इस परियोजना को पाँच वर्ष की अवधि में तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। इसमें लघु, मध्यम और दीर्घकालीन योजना का प्रस्ताव किया गया है। इसके लिए इसरो रक्षा मंत्रालय के साथ करीबी सहयोग करेगा।
माना जा रहा है कि आने वाले बजट सत्र में मोदी सरकार इस सन्दर्भ में OBC जातियों में, कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर, उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति को नज़र में रखते हुए उनकी समुचित हिस्सेदारी और प्रतिनिधित्व तय करेगी।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने मीडिया को इसकी जानकारी दी है। सरकार का यह फ़ैसला बलिदानी सैनिकों की लाखों विधवाओं के लिए लाभकारी साबित होगा।