VHP ने स्पष्ट किया कि रोहिंग्या मुस्लिम प्रवासी नहीं, बल्कि घुसपैठिए हैं। केंद्र सरकार ने उन्हें देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया था। कई अपराधों में उनके नाम सामने आए हैं।
सिविक चंद्रन की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा है कि अगर पीड़िता ने घटना के समय कोई भड़काऊ ड्रेस पहनी है तो फिर यौन शोषण नहीं माना जाएगा।
दिल्ली के मदनपुर खादर से 1100 रोहिंग्याओं को टेंट से निकालकर पक्की छत देने के प्रयास तेज हो गए हैं। जल्द ही उन्हें सभी मूलभूत सेवाएँ मुहैया कराते हुए EWS फ्लैट मिलेंगे।