जैद नाम के यूजर ने उन्हें लिखा- इम्तियाज भाई धोबी का गधा न घर का होता है न घाट का। एक कट्टर मुस्लिम ने कॉमेंट करते हुए कहा- कुफ्रिया कयादत से मुसलमान उम्मीद लगाए बैठे हैं, मुसलमान दीन भुलाए बैठे हैं।
आरोपित लुकमान ने बताया कि एक और लड़के कलीम ने हिन्दू बच्ची का नम्बर लिया था। वहीं सोहेल मंसूरी ने बताया कि उसने सितम्बर से हिन्दू बच्ची से बात करता था और उन्हें कैफे लेकर जाता था।
बांग्लादेश में इस्लामी कट्टरपंथ का सबसे बड़ा शिकार अल्पसंख्यक हिन्दू और बाकी समुदाय हैं। अगस्त, 2024 के बाद से बांग्लादेश में 1200 से अधिक घटनाएँ अल्पसंख्यकों पर हमले की सामने आ चुकी हैं।