Whatsapp का कहना है कि भारत सरकार का नया नियम 'एन्ड तो एन्ड इन्क्रिप्शन' के खिलाफ जाता है, क्योंकि इससे प्राइवेट कंपनियाँ लोगों का डेटा जुटा कर उसे स्टोर कर के रख लेंगी।
कोर्ट ने ये भी नोट किया है कि एक गवाह बयान देने के लिए तैयार था, लेकिन फिर भी उसे पेश नहीं किया गया। साथ ही 'तहलका' के सर्वर में कुछ जरूरी इमेल्स थे, जिन्हें पेश नहीं किया गया।