चुनाव आयोग ने पाया कि साल 2011 की विश्वकप जीत पूरे देश के लिए गौरव का क्षण था। ऐसे में उसे कोई एक व्यक्ति अपने निजी फायदे के लिए चुनाव में इस्तेमाल करे और मतदाताओं का ध्यान आकर्षित करे, ये गलत है।
वो लगातार इस्लामी विचारधारा का अध्ययन करता था और उससे जुड़ा रहता था, लेकिन पिछले 3-4 महीनों में ये प्रक्रिया तेज़ हो गई। वो डार्क वेब का इस्तेमाल कर रहा था।