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दिल्ली में चल रही थी रामलीला, सीने में उठा दर्द तो मंच पर बैठ गए ‘कुंभकर्ण’… हो गई मौत: लाइव परफॉर्मेंस के दौरान ही ‘राम’ की भी हार्ट अटैक से हुई थी मौत

दिल्ली के चिराग इलाके में चल रही रामलीला के दौरान एक दुखद घटना घटी, जब कुंभकर्ण का किरदार निभा रहे अभिनेता की मंच पर ही मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब पश्चिम विहार के रहने वाले विक्रम तनेजा, जो मालवीय नगर में रामलीला के मंच पर कुंभकर्ण की भूमिका निभा रहे थे। उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ, और वह मंच पर ही बैठ गए। घटना के तुरंत बाद उन्हें आकाश अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें पीएसआरआई अस्पताल रेफर कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों का अनुमान है कि उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। पुलिस ने तनेजा के परिवार वालों के बयान दर्ज कर लिए हैं और मौत की वजह की जाँच जारी है। यह घटना शारदीय नवरात्रि के दौरान दूसरी बार हुई है, जब रामलीला में भूमिका निभाते समय किसी कलाकार की जान चली गई। विक्रम तनेजा की मौत से रामलीला समिति और उनके परिवार में शोक का माहौल है।

भगवान राम का किरदार निभाते हुए शाहदरा में हुई थी कलाकार की मौत

इससे पहले, नवरात्रि के दौरान दिल्ली के शाहदरा स्थित विश्वकर्मा नगर में जय श्री रामलीला समिति द्वारा आयोजित रामलीला के दौरान भगवान राम की भूमिका निभाते समय एक अन्य दुखद हादसा हुआ था। शाहदरा में भगवान राम का किरदार निभाने वाले सुनील कौशिक (59 वर्ष), जो पेशे से प्रॉपर्टी डीलर थे और रामलीला समिति के संस्थापक सदस्यों में से एक थे, मंच पर दिल का दौरा पड़ने से गिर पड़े।

यह घटना तब हुई जब सुनील रामलीला के सीता स्वयंवर के दृश्य में धनुष तोड़ने का प्रदर्शन कर रहे थे। गाना गाते समय अचानक उन्हें सीने में दर्द हुआ, और वह मंच के पीछे चले गए। वहां उपस्थित उनके परिवार के सदस्यों ने तुरंत उन्हें पास के अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा। हालाँकि, एक घंटे बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुनील के भतीजे राहुल कौशिक के अनुसार, सुनील 1987 से राम की भूमिका निभा रहे थे और उनका यह अंतिम प्रदर्शन था।

जिनकी इफ्तार पार्टी ने कराया शाहरुख-सलमान का ‘मिलन’, पटाखों के शोर के बीच मुंबई में उनकी गोली मारकर हत्या: आ रहा लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम, मिली थी Y सिक्योरिटी

महाराष्ट्र में नेशनल कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अज्ञात बदमाशों ने उनके सीने और पेट पर तीन बार गोली बारी। घटना के बाद वो ज्यादा देर सांस नहीं ले पाए और उन्होंने वहीं पर दम तोड़ दिया। ये घटना बाबा सिद्दीकी के बेटे विधायक जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के पास शनिवार (12 अक्टूबर 2024) रात करीब 9:30 बजे पटाखों के शोर के बीच हुई।

घटना के फौरन बाद बाबा सिद्दीकी को लीलावती अस्पताल लेकर जाया गया लेकिन वहाँ जाने से पहले ही वो दम तोड़ चुके थे। बॉलीवुड के कई दिग्गज कलाकारों को जब इस घटना की सूचना मिली तो वो उनसे मिलने लीलावती अस्पताल पहुँचे। इस लिस्ट में सलमान खान और जीशान इकबाल का नाम भी शामिल है।

सूत्रों के आ रही खबरों में कहा जा रहा है कि इस हत्या के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हाथ था। पुलिस ने अभी तक दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है जबकि एक फरार है। गिरफ्तार हमलावरों में एक यूपी और एक हरियाणा का है। हमलावरों की पहचान करनैल सिंह और धर्मराज कश्यप के तौर पर हुई है। इन्होंने पूछताछ में स्वीकार किया है कि ये लोग लॉरेंस बिश्नोई गैंग से थे। जो विजुलअल्स सामने आए हैं उनसे पता चलता है कि हमलावरों ने बाबा सिद्दीकी पर ताबड़तोड़ गोलियाँ चलाई थीं, जिसके कारण एक गोली कार के फ्रंट शीशे पर भी लगी मिली।

मुंबई के बांद्रा मे हुई इस घटना के बाद जहाँ विपक्षी नेता अपनी राजनीति करने में लगे हैं तो वही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस घटना की जानकारी होने पर फौरन एक्शन लेने की बात कही। उन्होंने बताया कि दो लोग गिरफ्तार हो चुके हैं और एक जल्द होगा। किसी को महाराष्ट्र कानून अपने हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा।

हत्या पर प्रतिक्रिया

बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं। एक तरफ जहाँ लोगों का कहना है कि बाबा सिद्दीकी नामी बॉलीवुड हस्तियों के संपर्क मे थे कहीं इसलिए ही उनके साथ ये घटना न घटी हो। वहीं केआरके जैसे लोग भी हैं जो इस समय में भी ये ट्वीट कर रहे हैं, “जैसी करनी वैसी भरनी। न जाने कितने लोगों की प्रॉपर्टी पर जबरदस्ती कब्जा किया था उसने। कुत्ते की मौत मरा। आज उन सभी मजलूमों को सुकून मिला होगा।”

कौन थे बाबा सिद्दीकी?

बता दें कि 13 सितम्बर 1958 को पटना में जन्मे बाबा सिद्दीकी मुंबई में पले-बढ़े थे। वह महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेताओं में से एक रहे थे। वह इसी साल कॉन्ग्रेस का हाथ छोड़ अजीत पवार वाली एनसीपी में शामिल हुए थे। इससे पहले वह कॉन्ग्रेस में 48 साल से जुड़े थे। उन्होंने कॉन्ग्रेस को 1977 में तभी ज्वाइन किया था जब वो छात्र जीवन में थे। वह 1999, 2004 और 2009 में तीन बार बांद्रा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के कॉन्ग्रेस विधायक रह चुके थे। फिलहाल उनका बेटा जीशान बांद्रा पूर्व से विधायक निर्वाचित है।

बाबा सिद्दीकी को उनके बॉलीवुड कनेक्शन के कारण अधिक जाना जाता है। हर साल ईद से होने वाली इफ्तार पार्टी में तमाम हस्तियों का उनके यहाँ जमावड़ा लगता है। ये पार्टी मीडिया मे खासी चर्चित होती थी। उन्हें सलमान खान और शाहरुख खान के बीच चल रहे विवाद में सुलह करवाने के लिए भी जाना जाता था। इसके अलावा कुछ दिन पहले उन्हें लेकर ये भी खबर आई थी कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिली है जिसकी वजह से उन्हें वाई सिक्योरिटी दी गई थी और सुरक्षाकर्मी हमेशा उनके साथ रहते थे।

कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के भतीजे आदित्य के खिलाफ मध्य प्रदेश में FIR दर्ज: रोड जाम होने पर पुलिसकर्मियों से की बहस, सिगरेट पीते हुए वीडियो वायरल

मध्य प्रदेश पुलिस ने कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह के बेटे आदित्य विक्रम सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की है। आदित्य विक्रम पर सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार का आरोप है। घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें आदित्य विक्रम को एक महिला पुलिसकर्मी से बहस करते देखा जा सकता है। यह घटना शुक्रवार (11 अक्टूबर 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना मध्य प्रदेश के राघोगढ़ की है। कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के भतीजे आदित्य विक्रम नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष हैं। शुक्रवार को वे अपने दल-बल के साथ कहीं जा रहे थे। रास्ते में सड़क पर नुक्कड़ नाटक चल रहा था, जिसमें इंजीनियरिंग के कुछ छात्र अभिनय कर रहे थे। इस वजह से कुछ देर के लिए जाम लग गया था, जिसमें आदित्य विक्रम सिंह की गाड़ी भी रुकी रही।

बताया जा रहा है कि इसी वजह से आदित्य विक्रम सिंह भड़क गए। वो नुक्कड़ नाटक कर रहे छात्रों के पास गए और इसे बंद करने के लिए कहा। इस दौरान वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें ऐसा करने से रोका तो वो उनसे भी सवाल-जवाब करने लगे। वहाँ एक महिला पुलिस अधिकारी भी थी। बहस के दौरान वो सिगरेट फूँकते हुए भी दिखे। इस दौरान भी वहाँ जाम लगा रहा।

आदित्य विक्रम सिंह द्वारा किए जा रहे हंगामे का वीडियो किसी ने बना लिया, जो बाद में वायरल हो गया। इसके बाद उन पर राघोगढ़ थाने में FIR दर्ज हो गई। यह FIR राघौगढ़ के थाना प्रभारी जुबेर खान की तहरीर पर दर्ज हुई। आदित्य विक्रम सिंह पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132, 121(1), 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की जाँच की जा रही है।

महाराष्ट्र के रत्नागिरी में तनाव: दशहरा के मौके पर RSS का निकला ‘पथ संचालन’, इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ की भड़काऊ नारेबाजी पर FIR दर्ज

महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में शुक्रवार (11 अक्टूबर 2024) शाम को धार्मिक तनाव पैदा हो गया, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के जुलूस के दौरान इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने कथित तौर पर मजहबी नारेबाजी की। इस घटना के बाद इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रत्नागिरी के कोंकण नगर क्षेत्र में यह घटना उस समय हुई, जब दशहरे के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ता परंपरागत पथ संचलन निकाल रहे थे। संघ के जुलूस में बैंड बाजे के साथ कार्यकर्ता कतारबद्ध होकर चल रहे थे। इसी बीच इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने मजहबी भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले नारे लगाए, जिससे तनाव बढ़ गया।

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला। हालाँकि, इस घटना के बाद रात को बड़ी संख्या में लोग पुलिस थाने के बाहर जमा हो गए और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। पुलिस ने अब तक दो केस दर्ज किए हैं और पाँच आरोपितों की पहचान कर ली गई है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ नारेबाजी का वीडियो

इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसे महाराष्ट्र के कणकवली से बीजेपी विधायक नितेश राणे ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “इसका हिसाब तो होगा… इंटरेस्ट के साथ।” वीडियो में इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ को नारेबाजी करते हुए देखा जा सकता है, जबकि संघ के कार्यकर्ता शांति से अपना मार्च निकाल रहे थे।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन आरोपितों को जल्द ही हिरासत में लिए जाने की संभावना है। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और मामले की जाँच जारी है।

पुलिस के अनुसार, फिलहाल इलाके में शांति है और हालात पूरी तरह से काबू में हैं। पुलिस वीडियो फुटेज की जाँच कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

‘अगली बार रोका तो छुरा घोंप दूँगा’: संभल के रहीश अहमद ने ड्यूटी कर रहे कॉन्स्टेबल को दी धमकी, Video हुआ वायरल तो UP पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक पुलिसकर्मी को चाकू घोंपकर मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी रहीश अहमद नाम के एक बुजुर्ग ने दी है। अहमद को पुलिसकर्मी ने चेकिंग के दौरान रोका था। इससे वह नाराज हो गया था। उसका वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया है। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज करके रहीश को गिरफ्तार कर लिया है। घटना मंगलवार (8 अक्टूबर 2024) की है।

यह घटना संभल के थानाक्षेत्र चंदौसी की है। इसको लेकर कॉन्स्टेबल देवेंद्र कुमार ने थाने में तहरीर दी है। तहरीर में उन्होंने कहा कि दोपहर लगभग 12:30 बजे एक पेट्रोल पम्प के पास उनकी ड्यूटी लगी थी। वहाँ उन्होंने देखा कि बाइक पर सवार 2 लोग बिना हेलमेट के आ रहे थे। देवेंद्र ने बाइक को रोक कर चेकिंग की तो रहीश के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं मिला। इसके बाद देवेंद्र ने चालान काट दिया।

चालान करने से रईस अहमद भड़क गया। उसने पुलिसकर्मी को जान से मारने की धमकी दी। उस दौरान कुणाल नाम के एक अन्य सिपाही बीच-बचाव करता रहा। इसके बावजूद रहीश धमकियाँ देता रहा। उसने पेट की ओर इशारा करते हुए कहा, “अगली बार रोका तो छुरा घोंप दूँगा।” रईस की इस हरकत का जब पुलिसकर्मी वीडियो बनाने लगे तो वो रिश्वत के झूठे आरोप लगाने लगा।

कुछ ही समय में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो के साथ नेटीजेंस रहीश अहमद पर कार्रवाई की माँग करने लगे। कार्रवाई की माँग करने वालों में भाजपा विधायक शलभमणि त्रिपाठी भी शामिल हैं। इधर पुलिस ने की तहरीर पर रहीश अहमद को नामजद करते हुए उसके साथ बाइक पर बैठे एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया है।

यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 121 (1), 132 और 351 (2) के तहत दर्ज हुआ है। ऑपइंडिया के पास इसकी कॉपी मौजूद है। वहीं, शुक्रवार (11 अक्टूबर 2024) को संभल पुलिस ने बताया किआरोपित रहीश अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया है। रहीश के साथ बाइक पर मौजूद उसके दूसरे साथी की पहचान व तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं।

‘पति-पत्नी के यौन संबंध निजी, अप्राकृतिक सेक्स की डिमांड करना क्रूरता नहीं’ : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की महिला की याचिका, दहेज का केस रद्द

इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक पति-पत्नी के बीच का विवाद सामने आया, जिसमें पत्नी ने पति पर दहेज की माँग, प्रताड़ना, और अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के गंभीर आरोप लगाए थे। दोनों की शादी 7 दिसंबर 2015 को हुई थी और मामला 23 जुलाई 2018 को दर्ज किया गया। पत्नी का कहना था कि पति शराब का आदी है, उससे अप्राकृतिक सेक्स करने की कोशिश करता है, और जब वह मना करती है तो उसे मारने की धमकी देता है। पत्नी ने अपने पति पर अश्लील फिल्में देखने और उसके सामने गंदी हरकतें करने का भी आरोप लगाया। उसने बताया कि सिंगापुर में भी उसे पति द्वारा प्रताड़ित किया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामले की सुनवाई के दौरान पति और उसके परिवार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पत्नी के सभी आरोपों को खारिज करने की माँग की। कोर्ट ने दोनों पक्षों के बयान और FIR की जाँच के बाद यह पाया कि दहेज की माँग और प्रताड़ना के आरोप अस्पष्ट थे। महिला के पास अपने दावों का कोई ठोस सबूत नहीं था, और किसी भी स्थिति में उसे कोई गंभीर शारीरिक चोट नहीं पहुँचाई गई थी।

कोर्ट ने पाया कि पति द्वारा पत्नी से यौन संबंध बनाने की माँग को क्रूरता का मामला नहीं माना जा सकता। हाई कोर्ट ने टिप्पणी की, “यदि पति अपनी पत्नी से सेक्स की डिमांड नहीं करेगा, तो वह अपनी यौन इच्छाओं को कैसे पूरा करेगा?” कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह के मामले सभ्य समाज के यौन संबंधों के सामान्य नियमों के खिलाफ नहीं हैं।

जस्टिस अनीश कुमार गुप्ता की अगुवाई वाली बेंच ने कहा, “यह स्पष्ट है कि विवाद पार्टियों के सेक्स को लेकर एकमत नहीं होने की वजह से था। अगर पार्टियों के बीच यौन संबंध को लेकर सहमति न हो, तो इससे आपसी विवाद स्वाभाविक रूप से उत्पन्न होता है।”

महिला ने अपने पति पर सिंगापुर में भी प्रताड़ना के आरोप लगाए थे, लेकिन कोर्ट ने इस आरोप को भी सबूतों की कमी के कारण खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं था कि महिला को सिंगापुर में किस प्रकार की प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था, और FIR में इसके स्पष्ट विवरण का अभाव था। कोर्ट ने पाया कि इस मामले में दहेज की माँग का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं था और क्रूरता के आरोप भी सही साबित नहीं हुए।

इस केस में महिला ने आरोप लगाया था कि उसके पति ने अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने की कोशिश की और जब उसने इनकार किया, तो उसके साथ मारपीट की गई। लेकिन कोर्ट ने यह देखा कि पति द्वारा अप्राकृतिक यौन संबंध की कोशिश के ठोस सबूत पेश नहीं किए गए। कोर्ट ने टिप्पणी की कि पति-पत्नी के बीच यौन संबंधों का सवाल एक व्यक्तिगत मामला है, और अगर इसमें दोनों पक्षों की सहमति नहीं होती, तो इसे दहेज या प्रताड़ना से जोड़ना गलत है।

महिला के आरोपों में से एक यह भी था कि उसका पति अश्लील फिल्में देखने का आदी है और उसके सामने अश्लील हरकतें करता है। लेकिन इस आरोप का भी समर्थन करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं था। कोर्ट ने कहा कि पति के खिलाफ लगाए गए आरोपों में साक्ष्यों की कमी है, और ऐसे में यह मामला दहेज प्रताड़ना का नहीं है।

मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब कोर्ट ने पाया कि पति और पत्नी के बीच मुख्य विवाद यौन संबंध बनाने को लेकर था। पत्नी ने पति की यौन इच्छाओं को अप्राकृतिक माना, जबकि पति का कहना था कि उसने कुछ भी असामान्य नहीं किया। कोर्ट ने यह फैसला सुनाया कि इस मामले में पति द्वारा पत्नी से यौन संबंध बनाने की मांग को असामान्य नहीं माना जा सकता, और इसे दहेज या प्रताड़ना के आरोपों से जोड़कर देखना उचित नहीं है।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, “पति-पत्नी के बीच यौन संबंध का मामला उनकी निजी जिंदगी का हिस्सा है। अगर इसमें सहमति नहीं है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि मामला दहेज प्रताड़ना का है।” कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर यौन संबंधों को लेकर विवाद उत्पन्न होता है, तो उसे क्रूरता के रूप में नहीं देखा जा सकता, जब तक कि इसके पीछे कोई स्पष्ट और गंभीर कारण न हो।

इस फैसले के बाद, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महिला द्वारा दर्ज की गई FIR को खारिज कर दिया और कहा कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों में ठोस सबूतों की कमी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि दहेज की माँग और क्रूरता के आरोपों में कोई स्पष्टता नहीं थी, और पति के यौन संबंध बनाने की माँग को क्रूरता के दायरे में नहीं रखा जा सकता।

इस मामले ने एक बार फिर यह दिखाया कि यौन संबंधों से जुड़े विवादों को गंभीरता से लेने के लिए साक्ष्यों की आवश्यकता होती है। बिना ठोस सबूतों के, किसी भी पति-पत्नी के व्यक्तिगत मामलों को कानूनी रूप से अपराध के रूप में नहीं देखा जा सकता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यौन संबंधों से जुड़े मुद्दों को निजी और व्यक्तिगत मामलों के रूप में ही देखा जाना चाहिए, और इन्हें क्रूरता या प्रताड़ना के आरोपों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में महिला के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पति-पत्नी के बीच यौन संबंधों का मामला एक निजी मामला है, और इसमें सहमति न होने पर इसे कानूनी अपराध के रूप में नहीं देखा जा सकता। कोर्ट ने पति की यौन संबंध बनाने की माँग को सही ठहराया और कहा कि यह क्रूरता के दायरे में नहीं आता।

राम मंदिर के पास गुब्बारे बेचने आया मोहम्मद हयात, महिला श्रद्धालुओं को देख करने लगा अश्लील इशारे: UP पुलिस ने केस दर्ज कर की कार्रवाई

धर्मनगरी अयोध्या के रामजन्मभूमि परिसर में महिला श्रद्धालुओं से छेड़खानी का मामला सामने आया है। इस छेड़खानी के आरोप में पुलिस ने मोहम्मद हयात नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। हयात मूल रूप से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का रहने वाला है। वह रामजन्मभूमि नव निर्मित मंदिर के पास लम्बे समय से गुब्बारे बेच रहा था। घटना मंगलवार (8 अक्टूबर 2024) की है।

यह घटना अयोध्या के थानाक्षेत्र रामजन्मभूमि की है। यहाँ मंगलवार को उत्तर प्रदेश पुलिस की महिला सब इंस्पेक्टर आशा तिवारी ने थाने में तहरीर दी है। तहरीर में आशा ने बताया कि 8 अक्टूबर को वो महिला सब इंस्पेक्टर उमा देवी और होमगार्ड गायत्री के साथ हनुमान गढ़ी के पास गश्त पर थीं। इसी दौरान एक मुखबिर ने उनको बताया कि टी-शर्ट और लोअर पहने एक व्यक्ति महिलाओं से छेड़खानी कर रहा है। छेड़खानी की जगह रामजन्मभूमि के नवनिर्मित राम मंदिर के पास बताई गई।

मुखबिर की सूचना पर महिला पुलिसकर्मियों की यह टीम घटनास्थल की तरफ निकल पड़ी। सूचना सही पाई गई और राम मंदिर के पास बताए गए हुलिए से मिलता-जुलता एक व्यक्ति मौजूद मिला। महिला पुलिसकर्मी दूर से ही उस व्यक्ति की हरकतों की निगरानी करने लगीं। उन्होंने देखा कि एक महिला के साथ 3 लड़कियाँ उधर से गुजरीं जिनको देख कर आरोपित अश्लील हरकतें करने लगा। वह लड़कियों को गंदे-गंदे गाने भी सुना रहा था।

शिकायत में बताया गया है कि आरोपित की इस करतूत से मंदिर के पास गुजर रहीं लड़कियाँ शर्मिंदगी महसूस कर रहीं थीं। वो बिना कुछ बोले ही वहाँ से चली गईं। यह हरकत देख कर पुलिसकर्मियों की टीम आरोपित की तरफ आगे बढ़ी। पुलिस को अपनी तरफ बढ़ता देख कर आरोपित मंदिर की तरफ भागने लगा। आखिरकार महिला पुलिसकर्मियों की टीम ने आरोपित को दौड़ा कर पकड़ लिया। यहाँ पूछताछ में उसने अपना नाम मोहमद हयात बताया।

लगभग 32 वर्षीय मोहम्मद हयात मूल रूप से लखनऊ के सुंदर नगर इलाके का रहने वाला है। उसके अब्बा का नाम बाबू रज़ा है। वह लम्बे समय से अयोध्या में रामजन्मभूमि के पास गुब्बारे बेच रहा था। महिला सब इंस्पेक्टर की इस तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। इस FIR में मोहम्मद हयात को नामजद करते हुए उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 के तहत कार्रवाई की गई है।

इस मामले में 7 साल से कम की सजा होने की वजह से उसको भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35 (C) की नोटिस दे कर रिहा कर दिया गया है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। शुक्रवार (11 अक्टूबर) को अयोध्या पुलिस ने बताया कि मामले में जाँच व अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

‘BJP आतंकियों की पार्टी… लिंचिंग और जनजातियों के सिर पर पेशाब करती है’: कॉन्ग्रेस प्रमुख खड़गे के विवादित बोल, RSS पर भी निकाली कुंठा

कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा को आतंकवादियों की पार्टी कहा है। उन्होंने शनिवार (12 अक्टूबर 2024) को कहा कि प्रधानीमंत्री मोदी की आदत है कि वो कॉन्ग्रेस को हमेशा अर्बन नक्सल पार्टी बताते हैं, लेकिन उनकी पार्टी क्या है? उन्होंने कहा कि भाजपा आतंकवादियों की पार्टी है, जो लिंचिंग में शामिल रहती है। इसलिए मोदी को ऐसे आरोप लगाने का हक नहीं है।

दलित समाज से आने वाले खड़गे ने ANI से बातचीत में कहा, “जहाँ भी भाजपा की सरकारें हैं, वहाँ शेड्यूल कास्ट खासकर आदिवासियों पर अत्याचार किया जा रहा है। शेड्यूल कास्ट के लोगों पर पेशाब करती है। आदिवासियों का रेप करती है। ऐसा करने वालों का सपोर्ट भी करती है। वो दूसरों पर आरोप लगाते हैं। उनको ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है।”

दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने 5 अक्टूबर 2024 को महाराष्ट्र का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने ठाणे में कहा कॉन्ग्रेस और उसकी नीतियों को लेकर जमकर हमला बोला था। प्रधानमंत्री मोदी ने उस समय कहा था, “कॉन्ग्रेस और उनके सहयोगियों का एक ही मिशन है- बाँटो और सत्ता में रहो। कॉन्ग्रेस को अर्बन नक्सल गैंग चला रहे हैं। वह देश विरोधियों के साथ खड़ी है।”

वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर भी उन्होंने पलटवार किया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “जिस पार्टी का मकसद देश को बाँटना है, उन्हें सपोर्ट करने वाले देश में ही हैं। वह संघ प्रमुख भागवत हैं। संविधान बदलना हो, रिजर्वेशन हो, हिंदू-मुसलमानों को अलग करने की बात करने वाले ये लोग हैं और बुद्धि दूसरे लोगों को बाँट रहे हैं।”

दरअसल, शनिवार (12 अक्टूबर 2024) को महाराष्ट्र के नागपुर में विजयदशमी के कार्यक्रम में RSS के स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भी कुछ ऐसा ही कहा था। उन्होंने किसी का लिए बिना देश को बाँटने की साजिश रचने का आरोप लगाया। इसी बयान को लेकर खड़गे ने यह बात कही है।

दिलवर खान ने फँसाई नाबालिग हिंदू लड़की, अश्लील वीडियो बनाकर कई बार रेप किया: उत्तराखंड के चमोली में बवाल के बाद हुआ गिरफ्तार, अवैध रूप से रह रहे मुस्लिमों को बाहर करने की माँग

उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर से लव जिहाद के आरोप में हिन्दू समाज आंदोलित है। इस बार घटनास्थल चमोली जिला है जहाँ दिलवर खान नाम के मुस्लिम युवक पर एक नाबालिग हिन्दू लड़की से रेप करने और उसका अश्लील वीडियो बना कर ब्लैकमेल करने का आरोप लगा है। पुलिस इस मामले में 10 अक्टूबर को आरोपित को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं क्षेत्र में घटना से नाराज हिन्दुओं का प्रदर्शन भी देखने को मिला, जिन्होंने माँग उठाई है कि इलाके में गैर कानूनी ढंग से रह रहे मुस्लिमों को बाहर किया जाए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना चमोली के थराली क्षेत्र की है। लगभग 4 साल पहले यहाँ मुकेश नाम के मकान मालिक के यहाँ दिलवर खान ने किराए पर दुकान ली। धीरे-धीरे यहाँ दिलवर का व्यापार को ले कर आना-जाना शुरू हो गया। पहाड़ी क्षेत्रों में व्यापार करते हुए दिलवर खान ने एक नाबालिग लड़की को अपने प्यार के जाल में फँसा लिया। बताया जा रहा है कि पीड़िता और आरोपित की पहचान सोशल मीडिया के जरिए हुई थी।

कुछ ही दिनों की दोस्ती के बाद दिलवर खान ने पीड़िता को मिलने के लिए बुलवाया। यहाँ उसने नाबालिग लड़की से बलात्कार किया। आरोप है कि इसी दौरान दिलवर ने पीड़िता की अश्लील फोटो और वीडियो बना डाली। इन्हीं वीडियो और फोटो के जरिए उसने कई बार नाबालिग से रेप किया। आखिरकार तंग हो कर लड़की ने अपने पिता को सारी बात बता दी। लड़की के पिता ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करवाई।

पुलिस में शिकायत दर्ज होने की जानकारी मिलते ही दिलवर ने पीड़िता के तमाम आपत्तिजनक फोटो और वीडियो वायरल कर दिए। इस बात को लेकर स्थानीय लोगों में गुस्सा भड़क उठा। हिन्दू संगठन के सदस्यों सहित तमाम पहाड़ी लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारी अवैध तौर पर रह रहे बाहरी मुस्लिमों को तत्काल बाहर निकालने की माँग कर रहे थे। लोगों ने हुजूम में उन हिन्दू मकान मालिकों की भी निंदा की जिन्होंने अपनी दुकानें बाहरी मुस्लिमों को किराये पर दे रखीं हैं।

हालात की गंभीरता को देखते हुए धराली व आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। चमोली के पुलिस अधीक्षक आईपीएस सर्वेश पंवार ने 10 अक्टूबर को बताया कि दिलवर खान को समुचित धाराओं में चालान करते हुए जेल भेज दिया गया है। मामले में जाँच व अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इस कार्रवाई के साथ चमोली पुलिस ने जिले में सत्यापन अभियान भी छेड़ रखा है।

‘कॉन्ग्रेस के अहंकार ने लिखी हरियाणा में हार की पटकथा’: EVM रोने पर AAP नेता ने कसा तंज, बोले- अब हमें ही करनी होगी 2029 की तैयारी

हरियाणा विधानसभा चुनाव में हार के बाद कॉन्ग्रेस ने चुनाव आयोग में EVM की गड़बड़ी को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) के हरियाणा प्रमुख सुशील गुप्ता ने कॉन्ग्रेस पर तीखा हमला बोला। गुप्ता ने कहा, “हमने हरियाणा से बीजेपी को हटाने के लिए पूरी कोशिश की थी। INDIA गठबंधन का हिस्सा होने के नाते, हमने अंतिम समय तक कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन की उम्मीद की थी। लेकिन कॉन्ग्रेस के अहंकार ने ये मौका गंवा दिया। अगर कॉन्ग्रेस इतनी घमंडी न होती, तो आज हरियाणा में उनकी गठबंधन सरकार होती।”

उन्होंने आगे कहा, “हमने कभी अव्यवहारिक माँगें नहीं कीं, न ही ज्यादा सीटें माँगी थीं। लेकिन कॉन्ग्रेस की जिद और अहंकार ने बीजेपी को फायदा पहुँचाया। अब 2029 के चुनाव की तैयारी AAP अभी से शुरू करेगी। हरियाणा में कॉन्ग्रेस बीजेपी को हराने में सक्षम नहीं है, लेकिन अरविंद केजरीवाल इस बदलाव को सुनिश्चित करेंगे।”

यह बयान कॉन्ग्रेस के लिए न सिर्फ एक चेतावनी है, बल्कि हरियाणा की राजनीति में AAP की नई रणनीति का संकेत भी है। सुशील गुप्ता के इस तंज से साफ है कि कॉन्ग्रेस की असफलता के पीछे उसकी खुद की गलतियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

हार के बाद कॉन्ग्रेस में आपसी कलह

हरियाणा विधानसभा चुनाव में हार के बाद कॉन्ग्रेस के भीतर असंतोष बढ़ गया है। पूर्व मंत्री अजय यादव ने कॉन्ग्रेस नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी की हार का मुख्य कारण नेतृत्व की अक्षमता और पार्टी के भीतर के मतभेद हैं। यादव का मानना है कि अगर पार्टी नेतृत्व समय पर सही फैसले लेता और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करता, तो परिणाम अलग होते।

अजय यादव ने सुझाव दिया कि कॉन्ग्रेस पार्टी को हरियाणा के अहीरवाल क्षेत्र में मिली करारी हार पर आत्म-चिंतन करना चाहिए। यहाँ की 11 में से 10 सीटें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खाते में गई हैं। यादव ने कहा, “कॉन्ग्रेस कार्यसमिति, पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति, अखिल भारतीय कॉन्ग्रेस समिति या हरियाणा प्रदेश कॉन्ग्रेस समिति में अहीरवाल का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है।”

OBC कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष अजय यादव ने आगे कहा, “पार्टी (कॉन्ग्रेस) ने मुझे ओबीसी विभाग का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसका कोई फायदा नहीं है, क्योंकि यह शक्तिहीन है। हम चुनाव इसलिए हार गए, क्योंकि राज्य और राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच कोई समन्वय नहीं था।” इसको लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी किया है। उन्होंने यह भी कहा कि कॉन्ग्रेस नेतृत्व ने न तो कार्यकर्ताओं की सुनी और न ही सही दिशा में काम किया। परिणामस्वरूप, पार्टी को इस हार का सामना करना पड़ा।