले’ को बचाने के लिए ठीकरा कहाँ-कहाँ फोड़ा जाएगा? Exit Polls के बाद गिरोह तैयार

तैयार रहिए। एग्जिट पोल्स सही साबित हुए तो भाजपा की जीत के लिए तमाम ऐसे अजीबोगरीब कारण गिनाए जाएँगे, जिससे राहुल की इमेज पर आँच न आए और पीएम की लोकप्रियता की बात न हो। ठीकरा कहीं और फोड़ा जाएगा, ईवीएम को गालियाँ पड़ेंगी।