रिजवी ने सीएए के ख़िलाफ विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर तंज कसते हुए कहा था कि अगर ऐसे ही हालात रहे तो इस्लामिक दाढ़ी और बगैर मूँछ के डरावने चेहरे हिंदुस्तान की गंगा-जमुनी तहजीब को तार-तार कर देंगे। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा था कि शाहीन बाग जैसे हजारों धरने हो जाएँ, पर CAA पर समझौता नहीं होना चाहिए।
एनएसए डोभाल ने दिल्ली के कई क्षेत्रों में घूम कर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को विभिन्न निर्देश दिए। डोभाल ने जनता को आश्वासन दिया है कि दिल्ली में ज़मीन पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मौजूद हैं और किसी को भी अब डरने की ज़रूरत नहीं है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, "राणा झूठी अफवाहों को पोस्ट करने और भारत और भारत सरकार को बदनाम करने के लिए नियमित रुप से काम करती रही हैं, देश में सांप्रदायिक विद्वेष पैदा करने में सफल होने से पहले उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जरुरी है।"
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा और कपिल मिश्रा के विडियो के आधार पर जानबूझ कर एकतरफा हंगामा किया जा रहा। उन्होंने हाईकोर्ट से पुलिस को बदनाम करने की कोशिशों पर लगाम लगाने की अपील की।
जावड़ेकर ने विपक्षी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि अभी हिंसा समाप्त हो रही है, लोग जख्मी हैं और अस्पतालों में भर्ती हैं और अभी जाँच की शुरुआत हुई है। ऐसे में सभी पार्टियों का कर्तव्य होता है कि शांति स्थापित हो, सरकार पर दोषारोपण करना बहुत गन्दी राजनीति है।
उत्तर-पूर्वी इलाकों में जारी हिंसा के बीच NDTV की जर्नलिस्ट निधि राजदान ने ट्वीट शेयर करते हुए लिखा कि उसके कुछ सहकर्मियों को दंगाइयों की एक भीड़ ने बुरी तरह से पीटा और तभी छोड़ा जब उन्होंने अपनी पहचान 'हिन्दू' के रूप में बताई।
एक व्यथित हिन्दू ने कहा- "आप आए हैं। बहुत बड़ी बात है। यहाँ तो अभी तक कोई भी नहीं आया, हमारा आदमी मार दिया गया।" नितिन कहते हैं कि उनके सिर से पिता का साया उठ गया। नितिन ने उस रात कई दरवाजे खटखटाए लेकिन किसी ने भी मदद नहीं की।