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सैयद सुहैल ने पत्थर मारकर हिंदू महिला की हत्या की, फिर शव से किया बलात्कार: 125 CCTV खँगालने के बाद पुलिस ने पकड़ा, मानसिक तौर पर बीमार थी मृतका

कर्नाटक के कोलार में मानसिक रूप से बीमार 50 वर्षीया एक हिन्दू महिला की हत्या कर शव से रेप का मामला सामने आया है। बलात्कार और कत्ल का आरोप एक सैयद सुहैल नाम के एक ऑटो चालक पर लगा है। घटना के बाद सुहैल महिला की लाश को सड़क के किनारे फेंक कर भाग गया था। यह घटना 25 सितंबर 2024 की है। सोमवार (7 अक्टूबर 2024) को पुलिस ने सुहैल को गिरफ्तार कर लिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोलार के मुलबागिलु नगर थाना क्षेत्र में पुलिस 25 सितंबर 2024 को सर्च अभियान चला रही थी। इसी दौरान महिला की लाश मिली। शव के सिर पर चोट के निशान थे। पुलिस ने शव को कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बहुत प्रयास के बाद पीड़िता की पहचान 50 वर्षीया हिन्दू महिला के तौर पर हुई। वह लगभग 20 साल से मानसिक रूप से बीमार थी।

कोलार पुलिस ने बताया कि महिला के पति ने 25 सितंबर 2024 को मुलबागिलु नगर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। पति ने बताया था कि वह मानसिक रूप से बीमार है और लम्बे समय से उसका इलाज चल रहा है। शिकायत में कहा गया था कि 24 सितंबर की शाम लगभग 7 बजे महिला खाना खाकर घर से बाहर निकली थी, लेकिन लौटकर घर नहीं आई।

पति ने कहा कि कई जगह खोजबीन करने के बावजूद महिला का कहीं पता नहीं चला तो पुलिस में शिकायत दी गई। अगले दिन मृतका की लाश मिली तो पुलिस ने शिकायतकर्ता पति को पहचान के लिए बुलाया, जिसकी पहचान उसने अपनी पत्नी के रूप में की। कोलार पुलिस ने अज्ञात कातिल को पकड़ने के लिए स्पेशल टीम तैयार की। टीम ने शहर के लगभग 125 से ज्यादा CCTV कैमरे खँगाले।

इसी दौरान एक फुटेज में पुलिस को 24-25 सितंबर की रात लगभग 1:15 बजे मृतका एपीएमसी मार्केट के पास बैठी दिखी। उसके बगल में एक ऑटो दिखा। पुलिस ने ऑटो और उसके चालक की तलाश की तो सैयद सुहैल की पहचान हो गई। वह मुलबागिलु टाउन के हैदरी नगर इलाके का रहने वाला है। घटना के बाद से वह फरार चल रहा था। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी।

आखिरकार 7 अक्टूबर (सोमवार) की सुबह 8 बजे पुलिस ने सैयद सुहैल को मुरागामल्ला के चिंतामणि इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। सैयद सुहैल ने पुलिस को बताया कि 25 सितंबर की रात लगभग 1 बजे उसने एक महिला को अकेले बैठा देखा। महिला को अकेला पाकर उसकी नीयत खराब हो गई। उसने महिला को साथ चलने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया।

सुहैल ने पुलिस को बताया कि उसने महिला को उसके घर छोड़ने का झाँसा दिया। इसके बाद महिला उसके ऑटो में आकर बैठ गई। सुहैल महिला को उसके घर ले जाने के बजाय उसे नेशनल हाइवे के सुनसान इलाके पर ले जाने लगा। इस दौरान किसी अनहोनी की आशंका से महिला ऑटो से नीचे कूद गई। तब सुहैल ने ऑटो रोक कर महिला को पकड़ लिया और उसके सिर पत्थर से एक वार कर दिया।

इससे महिला बेहोश होकर गिर पड़ी। उसके कान और नाक से भारी मात्रा में खून बहने लगा। इसके कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई। सुहैल ने मृत महिला के शव को ऑटो में डाला और हैदरी नगर के अपने इलाके में ले गया। वहाँ एक खेत में ले जाकर सुहैल ने शव के साथ बलात्कार किया। रेप के बाद उसने शव को सुनसान जगह पर फेंक दिया और वहाँ भाग निकला।

माता रानी को मारी लात, मूर्ति पर थूका: कौशांबी में दुर्गा विसर्जन के दौरान मुस्लिम भीड़ ने तलवार लेकर किया हमला, महिला श्रद्धालुओं की रोते हुए वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में माँ दुर्गा के विसर्जन जुलूस पर हमला हुआ। इस हमले में जुलूस में शामिल महिला श्रद्धालुओं को भी निशाना बनाया गया। हमले के दौरान तलवारें लहराई गईं और पत्थरबाजी हुई। घटना में कई श्रद्धालुओं को चोटें आने की खबर है। शनिवार (12 अक्टूबर 2024) को हुए इस हमले का आरोप मुस्लिम समुदाय के लगभग 1 दर्जन लोगों पर लगा है जिसमें ख़ातूनें भी शामिल हैं। माँ दुर्गा की प्रतिमा को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया और एक महिला से दुष्कर्म की भी कोशिश हुई। पुलिस ने केस दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है।

यह घटना कौशांबी जिले के थानाक्षेत्र मंझनपुर की है। यहाँ शनिवार को मंदीप कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में मंदीप ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी वो माँ दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन करने कई श्रद्धालुओं के साथ तय मार्ग से जा रहे थे। जुलूस में महिला श्रद्धालु भी शामिल थीं जो भक्तिभाव से गुलाल आदि उड़ा रहीं थीं। जैसे ही यह जुलूस मंझनपुर के इमाम चौक के पास पहुँचा वहाँ मौजूद मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग इमामबाड़ा चबूतरा पर गुलाल लग जाने का आरोप लगा कर विवाद करने लगे।

आरोप है कि महताब नाम के व्यक्ति के घर के पास पहुँचते ही जुलूस पर पत्थरबाजी होने लगी। यह पथराव छतों से हो रहा था। जुलूस में शामिल कुछ हिन्दुओं को जातिसूचक शब्द (मारो धोबी को) बोलकर कई हमलवार नीचे आए जिनके हाथों में तलवारें दिख रहीं थीं। मंदीप का दावा है कि हमलावरों ने माँ दुर्गा की मूर्ति को पैरों से मार कर क्षतिग्रस्त कर दिया और उस पर थूकने लगे। एक महिला श्रद्धालु को कुछ हमलावर दुष्कर्म की नीयत से खींचकर अपनी तरफ ले जाने लगे जिसे जैसे-तैसे बचाया गया।

शिकायत में मुख्य हमलावरों के तौर पर गुलाम वारिस, सईद अहमद, रहमत अली, हशमत अली, करीम, समीर, समद, जलील, मुनव्वर, सगीर, खलील, शमी मोहम्मद, इदरीश, मोहम्मद आशिक, अल फैज़ आदि के नाम बताए गए हैं। इन हमलवारों में कुछ मुस्लिम महिलाएँ भी शामिल बताई गईं हैं। इन खातूनों में महताब की बीवी सोनी, रहमान की बेगम बानो के साथ समीर, करीम और जलील की भी बीवियाँ शामिल हैं। इन हमले में महिलाओं सहित लगभग आधे दर्जन श्रद्धालु घायल बताए जा रहे हैं।

ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। हिंसा के बाद एक पीड़ित श्रद्धालु का वीडियो भी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक लड़की को हमले का भुक्तभोगी बता कर रोते देखा जा सकता है। युवक का आरोप है कि उन्हें न सिर्फ मुस्लिमों के हमले बल्कि उसी के साथ पुलिस के लाठीचार्ज का भी शिकार बनना पड़ा है। कौशांबी पुलिस ने विवाद की बात स्वीकार करते हुए बताया है कि मामले में FIR दर्ज कर के जरूरी कार्रवाई की जा रही है।

रेल पटरी से तोड़फोड़, इसलिए खड़ी मालगाड़ी से टकराई बागमती एक्सप्रेस? NIA को साजिश का शक, उत्तराखंड के रुड़की में ट्रैक पर मिला गैस सिलेंडर

तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में शुक्रवार शाम मैसूर-दरभंगा एक्सप्रेस की मालगाड़ी से टकराने के बाद हुए हादसे की जाँच ने तोड़फोड़ की आशंका को जन्म दिया है। इस घटना में 13 डिब्बे पटरी से उतर गए थे और 19 यात्री घायल हो गए थे। शुरुआती जाँच में यह सामने आया कि रेल ट्रैक से कुछ महत्वपूर्ण हिस्से, जैसे बोल्ट और अन्य उपकरण, गायब थे। एनआईए (राष्ट्रीय जाँच एजेंसी) को शक है कि ट्रैक के साथ हथौड़े से छेड़छाड़ की गई हो सकती है। यह जाँच इसलिए भी अहम है क्योंकि ऐसा ही हादसा 2023 में बालासोर में हुआ था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये हादसा चेन्नई से 46 किलोमीटर दूर कावारापेट्टई स्टेशन के पास हुआ, जब मैसूर-दरभंगा एक्सप्रेस मुख्य लाइन की बजाय गलती से लूप लाइन में चली गई और वहाँ खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रेन के 13 डिब्बे पटरी से उतर गए और मालगाड़ी के पार्सल वैन में आग लग गई। हालांकि, कोई जनहानि नहीं हुई क्योंकि मालगाड़ी खाली थी और पैसेंजर ट्रेन के एलएचबी डिब्बे सुरक्षित साबित हुए।

दक्षिण रेलवे के अनुसार, ट्रेन ने पोननेरी स्टेशन से सही सिग्नल के साथ मुख्य लाइन की ओर बढ़ने की कोशिश की थी, लेकिन अचानक जोर का झटका महसूस हुआ और ट्रेन लूप लाइन में चली गई। इस टक्कर के बाद रेलवे ने उच्च-स्तरीय जाँच के आदेश दिए हैं।

एनआईए ने शुरू की जाँच

इस हादसे के 18 घंटों के भीतर एनआईए ने दो बार घटना स्थल का निरीक्षण किया। एनआईए के पुलिस अधीक्षक श्रीजित टी ने शनिवार (12 अक्टूबर 2024) शाम को दुर्घटनास्थल का दौरा किया और रेलवे अधिकारियों से इंटरलॉक सिस्टम के बारे में जानकारी ली। शुरुआती जाँच में संकेत मिले हैं कि सिग्नलिंग सिस्टम और ट्रैक पर छेड़छाड़ की गई हो सकती है। एनआईए और रेलवे सुरक्षा आयुक्त यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या सिग्नल गियर और कनेक्टिंग रॉड्स के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई थी।

हालाँकि, इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन कॉन्ग्रेस सांसद शशिकांत सेंथिल ने एनआईए की जाँच पर सवाल उठाते हुए इसे “ध्यान भटकाने की कोशिश” कहा है। हादसे के बाद रेल सेवाओं में भारी बाधा आई, जिससे चेन्नई-विजयवाड़ा सेक्शन पर लगभग 40 ट्रेनें डायवर्ट और कई ट्रेनें रद्द की गईं। दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक आर एन सिंह ने कहा कि लोको पायलट पोननेरी स्टेशन तक सही सिग्नल का पालन कर रहा था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वह लूप लाइन में क्यों चला गया। इस घटना में 19 लोग घायल हुए, जिनमें से सात का इलाज चल रहा है।

इस हादसे के बाद करीब 1,200 यात्रियों को ईएमयू ट्रेन से चेन्नई सेंट्रल लाया गया। रेलवे ने अब प्राथमिकता के आधार पर ट्रैक शुरू करने का काम चल रहा है। इसका वीडियो भी सामने आया है।

रुड़की के पास रेलवे ट्रैक पर मिला खाली सिलेंडर

उत्तराखंड में रुड़की के पास एक मालगाड़ी के लोको पायलट ने रेलवे ट्रैक पर सिलेंडर पाए जाने की सूचना दी। यह घटना रुड़की स्टेशन (आरके) से लंढौरा (एलडीआर) और धनधेरा (डीएनआरए) के बीच, किलोमीटर 1553/01 पर हुई। लोको पायलट ने सुबह 06:35 बजे स्टेशन मास्टर को सूचित किया कि ट्रैक पर एक सिलेंडर पड़ा हुआ है, जो धनधेरा स्टेशन से लगभग एक किलोमीटर दूर था। पॉइंट्समैन मौके पर तुरंत पहुँचा और पाया कि सिलेंडर पूरी तरह से खाली था। इसके बाद सिलेंडर को धनधेरा स्टेशन मास्टर की निगरानी में सुरक्षित रखा गया।

स्थानीय पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (जीआरपी) को इस बारे में जानकारी दी गई है। मामला दर्ज करने के लिए स्थानीय पुलिस स्टेशन (सिविल लाइंस, रुड़की) में एफआईआर दर्ज की जा रही है। घटना की जाँच चल रही है।

माँ दुर्गा के विसर्जन का निकल रहा था जुलूस, मुस्लिम बहुल इलाके में पहुँचते ही पत्थरबाजी: दशहरा पर बिगड़ा गोंडा का माहौल, UP पुलिस ने स्थिति सँभाली

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस पर पत्थर फेंके जाने से साम्प्रदायिक तनाव फैल गया। इस दौरान सब्जियों के ठेले पलट दिए गए और नारेबाजी हुई। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल ने पहुँचकर मोर्चा संभाला। थोड़ी देर की नोकझोंक के बाद मूर्तियों को कड़ी सुरक्षा में विसर्जित करवाया गया। पत्थर फेंकने वाले की तलाश की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना गोंडा के थानाक्षेत्र नगर कोतवाली में 12 अक्टूबर 2024 को घटी। यहाँ शनिवार की शाम लगभग 7 बजे माँ दुर्गा का विसर्जन जुलूस खैरा मंदिर तालाब की तरफ जा रहा था। जुलूस में सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। जुलूस के रास्ते में मुस्लिम बहुल कहा जाने वाला मोहल्ला घोसियाना पड़ा। आरोप है कि घोसियाना से निकलने के दौरान जुलूस में शामिल लोगों पर पत्थरबाजी हुई। इस पत्थरबाजी से थोड़ी देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया।

घटनास्थल के पास ही गोंडा की नामी तकिया मस्जिद भी है। यहाँ नाराज श्रद्धालुओं ने नारेबाजी शुरू कर दी और वहीं धरने पर बैठ गए। आसपास सब्ज़ियों के ठेले पलट दिए गए जिससे तनाव की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। क्षेत्र में सीनियर अधिकारियों के साथ अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया जिससे कुछ देर की गहमा-गहमी के बाद हालात सामान्य हुए। बाद में कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच मूर्तियों का विसर्जन करवाया गया।

मिली जानकारी के मुताबिक विसर्जन मार्ग में बने 2 व 3 मंजिला घरों से पत्थर फेंके गए थे। गोंडा के पुलिस अधीक्षक IPS विनीत जयसवाल ने बताया कि पत्थरबाजी करने वालों की तलाश की जा रही है। मामले में जाँच व अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक जुलूस पूरी तरह से सकुशल सम्पन्न हुआ है।

भारत ने कनाडा की खोली पोल-पट्टी, PM मोदी संग जस्टिन ट्रूडो की चर्चा का कर रहा था दावा: आतंकी निज्जर की हत्या में माँगे सबूत, पूछा- खालिस्तानियों पर एक्शन क्यों नहीं

भारत ने साफ शब्दों में कहा है कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो बिना किसी सबूत के आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप मोदी सरकार पर नहीं लगा सकते। भारत ने कनाडा से यह भी कहा है कि इस मामले में भारत को बदनाम करने के लिए ट्रुडो अपनी जाँच एजेंसियों को राजनीतिक निर्देश भी नहीं दे सकते। भारत ने खालिस्तानी और देश विरोधी तत्वों के खिलाफ कनाडा को कार्रवाई करने के लिए कहा है।

भारत ने शनिवार (12 अक्टूबर 2024) को किसी तीसरे देश में अपनी स्थिति से जस्टिन ट्रूडो सरकार के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों और राजनयिकों को अवगत करा दिया। भारत ने यह भी कहा कि कनाडाई पीएम और वहाँ की जाँच एजेंसी रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के आरोपों में विसंगतियाँ हैं। RCMP ‘खालिस्तान टाइगर फोर्स’ के आतंकी निज्जर की हत्या के मामले की जाँच कर रही है।

भारत के अधिकारियों ने कनाडाई अधिकारियों से साफ कह दिया कि जाँच एजेंसियों को राजनीतिक निर्देश देना कानूनन अपराध है। दरअसल, वार्ताकारों की यह बैठक 11 अक्टूबर 2024 को ASEAN देशों की सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री ट्रूडो द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जुबानी हमला करने के बाद हुई है। उस समय ट्रूडो लाउंज से भोजन स्थल की ओर जाते हुए पीएम मोदी से बात करते हुए दिखे थे।

इसके बाद ट्रूडो ने अपने सरकारी मीडिया के माध्यम से दावा किया कि उनके और प्रधानमंत्री मोदी के बीच एक संक्षिप्त बातचीत हुई थी, लेकिन पता चला है कि भारतीय नेता ने उन्हें बातचीत के लिए समय और स्थान नहीं बताया। इससे लगता है कि ट्रूडो का यह कदम वहाँ अगले साल होने वाले चुनावों में खालिस्तानी वोट बैंक की राजनीति के तहत की गई है।

हालाँकि, बाद में भारत ने इस तथाकथित संक्षिप्त बातचीत को लेकर एक विस्तृत बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि दोनों नेताओं के बीच कोई ठोस चर्चा नहीं हुई। इस पूरे मामले में सच्चाई ये है कि ट्रूडो ने 16 अक्टूबर को संघीय चुनाव प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक संस्थानों में विदेशी हस्तक्षेप की सार्वजनिक जाँच के समक्ष पेश होने होने से पहले पीएम मोदी का नाम घसीटा।

वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों का कहना है कि भारत के पास इस मामले में छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। वहीं, ट्रूडो सरकार को भारत को बदनाम करने के कारणों बताना चाहिए। इसको देखते हुए शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों और राजनयिकों की बैठक तीसरे देश में तय की गई। माना जाता है कि इस बैठक में कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नैथली जी ड्रोइन और उपविदेश मंत्री डेविड मॉरिसन भी शामिल हुए।

कनाडा की राजनीति के जानकारों का कहना है कि ट्रूडो सरकार लड़खड़ा रही है और वित्त विधेयक पर फरवरी 2025 में वह गिर सकती है। ऐसे में खालिस्तान समर्थक प्रधानमंत्री RCMP और आयोग पर निज्जर मामले में भारत को घेरने का दबाव डालेंगे। हालाँकि, मोदी सरकार ट्रूडो की इस राजनीतिक साजिश को हल्के में नहीं ले रही। इसलिए भारत ने स्पष्ट कर दिया कि बेहतर संबंधों के लिए भारत विरोधी एवं खालिस्तानी गतिविधियों को रोकना ही होगा।

बता दें कि कनाडा की यह मंशा पहले भी जाहिर हो चुकी है। कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली पहले ही तथाकथित आयोग के समक्ष पेश हो चुकी हैं और किसी भी कीमत पर मोदी सरकार को फंसाने का इरादा सार्वजनिक कर चुकी हैं। कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री को भी 15 अक्टूबर को आयोग के समक्ष पेश होना है। दरअसल, ट्रूडो खालिस्तान समर्थक पार्टी से ही सरकार चला रहे हैं।

ट्रूडो को खालिस्तान समर्थक एनडीपी और क्यूबेक पार्टियों के साथ मुद्दों पर आधारित समर्थन प्राप्त है। ऐसे में खालिस्तान के समर्थन में बोलना उनकी मजबूरी है। बता दें कि ट्रूडो ने 18 सितंबर 2023 को कनाडा की संसद में बोलते हुए निज्जर की हत्या के लिए मोदी सरकार पर आरोप लगाया था। हालाँकि, भारत के बार-बार सबूत माँगने के बावजूद कनाडा ने आज तक कोई सबूत नहीं दिया।

अब, इस मामले की जाँच कर रही एजेंसी RCMP पर ट्रूडो सरकार भारत को फँसाने का दबाव डाल रही है। RCMP लगातार कहती आ रही है कि वह अभी भी इस मामले की जाँच कर रही है। निज्जर की हत्या के मामले में जाँच एजेंसी ने चार सिख युवकों को गिरफ्तार किया है। यह पूरा मामला आपसी गैंगवार से लगता है। निज्जर की 18 जून 2023 को हत्या कर दी गई थी।

दिल्ली में चल रही थी रामलीला, सीने में उठा दर्द तो मंच पर बैठ गए ‘कुंभकर्ण’… हो गई मौत: लाइव परफॉर्मेंस के दौरान ही ‘राम’ की भी हार्ट अटैक से हुई थी मौत

दिल्ली के चिराग इलाके में चल रही रामलीला के दौरान एक दुखद घटना घटी, जब कुंभकर्ण का किरदार निभा रहे अभिनेता की मंच पर ही मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब पश्चिम विहार के रहने वाले विक्रम तनेजा, जो मालवीय नगर में रामलीला के मंच पर कुंभकर्ण की भूमिका निभा रहे थे। उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ, और वह मंच पर ही बैठ गए। घटना के तुरंत बाद उन्हें आकाश अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें पीएसआरआई अस्पताल रेफर कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों का अनुमान है कि उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। पुलिस ने तनेजा के परिवार वालों के बयान दर्ज कर लिए हैं और मौत की वजह की जाँच जारी है। यह घटना शारदीय नवरात्रि के दौरान दूसरी बार हुई है, जब रामलीला में भूमिका निभाते समय किसी कलाकार की जान चली गई। विक्रम तनेजा की मौत से रामलीला समिति और उनके परिवार में शोक का माहौल है।

भगवान राम का किरदार निभाते हुए शाहदरा में हुई थी कलाकार की मौत

इससे पहले, नवरात्रि के दौरान दिल्ली के शाहदरा स्थित विश्वकर्मा नगर में जय श्री रामलीला समिति द्वारा आयोजित रामलीला के दौरान भगवान राम की भूमिका निभाते समय एक अन्य दुखद हादसा हुआ था। शाहदरा में भगवान राम का किरदार निभाने वाले सुनील कौशिक (59 वर्ष), जो पेशे से प्रॉपर्टी डीलर थे और रामलीला समिति के संस्थापक सदस्यों में से एक थे, मंच पर दिल का दौरा पड़ने से गिर पड़े।

यह घटना तब हुई जब सुनील रामलीला के सीता स्वयंवर के दृश्य में धनुष तोड़ने का प्रदर्शन कर रहे थे। गाना गाते समय अचानक उन्हें सीने में दर्द हुआ, और वह मंच के पीछे चले गए। वहां उपस्थित उनके परिवार के सदस्यों ने तुरंत उन्हें पास के अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा। हालाँकि, एक घंटे बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुनील के भतीजे राहुल कौशिक के अनुसार, सुनील 1987 से राम की भूमिका निभा रहे थे और उनका यह अंतिम प्रदर्शन था।

जिनकी इफ्तार पार्टी ने कराया शाहरुख-सलमान का ‘मिलन’, पटाखों के शोर के बीच मुंबई में उनकी गोली मारकर हत्या: आ रहा लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम, मिली थी Y सिक्योरिटी

महाराष्ट्र में नेशनल कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अज्ञात बदमाशों ने उनके सीने और पेट पर तीन बार गोली बारी। घटना के बाद वो ज्यादा देर सांस नहीं ले पाए और उन्होंने वहीं पर दम तोड़ दिया। ये घटना बाबा सिद्दीकी के बेटे विधायक जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के पास शनिवार (12 अक्टूबर 2024) रात करीब 9:30 बजे पटाखों के शोर के बीच हुई।

घटना के फौरन बाद बाबा सिद्दीकी को लीलावती अस्पताल लेकर जाया गया लेकिन वहाँ जाने से पहले ही वो दम तोड़ चुके थे। बॉलीवुड के कई दिग्गज कलाकारों को जब इस घटना की सूचना मिली तो वो उनसे मिलने लीलावती अस्पताल पहुँचे। इस लिस्ट में सलमान खान और जीशान इकबाल का नाम भी शामिल है।

सूत्रों के आ रही खबरों में कहा जा रहा है कि इस हत्या के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हाथ था। पुलिस ने अभी तक दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है जबकि एक फरार है। गिरफ्तार हमलावरों में एक यूपी और एक हरियाणा का है। हमलावरों की पहचान करनैल सिंह और धर्मराज कश्यप के तौर पर हुई है। इन्होंने पूछताछ में स्वीकार किया है कि ये लोग लॉरेंस बिश्नोई गैंग से थे। जो विजुलअल्स सामने आए हैं उनसे पता चलता है कि हमलावरों ने बाबा सिद्दीकी पर ताबड़तोड़ गोलियाँ चलाई थीं, जिसके कारण एक गोली कार के फ्रंट शीशे पर भी लगी मिली।

मुंबई के बांद्रा मे हुई इस घटना के बाद जहाँ विपक्षी नेता अपनी राजनीति करने में लगे हैं तो वही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस घटना की जानकारी होने पर फौरन एक्शन लेने की बात कही। उन्होंने बताया कि दो लोग गिरफ्तार हो चुके हैं और एक जल्द होगा। किसी को महाराष्ट्र कानून अपने हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा।

हत्या पर प्रतिक्रिया

बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं। एक तरफ जहाँ लोगों का कहना है कि बाबा सिद्दीकी नामी बॉलीवुड हस्तियों के संपर्क मे थे कहीं इसलिए ही उनके साथ ये घटना न घटी हो। वहीं केआरके जैसे लोग भी हैं जो इस समय में भी ये ट्वीट कर रहे हैं, “जैसी करनी वैसी भरनी। न जाने कितने लोगों की प्रॉपर्टी पर जबरदस्ती कब्जा किया था उसने। कुत्ते की मौत मरा। आज उन सभी मजलूमों को सुकून मिला होगा।”

कौन थे बाबा सिद्दीकी?

बता दें कि 13 सितम्बर 1958 को पटना में जन्मे बाबा सिद्दीकी मुंबई में पले-बढ़े थे। वह महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेताओं में से एक रहे थे। वह इसी साल कॉन्ग्रेस का हाथ छोड़ अजीत पवार वाली एनसीपी में शामिल हुए थे। इससे पहले वह कॉन्ग्रेस में 48 साल से जुड़े थे। उन्होंने कॉन्ग्रेस को 1977 में तभी ज्वाइन किया था जब वो छात्र जीवन में थे। वह 1999, 2004 और 2009 में तीन बार बांद्रा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के कॉन्ग्रेस विधायक रह चुके थे। फिलहाल उनका बेटा जीशान बांद्रा पूर्व से विधायक निर्वाचित है।

बाबा सिद्दीकी को उनके बॉलीवुड कनेक्शन के कारण अधिक जाना जाता है। हर साल ईद से होने वाली इफ्तार पार्टी में तमाम हस्तियों का उनके यहाँ जमावड़ा लगता है। ये पार्टी मीडिया मे खासी चर्चित होती थी। उन्हें सलमान खान और शाहरुख खान के बीच चल रहे विवाद में सुलह करवाने के लिए भी जाना जाता था। इसके अलावा कुछ दिन पहले उन्हें लेकर ये भी खबर आई थी कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिली है जिसकी वजह से उन्हें वाई सिक्योरिटी दी गई थी और सुरक्षाकर्मी हमेशा उनके साथ रहते थे।

कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के भतीजे आदित्य के खिलाफ मध्य प्रदेश में FIR दर्ज: रोड जाम होने पर पुलिसकर्मियों से की बहस, सिगरेट पीते हुए वीडियो वायरल

मध्य प्रदेश पुलिस ने कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह के बेटे आदित्य विक्रम सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की है। आदित्य विक्रम पर सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार का आरोप है। घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें आदित्य विक्रम को एक महिला पुलिसकर्मी से बहस करते देखा जा सकता है। यह घटना शुक्रवार (11 अक्टूबर 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना मध्य प्रदेश के राघोगढ़ की है। कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के भतीजे आदित्य विक्रम नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष हैं। शुक्रवार को वे अपने दल-बल के साथ कहीं जा रहे थे। रास्ते में सड़क पर नुक्कड़ नाटक चल रहा था, जिसमें इंजीनियरिंग के कुछ छात्र अभिनय कर रहे थे। इस वजह से कुछ देर के लिए जाम लग गया था, जिसमें आदित्य विक्रम सिंह की गाड़ी भी रुकी रही।

बताया जा रहा है कि इसी वजह से आदित्य विक्रम सिंह भड़क गए। वो नुक्कड़ नाटक कर रहे छात्रों के पास गए और इसे बंद करने के लिए कहा। इस दौरान वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें ऐसा करने से रोका तो वो उनसे भी सवाल-जवाब करने लगे। वहाँ एक महिला पुलिस अधिकारी भी थी। बहस के दौरान वो सिगरेट फूँकते हुए भी दिखे। इस दौरान भी वहाँ जाम लगा रहा।

आदित्य विक्रम सिंह द्वारा किए जा रहे हंगामे का वीडियो किसी ने बना लिया, जो बाद में वायरल हो गया। इसके बाद उन पर राघोगढ़ थाने में FIR दर्ज हो गई। यह FIR राघौगढ़ के थाना प्रभारी जुबेर खान की तहरीर पर दर्ज हुई। आदित्य विक्रम सिंह पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132, 121(1), 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की जाँच की जा रही है।

महाराष्ट्र के रत्नागिरी में तनाव: दशहरा के मौके पर RSS का निकला ‘पथ संचालन’, इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ की भड़काऊ नारेबाजी पर FIR दर्ज

महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में शुक्रवार (11 अक्टूबर 2024) शाम को धार्मिक तनाव पैदा हो गया, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के जुलूस के दौरान इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने कथित तौर पर मजहबी नारेबाजी की। इस घटना के बाद इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रत्नागिरी के कोंकण नगर क्षेत्र में यह घटना उस समय हुई, जब दशहरे के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ता परंपरागत पथ संचलन निकाल रहे थे। संघ के जुलूस में बैंड बाजे के साथ कार्यकर्ता कतारबद्ध होकर चल रहे थे। इसी बीच इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने मजहबी भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले नारे लगाए, जिससे तनाव बढ़ गया।

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला। हालाँकि, इस घटना के बाद रात को बड़ी संख्या में लोग पुलिस थाने के बाहर जमा हो गए और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। पुलिस ने अब तक दो केस दर्ज किए हैं और पाँच आरोपितों की पहचान कर ली गई है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ नारेबाजी का वीडियो

इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसे महाराष्ट्र के कणकवली से बीजेपी विधायक नितेश राणे ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “इसका हिसाब तो होगा… इंटरेस्ट के साथ।” वीडियो में इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ को नारेबाजी करते हुए देखा जा सकता है, जबकि संघ के कार्यकर्ता शांति से अपना मार्च निकाल रहे थे।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन आरोपितों को जल्द ही हिरासत में लिए जाने की संभावना है। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और मामले की जाँच जारी है।

पुलिस के अनुसार, फिलहाल इलाके में शांति है और हालात पूरी तरह से काबू में हैं। पुलिस वीडियो फुटेज की जाँच कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

‘अगली बार रोका तो छुरा घोंप दूँगा’: संभल के रहीश अहमद ने ड्यूटी कर रहे कॉन्स्टेबल को दी धमकी, Video हुआ वायरल तो UP पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक पुलिसकर्मी को चाकू घोंपकर मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी रहीश अहमद नाम के एक बुजुर्ग ने दी है। अहमद को पुलिसकर्मी ने चेकिंग के दौरान रोका था। इससे वह नाराज हो गया था। उसका वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया है। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज करके रहीश को गिरफ्तार कर लिया है। घटना मंगलवार (8 अक्टूबर 2024) की है।

यह घटना संभल के थानाक्षेत्र चंदौसी की है। इसको लेकर कॉन्स्टेबल देवेंद्र कुमार ने थाने में तहरीर दी है। तहरीर में उन्होंने कहा कि दोपहर लगभग 12:30 बजे एक पेट्रोल पम्प के पास उनकी ड्यूटी लगी थी। वहाँ उन्होंने देखा कि बाइक पर सवार 2 लोग बिना हेलमेट के आ रहे थे। देवेंद्र ने बाइक को रोक कर चेकिंग की तो रहीश के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं मिला। इसके बाद देवेंद्र ने चालान काट दिया।

चालान करने से रईस अहमद भड़क गया। उसने पुलिसकर्मी को जान से मारने की धमकी दी। उस दौरान कुणाल नाम के एक अन्य सिपाही बीच-बचाव करता रहा। इसके बावजूद रहीश धमकियाँ देता रहा। उसने पेट की ओर इशारा करते हुए कहा, “अगली बार रोका तो छुरा घोंप दूँगा।” रईस की इस हरकत का जब पुलिसकर्मी वीडियो बनाने लगे तो वो रिश्वत के झूठे आरोप लगाने लगा।

कुछ ही समय में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो के साथ नेटीजेंस रहीश अहमद पर कार्रवाई की माँग करने लगे। कार्रवाई की माँग करने वालों में भाजपा विधायक शलभमणि त्रिपाठी भी शामिल हैं। इधर पुलिस ने की तहरीर पर रहीश अहमद को नामजद करते हुए उसके साथ बाइक पर बैठे एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया है।

यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 121 (1), 132 और 351 (2) के तहत दर्ज हुआ है। ऑपइंडिया के पास इसकी कॉपी मौजूद है। वहीं, शुक्रवार (11 अक्टूबर 2024) को संभल पुलिस ने बताया किआरोपित रहीश अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया है। रहीश के साथ बाइक पर मौजूद उसके दूसरे साथी की पहचान व तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं।