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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संजय राउत ने जब बना दिया ‘धोबी का कुत्ता’, तब उद्धव का इशारा- BJP से गठजोड़ की उम्मीद

शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने याद दिलाया कि कैसे शिवसेना ने भाजपा के 'बुरे दिनों' में भी उसका साथ दिया था। उद्धव ने स्पष्ट किया कि भाजपा उनके पास रोज नए ऑफर लेकर आ रही है और अभी भी गठजोड़ की उम्मीद है।

महिला कमिश्नर (IAS) ने झुक कर छुआ कमलनाथ के मंत्री का पैर, हो गया Video Viral

मध्य प्रदेश के देवास जिले से एक वीडियो आया है। एकदम वायरल हो गया है। कारण है कमलनाथ सरकार में लोकनिर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का इस वीडियो में होना। लेकिन इतना काफी नहीं होता। वीडियो वायरल हुआ है क्योंकि एक महिला ऑफिसर भीड़ के बीच में झुक कर मंत्री साहब के पाँव छूते नजर आ रही हैं।

सरकार बनाओ नहीं तो अस्तित्व ख़त्म: अपने दम पर जीते ‘आक्रामक’ कॉन्ग्रेसी विधायकों की सोनिया को दो टूक

कॉन्ग्रेस के कई नेताओं ने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी को कहा है कि अगर महाराष्ट्र में कॉन्ग्रेस सरकार में शामिल होने में विफल रहती है तो राज्य में पार्टी का अस्तित्व ख़त्म हो जाएगा। हालाँकि, कॉन्ग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस के विधायकों की राय का विरोध किया और...

‘शराब पीकर उत्पात मचाने वाला बंदर’ – शिव सेना ने सामना में कपिल सिब्बल के लिए यही कहा था

शिव सेना भले ही कपिल सिब्बल के साथ अपना इतिहास भूल गई हो लेकिन लोगों को याद है। और वे मज़े लेकर उसे भी याद दिला रहे हैं। बस 5 साल पहले शिव सेना ने कपिल सिब्बल को 'शराब पीकर उत्पात मचाने वाला बंदर' कहा था।

चू#$या… 4 साल के बच्चे को यही गाली दी थी स्वरा भास्कर ने, अब बोली – ‘मैं तो मज़ाक कर रही थी’

"मैं मुंबई में शूटिंग का अपना अनुभव शेयर कर रही थी। इस दौरान मैंने जो शब्द इस्तेमाल किए वह एडल्ट कॉमेडी है, मैंने यह शब्द एक एडल्ट मज़ाक के तौर पर उस वक़्त के अपने फ्रस्टेशन (कुंठा) को व्यक्त करने के लिए इस्तेमाल किए थे।"

राष्ट्रपति शासन पर शिवसेना ने उड़ाया था BJP नेता का मजाक, पुत्र-मोह में आज खुद उड़ रही खिल्ली!

"विदा होती सरकार के बुझे हुए जुगनू रोज नए मजाक करके महाराष्ट्र को कठिनाई में डाल रहे हैं। राष्ट्रपति संविधान की सर्वोच्च संस्था हैं। वे व्यक्ति नहीं बल्कि देश हैं। देश किसी की जेब में नहीं है।"

अयोध्या पर फैसला सुनाने वाले 5 जज उस समय पैदा भी नहीं हुए थे, जब दायर हुआ था पहली बार मुकदमा

साल 1950 में 16 जनवरी को फैजाबाद जिले के स्थानीय कोर्ट में पहली बार इस संबंध में मुकदमा दर्ज हुआ था। राम मंदिर पर फैसला सुनाने वाले सीजेआई रंजन गोगोई इन पाँचों न्यायधीशों में उम्र के लिहाज से सबसे बड़े हैं, जिनकी जन्मतिथि 18 नवंबर 1954 है।

‘5 एकड़ जमीन मिली तो बनवाएँगे स्कूल या अस्पताल’ – 14 कोस में जगह माँगने वाले इकबाल अंसारी

"अगर सरकार हमें जमीन देती है तो हम वहाँ पर स्कूल या फिर अस्पताल बनवाएँगे। कोर्ट के फैसले के बाद दोनों समुदाय के बीच पैदा हुई नफरत खत्म हो गई हैं। इसलिए अब वे नहीं चाहते कि हिंदुस्तान में माहौल में बिगड़े। मोदी और योगी सरकार में अमन शांति है..."