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‘कॉन्ग्रेस अर्बन नक्सल का नया रूप, तुष्टिकरण उसका लक्ष्य’: PM मोदी ने कुरूक्षेत्र में भरी हुँकार, कहा- नेहरू आरक्षण के खिलाफ थे, इंदिरा ने OBC रिजर्वेशन रोका

हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनावों के प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुरुक्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित किया। इसमें उन्होंने किसान, जवान और आरक्षण की बात की। पीएम ने कॉन्ग्रेस को आरक्षण विरोधी बताते हुए कहा कि यह पार्टी पंडित नेहरू के जमाने से आरक्षण विरोधी है। उन्होंने कहा कि वह आरक्षण को रत्ती भर भी खत्म नहीं होने देंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में धारा 370 उनकी सरकार ने खत्म की और कॉन्ग्रेस उसे फिर वापस लाने की बात करती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के जवान हर हफ्ते तिरंगे में लिपटकर आते थे। जब से जम्मू-कश्मीर में धारा 370 खत्म हुआ है, तब से आतंकवाद में कमी आई है। उन्होंने हरियाणा के लोगों को चेताया कि अगर कॉन्ग्रेस सरकार बनी तो हिमाचल जैसा आर्थिक संकट आ जाएगा।

अपने भाषण की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने कहा, “हमने किसानों को सम्मान निधि के साढ़े 3 लाख करोड़ रुपए दिए। उनके सिर से 10 हजार करोड़ पर बोझ नहीं पड़ने दिया। हरियाणा की 24 फसलों पर MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) लागू किया।” उन्होंने कॉन्ग्रेस को चुनौती दी कि उसमें दम है तो कर्नाटक और तेलंगाना में अपनी किसान योजनाएँ लागू करके दिखाए।

पीएम ने कहा कि भारत में सबसे बड़ा दलित, ओबीसी और आदिवासी विरोधी अगर कोई है तो वो कॉन्ग्रेस का परिवार है। अभी इन लोगों ने कहा है कि अगर सरकार में आए तो दलितों और पिछड़ों का आरक्षण खत्म कर देंगे। यही इस परिवार की सच्चाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रहते हुए पंडित नेहरू ने आरक्षण का विरोध किया था। इंदिरा गाँधी ने OBC आरक्षण को रोका था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता की परेशानी से कॉन्ग्रेस को कभी कोई फर्क नहीं पड़ता। इससे बड़ी बेईमान और धोखेबाज पार्टी देश में और कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के आने से पहले यहाँ आधे घरों में नल का कनेक्शन नहीं था। आज हरियाणा करीब-करीब शत प्रतिशत नल से जल आता है। कभी यहाँ विकास सिर्फ एक जिले तक सिमट कर रह जाता था, अब ऐसा नहीं होता।

कॉन्ग्रेस पर हमला करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की हितैषी भाजपा सरकार नई पेंशन स्कीम लेकर आई है। इसमें कर्मचारियों के लिए निश्चित पेंशन की गारंटी है। इस नई पेंशन स्कीम का व्यापक स्वागत हुआ है। उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस देश की एकता पर लगातार हमला कर रही है। वह अर्बन नक्सल का नया रूप बन गई है। उसे देश को बदनाम करने में शर्म नहीं आती।”

कॉन्ग्रेस को तुष्टिकरण की राजनीति पर हमला बोलते हुए पीएम ने कहा कि उसके लिए तुष्टिकरण ही सबसे बड़ा लक्ष्य है। आज तो हालत ये हो गई है कि कॉन्ग्रेस के राज में कर्नाटक में गणपति जी को भी सलाखों के पीछे डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरा देश आज गणेश उत्सव मना रहा है और कॉन्ग्रेस विघ्नहर्ता (भगवान गणेश) की पूजा में विघ्न डाल रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस का शाही (गाँधी) परिवार आरक्षण को खत्म करने वाला है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा, जब तक मोदी है, बाबा आंबेडकर के दिए आरक्षण से रत्ती भर लूट नहीं करने दूँगा। ये मोदी की गारंटी है।” उन्होंने कहा कि पिछले 50 साल का इतिहास है कि दिल्ली में जिसकी सरकार रहती है, हरियाणा में भी उसी की सरकार बनाते हैं। कभी उलटफेर नहीं करते।

कुरुक्षेत्र की धरती को प्रणाम करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “कुरुक्षेत्र में आना, भारत की संस्कृति के तीर्थ का दर्शन करना मन को भर देता है। यहाँ गीता का ज्ञान है। यहाँ सरस्वती सभ्यता के निशान हैं। ये गुरु गोविंद सिंह जी की छठी पातशाही की धरती है। यहाँ श्री गुरु गोविंद सिंह जी के चरण पड़े हैं। ऐसी पावन धरती से मैं आपसे फिर एक बार भाजपा की सरकार बनाने का निवेदन करने आया हूँ।” 


कोलकाता में फुटपाथ पर रखे बैग में ब्लास्ट, एक व्यक्ति का हाथ उड़ने की खबर: बंगाल भाजपा ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर NIA जाँच की माँग की

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के एसएन बनर्जी रोड पर रखे एक बैग में धमाका हो गया है। विस्फोट में एक शख्स का हाथ उड़ गया। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जो व्यक्ति घायल हुआ है, वो रोड पर रखे बैग से कुछ निकालने आया था। इसी दौरान धमाका हो गया। भाजपा ने इसकी जाँच NIA से कराने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है।

बताया जा रहा है कि यह घटना शनिवार (14 सितंबर 2024) की दोपहर करीब 1.45 बजे की है। तालतला पुलिस स्टेशन को ब्लोचमैन सेंट और एसएन बनर्जी रोड के पास विस्फोट की सूचना मिली। पुलिस को यह भी बताया गया कि विस्फोट में एक व्यक्ति घायल हो गया है। घायल बताया जा रहा व्यक्ति कूड़ा बीनने वाला बताया जा रहा है। घटनास्थल पर पहुँचकर पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुँचाया।

विस्फोट में घायल व्यक्ति की पहचान बापी दास के रूप में हुई है और उसकी उम्र लगभग 58 साल है। शख्स ने पूछताछ में बताया है कि वह इधर-उधर घूमता रहता है। हाल ही में उसने एसएन बनर्जी रोड के फुटपाथ पर रहना शुरू किया था। पुलिस ने घायल शख्स का बयान अभी तक दर्ज नहीं किया है। जाँच फोरेंसिक टीम और बंगाल पुलिस घटनास्थल पर पहुँची।

घटना का चश्मदीद होने का दावा करने वाले एक शख्स ने बताया, “विस्फोट के समय हम पास में ही खड़े थे। धमाके की आवाज बहुत तेज थी। आवाज सुनकर हम तुरंत मौके पर दौड़े और देखा कि एक व्यक्ति जो पास में पड़ा हुआ है। व्यक्ति की दाहिनी कलाई पर चोट आई है। कोई और घायल नहीं हुआ है।” उसने बताया कि वो प्लास्टिक का बैग वहाँ किसने रखा था, ये किसी ने नहीं देखा।

केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस घटना की जाँच NIA से कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि धमाके के सभी एंगलों की जाँच होनी चाहिए। उन्होंने गृह मंत्री से कहा कि राज्य पुलिस के पास संसाधनों की कमी है, इसलिए मामले को गंभीरता से लेते हुए धमाके की जाँच एनआईए से करवाई जाए।

बता दें कि ट्रेनी महिला डॉक्टर की रेप और हत्या के बाद विवादों में आए RG कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पास दो दिन पहले एक संदिग्ध बैग मिला था। लावारिस बैग मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। आनन-फानन में बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया था, लेकिन बैग की जाँच में कोई संदिग्ध सामान नहीं मिला था। इस अस्पताल के जूनियर डॉक्टर फिलहाल सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

‘हिमाचल प्रदेश में हथियार लेकर मुस्लिमों के नरसंहार को निकले हिन्दू’: जानिए उस वीडियो का सच जिसके जरिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बताया जा रहा हिंसक

हिमाचल प्रदेश में अवैध इस्लामी संरचनाओं को ध्वस्त करने के लिए एक बड़ा आंदोलन चल रहा है। सबसे पहले शिमला स्थित संजौली क्षेत्र में एक मस्जिद द्वारा अतिक्रमण के मुद्दे पर आंदोलन हुआ। अंत में मस्जिद समिति ने खुद ही इस्लामी संरचना के उस हिस्से को ध्वस्त करने पर सहमति दे दी। इसके बाद मंडी में एक तीन मंजिला मस्जिद को लेकर आंदोलन हुआ, जिसके 2 मंजिलों को अदालत ने अवैध बताया है। पूरे हिमाचल प्रदेश में व्यापार मंडलों ने शनिवार (14 सितंबर, 2024) को बंद बुलाया।

इस दौरान मंडी से लेकर मनाली तक दुकानें बंद रहीं। हिन्दू संगठनों द्वारा आहूत इस बंद को जनता का पूर्ण समर्थन मिला। हिमाचल प्रदेश में कॉन्ग्रेस पार्टी की सरकार है और वहाँ की पुलिस ने हिन्दू प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल-प्रयोग किया। आँसू गैस के लोगों से लेकर लाठीचार्ज तक किया गया। जबकि प्रदेश के मंत्री और पुराने कॉन्ग्रेसी अनिरुद्ध सिंह तक विधानसभा में कह चुके हैं कि बाहर से जमात के लोग आकर यहाँ गलत काम कर रहे हैं, डेमोग्राफी बदलने से असंतुलन पैदा हो रहा है।

हिमाचल प्रदेश में हथियार लहराते हिन्दू हिंसक?

इसी बीच सोशल मीडिया पर हिन्दुओं का एक वीडियो शेयर कर के उन्हें दंगाई बताया जाने लगा। इन तस्वीरों और वीडियो में हिन्दू समाज के लोग हाथों में तलवार लिए झूमते दिख रहे हैं और पीछे संगीत बज रहा है। इस दौरान ढोल-ताशे भी बज रहे हैं। जैसे, ‘टीम साथ’ ने लिखा, “हिमाचल प्रदेश में हथियार लेकर विचरण करते हिंदुत्व आतंकवादी”। यहाँ तक कि कई दक्षिणपंथी सोशल मीडिया हैंडलों ने भी फैलाया कि ये हिन्दू मस्जिदों के खिलाफ हथियार उठा रहे हैं।

रफीकुल इस्लाम ने इन हिन्दुओं को असामाजिक तत्व बता कर पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार करने की अपील करते हुए लिखा, “हिमाचल में कथित हिंदू सनातनी कहलाने वाले जिनका शास्त्र ‘अहिंसा ही परम धर्म’ कहता है, वो हाथ में हथियार लेकर क्या कर रहे हैं?”

नेहा हबीब ने कॉन्ग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा, “हिमाचल में हथियार लेकर जुलूस – मोहब्बत की दुकान वाला किधर है?”

गुलाम अब्दुल कादिर इलाहाबादी ने लिखा, “हिमाचल प्रदेश में शिमला में मस्जिद शहीद करने के लिए हथियार लेकर निकलना एक गंभीर और खतरनाक कदम है। क्या ये आतंकवाद की श्रेणी में नहीं आता? क्या कॉन्ग्रेस सरकार मुस्लिमों के नरसंहार का इंतजार कर रही है?”

हथियार लिए हिन्दुओं के वीडियो की सच्चाई

अब आपको बताते हैं कि इस वीडियो की सच्चाई क्या है। न ही ये हिन्दू किसी को मारने के लिए हथियार लेकर निकले हैं और न ही कोई ढाँचा तोड़ने के लिए। असल में ये राज्य के पारंपरिक त्योहार ‘जाग’ का है। आज भी पूरे श्रद्धाभाव ने इन परंपराओं का निर्वहन किया जाता है। ये उत्सव है। मान्यता है कि मंदिर में भाद्रपद में देव-दानव युद्ध होता है। इस दौरान आग पर चल कर अग्निपरीक्षा भी दी जाती है। क्षेत्र के सुख-शांति को लेकर प्रार्थना की जाती है।

मंडी के मंदिर में पिछले 58 वर्षों ये इस त्योहार का भव्य आयोजन होता है। महाकाली मंदिर में जाग होम का विशेष उत्सव होता है। इसी तरह जुब्बल/रोहडू क्षेत्र (शिमला, हिमाचल प्रदेश) में सांस्कृतिक कार्यक्रम (मंदिरों में वार्षिक आयोजन – जाग) परंपरागत ढंग से हथियारों के संग नाटी डालने की परंपरा है। हिन्दुओं के शांतिपूर्ण आंदोलन को हिंसक दिखा कर उन्हें बदनाम करने का प्रयास हो रहा है। जबकि वो हिन्दू ही हैं जो पुलिस का बल-प्रयोग भी सह रहे हैं, अवैध अतिक्रमण भी।

‘तुम्हारी शादी नहीं होने दूँगा, मैं ही निकाह कर अपने पास रखूँगा’: दलित युवती का मुफ्ती इमरान पर आरोप, बोली- जिन्नात के जरिए बुलवाता और गंदी हरकत करता

उत्तर प्रदेश के हरदोई में एक दलित युवती ने मुफ्ती इमरान पर ‘जिन्न’ के जरिए उसे झाड़-फूँक के लिए बुलाने और फिर गंदी हरकत करने का आरोप लगाया है। युवती की शिकायत पर पुलिस ने मुफ्ती को गिरफ्तार कर लिया है। युवती ने बताया कि मुफ्ती इमरान उससे कहता था कि वह उसकी शादी नहीं होने देगा। वह उससे निकाह करेगा और अपने साथ रखेगा।  

यह मामला हरदोई जिले के कोतवाली बेनीगंज इलाके में बेनीगंज कस्बा का है। यहाँ की 22 वर्षीय एक दलित युवती ने बताया कि वह बीमार रहती थी। इसलिए उसके माता-पिता कस्बे के मोहल्ला कृष्णानगर के रहने वाले मुफ्ती इमरान के पास नवंबर 2023 नवंबर में झाड़-फूँक कराने के लिए उसे ले गए थे। इसके बाद उसकी तबियत ठीक हो गई थी।

युवती का कहना है कि जब भी उसकी तबीयत खराब होती थी तो वह मुफ्ती इमरान के पास झाड़-फूँक करवाने जाती थी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि मुफ्ती इमरान उस पर गंदी नीयत रखता था। वह उसे ‘जिन्न’ के जरिए बुलाता था और फिर उसके साथ गलत काम करता था। मुफ्ती इमरान उसे धमकी देता था कि उसकी शादी नहीं होने देगा और वह खुद उससे निकाह करेगा।

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता ने आरोप लगाया है कि वह ठीक होकर घर आ जाती मुफ्ती इमरान अपने जिन्नात भेजकर उसको फिर बीमार कर देता है। इसलिए उसको दोबारा से उसके पास जाकर झाड़-फूँक करवानी पड़ती है। घर पर युवती इमरान… इमरान… कहकर शोर मचाने लगती थी। जब परिजन उसे मुफ्ती इमरान के पास लेकर जाते थे तो वह ठीक हो जाती थी।

पीड़िता के पिता मेहनत मजदूरी करने का काम करता है। उसके पाँच बेटे और दो बेटियाँ हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। परिजनों का कहना है कि उसकी छोटी बेटी पर ‘जिन्न का साया’ होने की आशंका हुई तो उसे गाँव के ही एक व्यक्ति से झाड़-फूँक करवाई, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। आखिरकार वह भुसौरी पुरवा निवासी मुफ्ती इमरान के पास झाड़-फूँक करवाने गए थे।

इस मामले में युवती ने पुलिस थाने में जाकर शिकायत की है। युवती की शिकायत के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि युवती बीमार होने पर इमरान के पास जाती थी और इमरान उसके साथ तांत्रिक गतिविधियाँ करता था। वह युवती को बुलाकर उसे परेशान करता था। इसकी शिकायत पर इमरान ने युवती के साथ अभद्रता की।

कुख्यात नक्सली विनोद मिश्रा के खिलाफ NIA ने दायर की चार्जशीट, रिश्तेदार वामपंथी आतंकी प्रमोद मिश्रा के साथ मगध क्षेत्र में बैन CPI (माओवादी) को दोबारा कर रहा था खड़ा

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन सीपीआई (माओवादी) को मगध क्षेत्र में फिर से खड़ा करने के मामले में कुख्यात नक्सली विनोद मिश्रा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। एजेंसी ने शनिवार को बताया कि विनोद मिश्रा नक्सली संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य और उत्तर क्षेत्र ब्यूरो प्रमुख प्रमोद मिश्रा उर्फ ​​सोहन दा उर्फ ​​बनवारी जी उर्फ ​​बीबी जी उर्फ ​​बाबा का करीबी और रिश्तेदार है।

बिनोद कुमार मिश्रा को भारतीय दंड संहिता (IPC) और गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत पूरक आरोपपत्र में नामित किया गया है। NIA ने अपने एक बयान में कहा कि उसकी जाँच से पता चला है कि आरोपित विनोद मिश्रा ने मगध क्षेत्र (बिहार के गया और औरंगाबाद क्षेत्र) में प्रतिबंधित संगठन को पुनर्जीवित और मजबूत करने की कोशिश की।

इसके अलावा, इसके लिए उसने अपनी नापाक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए अपने घर पर कई बैठकें भी आयोजित की थी। उसने नक्सल नेताओं और कैडरों को अपने घर में आश्रय दिया और उन्हें रसद आदि की सहायता भी प्रदान की थी। इसके अलावा, ये सभी भारत विरोधी विध्वंसक गतिविधियों में शामिल थे। विनोद मिश्रा गिरफ्तार प्रमोद मिश्रा का रिश्तेदार है।

एनआईए ने कहा, “जाँच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपित और अन्य संदिग्ध सीपीआई (माओवादी) की भारत विरोधी विचारधारा का प्रचार करने में लगे हुए थे और मगध क्षेत्र में संगठन को पुनर्जीवित करने के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कैडर की भर्ती और लेवी एकत्र करने की प्रक्रिया में भी थे। इसका उद्देश्य भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बाधित करना था।”

दरअसल, यह मामला (RC-26/2023/NIA) केस में प्रतिबंधित संगठन के दो शीर्ष नक्सली नेताओं- प्रमोद मिश्रा और अनिल यादव की गिरफ़्तारी से शुरू हुआ था। बिहार पुलिस ने 10 अगस्त 2023 को विनोद मिश्रा के घर से ही प्रमोद मिश्रा को गिरफ्तार किया था। उस वक्त विनोद मिश्रा फरार हो गया था। इस मामले में तब पुलिस ने टेकारी थाना में मामला दर्ज किया था।

इन नक्सली नेताओं की गिरफ़्तारी के समय उनके पास से विभिन्न नक्सली साहित्य, हस्तलिखित पत्र और सात मेमोरी कार्ड जब्त किए गए थे। जब्त किए गए मेमोरी कार्ड में नक्सली गतिविधियों से संबंधित विभिन्न तस्वीरें, पत्र, पत्राचार और साहित्य शामिल थे। इस मामले को एनआईए ने अक्टूबर 2023 में अपने हाथ में ली और प्रमोद मिश्रा समेत तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

इन आरोपितों में प्रमोद मिश्रा और अनिल यादव उर्फ ​​अंकुश उर्फ ​​लवकुश के साथ विनोद मिश्रा भी शामिल था। फरवरी 2024 में एजेंसी ने प्रमोद मिश्रा और सीपीआई (माओवादी) के सब-जोनल कमिटी सदस्य अनिल यादव के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। अब तक गिरफ्तारी से बच रहे विनोद मिश्रा को 20 मार्च 2024 को झारखंड के धनबाद से गिरफ्तार किया गया था।

इस्लामी कट्टरपंथियों की हिंसा से तंग आए बांग्लादेशी हिंदू, ढाका सहित कई शहरों के हाईवे किए जाम: लगा रहे न्याय और सुरक्षा की गुहार

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे वहाँ के हिंदू समुदाय में असुरक्षा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस हिंसा और अन्याय के खिलाफ बांग्लादेश में हिंदू समुदाय ने सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। वे अपने घरों, मंदिरों और परिवारों पर हो रहे हमलों से परेशान हैं और इस हिंसा के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

हिंदू समुदाय का कहना है कि उनकी धार्मिक पहचान और आजीविका को इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। इस हिंसा और उत्पीड़न के चलते विरोध प्रदर्शन बढ़ गए हैं, और हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय न्याय और सुरक्षा की माँग कर रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार (13 सितंबर 2024) को हिंदू समुदाय के सदस्य सड़कों पर उतरे और बांग्लादेश की राजधानी ढाका के शाहबाग चौराहे पर धरना दिया। इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन सनातनी अधिकार आंदोलन और बांग्लादेश हिंदू जागरण मंच जैसे हिंदू संगठनों के सहयोग से किया गया था। विरोधियों ने बांग्लादेश सरकार पर आरोप लगाया कि उसने अल्पसंख्यक समुदाय की चिंताओं को हल करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए हैं।

धरना लगभग 4:30 बजे शुरू हुआ और इस दौरान उन्होंने यातायात को बाधित कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आठ मुख्य माँगें रखीं, जिनमें अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए कानून बनाना, मुआवजा और पुनर्वास, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और दुर्गा पूजा के लिए 5 दिन की छुट्टी की माँगें शामिल थीं।

इसके साथ ही, चटगाँव शहर के जमाल खान चौराहे पर भी हिंदू संगठनों ने रैली आयोजित की और अपनी माँगों को जोरदार तरीके से उठाया।

आठ प्रमुख माँगें:

  1. अल्पसंख्यकों पर हमलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और ट्रिब्यूनल का गठन।
  2. सांप्रदायिक हिंसा के शिकार लोगों का मुआवजा और पुनर्वास।
  3. अल्पसंख्यक सुरक्षा कानून का निर्माण।
  4. अल्पसंख्यक मामलों के लिए एक मंत्रालय की स्थापना।
  5. हिंदू धर्म कल्याण ट्रस्ट को हिंदू फाउंडेशन में बदलना।
  6. बौद्ध और ईसाई धर्म कल्याण ट्रस्टों को भी फाउंडेशन में बदलना।
  7. संपत्ति के कानून को सख्ती से लागू करना और संपत्ति के संरक्षण के लिए कानून बनाना।
  8. दुर्गा पूजा के लिए 5 दिन की छुट्टी देना।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पिछले 53 वर्षों में किसी भी सरकार ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हुए अत्याचारों को ठीक से नहीं संभाला है। इसके कारण अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं है और वे बार-बार इस तरह के हमलों को अंजाम देते रहते हैं। बता दें कि बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद से हिंदू समुदाय पर हमले और बढ़ गए हैं।

कई रिपोर्टों के अनुसार, 5 अगस्त को शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमलों की संख्या में तेज़ी आई है। इससे हिंदुओं के खिलाफ व्यवस्थित हिंसा और उत्पीड़न की एक नई लहर आई है, जिसे कुछ विश्लेषक “नरसंहार” की संज्ञा दे रहे हैं।

मोहम्मद यूनुस का विवादित बयान

एक तरफ हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने हिंदू समुदाय पर हो रही हिंसा को “बढ़ाचढ़ाकर पेश किया गया” बताया। उन्होंने कहा कि यह हिंसा केवल सांप्रदायिक नहीं बल्कि राजनीतिक थी। उनके अनुसार, “हिंदू विरोधी हिंसा को बड़ा दिखाया जा रहा है और इसे राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।”

बांग्लादेश में हिंदुओं पर होते रहे हैं हमले

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हो रही हिंसा कोई नई बात नहीं है। पिछले कई दशकों से यह समुदाय लगातार उत्पीड़न और हिंसा का सामना कर रहा है। 5 अगस्त को शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद, यह हिंसा और अधिक बढ़ गई है। हिंदू समुदाय के लोग अब अपनी आवाज़ उठा रहे हैं और सरकार से अपनी सुरक्षा और अधिकारों की माँग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी हिंदू संगठन इस बात पर जोर दे रहे हैं कि यह हिंसा धार्मिक आधार पर की जा रही है और इसे समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब बांग्लादेश के 49 जिलों में हिंदू समुदाय के घरों, मंदिरों और व्यवसायों पर हमले शुरू हुए। प्रथम आलोक की रिपोर्ट के अनुसार, 5 अगस्त से 20 अगस्त तक हिंदू समुदाय पर कुल 1,068 हमले किए गए। ये वो दिन था, जब शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी और उन्हें प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। उसके बाद से हिंदुओं पर लगातार हमले हो रहे हैं।

राम मंदिर को उड़ाने और CM योगी की हत्या की धमकी: बिहार के भागलपुर से मकसूद अंसारी गिरफ्तार, जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी से था संपर्क

अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने बिहार के भागलपुर से मोहम्मद मकसूद को गिरफ्तार किया है। मकसूद ने इस साल 14 जून को राम मंदिर को उड़ाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी दी थी। इसके पुलिस ने बड़ी खंजरपुर में छापेमारी करके उसे गिरफ्तार कर लिया और कागजी प्रक्रिया पूरी करके उसे यूपी ले आई।

जिस समय पुलिस ने मोहम्मद मकसूद अंसारी को गिरफ्तार किया, उस समय वह अपने बहन के ससुराल से आ रहा था। इसी दौरान उसका मोबाइल नम्बर ट्रेस करके पुलिस ने उसे भागलपुर के गुरहट्टा चौक से दबोच लिया। वहीं, कुछ रिपोर्ट में उसकी गिरफ्तारी भागलपुर के बरारी थाना क्षेत्र के बड़ी खंजरपुर स्थित मस्जिद गली स्थित उसके घर से गिरफ्तार करने की बात कही जा रही है।

पिछले कुछ दिनों से पुलिस उसके घर पर पहुँचकर उसकी माँ से पूछताछ कर रही थी। हालाँकि, उसका सुराग नहीं मिल पा रहा था। मोहम्मद मकसूद के पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ से भी जुड़े होने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने उसके पास से चार मोबाइल फोन बरामद किया है। इनमें से एक मोबाइल वह भी है, जिसके फेसबुक से धमकी दी गई थी।

यह बात भी सामने आई है कि मकसूद जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आमिर के संपर्क में था। उसका देश विरोधी पोस्ट भी मकसूद शेयर किया करता था। इतना ही नहीं, साइबर ठगी में भी उसकी संलिप्तता सामने आई है। संगठन के नाम पर भी लाखों रुपए इकट्ठा करने और नए लड़कों की संगठन में भर्ती को लेकर कई चौंकाने वाली जानकारी मिली है। बरामद मोबाइल से आमिर से जुड़ी जानकारी भी मिली है।

मकसूद की अम्मी का कहना है कि वह कैंसर की मरीज है और उसका बेटा उसकी देखभाल करता था। उसने अपने बेटे को निर्दोष बताया है। उसकी अम्मी का कहना है कि उसके बेटे का फोन कुछ दिन उसके साला के पास था। उसके साले ने उस फोन से क्या किया, क्या नहीं किया, इसके बारे में उसे जानकारी नहीं है। फिलहाल पुलिस उसके संभावित साथियों की भी तलाश कर रही है।

उसकी अम्मी ने यह भी कहा कि मकसूद अंसारी अपनी नौकरी के लिए फोन पर बातें किया करता था। उसने नौकरी के लिए चंडीगढ़ में आवेदन भी दिया था। वहाँ से उसका वीजा बनाने की बात हो रही थी। वीजा बन जाने के बाद वह विदेश जाने वाला था। उसकी अम्मी का कहना है कि मकसूद के विदेश जाने से पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में पता चला कि हुसैनाबाद के सकरुल्ला चक में रहने वाले 26 साल के मोहम्मद मकसूद अंसारी के साला अमन का मोबाइल खराब हो गया था। उसने बताया कि अमन ने इस दौरान उसके मोबाइल से क्या किया उसे इसकी जानकारी नहीं है। पुलिस इस मामले में उसके साले अमन की संलिप्ता की भी जाँच कर रही है।

बता दें कि इस साल 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर का उद्घाटन हुआ था। इसके बाद 14 जून 2024 को राम मंदिर को उड़ाने की धमकी दी गयी थी। इसके साथ ही सीएम योगी को भी जान से मारने की धमकी दी गई थी। धमकी भरे मैसेज मिलने के बाद यूपी पुलिस सहित देश की सुरक्षा एजेंसी अलर्ट हो गई थीं। इस धमकी में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम सामने आया था।

ऑडियो मैसेज सामने आने के बाद अयोध्या के राम जन्मभूमि थाना में केस दर्ज किया गया था। यूपी पुलिस को उस मोबाइल के बारे में जानकारी हासिल की तो पता चला कि यह मोबाइल किसी मकसूद अंसारी नाम के शख्स का है और वह बिहार के भागलपुर जिले का रहने वाला है। फिलहाल इस मामले में पुलिस खुलकर कुछ भी बताने से परहेज कर रही है।

अवैध इबादतगाह नहीं बर्दाश्त, अतिक्रमण हटाओ: हिमाचल प्रदेश में शिमला से कुल्लू तक हिंदुओं का प्रदर्शन, सड़क पर किया हनुमान चालीसा पाठ

हिमाचल प्रदेश के संजौली मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। शिमला में हिन्दुओं के प्रदर्शन के बाद अब इसी राज्य के कुल्लु में भी धरना दिया गया है। इस दौरान सड़क पर हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। शुक्रवार (13 सितंबर 2024) को इस विरोध प्रदर्शन में प्रदर्शनकारी पूरी मस्जिद को ही अतिक्रमण बतापर इस पर कार्रवाई की माँग कर रहे थे। इसी के साथ इस मस्जिद के खिलाफ सुन्नी, पाँवटा साहिब, हमीरपुर और बिलासपुर में भी प्रदर्शन हुए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार की सुबह ही कुल्लू में हिन्दू संगठन से जुड़े सदस्य सड़क पर उत्तर आए। उन्होंने शिमला में प्रदर्शनकारी हिन्दुओं के साथ अपनी एकजुटता दिखाई। प्रदर्शनकारी हिन्दुओं का आरोप है कि संजौली की पूरी मस्जिद ही अतिक्रमण कर के बनाई गई है। उन्होंने माँग की है कि पूरी मस्जिद को ही हटाया जाए। धरने की सूचना पर फ़ौरन ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुँचा।

इस बीच हिन्दू संगठन के लोग हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। हालाँकि अंत में धरना बिना किसी विवाद के शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत पटेल उमराव ने इस प्रदर्शन की एक वीडियो भी अपने X हैंडल पर शेयर की है। उन्होंने दावा है कि न सिर्फ शिमला और कुल्लू बल्कि सुन्नी, बिलासपुर, हमीरपुर और पांवटा साहिब में भी अवैध मस्जिदों के विरुद्ध हिन्दू प्रदर्शन कर रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश की अवैध इबादतगाहों के खिलाफ सामूहिक एकजुटता दिखाते हुए व्यापारी वर्ग ने भी इन प्रदर्शनकारियों के पक्ष में आवाज उठाई है। प्रदेश के कई हिस्सों में सांकेतिक रूप से बाजारों को 3 घंटों के लिए बंद रखा गया। इस बंद का सबसे ज्यादा असर सुन्नी कस्बे में देखने को मिला है। यहाँ बाजार पूरी तरह से बंद हैं। हिमाचल प्रदेश पुलिस और वहाँ के मुख्यमंत्री ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

चूमा, दुलराया, गोद में उठाया… PM आवास में ‘दीपज्योति’ का स्वागत देख लोग हुए गदगद, बोले- कोई ऐसे ही नरेंद्र मोदी नहीं बन जाता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास में नए सदस्य का स्वागत हुआ है। ये मेहमान कोई और नहीं बल्कि एक बछिया है जिसका नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘दीपज्योति’रखा है। प्रधानमंत्री ने इसकी एक वीडियो साझा की है और उसमें उस बछिया को दुलराते हुए भी दिखे।

वीडियो को शेयर करते गुए उन्होंने लिखा, “हमारे शास्त्रों में कहा गया है – गाव: सर्वसुख प्रदा:’। लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास परिवार में एक नए सदस्य का शुभ आगमन हुआ है। प्रधानमंत्री आवास में प्रिय गौ माता ने एक नव वत्सा को जन्म दिया है, जिसके मस्तक पर ज्योति का चिह्न है। इसलिए, मैंने इसका नाम ‘दीपज्योति’ रखा है।”

वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस बछिया को चूमते हुए, उसे सहलाते हुए, उसे गोद में बैठाकर बाग में घूमते हुए दिखे। उन्होंने मंदिर के सामने उसे फूल पहनाकर उसका स्वागत किया और मस्तक पर बने ज्योति चिह्न पर हाथ घुमाया।

उनकी वीडियो देखने के बाद नेटीजन्स इसपर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कहा जा रहा है- एक ही दिल है पीएम मोदी उसे कितनी बार जीतेंगे। कोई उन्हें हिंदू हृदय सम्राट कह रहा है तो कोई सच्चा सनातनी।

दूसरी पार्टियों के नेताओं से तुलना करते हुए कहा जा रहा है कि ऐसे ही कोई नरेंद्र मोदी नहीं बन जाता।

एक यूजर ने कहा, “गौ माता द्वारा जन्मे ‘दीपज्योति’ नव वत्सा का स्वागत कर, आप एक बार फिर भारतीय संस्कृति और परंपरा की गहराई को प्रकट कर रहे हैं। यह कदम हमारे सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।”

एक ने लिखा, वीआईपी लोग अपने घरों में कुत्ते को रखना अपनी शान समझते थे अब ये नया भारत है अब गाय माता को रखना अपनी शान समझते हैं।

बेल पर रिहा हुए CM केजरीवाल पत्नी संग पहुँचे हनुमान मंदिर: पटाखे फोड़कर जश्न मनाने वाले समर्थकों पर केस दर्ज, कोर्ट ने कहा था- गिरफ्तारी बिलकुल जायज थी

दिल्ली के शराब घोटाले में जमानत पर तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शुक्रवार (13 सितंबर 2024) को कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर पहुँचे और पूजा-अर्चना की। उनके साथ पत्नी सुनीता केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और AAP सांसद संजय सिंह भी थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने रिहाई का जश्न भी मनाया।

मंदिर पहुँचकर सुनीता केजरीवाल ने भगवान हनुमान को जल चढ़ाया। इसके बाद अरविंद केजरीवाल राजघाट जाकर महात्मा गाँधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। बता दें कि शराब नीति केस में जमानत मिलने के बाद मनीष सिसोदिया और संजय सिंह ने भी इसी हनुमान मंदिर में बजरंग बली की पूजा की थी। अंतरिम जमानत के बाद 2 जून को सरेंडर करने से पहले भी केजरीवाल ने यहाँ दर्शन किए थे।

जेल से बाहर आने पर केजरीवाल ने 13 सितंबर को कहा था, “आज मैं जेल से बाहर आ गया हूँ। मेरे हौसले 100 गुना ज्यादा बढ़ गए हैं। मैं सच्चा था… मैं सही था, इसलिए भगवान ने मेरा साथ दिया। ऊपर वाले ने मुझे रास्ता दिखाया। ऐसे ही भगवान रास्ता दिखाता रहे। ये राष्ट्र विरोधी ताकतें, जो देश को अंदर से कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं, मैं इनके खिलाफ ऐसे ही लडूँ।”

बुधवार (11 सितंबर 2024) को अरविंद केजरीवाल के 177 दिन बाद जेल से बाहर आने पर तिहाड़ के बाहर AAP कार्यकर्ताओं ने जमकर आतिशबाजी की थी। इसको लेकर दिल्ली के सिविल लाइंस थाने में अज्ञात के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है। दरअसल, दिल्ली में प्रदूषण के चलते 1 जनवरी 2025 तक पटाखे जलाने पर बैन है।

केजरीवाल के बाहर आने पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने ऐसे जश्न मनाया, जैसे उन्हें शराब घोटाले से बरी कर दिया गया हो। अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले में आरोपमुक्त नहीं हुए हैं, बल्कि जमानत पर बाहर आए हैं। ये बात AAP कार्यकर्ता नहीं समझ पा रहे हैं। उन्हें जमानत पर कुछ निश्चित शर्तों के साथ दी गई है।

इन शर्तों के तहत केजरीवाल दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस की मेरिट पर कोई टिप्पणी नहीं करना है। ना ही इस केस को लेकर कोई सार्वजनिक टिप्पणी करनी है। उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय और दिल्ली सचिवालय में जाने की भी अनुमति नहीं दी गई है। इसके साथ ही वे वह सरकारी फाइलों पर दस्तखत भी नहीं करेंगे।

अरविंद केजरीवाल को ट्रायल कोर्ट के सामने हर सुनवाई पर मौजूद होना होगा, जब तक कि उन्हें पेशी से छूट न मिले। इसके अलावा, उन्हें जमानत पर बाहर रहने के दौरान केस से जुड़े गवाहों से संपर्क नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई है। अरविंद केजरीवाल को 10-10 लाख रुपए के दो मुचलके भरने पर जमानत मिली है।

जमानत की याचिका पर सुनवाई करते समय भी जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी कानून सम्मत थी। इसमें कोई प्रक्रियागत अनियमितता नहीं हुई थी। कोर्ट ने कहा था कि सीबीआई ने गिरफ्तारी के दौरान दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41 के निर्देशों का पालन किया था।