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जिस पत्रकार से राजीव गाँधी ने कहा था- आरक्षण के नाम पर बुद्धुओं को बढ़ावा नहीं दूँगा, उन्होंने कहा- राहुल गाँधी की राजनीति जाति और वामपंथ का खतरनाक कॉकटेल

राहुल गाँधी लगातार ‘जाति जनगणना’ की बातें कर रहे हैं, वो जाति के हिसाब से हिस्सेदारी की बातें करते हैं। कभी वो बजट बनाने वाले अधिकारियों की जाति पूछते हैं, तो कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को OBC समाज का मानने से इनकार कर देते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या सत्ता पाने के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी देश को गृहयुद्ध की तरफ धकेलने की साजिश रच रही है? बड़ी बात ये है कि आरक्षण को लेकर राजीव गाँधी के जो विचार थे, वो कॉन्ग्रेस पार्टी के लिए गले की फाँस बन सकते हैं।

प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रुख भी आरक्षण के खिलाफ था। वहीं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में 1985 का मुद्दा उठाया, जब राजीव गाँधी ने प्रधानमंत्री रहते आरक्षण के खिलाफ बयान दिया था। असल में उन्होंने 1985 में ‘नवभारत टाइम्स’ (NBT) के साथ इंटरव्यू में कुछ ऐसा कहा था, जो भाजपा आज लोगों को याद दिला रही है। राजीव गाँधी का ये इंटरव्यू पत्रकार आलोक मेहता ने लिया था। अब आलोक मेहता ने CNN-News18 को दिए गए इंटरव्यू में इस पर और राहुल गाँधी की ताज़ा राजनीति पर विस्तार से बात की है।

आलोक मेहता ने कहा कि वो राजीव गाँधी के PM बनने से पहले से ही उनका संपर्क रहा है, ऐसे में वो राहुल गाँधी के ताज़ा भाषणों को सुन कर दुःखी हैं क्योंकि राहुल गाँधी को लगता है कि जाति की राजनीति कामयाब होगी। उन्होंने कहा कि राजीव गाँधी आधुनिक व्यक्ति थे, राहुल गाँधी जो राजनीति कर रहे वो उनकी पिता की राजनीति से एकदम अलग है। आलोक मेहता का मानना है कि राहुल गाँधी या तो कन्फ्यूज्ड हैं या फिर कम्युनिस्ट बनना चाहते हैं।

आलोक मेहता ने याद दिलाया कि छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेस के सबसे बड़े नेता रहे विद्याचरण शुक्ला को माओवादियों ने ही मार डाला था। अलोक मेहता ने कहा कि वो लंबे समय से इस परिवार को जानते हैं, ऐसे में उन्हें आज ये सब देख कर दुःख होता है। अलोक मेहता का मानना है कि राहुल गाँधी के इस राजनीतिक रुख से उन्हें भले ही तात्कालिक फायदा हो जाए, लेकिन आगे जाकर भारत को इसका नुकसान होगा। वरिष्ठ पत्रकार ने कहा कि वो धार्मिक कट्टरता के साथ-साथ जातिवादी राजनीति के भी खिलाफ हैं।

आलोक मेहता ने कहा कि अगर जातीय राजनीति की ही बात करें तो राहुल गाँधी या तेजस्वी यादव से अधिक सक्षम नेता अखिलेश यादव हैं। अलोक मेहता के अनुसार, राहुल गाँधी कि ताज़ा राजनीति जातिवाद और कम्युनिज्म का मिश्रण है। उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति अंततः मजदूरों के विद्रोह को जन्म देती है। आलोक मेहता ने कहा कि आज जयराम रमेश कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी के सलाहकार बने हुए हैं, जो खुद एक चुनाव तक लड़ कर नहीं जीत सकते।

राजीव गाँधी के साथ आलोक मेहता (फोटो साभार: News18)

आलोक मेहता का कहना है कि राहुल गाँधी देश के सबसे बड़े भ्रष्टाचारी लालू यादव के साथ मिल कर राजनीति करते हैं। 1985 के जिस इंटरव्यू का जिक्र संसद में हुआ, उसमें राजीव गाँधी ने कहा था कि संविधान बनाए जाने के दौरान आरक्षण की जो व्यवस्था की गई थी, उसका अब काफी राजनीतिकरण हो गया है। उन्होंने कहा था कि आरक्षण के प्रावधानों पर नए सिरे से विचार का समय आ गया है। इस दौरान उन्होंने कहा था – विभिन्न क्षेत्र में बुद्धुओं के आगे बढ़ने से देश को नुकसान होगा।

विशेष विमान से राजस्थान के उदयपुर से नई दिल्ली लौटते समय यात्रा के दौरान ही उन्होंने NBT के आलोक मेहता को इंटरव्यू दिया था। बता दें कि हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने संसद में करारा पलटवार करते हुए राहुल गाँधी से पूछा कि उनकी जाति क्या है? उन्होंने कहा कि जिसकी खुद की जाति का पता नहीं, वो ‘जाति जनगणना’ की बात करता है। इसके बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी भड़क गए। उन्होंने कहा कि आप जाति कैसे पूछ सकते हैं? जबकि ‘जाति जनगणना’ के तहत यही लोग पूरे देश की जाति पूछने की माँग करते हैं।

किस बच्चे को बनाया जाएगा ईसाई, यह परीक्षा के नंबर से होता था तय: बरेली में 3 की गिरफ्तारी के बाद खुलासा, जानिए कैसे चल रहा था धर्मांतरण का रैकेट

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में रविवार (28 जुलाई, 2024) को ईसाई धर्मान्तरण के एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ था, तब पुलिस ने नाबालिग बच्चों को ईसाई बनाने के आरोप में 3 आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इनकी पहचान प्रेम जायल, विनोद और नितिन के तौर पर हुई थी। बाद में पुलिस ने इस रैकेट की जाँच की तो कई नए और बड़े खुलासे हुए। बताया जा रहा है कि बच्चों को ईसाई धर्म का इतिहास पढ़ा कर उसी से संबंधित इम्तिहान लिया जाता था। इस एग्जाम में मिले नंबरों के ही आधार पर नाबालिगों का धर्म परिवर्तन करवाया जाता था

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बरेली के इज्जतनगर थानाक्षेत्र के इस मामले में आरोपित पादरी अपने साथियों सहित पहले गरीब बच्चों को चिन्हित किया करता था, फिर इन बच्चों को खाने-पीने की चीजें देकर मेलजोल बढ़ाया जाता था। बच्चों के घर जाने पर ये आरोपित खुद को धर्म उपदेशक और शिक्षक बताया करते थे, फिर इनके परिवार से मिलकर उन्हें बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं आदि का लालच दिया जाता था। शुरुआत में गरीब बच्चों को पढ़ाई के नाम पर अपने ठिकाने पर बुलाया जाता था। बच्चों को नए-नए खेल भी खिलाए जाते थे जिस से वो बार-बार वहाँ जाना चाहते थे।

यहाँ उन सभी को पहले ईसाई इतिहास बताया जाता था। बाद में इसी इतिहास से सवाल बना कर उन बच्चों का एग्जाम लिया जाता था। आरोप है कि ईसाई इतिहास की इस परीक्षा में हासिल किए जाने वाले नम्बरों के आधार पर भी आरोपित धर्मान्तरण के लिए बच्चों का चुनाव करते थे। जिस बच्चे को जितने ज्यादा नंबर मिलते थे उनको उतनी ही अधिक सुविधा और सहूलियत दी जाती थी। इस काम के लिए बाहर से फंडिंग हो रही थी जिसके स्रोत की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। पुलिस न सिर्फ आरोपितों के खातों बल्कि उनकी कॉल रिकॉर्ड भी निकलवा रही है। इनके पास मिले ईसाई साहित्यों की भी जाँच करवाई जा रही है।

क्या है FIR में

गौरतलब है कि इन सभी आरोपितों को गुलशन कुमार नाम के शिकायतकर्ता की तहरीर पर गिरफ्तार किया गया है। गुलशन कुमार का आरोप है कि आरोपित पहले भी कई बच्चों को ईसाई बना चुके हैं। उनको इस साजिश की भनक लगी तो वो भी आरोपितों की सभा में बैठने गए, तब बच्चों के साथ पादरी प्रेम जोनल ने उन्हें भी ईसाई बनने का लालच दिया। आरोपितों ने गुलशन को नीले कवर वाली एक किताब दी जिस पर सुनहरे रंग से ‘पवित्र शस्त्र भजन संहिता और नीति वचन’ लिखा हुआ था।

पादरी जोनल ने गुलशन के हाथ में किताब पकड़ाते हुए उनसे कहलवाया, “हे ईशु भगवान। मैं आपकी शरण मे आ गया हूँ और ईसाई धर्म कबूल करता हूँ।” पीड़ित के मुताबिक उनके साथ आरोपितों ने धोखा और विश्वासघात किया है। बकौल पीड़ित इस हरकत से उनकी धार्मिक भावनाएँ आहात हुई हैं। पुलिस ने इस शिकायत पर तीनों आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 299 के साथ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के सेक्शन 3/5(1) के तहत कार्रवाई की है। मामले में जाँच व आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

आयुष्मान घोटाला: हिमाचल प्रदेश में फर्जी मरीजों को ठीक कर अस्पताल ले रहे थे सरकार से पैसा, कॉन्ग्रेस MLA पर कसा शिकंजा, 19 जगहों पर ED की रेड

फर्जी आयुष्मान कार्ड जारी करके सरकार को चूना लगाने वाले अस्पतालों और उनसे जुड़े लोगों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) छापेमारी कर रहा है। ED ने इस संबंध में 19 जगहों पर छापेमारी की है। हिमाचल प्रदेश में कॉन्ग्रेस के विधायक RS बाली के ठिकानों पर भी ED ने छापा मारा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ED की यह छापेमारी पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और चंडीगढ़ में बुधवार (31 जुलाई, 2024) को सुबह से चालू हुई। यह छापेमारी फोर्टिस अस्पताल, बांकेबिहारी अस्पताल, श्रीबालाजी अस्पताल और कई अन्य पर हुई है।

जिन RS बाली के ठिकानों पर इस मामले में छापे पड़े हैं, वह हिमाचल कॉन्ग्रेस के बड़े नेता हैं। कांगड़ा में फोर्टिस अस्पताल चलाने वाली कम्पनी हिमाचल हेल्थकेयर लिमिटेड बाली की है। इस अस्पताल पर भी गड़बड़ी करने के आरोप हैं।

बाली हिमाचल प्रदेश CM सुखविंदर सिंह सुक्खू के करीबी हैं। बाली हिमाचल प्रदेश में अति महत्वपूर्ण माने जाने वाले हिमाचल प्रदेश टूरिस्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के भी मुखिया हैं। RS बाली के पिता GS बाली भी कॉन्ग्रेस के बड़े नेताओ में थे। बाली के अलावा कॉन्ग्रेस नेता डॉक्टर राजेश शर्मा पर भी छापेमारी हुई है।

जाँच एजेंसी के अधिकारियों ने मीडिया को बताया है कि इन अस्पतालों ने फर्जी आयुष्मान कार्ड के आधार पर फर्जी मरीजों का इलाज कर दिया। इन मरीजों का लंबा इलाज और सर्जरी दिखाया गया। जाँच में 373 मामले सामने आए हैं। इसे कारण 40.68 लाख का नुकसान सरकार को पहुँचा।

इस फर्जीवाड़े के कारण सरकार ने हिमाचल प्रदेश में 8,000 से अधिक आयुष्मान कार्ड रद्द कर दिए थे। इस पूरे फर्जीवाड़े का आकार ₹25 करोड़ होने की आशंका है। यह फर्जीवाड़ा करने वाले अस्पतालों को प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना से बाहर कर दिया गया था। इस मामले में सबसे पहले ऊना में शिकायत दर्ज की गई थी। इसके बाद इसकी जाँच ED ने अपने हाथों में ले ली थी।

गौरतलब है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत केंद्र सरकार प्रत्येक परिवार को ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा देती है। इसमें योजना के अंतर्गत आने वाले अस्पतालों में इलाज करवाया जा सकता है, इसका भुगतान सरकार देती है। हालाँकि, कई जगह इस योजना में फर्जी बिल बनाकर सरकार को चूना लगाया जा रहा है।

वायनाड की तबाही पर मोदी सरकार ने पहले ही दे दी थी चेतावनी, अब सेवा में जुटा है RSS; लेकिन नामदारों (राहुल गाँधी+प्रियंका वाड्रा) के पास पीड़ितों के लिए समय नहीं

केरल के वायनाड में मची तबाही के बीच एक तरफ जहाँ राष्ट्रीय स्वयं सेवक के सदस्य ग्राउंड पर उतरकर पीड़ितों की मदद कर रहे हैं और राहुल गाँधी ने कहा है कि वो वायनाड तेज बारिश और मौसम खराब के कारण नहीं जा सकते उस बीच नई जानकारी सामने आई है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सदन में देश को बताया कि वायनाड के हालातों पर कहा जा रहा है कि पहले चेतावनी दी जानी चाहिए थी, लेकिन हकीकत तो ये है कि केंद्र ने 23 जुलाई को ही केरल सरकार को चेतावनी जारी कर दी थी यानी 7 दिन पहले। इसके बाद 24 और 25 जुलाई को भी चेतावनी भेजी गई थी। हर बार बताया गया था कि राज्य में भारी वर्षा और भूस्खलन के अनुमान हैं जिसमें लोगों की जान जा सकती है।

गौरतलब है कि वायनाड वही जगह है जहाँ से राहुल गाँधी पिछले लोकसभा चुनाव में सांसद निर्वाचित हुए थे और इस बार भी वायनाड की जनता ने उनपर विश्वास दिखाया था। आज इतनी बड़ा हादसा वहाँ के ग्रामीणों के साथ हो गया, लेकिन राहुल वहाँ अब तक नहीं गए। उलटा आज उन्होंने एक ट्वीट करके जानकारी दी कि वो अभी वायनाड नहीं जा सकते क्योंकि बारिश, मौसम खराब है। उन्होंने वायनाड की जनता को आश्वासन दिया है कि वो जल्द उनसे मिलने आएँगे

अपने एक्स पोस्ट में राहुल गाँधी ने कहा, “प्रियंका और मैं, भूस्खलन से प्रभावित लोगों से मिलने कल वायनाड आने वाले थे ताकि स्थिति का जायजा लें। हालाँकि लगातार बारिश और खराब मौसम के कारण हमें प्रशासन ने बताया कि हम लैंड नहीं कर पाएँगे। मैं वायनाड के लोगों को सुनिश्चित करना चाहता हूँ कि हम लोग जल्द से जल्द आएँगे और स्थिति को गंभीरता से मॉनिटर करके हर जरूरी चीजें मुहैया कराएँगे। हम इस कठिन समय में वायनाड के लोगों के साथ हैं।”

इसी तरह राहुल गाँधी का संदेश साझा करते हुए प्रियंका वाडरा ने वायनाड के लोगों को बताया कि वो लोग कल मिलने नहीं आ पाएँगे लेकिन उनकी संवेदनाएँ उनके साथ हैं और वो लोग इसके लिए प्रार्थना भी कर रहे हैं।

बता दें कि दोनों कॉन्ग्रेस नेता एक तरफ जहाँ सोशल मीडिया पर पीड़ितों के साथ एकजुटता दिखा रहे हैं और मौसम देख वहाँ पहुँचने से पीछे हटे हैं उस समय में वहाँ कुछ लोग हैं जो लगातार पीड़ितों की मदद कर रहे हैं।

इन लोगों में सिर्फ सेना और एडीआरएफ की टीम नहीं हैं। इनके साथ आरएसएस और सेवा भारती के लोग भी हैं। इन संगठनों के कार्यकर्ता खाने के लिए कैंप लगा रहे हैं ताकि पीड़ितों की मदद कर सकें। इसके अलावा वो मृतकों के अंतिम संस्कार के भी व्यवस्था कर रहे हैं, घायलों को अस्पताल पहुँचा रहे हैं, उनका ख्याल रख रहे हैं, सबको सही समय पर मेडिकल केयर मिले उसे सुनिश्चित कर रहे हैं, सड़कों पर टूटे पेड़ों को हटा रहे हैं ताकि आवागमन सही हो।

जानकारी के मुताबिक, वायनाड में अब तक 150 के करीब लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच आरएसएस के स्वयंसेवक अपनी सेवा दे रहे हैं, लेकिन दुखद बात ये है कि वामपंथी हमेशा से इसी आरएसएस पर निशाना साधते हैं जबकि हकीकत यह है कि आरएसएस के लोग धर्म या जाति की पहचान की परवाह किए बिना मानव निर्मित आपदा में लोगों की मदद करते हैं और राहुल गाँधी जैसे लोग जाति-आधारित विभाजनकारी कहानी सुना रहे हैं।

नौकर के साथ मिलकर OBC समाज की बच्ची से रेप करता था सपा नेता, सांसद अवधेश प्रसाद का करीबी भी है मोईद खान: घर में चल रही थी पुलिस चौकी

उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में एक नाबालिग लड़की से गैंगरेप का मामला सामने आया है। रेप का आरोप समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान और उनके नौकर राजू पर लगा है। मजदूर परिवार की पीड़िता का अश्लील वीडियो बना कर उसे ब्लैकमेल भी किया गया। मंगलवार (30 जुलाई, 2024) को पुलिस ने केस दर्ज कर के मोईद खान और उसके नौकर राजू को गिरफ्तार कर लिया है। जिस सपा नेता मोईद खान पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगा है उसी के घर में लगभग 12 साल से पुलिस चौकी चल रही थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना अयोध्या के थाना क्षेत्र पूराकलंदर की है। यहाँ के चौकी क्षेत्र भदरसा में समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान की बेकरी की दुकान है। यहीं पर एक OBC समुदाय की एक मजदूर महिला और उनकी 12 वर्षीया नाबालिग बेटी रहती है। लगभग 75 दिन पहले पीड़िता अपनी माँ के साथ मजदूरी कर के लौट रही थी। तभी रास्ते में मोईद की दुकान में काम करने वाले नौकर राजू खाँ ने पीड़िता को टोस्ट लेने के लिए अपनी दुकान पर बुलाया। लड़की पहले भी मोईद की दुकान पर आती जाती रही थी इसीलिए वो विश्वास कर के वहाँ चली गई।

बताया जा रहा है कि दुकान में राजू और उसके मालिक मोईद ने पीड़िता से बारी-बारी सामूहिक दुष्कर्म किया। इसी दौरान आरोपितों द्वारा रेप का वीडियो भी बना लिया गया। किसी को बताने पर वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी गई। बाद में इसी वीडियो से डरा-धमका कर पीड़िता से 2 महीने तक दोनों आरोपितों ने गैंगरेप किया। इस वजह से पीड़िता गर्भवती हो गई। लड़की के पेट में दर्द होने पर माँ को शक हुआ। जब यह बात लड़की की माँ को पता चली तो उसने पूरी वजह पूछी। पीड़िता ने सारी बात अपनी माँ को बता दी। आखिरकार मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई गई।

मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर हिन्दू संगठनों का जमावड़ा शुरू हो गया। भाजपा और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ निषाद पार्टी के सदस्य भी थाने पर जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे। मौके पर पुलिस फोर्स पहुँची और नाराज लोगों को समझा कर शाँत करवाया। जाँच के दौरान यह भी पता चला कि जिस भदरसा पुलिस चौकी क्षेत्र की यह घटना है वह आरोपित मोईद खान की ही प्रॉपर्टी में चल रही थी। रात भर में ही पुलिस चौकी को मोईद खान की प्रॉपर्टी से अलग जगह शिफ्ट किया गया। आरोपित समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद का भी नजदीकी बताया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि मोईद खान की ही प्रॉपर्टी में एक बैंक भी संचालित हो रहा है। नाराज लोगों का यह भी आरोप है कि घटना की FIR शिकायत देने के 30 घंटे बाद दर्ज हुई है। फिलहाल गैंगरेप के आरोप सपा नेता मोईद खान और उसके नौकर राजू को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों आरोपितों पर गैंगरेप की धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। मोईद खान के बेकरी की दूकान की वैधता जाँची जा रही है। पीड़िता की माँ का आरोप है कि शिकायत दर्ज करवाने के बाद उन्हें लगातार केस वापस लेने का दबाव दिया जा रहा है।

हाई कोर्ट की फटकार के बाद घुसपैठियों पर जागी झारखंड सरकार, जिस जिले के बूथ पर 123% बढ़े वोटर वहाँ बनी जाँच कमिटी: 1467 बूथ पर सामने आया था ‘डेमोग्राफी चेंज’

झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के बाद राज्य के संताल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठ को जाँच के लिए प्रशासन जागा है। संताल परगना के जिले साहिबगंज के उपायुक्त ने एक समिति गठित करके बांग्लादेशी घुसपैठ की जाँच चालू की है। साहिबगंज के उपायुक्त ने जिले के शीर्ष अधिकारियों को भी इसमें शामिल किया है।

साहिबगंज के उपायुक्त हेमंत सती ने अतिरिक्त कलेक्टर, सीओ और राजमहल के SDPO के साथ अन्य अधिकारियों को मिलाकर एक समिति बनाई है। यह जिले भर में बांग्लादेशी घुसपैठ की जाँच करेगी। यह समिति संथाल परगना के और जिलों में बनाने के आदेश भी कोर्ट ने दिए थे।

गौरतलब है कि जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस एके राय की पीठ ने बुधवार (3 जुलाई 2024) को ये निर्देश दिए थे। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया था कि वह दो सप्ताह के भीतर राज्य में मौजूद घुसपैठियों का पता लगाए, उनको चिन्हित करे और उन पर क्या कार्रवाई की गई, इसको लेकर रिपोर्ट दाखिल करे। हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से भी रिपोर्ट माँगी थी।

इसके अलावा हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि संथाल परगना के सभी DC अपने आपस में सामंजस्य बनाएँ और बांग्लादेशी घुसपैठ की जाँच करें। हाई कोर्ट की यह सख्ती डानियल दानिश की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिखी थी।

इस याचिका में अदालत को बताया गया था कि राज्य के संथाल परगना के जो भी जिले बांग्लादेश से सटे हुए हैं, उनमें बांग्लादेश के प्रतिबंधित संगठन सुनियोजित तरीके से झारखंड की जनजातीय लड़कियों से शादी करके उनका धर्मांतऱण करवा रहे हैं। नए मदरसे भी खुल रहे हैं। संताल परगना में गोड्डा, देवघर, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज और पाकुड़ जिले शामिल हैं।

हाई कोर्ट की इस टिप्पणी ने झारखंड की उस समस्या को सामने रखा था जो धीरे-धीरे नासूर बन चुकी है। संथाल परगना के जिले पश्चिम बंगाल से सीमाएँ साझा करते हैं। पहले घुसपैठिए बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल में आते हैं और यहाँ से फैलते हुए वह झारखंड में आ जाते हैं।

सिर्फ जमीन ही नहीं चुनाव में भी घुसपैठ

बांग्लादेशी घुसपैठियों की यह समस्या शादी करने और जमीन हथियाने तक सीमित नहीं रही है। इसका कनेक्शन लोकसभा चुनाव तक से जुड़ा है। हाल ही में भाजपा की रिपोर्ट में सामने आया है कि मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में वोटरों की संख्या में यह अप्रत्याशित बढ़त 20% से 123% तक की है। यह बढ़त इन 10 विधानसभा के कुल 1467 बूथ पर हुई है।

भाजपा ने बताया है कि सामान्यतः पाँच वर्षों में 15% से 17% की वृद्धि होती है, इसीलिए यह वृद्धि असामान्य है। भाजपा ने यह भी बताया है कि हिन्दू आबादी वाले बूथ पर वोटरों की संख्या में बढ़त मात्र 8% से 10% हुई है। भाजपा ने यह भी बताया है कि कई बूथ पर हिन्दू मतदाता घट भी गए हैं।

भाजपा की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर इस इन भी बूथ की जाँच हो तो डेमोग्राफी बदलने की एक साजिश सामने आएगी। भाजपा ने आरोप लगाया है कि विदेशी घुसपैठियों द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अपना नाम वोटरों की सूची में दर्ज करवाया गया है, जिसके लिए अवैध रूप से कागज बनवाए गए हैं। 

नई नहीं है डेमोग्राफी बदलने की बात

झारखंड हाई कोर्ट की टिप्पणी को रेखांकित करने वाली काफी सारी घटनाएँ पहले भी सामने आ चुकी हैं। इससे पहले मार्च, 2024 में आजतक की एक रिपोर्ट में याचिका में बताई गई समस्या को लेकर ही बात की गई थी। आजतक की रिपोर्ट में बताया गया था कि यहाँ बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठिए, पश्चिम बंगाल के रास्ते आते हैं। इसके बाद वह बस जाते हैं। इनमें से कुछ आदिवासियों की लड़कियों को निशाना बनाते हैं। जब लडकियाँ उनके दिखावे में फंस जाती हैं तो उनसे शादी कर ली जाती है।

शादी के बाद लड़की की कागजों में पहचान आदिवासी के तौर पर ही रहने दी जाती है। इसके बाद उस लड़की के नाम पर जमीन ली जाती है या फिर उसकी ही जमीन कब्जा ली जाती है। रिपोर्ट में बताया गया था कि यह सब करने के लिए बांग्लादेश से आने वाले घुसपैठियों को फंडिंग मिलती है। लड़की की पहचान आदिवासी रखने के पीछे सरकारी फायदे लेने के मकसद रहता है। इसके अलावा कई जगह उन लड़कियों को चुनाव भी लड़वाया गया, जिन्होंने मुस्लिमों से शादी की।

आजतक की रिपोर्ट में यह तक बताया गया था कि यहाँ घुसपैठ करने वाले बांग्लादेशी इस जमीन में खनन के लिए भी ऐसा कर रहे हैं। कुल मिलाकर धीमे-धीमे इस इलाके की पहचान बदली जा रही है। बांग्लादेशी घुसपैठिए झारखंड में घुसते ही फर्जी पहचान पत्र भी बनवा लेते हैं। इसमें इनकी मदद पहले से आकर बस चुके लोग भी करते हैं।

‘मुफ्त की राजनीति के कारण इंफ्रास्ट्रक्टर के लिए पैसे नहीं’: 3 छात्रों की मौत पर दिल्ली HC ने AAP सरकार को घेरा, कहा – कंगाल हैं संस्थाएँ, वेतन तक के लिए पैसे नहीं

हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी के राजेंद्र नगर में एक कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में पानी भर जाने के कारण 3 छात्रों की मौत हो गई, जिनमें 2 लड़कियाँ थीं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने अब इस मामले पर सुनवाई करते हुए प्रदेश की AAP सरकार की ‘मुफ्त की राजनीति’ पर सवाल खड़े किए हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल फ्री में बिजली-पानी देने का वादा कर चुनाव जीतते रहे हैं। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और जस्टिस तुषार राव गेडेला ‘Freebies’ संस्कृति के कारण सरकार के पास इंफ्रास्ट्रक्चर को उन्नत बनाने के लिए पैसे ही नहीं हैं।

उन्होंने चिंता ज़ाहिर की कि एक तरफ जहाँ दिल्ली में जनसंख्या तेज़ी से बढ़ती जा रही है, वहीं दूसरी तरफ यहाँ का ड्रेनेज सिस्टम बर्बाद हुआ पड़ा है। जजों ने कहा कि आप कई मंजिला इमारतों के निर्माण की अनुमति दे रहे हैं, लेकिन अपने पास ठीकठाक ड्रेनेज सिस्टम भी नहीं है। साथ ही ध्यान दिलाया कि दिल्ली की नागरिक संस्थाएँ कंगाल हो चुकी हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने AAP सरकार से पूछा कि अगर आपके पास कर्मचारियों को वेतन तक देने के लिए पैसे नहीं हैं तो आप इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कैसे कीजिएगा?

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि आप Freebie कल्चर चाहते हैं, आप कोई धन संग्रह नहीं कर रहे, इसीलिए आप पैसे खर्च भी नहीं कर रहे। दिल्ली हाईकोर्ट ने MCD से परियोजनाओं पर काम करने के लिए कहा था, लेकिन उधर से कहा गया कि 5 करोड़ रुपए से अधिक बजट वाली हर परियोजना के लिए स्टैंडिंग कमिटी की अनुमति चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा कि फ़िलहाल कोई कमिटी ही नहीं है। इसी तरह MCD ने एक योजना को लेकर कहा कि ये कैबिनेट में अनुमति के लिए जाना है, लेकिन अगली कैबिनेट बैठक कब होगी किसी को नहीं होता।

‘Rau’s IAS’ कोचिंग संस्थान में हुई 3 मौतों को लेकर छात्र सड़क पर हैं, इसी क्रम में दिल्ली हाईकोर्ट में भी PIL दाखिल की गई थी। इसमें माँग की गई कि दिल्ली के हर जिले में समिति बना कर जाँच की जाए कि कौन-कौन से निर्माण अवैध हैं। साथ ही जून 2023 में मुखर्जी नगर के एक कोचिंग संस्थान में आग लगने के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए, इसकी एक्शन रिपोर्ट तलब करने की भी माँग की गई थी। इस मामले में एक कारोबारी मनोज कथुरिया को गिरफ्तार किया गया है, जो कोचिंग के पास से पानी भरी सड़क से अपनी SUV चलाते हुए निकले थे।

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, “लगता है किसी ने अपना दिमाग खो दिया है। इस मामले की जाँच कर रहे पुलिस अधिकारी आखिर क्या कर रहे हैं? केवल एक MCD अधिकारी को जेल हुई है। आखिर अंत में किसी को तो जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। MCD को इसे ठीक करना होगा। वरिष्ठ अधिकारी जिम्मेदारी लें, लेकिन वो अपने AC चैंबरों से बाहर निकलने के लिए तैयार ही नहीं हैं। हम पूरे परिदृश्य को देखना चाहते हैं, इसीलिए इस मामले की जाँच CBI या लोकपाल से कराने पर विचार किया जाएगा।”

‘गाय को मार से बचाया तो मुसलमान मुझे मारने आए’ : मुंबई की पत्रकार आम्रपाली शर्मा ने साझा किया वीडियो, बताया- मांस का टुकड़े फेंके, दे रहे गाली

महाराष्ट्र के मलाड में रहने वाली पत्रकार आम्रपाली शर्मा ने पिछले दिनों सोशल मीडिया पर अपनी वीडियो साझा करते हुए बताया था कि मुस्लिम बहुल इलाके में रहना किस तरह से उनका मुश्किल हो रहा है। वीडियो में उनका कहना था कि जानवरों को खाना देने पर उन्हें गाली दी जाती है, धमकी दी जाती है, उनके घर के बाहर मीट फेंका जाता है और आत्महत्या को मजबूर किया जाता है ताकि वो परेशान होकर इलाके को छोड़ दें और उनके फ्लैट पर कब्जा हो जाए।

अब इसी मामले में आगे बढ़ते हुए आम्रपाली शर्मा ने कुछ और वीडियोज और स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर साझा किए हैं। इन वीडियो में दिखाया गया है कि किस तरह उन्हें तंग किया जाता है और कैसे इस मुद्दे पर आवाज उठाने पर मुस्लिम उन्हें धमकी देते हैं।

आम्रपाली शर्मा द्वारा साझा किए गए वीडियो में देख सकते हैं घर के पायदान पर मीट बिखेरा गया है और उसमें कचरा भी पड़ा है। आम्रपाली शर्मा ने वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा, “मेरे घर पर माँस और कचरा डाला, मैंने गाय को मार से बचाया तो पूरे मुसलमान सड़क पे मुझे मारने आए। पुलिस ने कोई मदद नहीं की। एक और कैराना एक और कश्मीर है मालवणी, मलाड।”

इसके अलावा उन्होंने एक और ट्वीट किया है जिसमें कुछ स्क्रीनशॉट लगाए हैं। इन स्क्रीनशॉट्स में देख सकते हैं उन्हें गाली दी गई है। उन्हें ऐसे ट्वीट करने पर कहा, “तुम काफिर लोग जहाँ रहते हो फालतू की हरकतें करके मुसलमानों को परेशान ही करते हो।” एक स्क्रीनशॉट में उन्हें ‘हिंदू र*$ भी कहा गया है।

आम्रपाली द्वारा ये मुद्दा उठाए जाने के बाद उन्हें इनबॉक्स में समर्थन के बजाय जो गालियाँ मिल रही हैं उस पर कहती हैं, “मुसलमान ये मैसेज भेज रहे हैं मुझे X पर। सोचिए कितना जहर भरा है हिंदुओं के खिलाफ और इनको हमसे सहिष्णुता चाहिए! और कितना बर्दाश्त करें? खतरनाक लोग आसपास हैं। मेरा कत्ल भी कर देंगे। सेक्यूलरिज्म के लायक हैं ये लोग?” आम्रपाली कहती हैं कि मालवानी पुलिस सीनियर पीआई अधव उनका समर्थन नहीं कर रहे हैं और जब भी वह मदद के लिए जाती हैं जो उनकी मदद नहीं होती।

बता दें कि इससे पहले आम्रपाली ने कुछ वीडियो साझा की थी उसमें इलाके में रहने वाले कुछ मुस्लिम उनपर भड़कते हुए दिखाई दे रहे थे। आम्रपाली ने पूछा था कि क्या एक हिंदू और जानवर प्रेमी महिला का मुस्लिम क्षेत्रों में रहना वाकई में मुश्किल है। उन्होंने आरोप लगाया था कि स्थानीय मुश्किल भीड़ उन्हें लगातार प्रताड़ित करती है और परेशान करती है। वहीं पुलिस से मदद माँगने जाओ तो सुनवाई नहीं होती।

UAE में 50% अपराधी पाकिस्तानी, बनाते हैं महिलाओं की वीडियो, सऊदी में भीख माँगने जाते हैं: PAK की संसद कमिटी में खुलासा

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों ने पाकिस्तानी कामगारों को लेकर अपनी चिंताएँ जाहिर की हैं। UAE में 50% अपराध पाकिस्तानियों द्वारा किए जा रहे हैं जबकि सऊदी अरब पाकिस्तान से आने वाले भिखारियों से परेशान है। यह सारे खुलासे पाकिस्तानी संसद की एक कमिटी में हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तानी संसद के उच्च सदन सीनेट की प्रवासी पाकिस्तानियों के लिए बनाई गई कमिटी को यह जानकारी पाकिस्तान के अधिकारीयों ने दी है। कमेटी को बताया गया है कि UAE जैसे देश पाकिस्तान से आने वाले कामगारों से कटाई खुश नहीं हैं और वह अब पाकिस्तानियों को काम के लिए बुलाने की जगह बांग्लादेश जैसे जगहों के लोगों को तरजीह दे रहे हैं।

UAE पाकिस्तानी कामगारों से इसलिए भी परेशान है क्योंकि यहाँ होने वाले 50% अपराधो में यही लोग शामिल पाए गए हैं। इसके अलावा पाकिस्तानी UAE के भीतर बदतमीजी भी करते हैं। UAE इनके व्यवहार से परेशान है। पाकिस्तानी दुबई जैसे शहरों में महिलाओं की बिना इजाजत के वीडियो बनाते हैं।

UAE के साथ ही इराक़ और सऊदी अरब भी पाकिस्तानियों से परेशान हैं। सऊदी अरब और इराक पाकिस्तान से आने वाले भिखारियों से परेशान हैं। अधिकारियों ने इस कमिटी को बताया कि सितम्बर, 2023 में यहाँ ऐसे गैंग पकड़े गए थे जो हज करने जाते थे लेकिन फिर वहाँ भीख माँगने लगते थे।

यह भी सामने आया है कि सऊदी अरब समेत खाड़ी देशों में पकड़े जाने वाले 90% भिखारी पाकिस्तानी निकले हैं। कमिटी में कहा गया कि पाकिस्तानी नई तकनीकों के हिसाब से काम नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए भी उनकी माँग इन देशों में घट रही है। कमिटी को बताया गया है कि इन्हें ट्रेनिंग दिए जाने की जरूरत है।

सऊदी अरब में पाकिस्तानी भिखारियों के जाने का मुद्दा पहले भी कई बार उठता रहा है। कमिटी ने जनवरी, 2024 में भी पाकिस्तानी सरकार से कहा था कि वह सऊदी अरब में पाकिस्तानी भिखारियों के जाने पर रोक लगाए। इससे पहले अक्टूबर, 2023 में सऊदी अरब जाने की कोशिश कर रहे 24 भिखारियों को पकड़ा गया था।

यह भी इससे पहले सामने आया है कि पाकिस्तानी सऊदी अरब में मस्जिदों के अंदर तक जेबकतरे बन कर घूम रहे हैं। इन सबसे खाड़ी देशों के लोग तंग आ रहे हैं और पाकिस्तानियों को अब काम पर नहीं रख रहे हैं। पाकिस्तान बड़े स्तर पर बाहर से आने वाले पैसे पर निर्भर है ऐसे में उसके लिए यह चिंता का विषय है।

पंजाब में निहंगों ने दुकानदार को घर में घुस कर मारा, तलवारों से काट कर दी हत्या, बेटे और भाई को भी किया घायल: घटना के बाद भागे, पुलिस खाली हाथ

पंजाब के तरनतारन जिले में 6 निहंग सिखों ने शम्मी पुरी नाम के एक दुकानदार की दिनदहाड़े हत्या कर दी। उन्होंने शम्मी पुरी पर तलवारों से हमला करके उन्हें काट दिया और उनकी मौत हो गई। निहंगों ने इस दौरान शम्मी पुरी के भाई और बेटे पर भी जानलेवा हमले किए, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तरनतारन के कस्बा पट्टी में मंगलवार (30 जुलाई, 2024) को यह घटना हुई। यहाँ शाम को 6 बजे आसपास 6 निहंग सिख एक इनोवा गाड़ी में सवार हो कर आए और शम्मी पुरी को आवाज लगाई। इसके बाद जब शम्मी पुरी बाहर आए तो उनके साथ यह निहंग मारपीट करने लगे।

थोड़ी देर में निहंगों ने तलवारें निकाल ली और शम्मी को तलवार से काट दिया। शम्मी की घायल हो जाने के कारण मौत हो गई। शम्मी के बेटे करण पर भी निहंगों ने तलवार से वार कर दिया और उसकी कलाई भी काट दी। शम्मी के भाई पर भी निहंगों ने हमला किया। इसमें वह भी घायल हो गए।

शम्मी की जहाँ मौत हो गई वहीं उनके भाई और बेटे को निहंगों के हमले के कारण अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा है। निहंगों के हमले के पीछे पैसे के लेनदेन का मामला बताया जा रहा है। बताया गया कि शम्मी का किसी से ₹1.75 लाख करोड़ का विवाद था और निहंग उनसे यह पैसे माँग रहे थे।

उसे कई बार फोन पर भी इस बात की धमकी मिल चुकी थी। हालाँकि, निहंगों ने आकर सीधे शम्मी को मारने का रास्ता चुना था। इसके बाद भी वह उत्पात मचाते रहे। शम्मी पर हमले की बात सुनकर पड़ोसी बाहर आए और उत्पात मचा रहे निहंगों को वहाँ से भगाया।

इस पूरी घटना का एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें निहंग उत्पात मचाते देखे जा सकते हैं। वीडियो में पीछे एक महिला भी रो रही है और निहंगों को ‘बाबा’ पुकार कर उनसे दया दिखाने को कह रही है। वीडियो में एक व्यक्ति अपना घायल हाथ भी दिखा रहा है। ऑपइंडिया इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

इस घटना को लेकर पीड़ित के परिजनों ने धरना प्रदर्शन किया है और साथ ही यह माँग की है कि आरोपितों को जल्द पकड़ा जाए। उन्होंने ऐलान किया है कि जब तक हत्या करने वाले निहंग पकड़े नहीं जाएँगे तब तक वह दाह संस्कार नहीं करेंगे। परिजनों ने इलाज में भी कोताही बरते जाने के आरोप लगाए हैं।

मृतक शम्मी पुरी के भतीजे अमन पुरी ने बताया, “मेरे चाचा का निहंगों से पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। 15 दिन पहले गोइंदवाल साहिब में उनके डेरे में समझौता हो गया था। समझौते के बावजूद उन्होंने मेरे चाचा पर हमला कर दिया।”

वहीं मामले में तरनतारन के SSP विजय कपूर कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा, “हमलावर दुकानदार से 1.75 लाख रुपए की मांग कर रहे थे। रुपए न मिलने पर उन्होंने परिवार पर हमला कर दिया।” उन्होंने बताया कि हमलावरों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।