महाभारत में किरदारों में से एक हैं, सारथी संजय। उन्होंने ही महल में बैठकर दिव्यदृष्टि के जरिए धृतराष्ट्र को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में हुए रण का हाल सुनाया था। अब इसी हरियाणा से आने वाले राजद के राज्यसभा संजय यादव के कारण बिहार के ‘राजपरिवार’ यानी लालू यादव-राबड़ी देवी के कुनबे में घमासान मच गया है।
लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने X पर अपने परिवार और पार्टी को अनफॉलो कर अपनी छिपी हुई नाराजगी जगजाहिर कर दी है और ऐसा करने वाली वह घर की इकलौती सदस्य नहीं है। इससे पहले तेज प्रताप यादव और मीसा भारती भी संजय यादव को लेकर तेजस्वी यादव से नाराजगी जता चुके हैं।
संजय यादव से जुड़ी पोस्ट शेयर करने के बाद बढ़ी रोहिणी की नाराजगी
लालू परिवार के इस सियासी झगड़े के केंद्र में तेजस्वी यादव के सलाहकार संजय यादव हैं। मूल रूप से हरियाणा से आने वाले संजय यादव राजद से राज्यसभा सांसद भी हैं। तेज प्रताप यादव कई मौकों पर पार्टी में जयचंद होने की बात कहते रहे हैं और राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह दरअसल संजय यादव के लिए ही कहा जा रहा है।
रोहिणी भी संजय यादव के तेजस्वी यादव पर बढ़ते प्रभाव से नाखुश हैं। तेजस्वी यादव ने बिहार में एक यात्रा निकाली थी, इसके लिए एक खास बस डिजाइन की गई जिसमें तेजस्वी के लिए आगे की सीट तय की गई थी। इस दौरान के दौरान सामने आई तस्वीरों में संजय यादव उस सीट पर बैठे दिखे जिससे रोहिणी बिफर गईं।
रोहिणी ने फेसबुक पर पोस्ट शेयर किया जिसमें एक शख्स ने संजय यादव की तीखी आलोचना की थी। इसमें लिखा था, “फ्रंट सीट सदैव शीर्ष के नेता-नेतृत्वकर्त्ता के लिए चिह्नित होती है और उनकी अनुपस्थिति में भी किसी को उस सीट पर नहीं बैठना चाहिए…वैसे अगर ‘कोई’ अपने आप को शीर्ष नेतृत्व से भी ऊपर समझ रहा है, तो अलग बात है!!”

X पोस्ट के बाद रोहिणी को अकाउंट करना पड़ा प्राइवेट
इस फेसबुक पोस्ट के बाद रोहिणी ने बीते शुक्रवार (19 सितंबर 2025) को X पर भी 2 पोस्ट शेयर किए गए। एक पोस्ट में उन्होंने पिता को किडनी डोनेट किए जाने का जिक्र किया तो दूसरे में खुद को किसी पद की लालसा ना होने का दावा किया।
पहली पोस्ट में रोहिणी ने लिखा, “जो जान हथेली पर रखते हुए बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने का जज्बा रखते हैं, बेखौफी-बेबाकी-खुद्दारी तो उनके लहू में बहती है।” जबकि दूसरी पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मैंने एक बेटी और बहन के तौर पर अपना कर्तव्य एवं धर्म निभाया है और आगे भी निभाती रहूँगी, मुझे किसी पद की लालसा नहीं है, न मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा है, मेरे लिए मेरा आत्म सम्मान सर्वोपरि है।”

इसके बाद इन पोस्ट्स को लेकर खूब विवाद हुआ तो रोहिणी आचार्य को अपना अकाउंट प्राइवेट करना पड़ा। माना जा रहा था कि रोहिणी ने आलोचना से बचने के लिए यह अकाउंट प्राइवेट किया है।
रोहिणी ने परिवार और पार्टी को किया अनफॉलो
रोहिणी ने जो अकाउंट प्राइवेट किया था वो अब पब्लिक कर दिया है। हालाँकि, इस दौरान उन्होंने सैकड़ों लोगों को अनफॉलो किया है जिसमें उनके परिवार के लोग और पार्टी भी शामिल है। कभी X पर 100 से अधिक लोगों को फॉलो करने वालीं रोहिणी अब केवल 3 लोगों को ही फॉलो करती हैं। जिसमें एक उनके पति समरेश सिंह, एक रहात इंदौरी के नाम का हैंडल और एक सिंगापुर के अखबार ‘द स्ट्रेट्स टाइम्स’ का हैंडल है।

‘राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना चाहती हैं मीसा भारती’
लालू के परिवार में कलह के कई किरदार है जिसमें एक नाम मीसा भारती का भी है। संजय यादव को लेकर मीसा भारती लगातार मुखर हैं ही तो दूसरी तरफ दावा किया जाता है कि वह पार्टी की कमान खुद अपने हाथ में लेना चाहती हैं।
वरिष्ठ पत्रकार अजीत द्विवेदी ने एक शो में बातचीत के दौरान दावा किया कि मीसा भारती, तेजस्वी यादव की बड़ी चैलेंजर हैं। उन्होंने कहा, “6-8 महीने पहले राबड़ी देवी के आवास पर मीसा भारती का बड़ा विवाद हुआ था। मीसा ये चाहती थी कि उनको राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाए।”
अजीत द्विवेदी कहते हैं, “उनका (मीसा भारती) कहना है कि अगर तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री के दावेदार हैं। उनको मुख्यमंत्री की कुर्सी मिलनी है। उनको सत्ता मिलनी है तो पार्टी का संगठन मेरे पास रहे। लोग बताते हैं कि उस रात में मीसा भारती होटल में रहने चली गई थी।”
तेज प्रताप यादव पहले ही किए जा चुके हैं घर और परिवार से बाहर
तेज प्रताप यादव इस दिनों सियासी वनवास झेल रहे हैं। उन्हें RJD से निकाल दिया गया है और अब वह भगवान कृष्ण और गीता की कसमें खा रहे हैं कि वह कभी भी दोबारा उस पार्टी में नहीं जाएँगे। वह भी संजय यादव के मामले को लेकर खुलकर RJD के विरोध में खड़े हैं।
इस विवाद में वह भी रोहिणी आचार्य की तरफ खड़े हैं। वह सीधे तौर पर कह रहे हैं कि कुछ लोग तेजस्वी यादव की कुर्सी हथियाने की फिराक में है। उन्होंने कहा कि परिवार के मतभेदों को फायदा उठाकर बाहरी लोग सत्ता हासिल करना चाहते हैं।
तेज प्रताप के इससे पहले भी सत्ता को लेकर परिवार के भीतर संघर्ष होते रहे हैं लेकिन जिस तरह मीसा भारती और रोहिणी आचार्य ने खुलकर अपनी राय रखी है उसे पार्टी के लिए बड़े संकट की आमद के तौर पर देखा जा रहा है।


