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संभल हिंसा की आड़ में वकील विष्णु जैन की हत्या करना था मकसद: UP पुलिस के सामने गुलाम ने उगला सचा, बताया- पहले ही दिखा दी गई थी फोटो

एसपी विश्नोई ने बताया कि गुलाम ने स्वीकारा है कि हिंसा से पहले पहचान के लिए वकील जैन की तस्वीर दिखाई गई थी। उसके नेताओं ने उसे हिंसा का फायदा उठाकर जैन की हत्या करने का जिम्मा सौंपा था।

संभल हिंसा मामले में पुलिस ने वांछित आरोपित गुलाम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने स्वीकारा कि उसका मकसद वकील विष्णु जैन की हत्या करना था।

एसपी विश्नोई ने बताया कि गुलाम ने स्वीकारा है कि इस हिंसा के साजिशकर्ता शारिक साठा और उसके गिरोह को पहले राजनीति संरक्षण प्राप्त था, जिसकी वजह से वह संभल के दीपा सराय में काम कर लेते थे, लेकिन अब पुलिस की सख्ती की वजह से काम करना मुश्किल हो गया है।

गुलाम ने खुलासा किया कि हिंसा से पहले पहचान के लिए वकील जैन की तस्वीर दिखाई गई थी। उसके नेताओं ने उसे हिंसा का फायदा उठाकर जैन की हत्या करने का जिम्मा सौंपा था।

पुलिस ने गुलाम के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं, जिनमें जर्मनी, ब्रिटेन और चेकोस्लोवाकिया जैसे देशों में बने हथियार शामिल हैं। आरोपित देश भर में हथियारों की तस्करी करता था।

पूछताछ में ये भी सामने आया है कि गुलाम का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है और उसने हिंसा के दौरान हमलावरों को हथियार मुहैया कराए थे। गुलाम के खिलाफ संभल समेत कई जिलों में करीब 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

एसपी विश्नोई ने बताया कि हिंसा से एक दिन पहले यानी 23 नवंबर 2024 को गुलाम की अपने बॉस साठा से बातचीत हुई थी। साठा को एक स्थानीय व्यक्ति ने संभल जामा मस्जिद के कोर्ट द्वारा आदेशित सर्वे के बारे में बताया था, जो 24 नवंबर 2024 को होना था। इसी दौरान उसे विष्णु जैन की तस्वीर भी दिखाई गई थी ताकि मौका मिलते ही उन्हें मारा जा सके।

बता दें कि संभल हिंसा मामले में अब तक 79 आरोपितों को गिरफ्तार किया है और बाकी आरोपितों की तलाश लगातार जारी है। 24 नवंबर को इन उपद्रवियों ने पूर्व साजिश के तहत सर्वे करने आई टीम पर हमला बोला था। उनपर पथराव किया था और गोलियाँ चलाई थीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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