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मुसीबत में ‘मसीहा’ सोनू सूद , BMC ने कहा- जुहू की 6 मंजिला रिहायशी इमारत को होटल में बदला

लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों की मदद कर ‘मसीहा’ बने अभिनेता सोनू सूद के खिलाफ बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में अभिनेता सोनू सूद पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने बीएमसी की अनुमति के बगैर जुहू स्थित छह मंजिला आवासीय इमारत को होटल में तब्दील कर दिया। BMC ने 4 जनवरी 2020 को जुहू पुलिस से इस मामले की शिकायत की थी। 

बीएमसी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक़ सोनू सूद ने जुहू के एबी नायर रोड स्थित शक्ति सागर नाम की इमारत को होटल बना दिया है। ऐसा करने से पहले उन्होंने आधिकारिक तौर पर कोई अनुमति नहीं ली। इसके आधार पर बीएमसी ने जुहू पुलिस से कहा है कि अभिनेता सोनू सूद पर महाराष्ट्र रीजन एंड टाउन प्लानिंग एक्ट (MRTP) के तहत मामला दर्ज किया जाए। 

वहीं दूसरी तरफ सोनू सूद का कहना है कि उन्होंने किसी तरह की गड़बड़ी नहीं की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ अभिनेता का कहना था कि उनके पास बीएमसी की अनुमति थी। वह सिर्फ महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी (MCZMA) की तरफ से स्वीकृति मिलने का इंतज़ार कर रहे थे। 

सोनू सूद का ये भी कहना है कि एमसीजेडएमए की तरफ से महामारी (कोविड 19) के चलते अनुमति नहीं मिल पा रही थी। होटल का निर्माण महामारी के दौरान कोरोना वारियर्स के रहने के लिए किया गया था। अगर अनुमति नहीं मिलती है तो वह इसे वापस इमारत में तब्दील कर देंगे। 

दरअसल अक्टूबर 2020 में बॉलीवुड अभिनेता इस नोटिस के खिलाफ सिविल कोर्ट गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ इस मामले में अभिनेता को कोई राहत नहीं दी गई थी। इसके बाद सिविल कोर्ट ने सोनू सूद को हाईकोर्ट में अपील करने के लिए 3 हफ्ते का समय दिया था। इस अवधि के बीत जाने पर भी वह स्वीकृत योजना के मुताबिक़ परिवर्तन और परिवर्धन को रीस्टोर नहीं कर पाए थे। इसके बाद बीएमसी ने MRTP अधिनियम के तहत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।     

शादी के बाद प्रेमी नहीं बना मुस्लिम तो अपने अब्बू-अम्मी के पास वापस लौटी नाजरा उर्फ़ नाजो

अक्टूबर, 2020 के दौरान उत्तर प्रदेश स्थित औरैया में 19 वर्षीय मुस्लिम युवती हिन्दू युवक के साथ लापता हो गई थी। युवती के परिजनों ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी का अपहरण किया गया। युवती फ़िलहाल अपने घर वापस आ चुकी है और उसने अपहरण के दावे को खारिज कर दिया। दोनों के बीच पिछले काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था, परिजनों के विरोध की वजह से दोनों एक साथ घर छोड़ कर चले गए थे और उन्होंने कथित तौर पर औरैया जिले में आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली।

सब इंस्पेक्टर देवी सहाय वर्मा के मुताबिक़, नाजरा नाम की मुस्लिम युवती ने पुलिस से बातचीत में बताया कि वह अपनी मर्ज़ी से 20 वर्षीय आकाश कुशवाहा के साथ गई थी। बीहड़ क्षेत्र का कुलगाँव निवासी आकाश सेलफोन शॉप चलाता था। आकाश और नाजरा उर्फ नाजो, पुत्री अल्लाउद्दीन, दोनों एक-दूसरे से प्यार करते थे और 21 दिसंबर 2020 को दोनों ने दिल्ली के आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी। हालाँकि नाजरा ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयान में कहा है कि वह सिर्फ एक स्थिति में आकाश के साथ रहने को तैयार है अगर वह (आकाश) इस्लाम कबूल करता है। 

इस घटना पर औरैया के एडिशनल एसपी कमलेश कुमार दीक्षित ने कहा, “मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान में मुस्लिम युवती ने कहा है कि वह अपनी मर्ज़ी से हिन्दू युवक के साथ गई थी। युवती ने यह भी कहा है कि अगर हिन्दू युवक इस्लाम कबूल करता है तभी वो उसके साथ रहने के लिए तैयार होगी। अन्यथा वह अपने माता-पिता के साथ ही रहेगी। मुस्लिम युवती सोमवार (4 जनवरी 2020) को औरैया पुलिस थाने में आई थी। इसके बाद बुधवार (6 जनवरी 2020) को वह अपने परिजनों के पास वापस लौट गई थी।” 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ सबइंस्पेक्टर देवी सहाय वर्मा ने बताया था कि मुस्लिम युवती के भाई ने 12 अक्टूबर 2020 को इस मामले की शिकायत की थी। शिकायत में उसने आरोप लगाया था कि एक हिन्दू युवक ने उसकी बहन का अपहरण किया है। मुस्लिम युवती के भाई ने यह भी आरोप लगाया था कि उसकी बहन युवक के उकसाने पर अस्सी हज़ार रुपए नगद और जेवर भी ले गई थी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 366 (विवाह आदि करने को विवश करने के लिए किसी स्त्री को व्यपहृत करना, अपहृत करना या उत्प्रेरित करना) के तहत मामला दर्ज किया था।

आंध्र प्रदेश: दो दशक पुरानी गणेश की मूर्ति खंडित, पुलिस ने कहा- किसी ने नहीं तोड़ा, ‘अफवाह’ फ़ैलाने वाले गिरफ्तार

आंध्र प्रदेश में हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियां तोड़े जाने का सिलसिला जारी है। ताज़ा मामला विशाखापट्टनम स्थित गोलूगोंडा मंडल के येती गैरमपेटा गाँव का है। यहाँ के रामालयम मंदिर में भगवान गणेश की खंडित मूर्ति पाई गई है। मूर्ति के दो हाथ टूटे हुए थे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। हालाँकि, पुलिस का इस घटना पर कहना है कि मूर्ति को किसी ने नहीं तोड़ा है।     

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इस घटना पर गोलूगोंडा के सब इंस्पेक्टर धनञ्जय नायडू ने किसी भी तरह की साज़िश से इंकार किया है। उन्होंने कहा, “यह एक छोटा सा गाँव है। चार हाथों वाली गणेश जी की मूर्ति दो दशक पुरानी है। मूर्ति के हाथ दो साल पहले टूटे थे और इसे टूटे हाथों के साथ ही इसे मंदिर में रखा गया था। इसकी मरम्मत नहीं की गई। मंदिर के नए पुजारी को कथित तौर पर इस बात की जानकारी नहीं थी। जब आज उन्होंने ये देखा कि मूर्ति के हाथ नहीं हैं तब उन्होंने दूसरों को इस बात की जानकारी दी। हाल फ़िलहाल के हालातों की वजह से युवाओं ने इस ख़बर को आगे बढ़ाया।” 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ पुजारी ने मूर्ति के दोनों टूटे हाथ दिखाकर वीडियो बनाया। पुलिस ने इस घटना के पीछे किसी भी तरह के षड्यंत्र की बात को खारिज किया है। गाँव के सरपंच ने भी स्पष्ट किया है कि मामले की जाँच जारी है। पुलिस ने इस मामले में ‘अफ़वाह’ फैलाने को लेकर 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इन चारों पर आईपीसी की धारा 153ए (धर्म नस्ल के आधार पर लोगों में नफ़रत फैलाने की कोशिश) के तहत मामला दर्ज किया है।   

इसके पहले विजयवाड़ा के सीताराम मंदिर में देवी सीता की मूर्ति खंडित पाई गई थी। यह मूर्ति लगभग 40 साल पुरानी बताई गई थी। यह मंदिर विजयवाड़ा के पंडित नेहरू बस कॉम्पलेक्स में स्थित है। इसके ठीक पहले प्रदेश में दो अन्य घटनाएँ हो चुकी थीं। इससे पहले विजयनगरम जिले की एक मंदिर में विराजित भगवान राम की 400 साल पुरानी मूर्ति खंडित कर दी गई थी। इसके बाद राजमुंद्री के विघ्नेश्वर मंदिर में भगवान सुब्रमण्येश्वर स्वामी की मूर्ति क्षतिग्रस्त करने का मामला सामने आया था।

मोहम्मद इजहार ने पिस्तौल दिखाकर नाबालिग क्लासमेट का साथियों के साथ किया गैंगरेप, गिरफ्तार

बिहार के मुजफ्फरपुर में 10वीं क्लास में पढ़ने वाली एक नाबालिग लड़की को बंधक बनाकर पिस्टल की नोक पर सामूहिक बलात्कार के आरोप में 22 वर्षीय मोहम्मद इजहार को पुलिस ने बुधवार (जनवरी 06, 2021) को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने कहा कि पीड़िता की उम्र 16 साल के आसपास है और वह दसवीं कक्षा में पढ़ती है। सामूहिक बलात्कार की यह घटना जिले के सकरा थाना क्षेत्र में गत 4 दिसंबर की है। समाचार पत्र ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने कहा कि मामले की सूचना पुलिस को मंगलवार (जनवरी 05, 2021) रात दी गई, जिसके बाद मुख्य आरोपित मोहम्मद इजहार को गिरफ्तार कर लिया गया।

पीड़िता की शिकायत पर महिला थाने में घटना के संबंध में 5 युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने कहा कि दो आरोपितों को नामजद किया गया है, जबकि बाकी तीन अज्ञात हैं।

सकरा एसएचओ रामनाथ प्रसाद ने कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान मिशरौलिया गाँव के मोहम्मद इज़हार के रूप में की गई है। उन्होंने कहा, “उन्हें बृहस्पतिवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद जेल भेज दिया जाएगा।”

प्रसाद ने कहा कि एक अन्य आरोपित, जो पीड़िता का क्लासमेट है। इजहार के अलावा, एक अन्य नाबालिग आरोपित भागने में सफल रहा है जिसे पकड़ने के लिए छापे मारे जा रहे हैं। एसएचओ ने कहा कि पीड़िता का बुधवार को मेडिकल परीक्षण कराया गया और न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष उसका बयान दर्ज किया जाएगा। एसएचओ ने कहा कि दोनों मुख्य आरोपित पीड़िता को जानते हैं।

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, पीड़िता ने बताया कि घटना के दिन 04 दिसंबर को वह अपनी कोचिंग क्लास के लिए जा रही थी। पुलिस अधिकारीयों के अनुसार, “यह शाम 4 बजे के आसपास हुआ, जब वे जबरन उसे एक पुराने जर्जर घर में ले गए और उसके साथ बलात्कार किया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह आरोपितों में से अपने सहपाठी और मोहम्मद इज़हार को जानती थी, लेकिन अन्य तीन को नहीं जानती।”

रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता किसी तरह खुद को बचाकर खिड़की के रास्ते भाग कर राष्ट्रीय हाइवे तक पहुँचने में सफल रही। जिसके बाद ग्रामीणों द्वारा सूचना देने पर लड़की के परिजन उसे अपने साथ घर ले गए। इस घटना के बाद मामला महिला थाने ले जाया गया।

बताया जा रहा है कि इससे पहले पीड़िता का परिवार सकरा थाने को इसकी सूचनादे चुका था और घटना के अगले दिन वो एक आरोपित को पकड़ कर पुलिस को सौंप चुके थे। आरोप है कि सकरा पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से न लेते हुए पीड़ित परिवार को फटकार भी लगाई।

सकरा थाने की लापरवाही के बाद ही पीड़िता अपने परिजन के साथ महिला थाने गए और सामूहिक बलात्कार को लेकर आवेदन दिया। शिकायत के आधार पर महिला थाने की थानेदार नीरू कुमारी ने ‘पॉक्सो एक्ट’ में मामला दर्ज किया है।

अमेरिकी संसद में उत्पात के बीच गोलीबारी में एक की मौत: ट्विटर ने ट्रंप पर लगाया 12 घंटे का बैन

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को लेकर राजनीतिक संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा। चुनावी नतीजों पर अमेरिकी संसद में बुलाई गई बैठक से पहले डोनाल्ड ट्रंप समर्थकों की भीड़ ने व्हाइट हाउस और कैपिटल भवन को घेर लिया। ट्रंप के समर्थकों ने कैपिटल भवन पर जम कर हंगामा किया। वाशिंगटन डीसी स्थित कैपिटल में अमेरिकी कॉन्ग्रेस के लोग बैठते हैं।

विरोध प्रदर्शन के दौरान समर्थकों की पुलिस के साथ झड़प हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, हंगामे के बीच एक नागरिक (महिला) को गोली भी लगी है। जिसकी अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। अमेरिकी राजधानी में हंगामे और हिंसा के बीच कई लोग घायल भी हुए हैं।  

उपद्रव और हंगामे की इन घटनाओं के बाद वाशिंगटन डीसी में कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनावी नतीजों में धांधली का आरोप भी लगाया। हाल ही में हुए चुनावों के दौरान राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित जो बायडेन ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। 

उन्होंने कहा, “मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से आह्वान करता हूँ कि वह शपथ पूरी करें, संविधान की रक्षा करें और इस घेराव को बंद ख़त्म करने की माँग उठाएँ। कैपिटल भवन पर जिस तरह का हंगामा हुआ है हम असल में वैसे नहीं हैं। यह क़ानून का पालन नहीं करने वालों की छोटी संख्या है। इस तरह की घटना राजद्रोह है।”

इस घटना पर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “वाशिंगटन में हुई दंगों और हिंसा की घटनाओं से निराश हूँ। सत्ता का स्थानान्तरण आदेशानुसार और शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। संवैधानिक प्रक्रिया को इस तरह के असंवैधानिक प्रदर्शन से तबाह नहीं किया जा सकता है।” 

हालाँकि, ट्रंप ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने का निवेदन किया था। उन्होंने कहा, “प्रदर्शन के बीच हिंसा नहीं होनी चाहिए, याद रखें हम एक क़ानून और व्यवस्था की पार्टी हैं।” कैपिटल भवन में हिंसा के दौरान ट्विटर ने डोनाल्ड ट्रंप का ट्विटर एकाउंट भी ब्लॉक कर दिया। ट्विटर ने ‘नागरिक एकता और चेतावनी भरी हिंसात्मक नीतियों’ का हवाला देते हुए ट्रंप का एकाउंट 12 घंटे के लिए बंद किया था। 

ट्विटर ने स्पष्ट किया कि इस तरह के भड़काऊ विचारों को बढ़ावा देने पर एकाउंट स्थाई रूप से रद्द किया जा सकता है। ट्विटर के बाद फेसबुक ने भी डोनाल्ड ट्रंप का वीडियो हटा दिया था। अमेरिकी राजधानी में उपद्रव और हिंसा के दौरान ट्रंप ने समर्थकों को सम्बोधित किया था। जिस पर फेसबुक ने कहा था, “ट्रंप का वीडियो हिंसा और हंगामे को कम करने की बजाय बढ़ाने में मदद कर रहा था।”

लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गैरकानूनी विरोध से प्रभावित नहीं होने दिया जा सकता: अमेरिकी हिंसा पर PM मोदी

डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) समर्थकों द्वारा रिपब्लिकन राष्ट्रपति के लिए दूसरे कार्यकाल की माँग करने पर वाशिंगटन की यूएस कैपिटल (US Capitol) में बुधवार (जनवरी, 06, 2021) को बेहद चौंकाने वाले और अराजक दृश्य नजर आए। करीब चार घंटे तक ट्रम्प समर्थकों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें जारी रहीं जिसमें एक महिला की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई।

इस बीच, विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने इस अराजकता की निंदा की है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने ट्विटर अकाउंट से इसे दुखद बताया है। पीएम मोदी ने लिखा, “वाशिंगटन डीसी में दंगों और हिंसा के बारे में समाचार देखकर दुखी हूँ। क्रमबद्ध और शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण जारी रहना चाहिए। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गैरकानूनी विरोध के माध्यम से विकृत नहीं होने दिया जा सकता है।”

यह सब विवाद तब हुआ जब 06 जनवरी को अमेरिकी कॉन्ग्रेस में जो बायडेन को पिछले साल 03 नवंबर को हुए चुनाव में मिली जीत की पुष्टि के लिए सत्र चल रहा था। इसी औपचारिकता के बीच रिपब्लिकन सांसदों ने कुछ चुनावी नतीजों पर प्रश्न किए।

जब अमेरिकी कॉन्ग्रेस का सत्र चल रहा था, तभी अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समर्थकों की हिंसक भीड़ बैरिकेड तोड़कर घुस गई। इसी क्रम में उनकी पुलिस बलों से मुठभेड़ भी हुई। बताया जा रहा है कि कई समर्थक हथियार लेकर कैपिटल में घुस गए।

उन्होंने खिड़कियाँ तोड़ डालीं और जमकर उपद्रव किया, जिसमें एक महिला की गोली लगने से मौत हो गई। ट्रम्प समर्थक चाहते थे कि ट्रंप को ही विजेता घोषित किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने कैपिटल की सीढ़ियों के नीचे लगे अवरोधक तोड़ दिए। इसके बाद ट्विटर और फेसबुक ने डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट को निलंबित कर दिया है।

TV चैनल्स पर हनुमान चालीसा यंत्र जैसे ‘अन्धविश्वास से जुड़े विज्ञापन’ अवैध: औरंगाबाद कोर्ट का फैसला, कहा- वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएँ

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने अपने एक फैसले में कहा है कि टेलीविज़न चैनलों को चमत्कारी या अलौकिक शक्तियों के मंत्र जैसे अंधविश्वास से जुड़ी सामग्रियों को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों के लिए मुकदमा झेलना होगा।

मंगलवार (जनवरी 05. 2021) को एक सुनवाई में औरंगाबाद अदालत ने कहा कि अगर भगवान हनुमान, किसी भी बाबा सहित किसी भी भगवान के नाम को जोड़कर यह प्रचार किया जाता है कि लोगों की जिंदगी में खुशियाँ आ जाएँगी, और इन यंत्रों में विशेष, चमत्कारी और अलौकिक शक्तियाँ हैं, जिनसे उनके व्यवसायों, करियर, स्वास्थ्य और शिक्षा में प्रगति होगी, तो यह अवैध होगा।

कोर्ट ने ऐसा करने वाले टीवी चैनलों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का भी आदेश दिया है। यह याचिका औरंगाबाद निवासी राजेंद्र अंबोरे ने 2015 में दायर की थी। अंबोरे ने मार्च, 2015 में चार चैनलों के खिलाफ हनुमान चालीसा यंत्र को बढ़ावा देने की वजह से कार्रवाई करने की माँग की थी। अदालत ने राज्य सरकार और केंद्र को यह फैसला लागू करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में 30 दिनों के भीतर सूचित करने का आदेश दिया है।

‘Live Law’ के मुताबिक, जस्टिस तानाजी नलावडे और जस्टिस मुकुंद सेवलिकर की बेंच ने यह भी कहा है कि इस तरह के विज्ञापन का प्रसारण करने वाला टीवी चैनल महाराष्ट्र प्रतिबंध और मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुराई और अघोरी प्रथाओं की रोकथाम और काला जादू कानून, 2013 (Maharashtra Prevention and Eradication of Human Sacrifice and other Inhuman, Evil and Aghori Practices and Black Magic Act, 2013) के प्रावधानों के तहत उत्तरदायी होगा।

हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को यह निर्देश दिया है कि वह उन व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करे, जो इस तरह के विज्ञापन कर रहे हैं और इस तरह के लेख बेच रहे हैं। याचिकाकर्ता ने कहा कि वह टेलीविजन चैनलों पर विज्ञापनों के माध्यम से आए थे, जो यह प्रचार कर रहे थे कि हनुमान चालीसा यंत्र में विशेष, चमत्कारी और अलौकिक गुण थे, जिसे विज्ञापनदाता बेच रहा था। याचिकाकर्ता ने टीवी चैनलों पर विज्ञापन के प्रसारण को रोकने की माँग की थी, जिसके द्वारा हनुमान चालीसा यंत्र जैसे लेखों की बिक्री को बढ़ावा दिया गया था।

‘Live Law’ के मुताबिक, बॉम्बे हाईकोर्ट ने काले जादू अधिनियम की धारा 3 का उल्लेख करते हुए कहा कि हनुमान चालीसा यंत्र जैसे लेखों को बेचकर लोगों से पैसे कमाना आसान है। पीठ ने उल्लेख किया कि विज्ञापन में दिए गए विवरणों से पता चलता है कि इसके उन ‘विशेषताओं’ के बारे में दावा किया गया था, जो विशेष, चमत्कारी और अलौकिक हैं। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि विक्रेता यह साबित नहीं कर सकता है कि वास्तव में यत्र में वे सभी गुण हैं, जो विज्ञापन में बताए गए हैं।

‘लाइव लॉ’ के अनुसार, कोर्ट ने लोगों से वैज्ञानिक स्वभाव, मानवतावाद और जाँच की भावना को विकसित करने बात कही और कहा कि महात्मा फुले, डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर जैसे सुधारवादी इसी मिट्टी में पैदा हुए हैं, जिन्होंने बुरी प्रथाओं को दूर करने और समाज में अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता फैलाने का काम किया।

मेरे कार्यालय से 23,000 दस्तावेज ले गई जाँच एजेंसी, मैंने कोई चोरी नहीं की: ‘दामाद’ रॉबर्ट वाड्रा

बेनामी संपत्ति मामले में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने बुधवार (जनवरी 06, 2021) को आयकर विभाग (IT) द्वारा की जा रही जाँच को लेकर कहा कि आईटी अधिकारी उनके कार्यालय से 23,000 दस्तावेज ले गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि कोई टैक्स चोरी नहीं हुई है और उनका कारोबार पूरी तरह से पारदर्शी है।

आईटी विभाग द्वारा छापे और पूछताछ के बारे में बोलते हुए वाड्रा ने कहा, “मेरे ऑफिस से 23,000 दस्तावेज जाँच एजेंसी ले गई है। मेरे बारे में मेरे से ज्यादा जानकारी उनके पास है। उनके हर सवाल का मैंने स्पष्ट जवाब दिया। मैंने कोई टैक्स चोरी नहीं की है।”

गौरतलब है कि आयकर विभाग ने सोमवार और मंगलवार को इनकम टैक्स के दफ्तर में वाड्रा को पूछताछ के लिए बुलाया था। हालाँकि, उन्होंने COVID-19 प्रतिबंधों का हवाला देते हुए आईटी कार्यालय जाने से इनकार कर दिया। ऐसे में इनकम टैक्स की टीम पूछताछ के लिए रॉबर्ट वाड्रा के घर ही पहुँच गई और पूछताछ कर उनके बयान को रिकॉर्ड किया।

आयकर विभाग द्वारा बार-बार किए जा रहे पूछताछ पर सवाल उठाते हुए रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि वह अपनी मर्जी से कहीं भी नहीं जा सकते या कुछ भी नहीं कर सकते। क्योंकि उनकी हर गतिविधियों पर केंद्र को शक है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “मैं कुछ नहीं कर सकता, कहीं नहीं जा सकता। अगर मैं ताजमहल भी जाऊँ तो उन्हें लगता है कि मैं ताजमहल खरीदने के लिए वहाँ गया हूँ। सरकार कई मुद्दों पर घिर गई है, वे मुद्दों को भटकाने के तरीके ढूँढ़ते हैं।”

गौरतलब है कि आयकर विभाग की टीम ने 5 जनवरी, 2021 को लगातार दूसरे दिन कॉन्ग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी के दामाद और प्रियंका गाँधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा के घर बेनामी संपत्ति मामले में पूछताछ थी। ब्रिटेन में कथित तौर पर कुछ अघोषित आय रखने के आरोप में वाड्रा आयकर विभाग की जाँच के दायरे में हैं।

बता दें प्रवर्तन निदेशालय भी धनशोधन विरोधी कानून के तहत उनके खिलाफ इन आरोपों की जाँच कर रहा है। पेशे से कारोबारी वाड्रा ने अपने खिलाफ लगे आरोपों और कुछ भी गलत करने से इनकार किया है। कॉन्ग्रेस ने कुछ महीने पहले कहा था कि वाड्रा के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई की जा रही है।

आरोप है कि रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी ने कम दाम में बीकानेर में ज़मीन खरीदी, जिसे आगे अधिक दाम में बेचकर मुनाफा कमाया। इसी से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय भी जाँच कर रहा है। प्रियंका गाँधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा पर लंदन में संपत्ति की खरीद के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। वाड्रा पर ब्रायनस्टन स्क्वायर में 1.9 मिलियन पाउंड की कीमत का मकान खरीदने का आरोप है। रॉबर्ट वाड्रा फिलहाल अग्रिम जमानत पर हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय ने रॉबर्ट वाड्रा पर लंदन में 1.9 मिलियन पाउंड कीमत में खरीदी गई 12, ब्रायन्स्टन स्क्वायर प्रॉपर्टी में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है। इस प्रॉपर्टी के कथित रूप से मालिक रॉबर्ड वाड्रा हैं, हालाँकि वाड्रा इससे इनकार करते हैं। उन्होंने भारत के बाहर किसी भी संपत्ति से इनकार किया था। जाँच एजेंसी इस केस में फरार संजय भंडारी की भूमिका को भी संदिग्ध मानती है। विदेश में रह रहे संजय भंडारी कभी आईटी या ED की जाँच में शामिल नहीं हुए हैं।

ओवैसी की पश्चिम बंगाल में एंट्री पर मुस्लिम संगठनों को ऐतराज, कहा- गेरुआ चोला छिपा कर बीजेपी को पहुँचाना चाहते हैं फायदा

पश्चिम बंगाल में विधासनभा चुनाव की सियासी तपिश बढ़ती जा रही है। बिहार विधानसभा चुनाव में मुस्लिम बहुल इलाके की पाँच सीटें जीतने वाली असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की नजरें अब बंगाल चुनाव पर है। हालाँकि, यहाँ के मुस्लिम संगठनों ने उनका विरोध शुरू कर दिया है।

पश्चिम बंगाल इमाम एसोसिशन ने कहा है कि वो राज्य में एमआईएम की राजनीतिक एंट्री का विरोध करेगा। एआईएमआईएम सुप्रीमो ओवैसी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह धार्मिक आधार पर लोगों को बाँट रहे हैं। ओवैसी बंगाली मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व नहीं करते। वह धर्म के आधार पर लोगों को बाँटने की कोशिश करते हैं। इसलिए बंगाल में उनका विरोध किया जाएगा।

बिहार की तरह पश्चिम बंगाल में बीजेपी को फायदा पहुँचाने का आरोप लगाते हुए एसोसिएशन ने कहा कि राज्य में ओवैसी की एंट्री सुनियोजित है। इसके जरिए अल्पसंख्यक वोटों का ध्रुवीकरण कर बीजेपी को फायदा पहुँचाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह स्वयं ही एक नया संगठन बनाकर चुनाव लड़ेंगे और एमआईएम के प्लान को बर्बाद कर देंगे।

विरोध की बिगुल सिर्फ बंगाल इमाम एसोसिएशन ही नहीं बल्कि फुरफुरा शरीफ के पीरजादा त्वाहा ने भी ओवैसी के खिलाफ धावा बोल दिया है। फुरफुरा शरीफ के पीरजादा त्वाहा सिद्दीकी ने उन्हें परोक्ष रूप से भाजपा का एजेंट करार दिया है। त्वाहा ने ओवैसी के राजनीतिक एजेंडे को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि ओवैसी ने ऊपर में तो सफेद कपड़े पहन रखे हैं, लेकिन उसने अंदर जो चोला पहन रखा है, उसका रंग गेरुआ है।

आरामबाग में बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान त्वाहा सिद्दीकी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए फुरफुरा शरीफ के एक और पीरजादा अब्बास सिद्दीकी को यह तक कह दिया कि वह मिथ्यावादी (झूठ बोलने वाले) और बेईमान है। त्वाहा सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि ओवैसी की भारतीय जनता पार्टी के साथ सांठगांठ है। उन्होंने अपने गेरुआ चोला को छिपा रखा है।

अब्बास सिद्दीकी पर धर्म के नाम पर लोगों से पैसे की उगाही करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने आगे कहा कि, ” वे अपने क्रिया-कलापों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए वह खुद को राजनीति में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल में सांप्रदायिक शक्तियों को पैर जमाने का कभी मौका नहीं मिलेगा। अब्बास सिद्दीकी और ओवैसी दोनों ‘बसंत के पंछी’ हैं। ये लोग बंगाल की शांति में खलल डालेंगे।”

गौरतलब है कि हालही में ओवैसी हुगली जिले के फुरफुरा शरीफ पहुँचे और वहाँ सिद्दीकी के साथ राज्य के राजनीतिक परिदृश्य और आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर चर्चा की। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, “मैं आज अब्बास सिद्दीकी से मिला। हमारी पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों में निश्चित रूप से भाग लेगी। हमारी पार्टी उन फैसलों के साथ खड़ी होगी जो अब्बास सिद्दीकी द्वारा उठाए जाएँगे।”

वहीं इससे पहले बंगाल विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की एंट्री को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन पर निशाना साधा था। ममता बनर्जी ने अपने एक बयान में ओवैसी की पार्टी की ओर इशारा करते हुए बयान दिया था कि भाजपा मुस्लिम वोट बाँटने के लिए हैदराबाद से एक पार्टी लाने के लिए करोड़ों खर्च कर रही है।

जिस पर असदुद्दीन ओवैसी ने ममता बनर्जी को जवाब देते हुए कहा, “मुझे पैसों से खरीदने वाला आज तक कोई पैदा नहीं हुआ। ममता बनर्जी के आरोप निराधार हैं, उन्हें अपने घर के बारे में फिक्र होनी चाहिए। उनकी पार्टी के कई लोग बीजेपी में जाना शुरू कर चुके हैं। उन्होंने बिहार के मतदाताओं और हमारे लिए वोट करने वाले लोगों का अपमान किया है।” ओवैसी ने कहा कि मुस्लिम वोटर्स ममता बनर्जी की जागीर नहीं हैं।

यूपी ATS ने रेड के दौरान म्यांमार के अजीजुल्लाह को किया गिरफ्तार: 2 पासपोर्ट, 3 आधार कार्ड, 5 बैंकों की पासबुक बरामद

रोहिंग्या को लेकर यूपी एटीएस ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार (6 दिसंबर, 2021) को हुई छापेमारी के दौरान एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉड ने म्यांमार के रहने वाले अजीजुल हक उर्फ अजीजुल्लाह को खलीलाबाद, संत कबीर नगर से गिरफ्तार किया है। टीम ने उसके पास से 2 भारतीय पासपोर्ट, 3 आधार कार्ड, एक पैन कार्ड समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए है।

अपर पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया, “म्यांमार का रहने वाले अजीजुल हक उर्फ अजीजुल्लाह को यूपी एटीएस ने गिरफ़्तार किया है। उसके पास से 2 पासपोर्ट और फर्जी दस्तावेज़ बरामद किए गए हैं। अजीजुल्लाह के खाते में विदेश से काफी मात्रा में पैसा आया है, जिसकी जाँच की जा रही है।”

प्रशांत कुमार ने बताया कि एटीएस को रोहिंग्या निवासियों को लेकर खुफिया जानकारी मिली थी। जिसके आधार पर आज बड़े पैमाने पर छापेमारी की गई। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार म्यांमार निवासी रोहिंग्या अवैध रूप से भारत में प्रवेश करके सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर में रह रहा है। उसके पास से दो पासपोर्ट, फर्जी राशन कार्ड, आधार कार्ड, पैनकार्ड बरामद किया गया है जोकि फर्जी मार्कशीट और प्राथमिक पाठशाला के ट्रांसफर सर्टिफिकेशट के आधार पर बनवाए गए हैं।

अधिकारी ने आगे बताया कि इन पासपोर्ट पर इसने सऊदी अरब और बांग्लादेश की यात्रा की। यहीं नहीं उसने 2017 में अपनी माँ, बहन और दो भाइयों को भी अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराया और उनके भी फर्जी दस्तावेज बनवाए। इन सबके लिए अजीजुल्लाह के खाते में विभिन्न व्यक्तियों, फर्मों और विदेशों से भी काफी पैसा आया है, जिसकी जाँच की जा रही है।

पुलिस इस मामले से जुड़े और कनेक्शन को जानने के लिए आरोपित के फोन की गहन पड़ताल कर रही है। एटीएस की टीमें अब उससे मिली जानकारी के आधार पर कई और जगह रेड मार रही हैं।

उन्होंने बताया कि, “यूपी एटीएस दूसरे राज्यों में भी जाँच कर रही है, जिससे अजीजुल्लाह के सहयोगियों का विवरण और साक्ष्य संकलित किए जा सके। वहीं अभियुक्त से मिली जानकारी पर यूपी के कई अन्य जिलों में भी दबिश दी जा रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है।”

एडीजी ने बताया, “इसके पास से दो भारतीय पासपोर्ट, 3 आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, तीन डेबिट कार्ड, राशन कार्ड और 5 बैंकों की पासबुक मिली हैं। ये मूल रूप से म्यांमार में नयाफारा, थाना बुलिडंग, जिला आक्याब रखाइन का रहने वाला है और इस समय संत कबीर नगर में नौरो गाँव, पोस्ट व थाना बखिरा, चमरसन में रह रहा था।”

उल्लेखनीय है कि पूछताछ के दौरान आरोपित अजीजुल्लाह ने बताया कि बांग्लादेश के रास्ते 2001 में वह भारत आया था। आरोपित जहाँ रह रहा था उसने बताया कि अजीजुल्लाह उसका सगा बेटा नहीं है और न ही उसका रिश्तेदार है। बल्कि उसके बेटे इनायत उल्ला को मुंबई में मिला था। अजीजुल्लाह ने खुद को अनाथ बताया, जिस पर उसे दया आ गई और उसे वह घर ले आया।

बदरे आलम ने बताया कि उसने अजीजुल्लाह का नाम अपने राशनकार्ड में दर्ज करवा दिया, जिसके आधार पर इसने भारतीय पासपोर्ट और अन्य कागजात बनवा लिए। वहीं अजीजुल्लाह ने बताया कि 2002 से भारत में रह रहा है और वर्ष 2017 में उसने अपनी माँ आबिदा खतून, बहन फातिमा खातू, दो भाई जिया उल हक और मोहम्मद नूर को भी भारत ले आया। उसका भाई जिया उल हक इस समय नासिक में रहता है, वहीं बहनोई नूर आलम और भाई मोहम्मद नूर खलीलाबाद आने के बाद कहीं चले गए हैं।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में टेरर फंडिंग और रोहिंग्या निवासियों की तलाश में यूपी ATS ने संदिग्धों की तलाश में संत कबीर नगर स्थित खलीलाबाद, बस्ती और अलीगढ़ समेत कई जिलों में छापेमारी की थी। इस दौरान खलीलाबाद से जेई अब्दुल मन्नान सहित करीब आधा दर्जन से ज्यादा संदिग्ध लोगों को ATS ने हिरासत में लिया था।