1989 में पहली बार उग्र इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ ने मंदिर पर हमला बोला था। इसके बाद 24 फरवरी 1990, 13 अप्रैल 1991 और फिर 8 मई 1992 को इस मंदिर पर हमले हुए।
सुशांत सिंह राजपूत के मौत के मामले में विवादों में घिरे मुंबई के पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह पर भोपाल से बीजेपी की सांसद साध्वी सिंह ने भी हिरासत के दौरान प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ ऐसे हथकंडे अपनाए जा रहे थे कि उन्हें 2 घंटों तक अपने घर से बाहर निकल कर सड़क पर खड़ा रहना पड़ा, वो भी ऐसे समय में जब कोरोना का प्रसार तेजी से बढ़ रहा था।
"इंदिरा गाँधी भी इन मामलों में अपने पिता जैसी थीं। जैसे ही कोई इंदिरा गाँधी से असहमत होता या उनके सामने तर्क रखने का प्रयास करता वह मेज पर रखे लिफ़ाफ़े और कागज़ उठाने लगतीं। जिससे ऐसा लगे कि उनके पास करने के लिए और भी ज़रूरी काम हैं।"