सिद्धारमैया ने हिंदुओं के धर्मांतरण पर अपनी बात रखते हुए बड़ी सफाई से यह बताने की कोशिश की है कि जो लोग धर्मांतरण करते हैं वो असल में व्यवस्थाओं से परेशान हैं।
14 सितंबर 1949 को हिंदी को भारत की राजभाषा बनाने की स्वीकृति दी गई। संविधान निर्माताओं ने तय किया कि अनुच्छेद 343 के तहत देवनागरी में लिखी गई हिंदी भाषा, भारत की राजभाषा होगी।
अपूर्वानंद ने 'द वायर' में लेख लिखकर यह साबित करने की कोशिश की है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों की वकालत करने वाली सैयदा असल में मासूम हैं, जिस लोग नहीं समझ रहे हैं।