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बेटा-बेटी-भतीजा-बीवी… यूपी उपचुनाव में परिवार के भीतर सिमटा सपा का PDA

समाजवादी पार्टी ने यूपी विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में कुल 6 नामों की घोषणा की गई है। सपा ने इन 6 में से 5 सीटों पर उम्मीदवार उतारने में परिवार से आगे नहीं देखा है। हालाँकि, उसने इसे नाम PDA(पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) का नाम दिया है।

उत्तर प्रदेश में आगामी दिनों में 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। जल्द ही इनकी तारीख घोषित की जाएगी। समाजवादी पार्टी ने इनमें मैनपुरी की करहल, कानपुर की सीसामऊ, प्रयागराज की फूलपुर, अयोध्या की मिल्कीपुर, अम्बेडकरनगर की कटेहरी और मिर्जापुर की मंझवा सीट से उम्मीदवारों की घोषणा की है।

मैनपुरी की करहल सीट से समाजवादी पार्टी ने अखिलेश यादव के भतीजे तेजप्रताप यादव को टिकट दिया है। करहल सीट अखिलेश यादव के सांसद बनने के कारण खाली हुई है। वहीं कानपुर की सीसामऊ सीट सपा के इरफ़ान सोलंकी को सजा होने के कारण खाली हुई थी। इस सीट से सपा ने इरफ़ान की पत्नी नसीम सोलंकी को टिकट दिया है।

इसके अलावा अयोध्या की मिल्कीपुर से अजीत प्रसाद को टिकट दिया गया है। मिल्कीपुर की सीट यहाँ के विधायक रहे अवधेश प्रसाद के सांसद बनने के कारण खाली हुई है। यहाँ से भी सपा ने अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत को इस सीट से चुना है। अम्बेडकरनगर की कटेहरी सीट से शोभावती वर्मा को उतारा गया है, वह सांसद लालजी वर्मा की पत्नी हैं।

मिर्जापुर की मंझवा सीट से उतारी गई ज्योति बिंद पूर्व सांसद रमेश बिंद की बेटी हैं। फूलपुर सीट पर मुज्ज्त्फा सिद्दीकी को टिकट मिला है जो कि पूर्व विधायक हैं। समाजवादी पार्टी ने अभी गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर की मीरापुर, मुरादाबाद की कुन्दरकी और अलीगढ़ की खैर सीट पर पत्ते नहीं खोले हैं।

समाजवादी पार्टी ने इस टिकट बँटवारे को PDA का नाम दिया है लेकिन ज्यादातर टिकट उसी परिवार के भीतर दिए गए हैं जिनके कारण सीट खाली हुई है। हालाँकि, पार्टी ने दावा किया है कि उसने सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करने की कोशिश की है।

समाजवादी पार्टी के इस टिकट बँटवारे के बाद कॉन्ग्रेस ने निराशा जाहिर की है। कॉन्ग्रेस ने कहा है कि इस टिकट बँटवारे में उनसे कोई राय नहीं ली गई जबकि दोनों पार्टियों ने मिल कर लोकसभा चुनाव लड़ा था। कॉन्ग्रेस ने इस चुनाव में भी गठबंधन की उम्मीद जताई है।

इस बीच कॉन्ग्रेस खुद भी दबाव में है। हरियाणा विधानसभा में AAP और समाजवादी पार्टी को तवज्जो ना देना अब उसके लिए गले की फांस बन रहा है। इन पार्टियों का कहना है कि कॉन्ग्रेस ने अगर उन्हें महत्व दिया होता तो उसकी शायद हार ना होती।

मुस्लिमों में इतनी जाति… पर कॉन्ग्रेस का मुँह सिल जाता है: PM मोदी का ‘वोट बैंक’ की राजनीति पर प्रहार, कहा- हिंदू जितना बँटेगा उनका उतना होगा फायदा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (9 अक्टूबर 2024) को महाराष्ट्र में 7600 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस देश को बाँटने की राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों में भी जातियाँ होती हैं, लेकिन कॉन्ग्रेस के नेता उनकी बातें नहीं करते हैं। वहीं, हिंदुओं की बात आते ही कॉन्ग्रेस उनकी चर्चा जाति से शुरू करती है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लोगों को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि कॉन्ग्रेस मुस्लिमों के मन में भय पैदा कर रही है। वह लोगों में डर पैदा करती रही है। अपने वोट बैंक की खातिर वह देश का सांप्रदायिककरण कर रही है। पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस का फॉर्मूला साफ है कि मुस्लिमों को डराते रहो, उनको भय दिखाओ, उनको वोट बैंक में कन्वर्ट करो और वोट बैंक को मजबूत करो।

कॉन्ग्रेस पर हिंदुओं को जातियों में बाँटने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “कॉन्ग्रेस की नीति हिंदुओं की एक जाति को दूसरी जाति से लड़ाने की है। वो जानती है हिंदू जितना बँटेगा, उतना ही उसका फायदा होगा। कॉन्ग्रेस किसी भी तरीके से हिंदू समाज में आग लगाए रखना चाहती है, ताकि वो उस पर राजनीतिक रोटियाँ सेंकती रहे। भारत में जहाँ भी चुनाव होता है, वहाँ कॉन्ग्रेस यही फॉर्मूला अपनाती है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कॉन्ग्रेस के एक भी नेता ने आज तक नहीं कहा कि हमारे मुस्लिम भाई-बहनों में कितनी जातियाँ होती हैं। मुस्लिम जातियों की बात आते ही कॉन्ग्रेसी नेता मुँह पर ताला लगाकर बैठ जाते हैं, लेकिन जब भी हिंदू समाज की बात आती है तो कॉन्ग्रेस उनकी चर्चा जाति से ही शुरू करती है।” उन्होंने कहा कि हरियाणा में कॉन्ग्रेस ने सारे हथकंडे अपनाए, लेकिन वह असफल रही।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कॉन्ग्रेस भारत के ‘सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय’ की परंपरा का दमन कर रही है। वह सनातन परंपरा का दमन कर रही है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि वो एक गैर-जिम्मेदार दल है। वो अभी भी देश को बाँटने के लिए नए-नए नैरेटिव गढ़ रही है। कॉन्ग्रेस समाज को बाँटने का फॉर्मूला लाती रहती है।

नरेंद्र मोदी ने कहा, “कॉन्ग्रेस नफरत फैलाने की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनने वाली है। यह गाँधीजी ने आजादी के बाद ही समझ लिया था। इसीलिए गाँधीजी ने कहा था कि कॉन्ग्रेस को खत्म कर देना चाहिए। कॉन्ग्रेस खुद खत्म नहीं हुई, लेकिन आज देश को खत्म करने पर तुली हुई है। इसलिए हमें सावधान रहना है, सतर्क रहना है।”

जम्मू-कश्मीर और हरियाणा चुनावों के नतीजों को लेकर पीएम ने कहा कि कॉन्ग्रेस का पूरा इकोसिस्टम, अर्बन नक्सल का पूरा गिरोह जनता को गुमराह करने में जुटा था, लेकिन उसकी सारी साजिशें ध्वस्त हो गईं। इन्होंने दलितों के बीच झूठ फैलाने की कोशिश की, लेकिन दलित समाज ने इनके खतरनाक इरादों को भाँप लिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणा के दलितों को एहसास हो गया कि कॉन्ग्रेस उनका आरक्षण छीनकर अपने वोट बैंक को बाँटना चाहती है। किसान आंदोलन को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस ने किसानों को भड़काया, लेकिन किसानों को पता है कि उन्हें फसलों पर MSP किसने दी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा से दलितों एवं किसानों के कल्याण के लिए काम किया है।

महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भी पीएम मोदी ने जनता को आगाह किया। उन्होंने कहा, “मेरा पक्का विश्वास है कि समाज को तोड़ने की आज जो कोशिश हो रही है, ऐसी हर साजिश को महाराष्ट्र के लोग नाकाम करके रहेंगे। महाराष्ट्र के लोगों को देश के विकास को सर्वोपरि रखते हुए एकजुट होकर बीजेपी महायुति के लिए मतदान करना है।”

बता दें कि प्रधानमंत्री इन विकास परियोजनाओं में महाराष्ट्र को 10 मेडिकल कॉलेज, नागपुर एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण और विस्तार का काम, शिर्डी एयरपोर्ट के लिए एक टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण, इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े दो अहम प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। इससे पहले केंद्र सरकार ने मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया था।

हरियाणा ने कॉन्ग्रेस को आत्ममंथन का दिया सबक, पर हारते ही वह अपना ही गुह मथने लगी: चुनाव आयोग-EVM नहीं, आपकी नीयत ही टट्टी है राहुल गाँधी

हरियाणा विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस की हार पर राहुल गाँधी ने एक दिन बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। राहुल गाँधी ने पहली प्रतिक्रिया में ही अपने पुराने प्रोपेगेंडा को हवा दे दी है। यह वही प्रोपेगेंडा जो कॉन्ग्रेस हर हार के बाद आगे बढ़ाती रहती है। राहुल गाँधी ने अपनी प्रतिक्रिया में जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के गठबंधन को बधाई दी और लोकतंत्र की जीत बताया लेकिन हरियाणा में उन्होंने हार को स्वीकार करने के बजाय चुनाव प्रक्रिया पर ही प्रश्न उठा दिए।

राहुल गाँधी ने बुधवार (9 अक्टूबर, 2024) को अपने ट्वीट में लिखा, “जम्मू-कश्मीर के लोगों का तहे दिल से शुक्रिया – प्रदेश में INDIA की जीत संविधान की जीत है, लोकतांत्रिक स्वाभिमान की जीत है। हम हरियाणा के अप्रत्याशित नतीजे का विश्लेषण कर रहे हैं। अनेक विधानसभा क्षेत्रों से आ रही शिकायतों से चुनाव आयोग को अवगत कराएँगे।”

राहुल गाँधी के इस ट्वीट से साफ़ होता है कि वह जम्मू कश्मीर में कॉन्ग्रेस गठबंधन की जीत को तो लोकतंत्र बचाने का प्रमाण पत्र जारी कर रहे हैं लेकिन हरियाणा की हार को पचा नहीं पा रहे। इस ट्वीट में उन्होंने शिकायतों का जिक्र भाजपा की जीत पर प्रश्न उठाने के लिए किया।

हरियाणा के नतीजे आने से पहले सभी एग्जिट पोल और चुनावी पंडित बता रहे थे कि कॉन्ग्रेस सत्ता में आ सकती है। नतीजों के दिन हरियाणा में सुबह कुछ समय रुझानों में कॉन्ग्रेस आगे चल भी रही थी। इस समय कॉन्ग्रेस प्रवक्ता और नेता जश्न के मूड में थे। इस दौरान ना ही राहुल गाँधी और ना ही बाकी कॉन्ग्रेस नेता EVM पर अथवा चुनावी पर प्रश्न प्रक्रिया उठा रहे थे।

कुछ कॉन्ग्रेस प्रवक्ता बता रहे थे कि भाजपा 20 सीट भी नहीं पार करेगी जबकि कुछ अति उत्साही प्रवक्ता प्रधानमंत्री मोदी को ही जलेबी भेजने को लेकर अट्टाहास कर रहे थे।

जब चुनाव नतीजे के रुझानों में कुछ देर के बाद भाजपा आगे होने लगी और कॉन्ग्रेस को लगा कि उनसे जनता का मूड भाँपने में गलती हो गई है तो उन्होंने अपनी पुरानी ट्रिक लगाना चालू कर दी। सबसे पहले कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने प्रलाप चालू किया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग वोटों की गिनती बताने में देरी कर रहा है।

जयराम रमेश ने कहा कि चुनाव आयोग कि वेबसाइट पर वोटों की गिनती की जानकारी धीमे अपडेट किया जा रहा है। जयराम रमेश ने इसको लेकर एक ज्ञापन भी चुनाव आयोग को दिया। चुनाव आयोग ने जयराम रमेश के इस दावे को हवा हवाई बताया और इसका जवाब भी दिया।

चुनाव आयोग ने कहा, “नतीजों के अपडेट में देरी के आपके बेबुनियाद आरोप को पुष्ट करने के लिए रिकॉर्ड पर कुछ भी नहीं है। आपके ज्ञापन में हरियाणा या जम्मू-कश्मीर के किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में देरी के बारे में कोई तथ्य भी नहीं है।” जयराम रमेश इस जवाब के बाद भी नहीं माने और आरोप जारी रखे।

चुनाव आयोग के जवाब के बाद राहुल गाँधी ने जब इन चुनावों को लेकर बात की तो उन्होंने भी यही राग दोहराया और हरियाणा में हार स्वीकार करने के बजाय गड़बड़ियों की बात की। कॉन्ग्रेस ने हरियाणा में EVM में गड़बड़ी का रोना एक बार फिर रोया। कॉन्ग्रेस ने वोटिंग में इस्तेमाल हुई बैट्री को लेकर प्रश्न उठाए।

कॉन्ग्रेस नेताओं ने दावा किया जहाँ उनकी हार हुई वहाँ EVM की बैट्री 99% थी। उन्होंने EVM में छेड़छाड़ का आरोप लगाया। हालाँकि, सच यह है कि EVM मशीन में 8 वोल्ट की बैट्री लगी होती है। यह बैट्री पूरे एक चुनाव तक चल जाती है, कई बार उसके बाद यह बची रहती है।

इंडियन एक्सप्रेस को चुनाव आयोग से जुड़े लोगों ने बताया है कि इस 8 वोल्ट की बैट्री में जब 7.4 वोल्ट की क्षमता रहेगी तब यह 99% चार्ज ही दिखाएगी। इसके बाद यह अपने आप नीचे जाना शुरू कर देगी। ऐसे में कॉन्ग्रेस का EVM में गड़बड़ी का दावा फिर से धराशायी हो जाता है।

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब कॉन्ग्रेस ने अपनी सुविधा के हिसाब से चुनाव प्रक्रिया और EVM को कठघरे खड़ा किया हो। इससे पहले लोकसभा चुनाव में जब भाजपा बहुमत के आँकड़े से नीचे रह गई और कॉन्ग्रेस समेत बाकी पार्टियों की सीटों में इजाफा हुआ तब उन्होंने EVM पर प्रश्न नहीं उठाए। तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में जीतने पर भी EVM सही रही।

जब कॉन्ग्रेस मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात जैसे राज्य हारी तो उसने चुनाव प्रक्रिया और EVM पर सवाल उठाने चालू कर दिए। EVM पर सवाल उठाना कॉन्ग्रेस की खीझ को दर्शाता है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट तक EVM को क्लीनचिट दे चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान यह भी कहा था कि वह मात्र इसलिए EVM पर रोक नहीं लगाएँगे क्योंकि किसी को इस पर संदेह है।

कॉन्ग्रेस और उसके नेताओं को यह समझने की जरूरत है कि जब चुनाव होता है तो उसका परिणाम दो ही तरीके का हो सकता है। या तो आपकी पार्टी जीतती है या फिर हार जाती है। जीतने पर आपकी जिम्मेदारी है कि आप सरकार का गठन करें और जनता से किए गए वादे निभाएँ।

हारने पर आपको अपनी समीक्षा करनी होती है और साथ ही सरकार को सकारात्मक तरीके से सहयोग दें और जनता के मुद्दों को उठाएँ। कॉन्ग्रेस के मामले में इसका ठीक उल्टा है। वह जीत के बाद अति उत्साहित हो जाते हैं जबकि हार के बाद अपनी समीक्षा के बजाय आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करने लगते हैं।

कॉन्ग्रेस 2014 के बाद यह नहीं समझ पा रही कि यदि वह EVM या चुनावी प्रक्रिया पर प्रश्न उठाएगी तो जनता उसको समर्थन नहीं करने वाली। जनता को भी पता है कि भारतीय चुनावी प्रक्रिया बहुत मजबूत है और यहाँ गड़बड़ियों की आशंका नहीं है। कॉन्ग्रेस यह बात जितनी जल्द समझ कर अपने संगठन और विचारधारा को ठीक करके काम करेगी, उतना अच्छा होगा।

कॉन्ग्रेस MLA विनय कुलकर्णी पर रेप का केस, पीड़िता बोली- नंगा होकर करते थे वीडियो कॉल, गुंडों को भेजकर धमकाते थे: कर्नाटक का मामला

कर्नाटक के पूर्व मंत्री एवं कॉन्ग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी पर 34 साल की एक महिला ने रेप, अपहरण और जान से मारने का आरोप लगाया है। इस मामले में धारवाड़ से विधायक कुलकर्णी के खिलाफ संजय नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में कुलकर्णी के सहयोगी अर्जुन को सह आरोपित बनाया गया है।

जिस महिला ने रेप का आरोप लगाया है, वह खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताती है। महिला ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि वह साल 2022 की शुरुआत में बेंगलुरु में कुलकर्णी से उनके घर पर मिली थी। कुलकर्णी ने आपसी पहचान के जरिए उसका संपर्क माँगा था। इसके बाद कुलकर्णी उसे देर रात को कॉल करने लगे थे।

महिला का आरोप है कि रात में कॉल करने के बाद विनय कुलकर्णी थोड़ी देर नॉर्मल बातें करते और उसके बाद सेक्सुअल बातें करने लगते थे। इतना नही नहीं, कॉन्ग्रेस विधायक नंगा होकर महिला को वीडियो कॉल करता था और उससे मिलने के उस पर दबाव डालता था। जब महिला ने महिला ने मिलने से मना कर दिया तो कुलकर्णी ने अपने गुंडों को धमकाने के लिए भेजा।

महिला का आरोप है कि वह डरकर महिला विधायक से बात करने के लिए तैयार हो गई। इस साल मार्च या अप्रैल में विधायक ने उसे फोन किया और बेलगावी के सर्किट हाउस में मिलने के लिए बुलाया। महिला कोई जरूरी काम जानकर विधायक से मिलने गई। वहाँ रूम में विधायक ने महिला को गलत तरीके से छुआ। कमरे में कोई आ गया तो कुलकर्णी ने उसे छोड़ दिया।

इसी तरह 24 अगस्त 2022 को कुलकर्णी ने महिला को बेंगलुरु स्थिति अपने आवास पर बुलाया। उस समय महिला तत्कालीन मुख्यमंत्री से मिलने के लिए बेंगलुरु में ही थी। इस दौरान विनय कुलकर्णी उसे कार से पिक करने आए और अपने साथ कैंपागौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के नजदीक एक सुनसान जगह पर ले गए और वहाँ रेप किया।

इस दौरान कुलकर्णी ने उसका ख्याल रखने की बात कही और किसी के सामने अपना मुँह नहीं खोलने की धमकी दी। सितंबर 2022 में कुलकर्णी ने महिला द्वारा उनके बीच बातचीत का ऑडियो क्लिप लीक करने का आरोप लगाकर गाली-गलौच की। जब महिला ने कुलकर्णी के सहयोगी अर्जुन से संपर्क किया तो उसने कहा कि वह उसके साथ बेंगलुरु चले। वह सब कुछ ठीक कर देगा।

इसके बाद अर्जुन के कहे के अनुसार महिला विनय कुलकर्णी से बेंगलुरु में मिली। वहाँ विधायक ने उसके साथ मारपीट की। महिला का कहना है कि इसके बाद विधायक ने उसका ख्याल रखने की बात की और विधायक उसे लेकर धर्मस्थल लेकर गए और वहाँ फिर से उसके साथ रेप की। इधर, विधायक ने महिला और पावर टीवी के एमडी राकेश शेट्टी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

PR कंपनी ने दिया आदेश, ‘द हिंदू’ ने केरल CM के इंटरव्यू में खुद से घुसेड़ दी लाइन: वामपंथी अखबार ने कबूली कारस्तानी, नीरा राडिया टेप से पहली बार बेपर्दा हुआ था ‘नेक्सस’

कॉन्ग्रेस-लेफ्ट इकोसिस्टम का प्रोपेगेंडा बढ़ाने वाले हिन्दू विरोधी अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र द हिन्दू ने एक हालिया इंटरव्यू को लेकर माफ़ी माँगी है। द हिन्दू ने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का हाल ही में इंटरव्यू किया था, इसी को लेकर एक माफीनामा जारी किया गया है। द हिन्दू को इस इंटरव्यू का ऑफर एक पीआर एजेंसी काईजेन ने दिया था। इस इंटरव्यू के बाद केरल के भीतर बवाल चालू हो गया और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ बड़े प्रदर्शन हुए।

द हिन्दू ने इस इंटरव्यू के लिए जारी किए एक माफीनामे में लिखा, “30 सितंबर के अंक में प्रकाशित केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के इंटरव्यू में पीआर एजेंसी के कहने पर कुछ लाइनों को जोड़ा गया था। इस इंटरव्यू की व्यवस्था पीआर एजेंसी ने ही की थी। ऐसा नहीं होना चाहिए था, और हम रिपोर्टर की ओर से निर्णय की इस गंभीर त्रुटि और इस मामले में संपादकीय गड़बड़ी लिए बिना शर्त माफी मांगते हैं।”

द हिन्दू ने बताया कि यह इंटरव्यू 29 सितंबर को सुबह 9 बजे नई दिल्ली के केरल हाउस में पीआर एजेंसी के दो लोगों की मौजूदगी में हुआ था। माफीनामे में लिखा गया, “इंटरव्यू लगभग 30 मिनट तक चला। इसके बाद, पीआर के लोगों में से एक ने मलप्पुरम में सोने की तस्करी और हवाला लेनदेन और उसके आतंक में उपयोग किए जाने की जानकारी को इंटरव्यू में शामिल करने को कहा था।” अखबार ने कहा कि पिनराई विजयन ने यह बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहले कही थी।

क्यों द हिन्दू ने माँगी माफी

रिपोर्ट के अनुसार, विजयन ने द हिंदू को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि CPM पर RSS के साथ मिलने के आरोप इसलिए लगाए जा रहे हैं क्योंकि उनकी सरकार में पुलिस ने पिछले पांच वर्षों में सोने की तस्करी और हवाला धन के संबंध में पुलिस ने कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि पिछले 5 वर्षों के दौरान, पुलिस ने मलप्पुरम में करोड़ों का हवाला का पैसा जब्त किया।

इस घटनाक्रम के पहले नीलांबुर के विधायक पी वी अनवर द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सोने की तस्करी और अवैध रूप से धन संचय करने सहित आरोप लगाए थे। उन्होंने विजयन के साथ भारी मतभेद के बाद वामपंथी गठबंधन छोड़ दिया था।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और मुख्यमंत्री के कर्मचारियों के RSS नेताओं से मिलने के दावों पर CM विजयन ने कहा, “वामपंथी, खासकर CPM ने RSS और बाकी हिंदुत्ववादी ताकतों का कड़ा विरोध किया है। हमारे कई साथियों ने उनके खिलाफ बोलने के कारण अपनी जान गँवाई है। कोई भी इस झूठ पर विश्वास नहीं कर सकता। हमें ऐसे आरोपों के पीछे के कारणों को समझना चाहिए। केरल की आबादी का एक बड़ा हिस्सा अल्पसंख्यक समुदायों का है।”

विजयन ने यह भी बताया कि ये लोग पहले कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के साथ थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा, “अल्पसंख्यक अब LDF का समर्थन करते हैं। यह UDF द्वारा जानबूझकर भ्रम पैदा करने की कोशिश का हिस्सा है, क्योंकि उन्हें पता है कि इससे चुनावों में हम पर असर पड़ेगा। हम पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं कि RSSके प्रति हमारा रुख नरम है।”

मुख्यमंत्री विजयन ने इसके बाद कहा, “केरल सरकार मुस्लिम कट्टरपंथियों के विरुद्ध काम कर रही है, ये ताकतें यह बताने की कोशिश कर रही हैं कि हम मुसलमानों के खिलाफ काम कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, पिछले 5 सालों में मलप्पुरम में पुलिस ने ₹123 करोड़ का 150 किलोग्राम सोना और हवाला का पैसा जब्त किया गया। यह पैसा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए केरल पहुँचता है। जहां तक ​​अनवर का सवाल है, हमने उनके दावों की जांच के लिए पहले ही एक SIT गठित कर दी है।”

इंटरव्यू पर विवाद, प्रदर्शन भी

विजयन के इस बयान के बाद उनकी कड़ी आलोचना हुई। उन्हें इसके लिए सफाई भी जारी करनी पड़ी। कई संगठनों ने कहा कि उन्होंने मलप्पुरम जिले का अपमान किया है। वामपंथी गुटों ने भी इसको लेकर प्रदर्शन किया। मुस्लिम लीग, केरल मुस्लिम जमात, केरल सुन्नी छात्र संघ (SKSF) और सुन्नी युवजन संघम (SYS) समेत अन्य समूहों ने भी मुख्यमंत्री की आलोचना की।

इसके बाद मंगलवार (8 अक्टूबर, 2024) विपक्षी UDF दलों की ने सड़कों पर उतरकर मुख्यमंत्री विजयन से मलप्पुरम और कुछ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के कथित आरएसएस से जुड़े होने के बारे में दिए गए बयानों को लेकर इस्तीफा देने की माँग की। 3 अक्टूबर को, विजयन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कह दिया कि ना उन्होंने या ना ही उनके कार्यालय ने राष्ट्रीय मीडिया के साथ संपर्क करने के लिए एक पीआर एजेंसी को काम पर रखा था।

पिनराई विजयन ने कहा कि पीआर एजेंसी के व्यक्ति को वह नहीं जानते। विजयन ने कहा कि जब रिपोर्ट प्रकाशित हुई, तो उसमें ऐसे बयान शामिल थे जो मैंने कभी नहीं दिए। विजयन ने दावा किया कि वह बयान कहाँ से आए, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

राडिया टेप ने खोला था पत्रकार-पीआर नेक्सस

पिनराई विजयन के इंटरव्यू पर विवाद और उसमें पीआर एजेंसी के शामिल होने को लेकर हुआ हंगामा कोई नई बात नहीं है। इससे पहले राडिया टेप मामले में भारत ने पीआर एजेंट और पत्रकार तथा नेता आपस में कैसे नेक्सस बनाते हैं, इसका पर्दाफाश हुआ है।

2010 में सामने आए राडिया टेप विवाद में जब एक कॉर्पोरेट लॉबिस्ट, नीरा राडिया की राजनेताओं, पत्रकारों, उद्योगपतियों और नौकरशाहों समेत कई हाई-प्रोफ़ाइल लोगों के साथ बातचीत को इनकम टैक्स विभाग ने रिकॉर्ड किया था। यह बातचीत टैक्स चोरी की जाँच के लिए रिकॉर्ड हुई थी।

इन टेपों से पता चला था कि नीरा राडिया टाटा समूह और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी बड़ी कम्पनियों के लिए भारत सरकार में मंत्री पदों के वितरण को प्रभावित कर रहीं थी। नीरा राडिया ने कोशिश 2009 में यूपीए-2 सरकार के गठन के दौरान की थी। राडिया की कुछ पत्रकारों ने सहायता की थी।

राडिया टेप में अब प्रोपेगेंडा पोर्टल एमके वेणु, बरखा दत्त समेत कई पत्रकारों का नाम आया था। इस टेप के सामने आने के बाद काफी बवाल हुआ था। इस टेप ने तब की कॉन्ग्रेस सरकार और देश के कॉर्पोरेट के बीच के रिश्ते को भी जगजाहिर कर दिया था।

इसलिए, यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि विजयन ने अपने लिए एक पीआर एजेंसी को काम पर रखा हो। हालाँकि, इस विवाद के बाद पिनराई विजयन बैकफुट पर हैं। इस मामले में अब केरल के गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान ने भी रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेजने की तैयारी की है। उन्होंने पूछा था कि आखिर किसके खिलाफ मलप्पुरम में कार्रवाई हुई थी और क्या कार्रवाई हुई।

यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में रुकमा राठौड़ द्वारा लिखा गया है। इसे आप यहाँ क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

कॉन्ग्रेस के हारते ही शुरू हो गई दिल्ली को ब्लॉक करने की साजिश, बरेली के जहरीले मौलाना ने खोला ‘टूलकिट’: तौकीर रजा ने कहा- देशभर से मुस्लिम पहुँचे रामलीला मैदान

इस्लामी संगठन इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के प्रमुख और बरेली के रहने वाले मौलाना तौकीर रजा ने एक बार फिर धमकी दी है। उसने कहा है कि मुस्लिमों के पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ यति नरसिंहानंद द्वारा दिए गए कथित अपमानजनक बयान के विरोध में दिल्ली मार्च किया जाएगा और देश को जाम किया जाएगा। इसके पहले वो इस्लामी धर्मांतरण कराने और देश विरोधी भड़काऊ बयान दे चुका है।

हरियाणा चुनाव में कॉन्ग्रेस के हारते ही काउंसिल के 24वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में तौकीर रजा ने अपना एजेंडा खोल दिया। उसने कहा कि यति नरसिंहानंद जैसे लोग पैगंबर-ए-इस्लाम मोहम्मद साहब की शान में गुस्ताखी कर रहे हैं। ऐसा करने वालों के विरुद्ध कोई धरना या फिर ज्ञापन नहीं होगा। अब दशहरा होने के बाद दिल्ली जाकर रामलीला मैदान में घेराव करके प्रदर्शन किया जाएगा।

मौलाना तौकीर रजा ने कहा कि दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन बरेली के आसपास के ही नहीं, बल्कि पूरे देश के कोने-कोने से लोग आएँगे। मौलाना तौकीर ने कहा, “इस समय देश के लोगों में गुस्सा भरा हुआ है। नबी की शान में गुस्ताखी करने वाले आजाद घूम रहे हैं। हमारे नौजवानों के साथ मॉब लिंचिंग हो रही है। दाढ़ी वाले को ट्रेन के अंदर पीटने की घटना हो रही है।”

अपनी उत्तेजक एवं कट्टरपंथी बयानों के लिए कुख्यात मौलाना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया। उसने कहा कि देश के वजीरे आजम समुदाय विशेष (मुस्लिम) के साथ पक्षपात कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश का माहौल खराब करना चाहते हैं। ये सब पब्लिसिटी के लिए कर रहे हैं। यही वजह है कि महापुरुषों की शान में गुस्ताखी करते हैं।

इतना ही नहीं, बरेली दंगे के मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर ने इस्लाम छोड़कर दूसरे धर्म में शादी करने वाली मुस्लिम लड़कियों को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा, “मजहब छोड़कर दूसरे धर्म के लोगों के साथ शादी करने वाली लड़कियों की इस्लाम में कोई जरूरत नहीं है। ऐसे कमजोर लोगों की इस्लाम में कोई जगह नहीं है। अच्छा रहा कि वे खुद ही इस्लाम को छोड़कर चली गईं।”

इससे पहले इस मौलाना ने कहा था, “हम 20 करोड़ हैं या 30 करोड़…मैं नहीं जानता, लेकिन हम में से सिर्फ 1 प्रतिशत ही घरों से बाहर निकल आएँ और दिल्ली कूच कर दें और ऐलान करें कि जब तक नरेंद्र मोदी इस्तीफा नहीं देते, तब तक धरना खत्म नहीं करेंगे। हमारे सब्र का इम्तिहान लिया जा रहा है। अगर जो पैमाना छलक गया तो नतीजे बहुत खराब हो सकते हैं।”

बता दें कि कुछ दिन पहले तौकीर रजा ने कुछ हिंदू लड़कियों का सार्वजनिक तौर पर इस्लाम में धर्मांतरण कराने का ऐलान किया था। इसके साथ ही उनका निकाह मुस्लिम युवकों से कराने की बात भी कही थी। इसको लेकर बड़े पैमाने पर बवाल हुआ था। तौकीर रजा ने कहा था कि दूसरे धर्म के 15 लड़के और 8 लड़कियाँ इस्लाम कबूलना चाहते हैं। ये सभी बालिग़ हैं और इन्होंने पहले से ही शादी कर रखी है।

मौलाना ने कहा था कि उन्होंने जिला प्रशासन से सामूहिक निकाह की अनुमति माँगी है। तौकीर ने कहा था इन सबने धर्मांतरण पहले ही कर लिया है। कार्यक्रम में सिर्फ इसकी औपचारिक प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। इसके बाद सार्वजनिक रूप से सामूहिक निकाह कराया जाएगा। मौलाना ने कहा कि जिन 5 जोड़ों का पहले निकाह कराया जाएगा उनमें 1 मध्य प्रदेश से है, बाकी बरेली के आसपास के जिलों के हैं।

उन्होंने कहा कि पढ़ाई और नौकरी के दौरान ये लड़के-लड़कियाँ प्रेम में पड़े। हालाँकि, हिंदुओं के विरोध के बाद प्रशासन ने इसकी इजाजत नहीं दी थी। इतना ही नहीं, प्रशासन ने भी कहा था कि माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने साफ कह दिया था कि बिना अनुमति के इस प्रकार के किसी कार्यक्रम का आयोजन नहीं करने दिया जाएगा। 

मसूरी में सैलानियों को चाय में थूक कर पिला रहे थे नौशाद और हसन अली, युवक ने टोका तो दी मारने की धमकी: वीडियो बनाने के बाद दर्ज कराई शिकायत

देश के अलग-अलग हिस्सों से खाने थूक और मूत कर ग्राहकों को देने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। ऐसी ही एक घटना उत्तराखंड से फिर आई है। पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में से एक मसूरी से सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि एक दुकानदार चाय में थूक कर लोगों को पिला रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद मसूरी पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

इस मामले में एक व्यक्ति ने मसूरी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने बताया कि देहरादून के रहने वाले हिमांशु बिश्नोई ने मसूरी कोतवाली में दी गई शिकायत में बताया है कि वह मसूरी लाइब्रेरी चौक (गाँधी चौक) पर सुबह गए थे। वहाँ के व्यू प्वॉइंट पर बहुत सारे पर्यटक खड़े थे। उसी चौक पर एक रेहड़ी पर दो लड़के लोगों को चाय, मैगी, बंद मक्खन आदि बेच रहे थे।

हिमांशु ने आगे बताया कि उन्होंने भी दुकानदार से चाय माँगी। इस दौरान वे सुहाने मौसम और आसपास का वीडियो बनाने लगे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि चाय बनाने वाला लड़का बर्तन में थूक रहा था। बर्तन में उसका थूकते हुए वीडियो रिकॉर्ड हो गया। इसके बाद हिमांशु ने दोनों लड़कों को टोका तो वे उनके साथ गाली-गलौच और मारने की धमकी देने लगे। इसके बाद उन्होंने जाकर थाने में शिकायत दी।

मसूरी पुलिस ने बताया कि चाय बेचने वाले का नाम नौशाद और हसन अली है। नौशाद उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के खतौली स्थित जमशेर कॉलोनी का निवासी है। वहीं, हसन अली मसूरी के गड्डी खाना किताबघर का रहने वाला है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलते ही दोनों आरोपित फरार हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजेय सिंह ने बताया कि यह घटना 29 सितंबर 2024 को मसूरी के लाइब्रेरी चौक के पास हुई। हिमांशु बिश्नोई ने चाय के स्टॉल चलाने वाले नौशाद अली और हसन अली को चाय के बर्तन में थूकते हुए देखा था और इसका वीडियो भी बना लिया था। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर ली गई है और आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी जा रही है।

अफगानिस्तान में आया तालिबान तो जान बचाने भागकर आया अमेरिका, फिर वहीं राष्ट्रपति चुनाव पर आतंकी हमले की करने लगा तैयारी: कौन है नासिर अहमद, FBI ने पकड़ा

अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों ने नासिर अहमद तौहीदी नाम के एक इस्लामी आतंकी को गिरफ्तार किया है। नासिर अमेरिका में चुनाव वाले दिन आतंकी हमला करना चाहता था। वह तालिबान के सत्ता हथियाने के बाद अफगानिस्तान से भाग कर अमेरिका में शरण के लिए पहुँचा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार (7 अक्टूबर, 2024) को पकड़े गए नासिर अहमद तौहीदी ने अमेरिका के चुनाव वाले दिन हमले की साजिश रची थी। वह इस्लामी आतंकी संगठन ISIS की विचारधारा से प्रभावित था। उसने इसके लिए हथियार जुटाना भी चालू कर दिया था।

तौहीदी के साथ एक और आतंकी इस काम में शामिल था जो नाबालिग है। वह लगातार इन्टरनेट पर ISIS से जुड़ा कंटेंट देखता था और उससे जुड़े संगठनों को पैसा भी देता था। तौहीदी लगातार न कैमरा और वेबकैमरा को ढूंढ रहा था जो वाइट हाउस समेत महत्वपूर्ण जगहों की फुटेज दिखाते हैं।

अमेरिका में चुनाव वाले दिन आतंकी हमले के लिए तौहीदी ने AK-47 राइफल खरीदने का फैसला लिया था। उसने इसके लिए उन राज्यों के बारे में भी खोजबीन चालू की थी, जहाँ बंदूकों को लेकर कानून सख्त नहीं है। वह इन बंदूकों के सप्लायर की तलाश में था।

तौहीदी ने साजिश रची थी कि चुनाव वाले दिन जहाँ भी बड़ी भीड़ इकट्ठा होगी वहीं पर वह हमला कर देगा। तौहीदी ने FBI को पूछताछ में बताया है कि वह और उसका साथी यह हमला करने के बाद गाजी बनना चाहते थे। तौहीदी बच्चों को भी ‘शहीद’ होने के फायदे गिनाता था और उनको आतंक की राह पर धकेल रहा था।

अमेरिका में हमले से पहले तौहीदी ने अपने घर समेत बाकी संपत्तियों को भी बेचने की साजिश बनाई थी ताकि उन्हें विदेश में निवेश किया जा सके। तौहीदी को FBI ने फर्जी बन्दूक विक्रेता बन कर पकड़ा। FBI के एजेंट बन्दूक विक्रेता बन कर तौहीदी और उसके साथ के लड़के से मिले। तौहीदी यह बन्दूक और 500 गोलियाँ खरीद लीं।

तौहीदी पर ISIS को सहायता देने करने का प्रयास करने और षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया गया है, जिसके लिए अधिकतम 20 वर्ष की जेल की सजा हो सकती है। उस पर आतंकी हमला करने के लिए बन्दूक खरीदने का भी आरोप है, जिसके लिए दोषी पाए जाने पर अधिकतम 15 वर्ष की जेल की सजा हो सकती है।

FBI ने बताया है कि तौहीदी सितम्बर, 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद अमेरिका आया था। उसे अमेरिका में शरण के लिए विशेष वीजा दिया गया था। यहाँ वह अपने बीवी बच्चे के साथ आया था और उसे अमेरिका ने शरण दी थी लेकिन वह अमेरिकियों पर ही हमले की आजीश बनाने लगा।

जहाँ होनी थी माता की चौकी, वहाँ मुस्लिमों ने रख दिया कबाड़: पालघर में नवरात्रि मनाना दूभर, पीड़ित हिंदू बोले- सोसायटी में मदरसा बनाने वाले हमें रोक रहे

महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा में हिंदुओं को नवरात्रि मनाने से रोका जा रहा है। सामने आई खबरों के मुताबिक, यह मामला एक सोसायटी का है। सोसायटी में हिंदू के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय के लोग भी रहते हैं। उनका आरोप है कि मुस्लिम समुदाय के लोग सोसायटी में नवरात्रि पूजा करने से रोक रहे हैं, जबकि खुद के लिए अवैध रूप से मदरसा बना रखा है और वहाँ हर समय नमाज होती है।

इस घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय हिंदू सोसायटी के गेट पर पहुँचे और वहाँ पूजा का आयोजन करने की कोशिश की। हालाँकि, घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस भी मौके पर पहुँची और हिंदू समुदाय के लोगों को पूजा करने से रोक दिया। इस बात को लेकर आसपास के इलाके के हिंदुओं में भारी आक्रोश है।

दरअसल, कुछ साल पहले दो हिंदू साधुओं की सरेआम पीट-पीटकर मौत के घाट उतारने के बाद चर्चा में आए पालघर जिले में नालासोपारा शहर स्थित है। नालासोपारा पश्चिम के यशवंत गौरव इलाके में ऑरेंज हाइट्स नाम की एक सोसायटी है। इस सोसायटी में हिंदू और मुस्लिम निवासियों की लगभग बराबर आबादी है। हिंदू समुदाय के लोगों का आरोप है कि मुस्लिम समुदाय के लोग उन्हें हर तरह से परेशान करते रहते हैं।

इस सोसायटी में हिंदू निवासी नवरात्रि के अवसर पर माता की चौकी रखने और गरबा का आयोजन करने की योजना बना रहे थे। इसके बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आयोजन स्थल पर लोहे के पत्तर आदि अनेक कबाड़ डाल कर हिंदुओं को परेशान करना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि सोसायटी में इस तरह का धार्मिक आयोजन नहीं होगा। इसके बाद हिंदू समुदाय के लोग थाने पहुँचे, लेकिन वहाँ से भी इन्हें राहत नहीं मिली।

इस घटना के विरोध में बाहर से आए हिंदू संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि सोसायटी के लोगों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से तीन तक निवेदन किया कि उन्हें नवरात्रि मनाने दिया जाए, लेकिन वे नहीं माने। भीड़ में शामिल एक व्यक्ति ने कहा, “ये सोचने की बात है कि आज हमें अपने ही देश में अपने देवी-देवता की पूजा करने और त्योहार मनाने के लिए लोगों से पूछना पड़ रहा है।”

एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “ये लोग (मुस्लिम) हमें यहाँ नवरात्रि मनाने से रोक रहे हैं, लेकिन इन्होंने यहाँ मदरसा बना रखा है। ये मदरसा किससे पूछकर बनवाया है। सोसायटी में रहने की अनुमति है, मदरसा बनाने की नहीं।” उस शख्स ने सवाल किया कि हिंदुओं को पूजा करने और उनका त्योहार मानने से रोकने की इजाजत मुस्लिम समुदाय के लोगों को किसने दी? हिंदुओं ने कहा कि वे यहाँ पूजा करने आए हैं, वे पूजा करके जाएँगे।

सोसायटी में हिंदुओं के परेशान करने वाले कई वीडियो सामने आए

ऑरेंज हाइट्स में हिंदू समुदाय के लोगों को किस तरह परेशान किया जा रहा है, इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर आए हैं। इनमें सोसायटी के हिंदुओं के द्वारा बताया जा रहा है कि उन्हें परेशान करने के लिए कॉमन एरिया पर कब्जा कर लिया गया है। उनके रास्ते को ब्लॉक करने की कोशिश की जा रही है। उनके ड्रेनेज सिस्टम को ढप करने की कोशिश की जा रही है।

ऐसे ही एक वीडियो को काजल हिंदुस्तानी नाम की महिला ने सोशल मीडिया साइट X पर साझा किया है। इस वीडियो में एक महिला कह रही है, “ऐसे हमे रोका जा रहा है। जब मन करे पतरा लगा दिया जाता है। जब मन करे रास्ता रोक दे। जब मन करे गाड़ी रोक दे। जब मन करे गेट बंद कर दे। जब मन हमारा झंडा फेंक दे। जब मन करे, हमारा मुँह बंद कर दे।”

वीडियो में दिख रहा है कि रास्ते में लोहे जैसा दिखने वाला पतरा गिराया और रास्ता बंद किया हुआ है। वहाँ से चार पहिया गाड़ी निकालना बेहद मुश्किल है। वहीं सामने की तरह कुछ मुस्लिम महिलाएँ दिख रही है। वे चुपचाप हिंदू महिलाओं को वीडियो बनाते हुए देख रही है। हिंदू महिलाओं का कहना है कि यहाँ दो साल से उन्होंने रास्ता बंद कर रखा है। उन्होंने इमरजेंसी सर्वेिसेज को भी बंद कर रखा है।

वीडियो में हिंदू महिला उसी रास्ते के बगल का विजुअल दिखाती है, जिसमें कई बड़े-बड़े ताजिया रखे हुए हैं। उसके पीछे मुस्लिमों का धार्मिक झंडा लगाया हुआ है। महिला कह रही है, “इनका झंडा सालों और यह सामान यहाँ सालों भर रखा रहता है और हमारा झंडा लात मारकर हटाया जाता है।” वीडियो में दिख रहा है कि हिंदू महिला द्वारा वीडियो बनाने के दौरान एक मुस्लिम युवा अपने झंडे को हटा रहा है, ताकि वीडियो में ना दिखे।

वहीं, एक अन्य वीडियो में वही महिला मुस्लिमों द्वारा सोसायटी में ही बनवाए गए मदरसे को दिखा रही है। महिला कह रही है, “इन्होंने (मुस्लिमों ने) गाड़ी पार्किंग में घेर कर मदरसा बना दिया। ऊपर शेड लगा दिया। यहाँ पिछले दो सालों से मदरसा चल रहा है। यहाँ स्पीकर लगाकर पाँच नमाज पढ़ते हैं, फिर भी हमने कुछ नहीं बोला। लेकिन, सिर्फ नौ दिनों के लिए माता रानी की चौकी लगा रहे हैं तो ये लोग मना कर रहे हैं।”

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सोसायटी का विजुअल दिखाते हुए महिला आगे कह रही है, “यहाँ से अगर हमारी इमरजेंसी सर्विसेज की जरूरत होगी तो कैसे आएगी? ये लोग कह रहे हैं कि यहाँ भी दिवार लगाएँगे और E विंग को आने-जाने का रास्ता नहीं देंगे। पानी का रास्ता नहीं देंगे और गटर में पानी जाने का जो रास्ता है, उसे भी इन लोगों ने ब्लॉक करने की कोशिश की। वहाँ पर ईंट-पत्थर आदि लगा रहे हैं।”

महिला आगे कह रही है, “ये कचरा रखने वाले जगह को भी ब्लॉक करने के लिए कह रहे हैं और कह रहे हैं यहाँ हमारा नहीं है। हम 15-20 बार पुलिस स्टेशन जा चुके हैं और हमारा कोई सॉल्यूशन निकलता नहीं है।” वीडियो में महिला दिखाती है कि सामने ‘फैजान-ए-कुरान जाए नमाज मदरसा’ बना हुआ है। महिला कहती है कि यह भी पूरी तरह अवैध रूप से बनाया गया है।

लोगों का कहना है कि यहाँ हर साल नवरात्रि में हिंदू समुदाय माता की चौकी रखते हैं और पूजा करने के बाद प्रतिमा का विसर्जन कर देते हैं। हालाँकि, इस बार मुस्लिम समुदाय के लोगों के द्वारा उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्हें सोसायटी में नवरात्रि मनाने से रोकने की कोशिश की जा रही है।

बच्चों ने सेक्स करते देख लिया… एक की छाती पर बैठ सोनिया बानो ने घोंट दिया गला, दूसरे का एहसान ने फाड़ दिया सर: पानी टंकी से मिली थी लाश

राजस्थान के जैसलमेर में 5 अक्टूबर 2024 को दो बच्चों का शव पानी टंकी से बरामद किया गया था। पुलिस ने इस हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए एहसान अली और सोनिया बानो को गिरफ्तार किया है। दोनों मृतक बच्चों के रिश्ते में चाचा और मौसी लगते हैं।

मृत बच्चों की पहचान 7 साल के मोहम्मद हसनेन और 8 साल के मोहम्मद आदिल के तौर पर हुई है। रिपोर्टों के अनुसार इन्होंने एहसान और सोनिया को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसके बाद बदनामी के डर से दोनों ने मिलकर बच्चों की हत्या कर दी। मृत बच्चे रिश्ते में चचेरे भाई थे।

रिपोर्ट में बताया गया है कि हसनेन की छाती पर सोनिया बैठ गई और गला दबाकर मार डाला। एहसान ने इसी तरीके से आदिल को मारने की कोशिश की। लेकिन उसकी मौत नहीं हुई तो घर में रखे लोहे के एक रॉड से उसके सिर पर वार कर दिया। सिर फटने से उसकी भी मौत हो गई।

हत्या के बाद बच्चों का शव इन्होंने बोरे में भरा और उसके पास के एक खाली मकान के पानी टैंक में डाल दिया। इसके बाद एहसान और सोनिया ने मिलकर मौके पर खून साफ किए व अन्य सबूत मिटाने का प्रयास किया।

जिस दिन दोनों बच्चों की हत्या हुई वे खेलते हुए एहसान के घर चले गए थे। उन्होंने इसी दौरान उसे सोनिया के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया। एहसान और सोनिया का घर आसपास में ही है और कई साल से दोनों के बीच अफेयर चल रहा है।

5 अक्टूबर की शाम को जब दोनों बच्चे घर नहीं लौटे तो उनकी तलाश शुरू हुई। इसमें एहसान भी शामिल था। वह पुलिस के एक्शन पर भी नजर बनाए हुआ था। कई घंटे बाद पुलिस ने पानी टंकी से दोनों शव बरामद किए। शव की स्थिति से अनहोनी की आशंका गहराई। बच्चों के परिजन भी हत्या का शक जाहिर करते हुए उस अस्पताल में धरने पर बैठ गए थे, जहाँ पोस्टमार्टम हुआ था।

इसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जाँच शुरू की तो उसे एहसान पर शक हुआ। उसके घर की तलाशी लेने पर खून के कुछ छींटे मिले। इसके बाद हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की गई। पुलिस के सामने वह टूट गया और बच्चों की हत्या कबूल कर ली।