Tuesday, March 9, 2021
Home देश-समाज नागरिकता संसोधन बिल को ख़त्म करें: नॉर्थ ईस्ट नेताओं का गृहमंत्री से आग्रह

नागरिकता संसोधन बिल को ख़त्म करें: नॉर्थ ईस्ट नेताओं का गृहमंत्री से आग्रह

नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस की तरफ से राजनाथ सिंह से मिलने आए नेताओं में मुख्य रूप से मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा, मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथांगा और भाजपा नेता मित सिंह शामिल थे

नॉर्थ ईस्ट की नेशनल पीपुल्स पार्टी, मिजो नेशनल फ्रंट समेत नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस (नेडा) की अन्य पार्टी के नेताओं ने राजनाथ सिंह से मिलकर नागरिकता संसोधन बिल को ठंडे बस्ते में डालने का आग्रह किया।

नागरिकता संसोधन बिल के मुद्दे पर राजनाथ सिंह से मिलने के लिए नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस (नेडा) के सात नेता दिल्ली पहुँचे थे। नेडा की तरफ से राजनाथ सिंह से मिलने आए नेताओं में मुख्य रूप से मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा, मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथांगा और भाजपा नेता मित सिंह शामिल थे।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलने आए नेडा के सभी नेताओं ने नागरिकता संसोधन बिल पर अपनी राय रखी। नेडा के नेताओं ने इस  मुद्दे पर नॉर्थ ईस्ट की जनता व सिविल सोसाइटी के लोगों की भावनाओं के बारे में भी गृहमंत्री को बताया।

नेडा के सात नेताओं में से ज्यादातर लोगों ने बिल के विरोध में अपनी राय रखी। उन्होंने देश के गृहमंत्री से कहा कि बिल पर हमें पुनर्विचार की जरूरत है। संगमा ने इस मीटिंग के बाद कहा कि नॉर्थ ईस्ट के ज्यादातर मुख्यमंत्री इस मसले पर एकमत हैं।

ऐसे में बेहतर होगा कि सरकार इस बिल पर पुनर्विचार करे। गृहमंत्री ने इस मुलाकात के बाद कहा कि हम जल्द ही नॉर्थ ईस्ट के सभी मुख्यमंत्रीयों के साथ बैठकर नागरिकता संसोधन बिल पर गहराई से बात करेंगे।

नागरिकता संसोधन विधेयक एक नज़र में

राजीव गांधी सरकार के दौर में असम गण परिषद से समझौता हुआ था कि 1971 के बाद असम में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले बांग्लादेशियों को निकाला जाएगा। 1985 के असम समझौते (ऑल असम स्टूडेंट यूनियन ‘आसू’ और दूसरे संगठनों के साथ भारत सरकार का समझौता) में नागरिकता प्रदान करने के लिए कटऑफ तिथि 24 मार्च 1971 थी। नागरिकता बिल में इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर 2014 कर दिया गया है। यानी नए बिल के तहत 1971 के आधार वर्ष को बढ़ाकर 2014 कर दिया गया है। नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2016 के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी व ईसाई शरणार्थियों को 12 साल के बजाय छह साल भारत में गुजारने पर नागरिकता मिल जाएगी।

ऑल असम स्टूडेंट यूनियन (आसू) के सलाहकार समुज्जल भट्टाचार्य के अनुसार इस विधेयक से असम के स्थानीय समुदायों के अस्तित्व पर खतरा हो गया है। वे अपनी ही ज़मीन पर अल्पसंख्यक बन गए हैं। कैबिनेट द्वारा नागरकिता संशोधन बिल को मंजूरी देने से नाराज़ असम गण परिषद ने राज्य की एनडीए सरकार से अलग होने का ऐलान किया है।

यह संशोधन विधेयक 2016 में पहली बार लोकसभा में पेश किया गया था। विधेयक के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि ये विधेयक 1985 के असम समझौते को अमान्य करेगा। इसके तहत 1971 के बाद राज्य में प्रवेश करने वाले किसी भी विदेशी नागरिक को निर्वासित करने की बात कही गई थी, भले ही उसका धर्म कुछ भी हो।

नया विधेयक नागरिकता कानून 1955 में संशोधन के लिए लाया गया है। भाजपा ने 2014 के चुनावों में इसका वादा किया था। कॉन्ग्रेस, तृणमूल कॉन्ग्रेस, सीपीएम समेत कुछ अन्य पार्टियाँ लगातार इस विधेयक का विरोध कर रही हैं। उनका दावा है कि धर्म के आधार पर नागरिकता नहीं दी जा सकती है, क्योंकि भारत धर्मनिरपेक्ष देश है। भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना और जेडीयू ने भी ऐलान किया था कि वह संसद में विधेयक का विरोध करेंगे। बिल का विरोध कर रहे बहुत से लोगों का कहना है कि यह धार्मिक स्तर पर लोगों को नागरिकता देगा। तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी के अनुसार केंद्र के इस फैसले से करीब 30 लाख लोग प्रभावित होंगे। विरोध कर रही पार्टियों का कहना है कि नागरिकता संशोधन के लिए धार्मिक पहचान को आधार बनाना संविधान के आर्टिकल 14 की मूल भावनाओं के खिलाफ है। जबकि भाजपा नागरिकता बिल को पारित करके असम व दूसरे राज्यों में रहने वाले बाहरी लोगों को देश से बाहर निकालना चाहती ताकि नॉर्थ ईस्ट के मूल नागरिकों को किसी तरह से कोई समस्या न हो।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘सोनिया जी रोई या नहीं? आवास में तो मातम पसरा होगा’: बाटला हाउस केस में फैसले के बाद ट्रोल हुए सलमान खुर्शीद

"सोनिया गाँधी, दिग्वियजय सिंह, सलमान खुर्शीद, अरविंद केजरीवाल और अन्य लोगों जिन्होंने बाटला हाउस एनकाउंटर को फेक बताया था, इस फैसले के बाद पुलिसवालों के परिवार व पूरे देश से माफी माँगेंगे।"

मिथुन दा के बाद क्या बीजेपी में शामिल होंगे सौरभ गांगुली? इंटरव्यू में खुद किया बड़ा खुलासा: देखें वीडियो

लंबे वक्त से अटकलें लगाई जा रही हैं कि बंगाल टाइगर के नाम से प्रख्यात क्रिकेटर सौरव गांगुली बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। गांगुली ने जो कहा, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि दादा का विचार राजनीति में आने का है।

सलमान खुर्शीद ने दिखाई जुनैद की तस्वीर, फूट-फूट कर रोईं सोनिया गाँधी; पालतू मीडिया गिरते-पड़ते पहुँची!

पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद के एक तस्वीर लेकर 10 जनपथ पहुँचने की वजह से सारा बखेड़ा खड़ा हुआ है।

‘भारत की समृद्ध परंपरा के प्रसार में सेक्युलरिज्म सबसे बड़ा खतरा’: CM योगी की बात से लिबरल गिरोह को सूँघा साँप

सीएम ने कहा कि भगवान श्रीराम की परम्परा के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित किया जाना चाहिए।

‘बलात्कार पीड़िता से शादी करोगे’: बोले CJI- टिप्पणी की हुई गलत रिपोर्टिंग, महिलाओं का कोर्ट करता है सर्वाधिक सम्मान

बलात्कार पीड़िता से शादी को लेकर आरोपित से पूछे गए सवाल की गलत तरीके से रिपोर्टिंग किए जाने की बात चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कही है।

असमी गमछा, नागा शाल, गोंड पेपर पेंटिंग, खादी: PM मोदी ने विमेंस डे पर महिला निर्मित कई प्रॉडक्ट को किया प्रमोट

"आपने मुझे बहुत बार गमछा डाले हुए देखा है। यह बेहद आरामदायक है। आज, मैंने काकातीपापुंग विकास खंड के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाया गया एक गमछा खरीदा है।"

प्रचलित ख़बरें

मौलाना पर सवाल तो लगाया कुरान के अपमान का आरोप: मॉब लिंचिंग पर उतारू इस्लामी भीड़ का Video

पुलिस देखती रही और 'नारा-ए-तकबीर' और 'अल्लाहु अकबर' के नारे लगा रही भीड़ पीड़ित को बाहर खींच लाई।

‘मासूमियत और गरिमा के साथ Kiss करो’: महेश भट्ट ने अपनी बेटी को साइड ले जाकर समझाया – ‘इसे वल्गर मत समझो’

संजय दत्त के साथ किसिंग सीन को करने में पूजा भट्ट असहज थीं। तब निर्देशक महेश भट्ट ने अपनी बेटी की सारी शंकाएँ दूर कीं।

‘हराम की बोटी’ को काट कर फेंक दो, खतने के बाद लड़कियाँ शादी तक पवित्र रहेंगी: FGM का भयावह सच

खतने के जरिए महिलाएँ पवित्र होती हैं। इससे समुदाय में उनका मान बढ़ता है और ज्यादा कामेच्छा नहीं जगती। - यही वो सोच है, जिसके कारण छोटी बच्चियों के जननांगों के साथ इतनी क्रूर प्रक्रिया अपनाई जाती है।

14 साल के किशोर से 23 साल की महिला ने किया रेप, अदालत से कहा- मैं उसके बच्ची की माँ बनने वाली हूँ

अमेरिका में 14 साल के किशोर से रेप के आरोप में गिरफ्तार की गई ब्रिटनी ग्रे ने दावा किया है कि वह पीड़ित के बच्चे की माँ बनने वाली है।

आज मनसुख हिरेन, 12 साल पहले भरत बोर्गे: अंबानी के खिलाफ साजिश में संदिग्ध मौतों का ये कैसा संयोग!

मनसुख हिरेन की मौत के पीछे साजिश की आशंका जताई जा रही है। 2009 में ऐसे ही भरत बोर्गे की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी।

‘ठकबाजी गीता’: हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अकील कुरैशी ने FIR रद्द की, नहीं माना धार्मिक भावनाओं का अपमान

चीफ जस्टिस अकील कुरैशी ने कहा, "धारा 295 ए धर्म और धार्मिक विश्वासों के अपमान या अपमान की कोशिश के किसी और प्रत्येक कृत्य को दंडित नहीं करता है।"
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,347FansLike
81,968FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe