Friday, April 16, 2021
Home राजनीति संजय राउत ने जब बना दिया ‘धोबी का कुत्ता’, तब उद्धव का इशारा- BJP...

संजय राउत ने जब बना दिया ‘धोबी का कुत्ता’, तब उद्धव का इशारा- BJP से गठजोड़ की उम्मीद

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद सबसे बड़ा धक्का शिवसेना को लगा है। जहाँ मीडिया के बीच संजय राउत सरीखे शिवसेना नेता अपने पास बहुमत के लिए ज़रूरी विधायकों का समर्थन होने का दावा कर रहे थे, वहीं...

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद सबसे बड़ा धक्का शिवसेना को लगा है। जहाँ मीडिया के बीच संजय राउत सरीखे शिवसेना नेता अपने पास बहुमत के लिए ज़रूरी विधायकों का समर्थन होने का दावा कर रहे थे, राज्यपाल के समक्ष उन्होंने अतिरिक्त समय की माँग की। शिवसेना ने राज्यपाल से 48 घंटे का अतिरिक्त समय माँगा, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद पार्टी अब सुप्रीम कोर्ट पहुँच गई है, जहाँ कपिल सिब्बल वकील के रूप में राज्यपाल के फ़ैसले के ख़िलाफ़ जिरह करेंगे। इस बीच विधानसभा को निलंबन की अवस्था में रखा गया है। राज्यपाल ने केंद्र को भेजे गए रिपोर्ट में बताया कि चूँकि सभी दलों को सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया और वो विफल रहे, राज्य में राष्ट्रपति शासन आवश्यक हो गया है।

शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल के इस निर्णय पर तंज कसा है। उद्धव ने कहा कि उन्होंने तो बस 48 घंटे ही माँगे थे लेकिन राज्यपाल ने पूरे 6 महीने दे दिए हैं। उद्धव ने कहा कि उनकी पार्टी जल्द ही कॉन्ग्रेस और एनसीपी के साथ किसी फॉर्मूले पर पहुँचेगी। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे शिवसेना ने भाजपा के ‘बुरे दिनों’ में भी उसका साथ दिया। उद्धव ने स्पष्ट कर दिया कि एनसीपी और कॉन्ग्रेस से उनकी बातचीत चल रही है। उद्धव ने दावा किया कि भाजपा उनके पास रोज नए ऑफर लेकर आ रही है और अभी भी गठजोड़ की उम्मीद है। उधर जयपुर में रुके कॉन्ग्रेस विधायकों को वापस मुंबई बुलाया जा रहा है। मतलब कौन, कब, क्या बोल रहा है… किसी को भी नहीं पता। सत्ता के लिए जहाँ से भी समर्थन मिल सके, उन सब के लिए सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की बातें बोलते जाना है – हर दिन – फिलहाल यही दिख रहा है।

शरद पवार के साथ कॉन्ग्रेस नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे और अहमद पटेल ने बैठक की। बैठक के बाद अहमद पटेल ने कहा कि कॉन्ग्रेस और एनसीपी पहले अंदरूनी बैठकें करेंगे और फिर शिवसेना से बात करेंगे क्योंकि सही तरीके से सरकार चलाने के लिए ये ज़रूरी है। उधर गृह मंत्रालय ने भी स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में राष्ट्रपति शासन क्यों लगा? कुछ लोगों का पूछना था कि एनसीपी को 24 घंटे, यानी मंगलवार (नवंबर 12, 2019) को रात 8.30 तक का समय दिया गया था, फिर उस समय तक इंतजार क्यों नहीं किया गया? गृह मंत्रालय ने कहा कि एनसीपी नेताओं ने मंगलवार को सुबह 11.30 में ही राज्यपाल से मुलाक़ात कर अतिरिक्त 3 दिन के समय की माँग की थी, जिसके बाद ये निर्णय लिया गया।

गृह मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया कि राज्यपाल ने सरकार गठन के लिए नियमानुसार सारे प्रयास किए और सभी दलों को उचित मौक़ा दिया। राज्यपाल ने पाया कि सभी दल सरकार बनाने में अक्षम साबित हुए। जबकि कॉन्ग्रेस का आरोप है कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने सरकार गठन के किए सारे विकल्पों को आजमाए बिना जल्दबाजी में राष्ट्रपति शासन को अनुशंसा कर दी।

महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि वो राज्यपाल के इस ‘पक्षपाती रवैये’ की निंदा करते हैं। राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा 105 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है जबकि शिवसेना 56 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। एनसीपी को 54 और कॉन्ग्रेस को 44 सीटें मिली हैं। शिवसेना और भाजपा के चुनाव-पूर्व गठबंधन को पूर्ण बहुमत मिला लेकिन शिवसेना ने अपनी पार्टी से सीएम होने की जिद पकड़ ली, जिसके बाद ये राजनीतिक गतिरोध पैदा हुआ।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

द प्रिंट की ‘ज्योति’ में केमिकल लोचा ही नहीं, हिसाब-किताब में भी कमजोर: अल्पज्ञान पर पहले भी करा चुकी हैं फजीहत

रेमेडिसविर पर 'ज्ञान' बघार फजीहत कराने वाली ज्योति मल्होत्रा मिलियन के फेर में भी पड़ चुकी हैं। उनके इस 'ज्ञान' के बचाव में द प्रिंट हास्यास्पद सफाई भी दे चुका है।

सुशांत सिंह राजपूत पर फेक न्यूज के लिए AajTak को ऑन एयर माँगनी पड़ेगी माफी, ₹1 लाख जुर्माना भी: NBSA ने खारिज की समीक्षा...

AajTak से 23 अप्रैल को शाम के 8 बजे बड़े-बड़े अक्षरों में लिख कर और बोल कर Live माफी माँगने को कहा गया है।

‘आरोग्य सेतु’ डाउनलोड करने की शर्त पर उमर खालिद को जमानत, पर जेल से बाहर ​नहीं निकल पाएगा दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों का...

दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में उमर खालिद को जमानत मिल गई है। लेकिन फिलहाल वह जेल से बाहर नहीं निकल पाएगा। जाने क्यों?

कोरोना से जंग में मुकेश अंबानी ने गुजरात की रिफाइनरी का खोला दरवाजा, फ्री में महाराष्ट्र को दे रहे ऑक्सीजन

मुकेश अंबानी ने अपनी रिफाइनरी की ऑक्सीजन की सप्लाई अस्पतालों को मुफ्त में शुरू की है। महाराष्ट्र को 100 टन ऑक्सीजन की सप्लाई की जाएगी।

‘अब या तो गुस्ताख रहेंगे या हम, क्योंकि ये गर्दन नबी की अजमत के लिए है’: तहरीक फरोग-ए-इस्लाम की लिस्ट, नरसिंहानंद को बताया ‘वहशी’

मौलवियों ने कहा कि 'जेल भरो आंदोलन' के दौरान लाठी-गोलियाँ चलेंगी, लेकिन हिंदुस्तान की जेलें भर जाएंगी, क्योंकि सवाल नबी की अजमत का है।

चीन के लिए बैटिंग या 4200 करोड़ रुपए पर ध्यान: CM ठाकरे क्यों चाहते हैं कोरोना घोषित हो प्राकृतिक आपदा?

COVID19 यदि प्राकृतिक आपदा घोषित हो जाए तो स्टेट डिज़ैस्टर रिलीफ़ फंड में इकट्ठा हुए क़रीब 4200 करोड़ रुपए को खर्च करने का रास्ता खुल जाएगा।

प्रचलित ख़बरें

बेटी के साथ रेप का बदला? पीड़ित पिता ने एक ही परिवार के 6 लोगों की लाश बिछा दी, 6 महीने के बच्चे को...

मृतकों के परिवार के जिस व्यक्ति पर रेप का आरोप है वह फरार है। पुलिस ने हत्या के आरोपित को हिरासत में ले लिया है।

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

‘कल के कायर आज के मुस्लिम’: यति नरसिंहानंद को गाली देती भीड़ को हिन्दुओं ने ऐसे दिया जवाब

यमुनानगर में माइक लेकर भड़काऊ बयानबाजी करती भीड़ को पीछे हटना पड़ा। जानिए हिन्दू कार्यकर्ताओं ने कैसे किया प्रतिकार?

‘अब या तो गुस्ताख रहेंगे या हम, क्योंकि ये गर्दन नबी की अजमत के लिए है’: तहरीक फरोग-ए-इस्लाम की लिस्ट, नरसिंहानंद को बताया ‘वहशी’

मौलवियों ने कहा कि 'जेल भरो आंदोलन' के दौरान लाठी-गोलियाँ चलेंगी, लेकिन हिंदुस्तान की जेलें भर जाएंगी, क्योंकि सवाल नबी की अजमत का है।

जानी-मानी सिंगर की नाबालिग बेटी का 8 सालों तक यौन उत्पीड़न, 4 आरोपितों में से एक पादरी

हैदराबाद की एक नामी प्लेबैक सिंगर ने अपनी बेटी के यौन उत्पीड़न को लेकर चेन्नई में शिकायत दर्ज कराई है। चार आरोपितों में एक पादरी है।

थूको और उसी को चाटो… बिहार में दलित के साथ सवर्ण का अत्याचार: NDTV पत्रकार और साक्षी जोशी ने ऐसे फैलाई फेक न्यूज

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि बिहार में नीतीश कुमार के राज में एक दलित के साथ सवर्ण अत्याचार कर रहे।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,224FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe