गोखले ने दावा किया था कि अँखी दास ने वर्ल्ड आर्गेनाइजेशन स्टूडेंट्स एंड युथ (WOSY) के सत्रों में भाग लिया। इस युवा समूह का नेतृत्व उसकी बहन रश्मि दास करती है।
कोर्ट ने कहा कि सभी बातों से ये मालूम होता है कि मुंबई पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 174 के तहत जो जाँच की, वह निश्चित कारण के लिए बहुत सीमित थी। इस केस को अपराध की धारा 157 के तहत नहीं जाँचा गया।
"पाकिस्तान में जम्हूरियत (लोकतंत्र) किसी की बेटी, किसी का बेटा है। यह शर्मनाक है कि लोकतंत्र के नाम पर, इस तरह के घृणित और शर्मनाक भाई-भतीजावाद को यहाँ चलाया जा रहा है।"