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कोलकाता के सरकारी अस्पताल में महिला के कपड़े उतारने का प्रयास, 4 साल के बच्चे का करवाने आई थी इलाज: RG कर रेप-मर्डर के बाद भी नहीं बदले हालात

कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज के बाद एक और सरकारी अस्पताल में एक महिला से छेड़छाड़ की घटना हुई। अस्पताल में काम करने वाले ही एक युवक ने महिला से छेड़छाड़ की और उसके कपड़े उतारने का प्रयास भी किया। छेड़छाड़ करने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना कोलकाता के बाल स्वास्थ्य संस्थान (ICH) में रविवार को हुई। यहाँ एक महिला का चार वर्षीय बच्चा भर्ती था। महिला अपने बच्चे के पास ही सो रही थी। इसी दौरान अस्पताल में वार्ड बॉय के तौर पर कम करने वाला तनय पाल आया और महिला से छेड़खानी करने लगा।

तनय पाल ने महिला को गलत ढंग से छुआ और उसके कपड़े उतारने का प्रयास भी किया। तनय पाल इस दौरान महिला के साथ छेड़खानी की वीडियो भी बना रहा था। इसी दौरान महिला जाग गई और उसे छेड़खानी करते हुए पकड़ लिया। महिला ने इसके बाद इस मामले की शिकायत पुलिस से की।

पुलिस ने इस संबंध में तनय पाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। तनय पाल त्रिपुरा का रहने वाला है कोलकाता के इस अस्पताल में वह काफी छोटी उम्र से काम कर रहा है। वह कोलकाता में एक जगह कमरा लेकर रहता है। उसकी उम्र 26 वर्ष है।

पुलिस ने महिला की FIR के बाद तनय पाल को गिरफ्तार कर लिया है। उसके फोन को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब अस्पताल का CCTV फुटेज खंगाल रही है। पुलिस ने तनय पाल से पूछताछ भी की है। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया है कि महिला के बच्चे को डायरिया हुआ था और उसकी सही देखभाल के लिए उसे भर्ती किया गया था।

अधिकारीयों ने बताया कि बच्चे की अगले दिन अस्पताल से छुट्टी होनी थी लेकिन इसी बीच यह घटना हो गई। उन्होंने कहा है कि अस्पताल में यह पहली ऐसी घटना है और उन्होंने आरोपित के खिलाफ एक्शन लेते हुए उसे नौकरी से निकाल दिया है और साथ ही जाँच में पुलिस का सहयोग भी कर रहे हैं।

कोलकाता के अस्पताल में हुई इस घटना के बाद फिर से महिला सुरक्षा पर सवाल उठ गए हैं। यह घटना तब हुई है जब कोलकाता के ही आर जी कर मेडिकल कॉलेज महिला डॉक्टर की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। इसको लेकर डॉक्टरों और राज्य सरकार का गतिरोध अब भी चल रहा है।

महिला डॉक्टर के रेप और हत्या के बाद पूरे देश में डॉक्टरों की हड़ताल हुई थी। पश्चिम बंगाल सरकार पर इस मामले में लापरवाही के आरोप भी लगे हैं। यह भी आरोप लगाया गया है कि डॉक्टर के परिजनों को पैसे से चुप करवाने की कोशिश की गई, अब इस मामले में CBI जाँच कर रही है।

बिल्डिंग से छिपकर फायरिंग कर रहा था आतंकवादी, भारतीय सेना ने कर दिया धुआँ-धुआँ: बारामुला एनकाउंटर का Video देखा आपने?

जम्मू-कश्मीर के बारामुला के चार थापर क्रीरी में 13-14 सितंबर को सेना को कुछ आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इस जानकारी के बाद उन्होंने पुलिस के साथ मिल वहाँ तलाशी अभियान चलाया और मुठभेड़ के बाद तीन आतंकी मारे गए। सोशल मीडिया पर अब इन्हीं आतंकियों के मारे जाने की वीडियो सामने आई है।

इस वीडियो में दिखाई दे रहा है कि खुले मैदान में सेना के जवान गोली चला रहे हैं वहीं आतंकी रेंगते, लुढ़कते वहाँ से भागने का प्रयास कर रहा है। सोशल मीडिया पर ये वीडियो खूब वायरल है। लोग इसे शेयर करके भारतीय सेना की तारीफ कर रहे हैं।

फुटेज देखकर लग रहा है कि इसे ड्रोन से कैप्चर किया गया है जिसके कारण पूरा दृश्य साफ है। वीडियो में दिखता है कि सेना और आतंकियों के बीच चल रही मुठभेड़ के बीच एक आतंकी बंदूक सहित बिल्डिंग से निकलकर किसी सुरक्षित जगह पर जाने की कोशिश करता है। हालाँकि सेना के जवान उसके बचकर निकलने के प्रयास को विफल कर देते हैं।

गोलियाँ तड़ातड़ चलती हैं और चारों ओर धुआँ उठ जाता है। इस वीडियो को साझा करते हुए सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि आतंकियों का इलाज इसी तरह होना चाहिए। कोई तंज कसते हुए कह रहा है कि ये हूरों के पास पहुँचाने के लिए भारतीय सेना की प्रक्रिया है।

एक यूजर एक अन्य एंगल से वीडियो साझा करते हुए लिखता है कि भारतीय सेना ने तो एनकाउंटर में धुआँ-धुआँ कर डाला। ये एक और वीडियो है एनकाउंटर की। चिनारकॉर्प्स ने बहुत अच्छा काम किया।

गौरतलब है कि बारामुला के चार थापर क्रीरी में आतंकियों को मार गिराने के लिए कोशिश पूरी रात चली। सुबह तीन आतंकियों को मारा गया। इनके पास से सुरक्षाकर्मियों असलहे और हथियार बरामद हुए हैं।

बता दें कि इससे पहले एक वीडियो आतंकी का और भी सामने आया था। उसमें उस आतंकी को गोली लगने के बाद तड़पते हुए देखा गया था। वो वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी।

‘नई परंपरा’ बता काँवड़ यात्रा नहीं निकालने दी, अब उसी रास्ते से ईद-मिलाद की जुलूस निकालने पर अड़े: जानिए बरेली में क्यों हुआ बवाल

उत्तर प्रदेश के बरेली में मुस्लिम उस रास्ते पर अपना बारावफात का मुहम्मदी जुलूस निकालने के लिए अड़ गए जिस पर उन्होंने काँवड़ यात्रा नहीं निकलने दी थी। काँवड़ को नई परंपरा बताने वाला मुस्लिम पक्ष ने इसी रास्ते पर कई डीजे, लाउडस्पीकर के साथ जुलूस निकलने का प्रयास किया। हिन्दू संगठनों ने इस पर विरोध जताया है। मौके पर पुलिस ने पहुँच कर बीच बचाव किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार (15 सितम्बर, 2024) शाम को यह विवाद तब उपजा जब चार मुस्लिम समितियाँ बरेली के जोगी नवादा इलाके की मौर्य गली से जुलूस निकालने की कोशिश करने लगीं। इस मुस्लिम जुलूस में बड़े बड़े डीजे और लाउडस्पीकर भी थे और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

मुस्लिमों की इस कोशिश का हिन्दू संगठनों ने विरोध कर दिया। हिन्दू संगठनों कहा कि इसी वर्ष इस रास्ते पर काँवड़ यात्रा नहीं निकलने दी गई थी। मुस्लिमों ने सावन माह के दौरान यहाँ से निकलने वाली काँवड़ यात्रा का यह कह कर विरोध किया था कि यह नई परंपरा है।

हिन्दू पक्ष ने कहा कि यहाँ पर जुलाई, 2023 में काँवड़ यात्रा पर पथराव भी किया गया था। इस पत्थरबाजी में कई हिन्दू घायल हुए थे। काँवड़ में शामिल लोगों ने इस दौरान बताया था कि यहाँ मौजूद मस्जिद और आसपास के मुस्लिम घरों से पथराव हुआ था। इस दौरान पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।

हिन्दुओं को जहाँ इस इलाके में रोक दिया गया तो वहीं मुस्लिमों ने इस बार अपने जुलूस को और बड़ा कर लिया। आरोप है कि इस बार उन्होंने कई डीजे और लाउडस्पीकर लगा लिए जो पहले नहीं लगाए जाते थे। इसके अलावा इस मोहम्मदी जुलूस में भीड़ भी बढ़ा दी गई। इसके अलावा इस जुलूस में कई बैनर पोस्टर भी लहराए गए।

मुस्लिम पक्ष ने जिद की कि वह इसी इलाके से अपने जुलूस निकालेंगे। विवाद होने के बाद मौके पर पुलिस प्रशासन पहुँच गया। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। हालाँकि, मुस्लिम पक्ष जुलूस निकालने की जिद पर अड़ा रहा। पुलिस ने उन्हें निकलवाने का प्रयास किया लेकिन हिन्दू संगठन इसके विरोध में रहे।

अपना जुलूस जबरदस्ती निकालने को लेकर मुस्लिम पक्ष ने धक्का मुक्की और नारेबाजी की। माहौल बिगड़ता देख यहाँ कई थानों की फ़ोर्स बुला ली गई। लगातार देर रात तक मुस्लिम पक्ष अपना मोहम्मदी जुलूस निकालने की जिद करता रहा। बताया गया है कि बाद में पुलिस के जोर देने पर मुस्लिमों का रूट बदलवाया गया।

पुलिस ने बताया है कि वह सभी पक्षों से बातचीत कर शांति व्यवस्था बनाए हुए है। बरेली में सोमवार (16 सितम्बर, 2024) को भी जुलूस निकाले जाने हैं। इनको लेकर लगातार पुलिस सतर्कता बरत रही है। यहाँ पुलिस के साथ ही PAC की यूनिट भी तैनात की गई हैं। शहर में बवाल ना हो इसके लिए बाहर के थानों से फ़ोर्स बुलाई गई है।

डोनाल्ड ट्रंप पर फिर से हमला, गोल्फ कोर्स में AK-47 से हत्या कर रिकॉर्डिंग करने का था इरादा: जानिए कौन है हमलावर, पिछली बार कान को छूकर गुजरी थी गोली

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर राष्ट्रपति चुनावों से पहले दूसरी बार हमला हुआ है। दूसरा हमला किसी चुनावी रैली में नहीं बल्कि फ्लोरिडा गोल्फ कोर्स में गोल्फ खेलने के दौरान हुआ।

बताया जा रहा है कि ट्रंप दोपहर करीबन 1:30 के समय गोल्फ खेल रहे थे तभी अचानक से गोलियों की आवाजें आनें लगीं। आवाज सुनते ही सुरक्षाकर्मियों ने ट्रंप को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया और उसके बाद इलाका पूरा सील किया गया। पाम बीच काउंटी के शेरिफ रिक ब्रैडशॉ ने कहा कि संदिग्ध ट्रम्प से 300 से 500 गज की दूरी पर आ गया था। अगर किसी के पास राइफल और दूरबीन हो तो ये दूरी ज्यादा नहीं मानी जा सकती।

एफबीआई ने कहा कि गोलीबारी की एक और घटना को ट्रंप पर हमले का प्रयास माना जा रहा है, जिसकी हम जाँच कर रहे हैं। गोलीबारी के बाद स्थानीय पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। उसकी पहचान 58 वर्षीय रियान वेल्से राउथ के तौर पर हुई।

उसके पूर्व में दिए गए इंटरव्यू में राउथ ने खुद को यूक्रेन का प्रबल समर्थक बताया है। उसने बताया कि वो रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में लड़ने के लिए कीव भी गया था। जाँच एजेंसियों ने उसके पास से एके-47, एक स्कोप, दो बैकपैक और एक ग्रो पो डिवाइस बरामद किया है।

कहा जा रहा है कि राउथ ने हत्या के इरादे से इलाके में गो प्रो सेट कर लिया था और स्नाइपर भी लगा ली थी। उसने पूरा सेट अप गोल्फ कोर्स की झाड़ियों के बीच तैयार किया हुआ था। वहाँ वह ट्रंप के आने की प्रतीक्षा में लेटा था।

राउथ कैरोलिना का निवासी है। डेमोक्रेटिक पार्टी का समर्थन करता है। उसने अपने पोस्ट में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों का समर्थन किया हुआ है। इसके अलावा उसने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में जो बाइडेन, कमला हैरिस को फुल सपोर्ट दिया हुआ है।

उसके लिंकड-इन के प्रोफाइल से पता चलता है कि उसने नॉर्थ कैरोलिना एग्रीकल्चर एंड टेक्निकल स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की थी। इसके अलावा उसको लेकर ये जानकारी भी सामने आई है कि राउथ के ही नाम और बर्थडेट वाले एक शख्स पर साल 2001, 2002 में एक दर्जन से अधिक आपराधिक आरोप लगे थे। इन आरोपों में हथियार छिपाकर ले जाना और टक्कर मारकर भाग जाना शामिल था।

चुनावी रैली के वक्त भी हुआ था ट्रंप पर हमला

बता दें कि इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप पर जुलाई महीने में एक चुनावी रैली के वक्त जानलेवा हमला हुआ था। गोली चलाने वाले हमलावर ने उस समय गोली चलाई थी जब ट्रंप मंच से बोल रहे थे। खुशकिस्मती से गोली ट्रंप को नुकसान नहीं पहुँचा पाई और कान को छूकर निकल गई। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने ट्रंप को अपने पीछे करके उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। जाँच के बाद पता चला गोली थॉमस मैथ्यू क्रुक्स नाम के शख्स ने चलाई थी। क्रूक्स को लेकर जानकारी सामने आई थी कि उसने 2021 में बाइडेन की डेमोक्रेट पार्टी को 15 डॉलर का चंदा दिया था।

UP से ले जाकर नेपाल में भारतीयों को बना रहे थे ईसाई, हिंदू संगठनों ने पोत दी कालिख: पादरी की पिटाई, बसों में भरकर ले जाए जा रहे थे चर्च

उत्तर प्रदेश के महाराजगंज से लगने वाले नेपाल के सीमाई इलाके में ईसाई धर्मांतरण को लेकर जम कर बवाल हुआ। भारत से ईसाई बनाने के लिए नेपाल ले जाए गए लोगों का विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल नेपाल के कार्यकर्ताओं ने जम कर विरोध किया। इस दौरान नेपाल के स्थानीय लोगों ने धर्मांतरण करवाने वालों के मुंह पर कालिख भी पोत दी और भारत वापस भेज दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार (14 सितम्बर, 2024) को महाराजगंज के ठूठीबारी कस्बे से लगभग 100 लोगों का एक जत्था नेपाल की तरफ निकला। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएँ और बच्चे शामिल थे। नेपाल जाने वाले लोगों में इस इलाके के दलित-पिछड़े वर्ग के लोग भी शामिल थे।

बताया गया कि इन्हें अमोस नाम के एक पादरी अमोस ने नेपाल के खैरहनी स्थित चर्च में बुलाया था। यहाँ उनका धर्मांतरण किया जाना था। इनके लिए नेपाल नंबर की दो विशेष बसें भी नेपाल में खड़ी की गईं थी। यह बसें नेपाल के महेशपुर बस स्टैंड पर खड़ी थीं। यहीं सभी लोग इकट्ठा हुए थे।

यह सभी बसों में बैठते इससे पहले इनके धर्मांतरण की सूचना नेपाल के विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ ही स्थानीय लोगों को लग गई। वह तुरंत ही इस बस स्टैंड के पास पहुँच गए और धर्मांतरण के विरोध में प्रदर्शन करने लगे।

बताया गया है कि यहाँ मौजूद स्थानीय लोगों ने भारत से धर्मांतरण के लिए जाने वालों के साथ बदसलूकी की और उनके मुँह पर कालिख पोत दी। स्थानीय लोगों ने यहाँ के पादरी अमोस की भी पिटाई की। इसके बाद भारत से गए सभी लोगों को स्थानीय लोगों ने यहाँ से भगा दिया और भारत की सीमा पर छोड़ गए।

नेपाल के लोगों ने इस दौरान पुलिस भी बुला ली। पुलिस ने इन सभी लोगों के नाम-पते नोट किए और चेतावनी भी दी। नेपाल पुलिस के अलावा यहाँ स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भी पहुँच गए। भारतीयों को वापस भेजने के बाद यह मामला शांत हुआ।

महाराजगंज पुलिस ने इस मामले को ट्विटर पर स्पष्टीकरण दिया है। महाराजगंज पुलिस ने बताया है कि घटना उसके अधिकार क्षेत्र में ना होकर नेपाल में हुई है और इसके संबंध में नेपाल पुलिस से बातचीत चल रही है। पुलिस ने अपील की है कि इस घटना को महाराजगंज का बता कर प्रसारित ना किया जाए।

इस इलाके में धर्मांतरण का यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले 31 अगस्त, 2024 को भी ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया था। तब नेपाल के सीमावर्ती इलाके में केरल के दो पादरी पकड़े गए थे। यह यहीं के एक स्थानीय चर्च में धर्मांतरण करवाने की फिराक में थे। इनको पकड़ कर यूपी पुलिस को सौंप दिया गया था।

प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी संग इंजीनियर राशिद की आवामी इत्तेहाद पार्टी ने किया गठबंधन: J&K चुनाव से पहले बयान में कहा- कुलगाम और पुलवामा में करेंगे JEI का समर्थन​

आगामी जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों से पहले आवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) और भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) ने गठबंधन किया है। रविवार (15 सितंबर 2024) को दोनों पार्टियों के बीच संयुक्त बैठक के बाद निर्णय लिया गया। इस दौरान लोकसभा सांसद इंजीनियर राशिद, एआईपी के मुख्य प्रवक्ता इनाम उन नबी समेत पार्टी के अन्य सदस्य शामिल हुए। वहीं जमात-ए-इस्लामी की ओर से गुलाम कादिर वानी और पार्टी के प्रमुख नेता भी शामिल हुए।

बैठक के बाद जारी बयान में इस गठबंधन की जानकारी दी गई। बयान में बताया गया कि दोनों दलों ने क्षेत्र के लोगों के हित में मिलकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के लिए सीट बँटवारे पर चर्चा की।

बयान में कहा गया है कि एआईपी कुलगाम और पुलवामा जिलों में जमात-ए-इस्लामी समर्थित उम्मीदवारों का समर्थन करेगी, जबकि जेईआई पूरे कश्मीर में एआईपी उम्मीदवारों का समर्थन करेगी। साथ ही कहा कि ये गठबंधन जम्मू-कश्मीर में लोगों के लिए शांति, न्याय और राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एकजुट मोर्चा बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

बता दें कि राज्य में इससे पहले कॉन्ग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच गठबंधन हुआ था। जिसके बाद फैसला लिया गया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस 90 में से 51 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि कॉन्ग्रेस 32 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। ये चुनाव प्रदेश में अनुच्छेद 370 निरस्त होने के बाद पहले विधानसभा चुाव हैं। इसमें 7 सीटें एससी और 9 सीटें एसटी के लिए होंगी। यहाँ तीन चरण में चुनाव होंगे 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर। वहीं मतगणना 8 अक्तूबर को होगी।

नोट: जमात-ए-इस्लामी संगठन पर भारत सरकार ने बैन लगाया हुआ था। इस संगठन को सबसे पहले 2019 में गैर कानूनी घोषित किया गया था। बाद में ये प्रतिबंध 2024 में फिर बढ़ा दिया गया।

‘आतंकवादी हैं राहुल गाँधी, कर रहे बाँटने की कोशिश’: सिख नेता के बयान पर भड़की कॉन्ग्रेस, बताया ‘भौंकने वाला आस्तीन का साँप’

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने हालिया बयान में कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी को आतंकवादी बताया है। उन्होंने राहुल गाँधी पर आरोप लगाया कि राहुल सिखों को बाँटने की कोशिश कर रहे हैं। अपने बयान में उन्होंने राहुल गाँधी को पकड़ने के लिए इनाम रखने की भी बात कही। उनके इस बयान के बाद कॉन्ग्रेस भड़की हुई है। पार्टी प्रवक्ता ने उन्हें आस्तीन का साँप कहा है।

बिहार के मीडिया से बात करते हुए रवनीत सिंह बिट्टू राहुल गाँधी के लिए कहा– “पहले उन्होंने मुसलमानों का इस्तेमाल करने की कोशिश की, जब ऐसा नहीं हुआ तो अब वे सिखों को विभाजित करने का प्रयास कर रहे हैं। सिख किसी पार्टी से जुड़ा हुआ नहीं है मगर चिंगारी लगाने की कोशिश हो रही है। राहुल गाँधी देश के नंबर वन टेररिस्ट हैं।”

रवनीत सिंह ने कहा, “जो देश के सबसे बड़े वांटेड हैं, अलगाववादी, वो जो पहले बयान देते थे, आज वही बयान राहुल गाँधी ने दिया है। जो गोला, बंदूक बनाने में माहिर हैं उन्होंने राहुल गाँधी की बात को सराहा है। उनकी बात ही राहुल गाँधी ने कही है। आप देख लीजिए जो देश के दुश्मन हैं, जो हर टाइम मारने की कोशिश करते हैं, जहाजों, ट्रेनों, रोड को उड़ाने की कोशिश करते हैं, जब वो लोग राहुल गाँधी के समर्थन में आ गए तो आप अंदाजा लगा लीजिए। राहुल गाँधी देश का नंबर वन आतंकवादी है। अगर किसी पर इनाम रखना चाहिए तो वो राहुल गाँधी है।”

केंद्रीय मंत्री ने आगे राहुल गाँधी के भारतीय होने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “देखिए मेरी राय में राहुल गाँधी भारतीय नहीं हैं। उन्होंने अपना अधिकांश समय दुनिया से बाहर बिताया है। उनके दोस्त और परिवार वहीं हैं, इसलिए मुझे लगता है कि कहीं न कहीं वह अपने देश से इतना प्यार नहीं करते हैं क्योंकि वह चले जाते हैं. वे विदेश में रहते हैं और भारत के बारे में ऐसी नकारात्मक बातें कहते हैं।”

उनके इस बयान के बाद कॉन्ग्रेस भड़की हुई है। पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, “जिसने राहुल गाँधी के आगे पीछे करके अपना पूरा राजनीतिक करियर बनाया। वो सत्ता के लालच में विरोधियों की गोदी में बैठ कर सस्ते बयान दे रहा है। रवनीत बिट्टू तुम और भौंको क्योंकि दुनिया को तुम्हारी ग़लीच असलियत पता चलनी चाहिए। शास्त्रों में तुम जैसों को ही आस्तीन का साँप कहा गया है।”

गौरतलब है कि रवनीत सिंह बिट्टू ने यह बयान राहुल गाँधी के उस बयान के विरुद्ध दिया है जो उन्होंने अमेरिका के वर्जीनिया में दिया था। राहुल गाँधी ने वहाँ कहा था, “भारत में लड़ाई इस बात को लेकर है कि क्या एक सिख को गुरुद्वारे में पगड़ी और कड़ा पहनने की अनुमति दी जाएगी।” उनके इसी बयान पर बिट्टू बोले कि आखिर ऐसा कब हुआ कि किसी सिख को पगड़ी या कड़ा पहनने से रोका गया हो।

सबूतों से की छेड़छाड़, मामले को दबाया: कोलकाता RG कर अस्पताल में डॉक्टर की रेप-हत्या केस में पूर्व प्रिंसिपल और SHO 3 दिन रहेंगे CBI हिरासत में, कोर्ट ने दिया फैसला

कोलकाता में डॉक्टर की रेप/हत्या के मामले में एक स्थानीय अदालत ने सुनवाई करते हुए 9 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और एक पुलिस अधिकारी को 17 सितंबर तक सीबीआई की हिरासत में भेज दिया।

संदीप घोष को जहाँ सीबीआई ने वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में गिरफ्तार किया था तो वहीं ताला पुलिस स्टेशन के प्रभारी अभिजीत मंडल को केंद्रीय एजेंसी ने शनिवार को एफआईआर दर्ज करने में कथित देरी और मामले में सबूत गायब करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सीबीआई अधिकारी ने पीटीआई न्यूज एजेंसी को बताया कि उन्हें दोनों आरोपितों की हिरासत तीन दिन के लिए मिली है। अब दोनों से एक साथ पूछताछ की जाएगी।

बताया जा रहा है कि सीबीआई ने घोष के खिलाफ साक्ष्यों से छेड़छाड़ के आरोप भी लगाए हैं। वहीं अभिजीत मंडल पर सबूतों से छेड़छाड़, एफआईआर दर्ज करने में देरी का आरोप लगाकर बात जोड़ी गई है।

सीबीआई ने अदालत में बताया कि मंडल को 9 अगस्त की सुबह 10 बजे के आसपास डॉक्टर की मौत के बारे में पता चल गया था लेकिन एफआईआर 11 बजे के करीब दर्ज हुई। उनसे जब सवाल किए गए तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया इसलिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया

वहीं संदीप घोष की बात करें तो । उन्हें 2 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में सीबीआई उन्हें रिमांड पर लेने की कोशिश करेगी। इसके अलावा, प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जाँच कर रही है।

इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 9 सितंबर को सुनवाई की थी। सुप्रीम कोर्ट ने सामान्य डायरी (जीडी) प्रविष्टि और एफआईआर के पंजीकरण के समय के बीच विसंगति की ओर इशारा किया था।

ब्रिटेन में 16 साल में पाकिस्तानियों ने किया सैकड़ों लड़कियों का रेप, 14 साल की लड़की को शिकार बनाने वाले वाजिद को 20 साल बाद सज़ा: 1400+ पीड़िताएँ आईं सामने

ब्रिटेन के रोथरहैम शहर में दो दशक पहले 14 वर्षीय किशोरी के साथ किए गए जघन्य अपराध के मामले में 42 वर्षीय वलीद अली को सजा सुनाई है। यह मामला ब्रिटेन के सबसे बड़े बाल यौन शोषण की जाँच ‘ऑपरेशन स्टोववुड’ के तहत सामने आया, जो 1997 से 2013 के बीच रोथरहैम में हुए ऐतिहासिक यौन शोषण मामलों की पड़ताल कर रहा है, जिसमें पाकिस्तानी मूल के यौन अपराधियों ने सैकड़ों लड़कियों का रेप किया और उन्हें धमकाकर उनका मुँह बंद रखा।

यूके की नेशनल क्राइम एजेंसी के मुताबिक, यह दर्दनाक घटना 2003 और 2004 के बीच की है, जब वलीद अली, जो उस समय अपने शुरुआती 20 के दशक में था, ने 14 साल की लड़की को रोथरहैम के टाउन सेंटर में एक पानी के फव्वारे के पास अकेले बैठे देखा। अली ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उस लड़की से संपर्क किया और उसे एक नजदीकी गली में चलने के लिए कहा। जब लड़की ने मना किया, तो अली ने उसका हाथ पकड़कर उसे जबरन उठाने की कोशिश की।

अली और उसके साथियों की मौजूदगी से डरकर लड़की को गली में जाना पड़ा, जहाँ अली ने उससे बलात्कार किया। यह गली लोगों की नजर से दूर थी, जिसकी वजह से उसे कोई देख नहीं पाया। वलीद ऐसे मामलों का पुराना अपराधी रहा है। उसने उसी दौरान एक और लड़की का रेप किया था, जिसमें वो जेल की सजा काट चुका है।

इस भयावह घटना के बाद, पीड़िता ने लगभग 20 साल तक अपनी पीड़ा को छिपाए रखा और चुप रही। हालाँकि, 2021 में उसने ‘ऑपरेशन स्टोववुड‘ टीम के सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई। पीड़िता के साहस और उसके बयान के आधार पर वलीद अली को गिरफ्तार किया गया और उस पर मुकदमा चलाया गया।

शेफ़ील्ड क्राउन कोर्ट ने शुक्रवार (13 सितंबर 2024) को वलीद अली को 14 साल की लड़की के साथ बलात्कार के मामले में दोषी करार दिया। वलीद को 5 साल की सजा सुनाई गई है। अदालत ने उसे 13 साल की सजा सुनाई। इसके पहले, अली को 2003 में 13 साल की एक अन्य लड़की के साथ बलात्कार और यौन उत्पीड़न के मामले में भी दोषी ठहराया जा चुका है। उस मामले में भी अपराध उसी गली में हुआ था।

साउथ यॉर्कशायर पुलिस और नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) की ‘ऑपरेशन स्टोववुड’ जांच टीम ने इस मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस मामले के वरिष्ठ जाँच अधिकारी, स्टुअर्ट कॉब ने कहा, “पीड़िता ने 21 साल तक अपनी पीड़ा को दबाए रखा, लेकिन उनके साहस और हमारे जाँच कार्य ने सुनिश्चित किया कि अपराधी को सजा मिले। हम सभी पीड़ितों को यह संदेश देना चाहते हैं कि वे अपनी आपबीती साझा करें और पुलिस से संपर्क करें।”

ऑपरेशन स्टोववुड: बाल यौन शोषण की सबसे बड़ी जाँच

‘ऑपरेशन स्टोववुड’ ब्रिटेन में बाल यौन शोषण के मामलों की सबसे बड़ी जाँच है, जो रोथरहैम में 1997 से 2013 के बीच हुए सैकड़ों यौन शोषण मामलों की पड़ताल कर रहा है। इस जाँच में अब तक कई आरोपित दोषी पाए गए हैं, जिनमें से दर्जनों को सजा हो चुकी है।

रिपोर्टों के अनुसार, 1997 से 2013 के बीच रोथरहैम में 1,400 से अधिक लड़कियों का यौन शोषण हुआ था। इस अपराध के पीछे मुख्य रूप से पाकिस्तान मूल के गिरोहों का हाथ बताया गया है। अब तक की जाँच में 1,100 से अधिक पीड़ितों की पहचान की जा चुकी है और जाँच प्रक्रिया 2027 तक जारी रहने की उम्मीद है। पुलिस और न्यायिक एजेंसियाँ इस काम में लगी हैं ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और अपराधियों को सजा दी जा सके।

हिंदुओं की आवाज उठाने वाली नाजिया इलाही खान पर ‘झूठा’ ईशनिंदा का केस, गिरफ्तारी के बाद बात लिंचिंग तक पहुँची: जानें क्या है मामला

सोशल मीडिया पर इस्लामी कट्टरपंथ के खिलाफ आवाज उठाने वाली नाजिया इलाही खान को 10 सितंबर को ईशनिंदा मामले में गिरफ्तार किया गया था। उनपर आरोप था कि उन्होंने पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया। उनके विरुद्ध शिकायत वकील नूर महविश ने दर्ज कराई थी।

शिकायत में कहा था कि नाजिया देश में सांप्रदायिक हिंसा और मजहबी तनाव पैदा करना चाहती हैं। महविश ने शिकायत में भारतीय न्याय संहिता की धारा 299, 353 और 362 के तहत केस को दर्ज कराया था। इस मामले में अलीपुर कोर्ट में पेश होने के बाद नाजिया को भले जमानत मिल गई लेकिन कट्टरपंथियों की नफरत उनके लिए कम नहीं हुई।

नाजिया पर ये केस 3 अगस्त 2024 को दिए एक इंटरव्यू के बाद दर्ज हुआ था। अपने इंटरव्यू में उन्होंने इस बात पर आपत्ति जताई थी कि आखिर हिंदू नाम से मुस्लिम दुकान क्यों खोल रहे हैं। उन्होंने पूछा था कि आखिर वो सलीम जो हिंदुओं को काफिर समझता है, उसने महादेव के नाम पर ढाबा क्यों खोला है।

जब पत्रकार ने उनसे कहा कि ये तो लोगों की इच्छा है कि वो क्या नाम रखेंगें, क्या नहीं… इस पर नाजिया ने कहा था कि फिर तो हिंदू भी अपनी मनमर्जी का नाम लिख सकते हैं।

नाजिया ने इस दौरान कुछ उदाहरण ऐसे दिए जिन्हें लेकर विवाद उपजा। उन्होंने कहा था कि अगर हिंदू कोई मुस्लिम नाम के साथ दुकान का नाम रख लेंगे तो हल्ला मच जाएगा और गुस्ताख-ए-रसूल की एक सजा सिर तन से जुदा के नारे लगने लगेंगे।

वीडियो में हालाँकि सुना जा सकता है कि नाजिया सिर्फ मुस्लिम नाम लगाकर उदाहरण दे रही हैं उन्होंने कहीं पैंगबर मोहम्मद के बारे में कुछ नहीं कहा है। उन्होंने मुस्लिम नाम के साथ दुकान का नाम जोड़ सिर्फ पूछा कि क्या अच्छा लगेगा अगर हिंदू ऐसे नाम से दुकान खोल लें। मगर, इस्लामी कट्टरपंथी इसी बात से नाराज हो गए और मामला थाने तक पहुँच गया।

नाजिया ने अपनी वीडियो में थूक जिहाद का खतरा बताते हुए कहा था कि नाम बदलकर कारोबार करने की क्या जरूरत है जिसके मन में चोर होता है वो ही ऐसा करता है। इस दौरान उन्होंने योगी आदित्यनाथ के फैसले का समर्थन किया था जहाँ दुकानों पर मालिक का असली नाम लिखने को कहा गया था।

इस इंटरव्यू के बाद इस्लामी कट्टरपंथी उन्हें सोशल मीडिया पर गाली देने लगे। क्रिकेटर शिवम दुबे की बीवी अंजुम खान तक ने उनके खिलाफ जहर उगला। अपनी स्टोरी में अंजुम ने कहा- “अगर नबी के शान में गुस्ताखी होने पर आपको गुस्सा नहीं आता तो अपना ईमान मर चुका है और अगर आपका ईमान जिंदा है तो नाजिया की गिरफ्तारी की माँग करिए।”

इसी तरह अन्य मुस्लिम समूहों ने भी नाजिया के खिलाफ जहर उगला। नतीजा ये हुआ कि नाजिया को धमकियाँ आने लगीं। एजाज असलम नाम के मुस्लिम यूट्यूबर ने भी धमकी दी।

4 सितंबर को सोशल मीडिया पर नाजिया ने बताया जहाँ पूरा देश आरजी कर अस्पताल की डॉक्टर के लिए इंसाफ माँग रहा है, वहीं बंगाल के मुस्लिम उनके खिलाफ ‘सर तन से जुदा’ की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में कोलकाता पुलिस और टीएमसी नेताओं को भी जिम्मेदार ठहराया था।

उन्होंने ये भी बताया कि जब उन्हें अलीपुर कोर्ट ले जाया जा रहा था तब लोगों ने उनकी लिंचिंग की कोशिश की। उन्होंने कहा, “पहले मुझे पोर्ट एरिया गार्डन रीच पुलिस स्टेशन से झूठे ईशनिंदा मामले में गिरफ्तार किया गया, फिर कोलकाता पुलिस के गार्डन रीच पुलिस स्टेशन के अधिकारी की मिलीभगत से अलीपुर कोर्ट में लाखों मुसलमानों को इकट्ठा करके मेरी मॉब लिंचिंग की साजिश रची गई। मेरा गला काटने की साजिश में कई टीएमसी विधायक, मुस्लिम महिला टीएमसी नेता का सीधा हाथ है!”