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‘गाय को मार से बचाया तो मुसलमान मुझे मारने आए’ : मुंबई की पत्रकार आम्रपाली शर्मा ने साझा किया वीडियो, बताया- मांस का टुकड़े फेंके, दे रहे गाली

महाराष्ट्र के मलाड में रहने वाली पत्रकार आम्रपाली शर्मा ने पिछले दिनों सोशल मीडिया पर अपनी वीडियो साझा करते हुए बताया था कि मुस्लिम बहुल इलाके में रहना किस तरह से उनका मुश्किल हो रहा है। वीडियो में उनका कहना था कि जानवरों को खाना देने पर उन्हें गाली दी जाती है, धमकी दी जाती है, उनके घर के बाहर मीट फेंका जाता है और आत्महत्या को मजबूर किया जाता है ताकि वो परेशान होकर इलाके को छोड़ दें और उनके फ्लैट पर कब्जा हो जाए।

अब इसी मामले में आगे बढ़ते हुए आम्रपाली शर्मा ने कुछ और वीडियोज और स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर साझा किए हैं। इन वीडियो में दिखाया गया है कि किस तरह उन्हें तंग किया जाता है और कैसे इस मुद्दे पर आवाज उठाने पर मुस्लिम उन्हें धमकी देते हैं।

आम्रपाली शर्मा द्वारा साझा किए गए वीडियो में देख सकते हैं घर के पायदान पर मीट बिखेरा गया है और उसमें कचरा भी पड़ा है। आम्रपाली शर्मा ने वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा, “मेरे घर पर माँस और कचरा डाला, मैंने गाय को मार से बचाया तो पूरे मुसलमान सड़क पे मुझे मारने आए। पुलिस ने कोई मदद नहीं की। एक और कैराना एक और कश्मीर है मालवणी, मलाड।”

इसके अलावा उन्होंने एक और ट्वीट किया है जिसमें कुछ स्क्रीनशॉट लगाए हैं। इन स्क्रीनशॉट्स में देख सकते हैं उन्हें गाली दी गई है। उन्हें ऐसे ट्वीट करने पर कहा, “तुम काफिर लोग जहाँ रहते हो फालतू की हरकतें करके मुसलमानों को परेशान ही करते हो।” एक स्क्रीनशॉट में उन्हें ‘हिंदू र*$ भी कहा गया है।

आम्रपाली द्वारा ये मुद्दा उठाए जाने के बाद उन्हें इनबॉक्स में समर्थन के बजाय जो गालियाँ मिल रही हैं उस पर कहती हैं, “मुसलमान ये मैसेज भेज रहे हैं मुझे X पर। सोचिए कितना जहर भरा है हिंदुओं के खिलाफ और इनको हमसे सहिष्णुता चाहिए! और कितना बर्दाश्त करें? खतरनाक लोग आसपास हैं। मेरा कत्ल भी कर देंगे। सेक्यूलरिज्म के लायक हैं ये लोग?” आम्रपाली कहती हैं कि मालवानी पुलिस सीनियर पीआई अधव उनका समर्थन नहीं कर रहे हैं और जब भी वह मदद के लिए जाती हैं जो उनकी मदद नहीं होती।

बता दें कि इससे पहले आम्रपाली ने कुछ वीडियो साझा की थी उसमें इलाके में रहने वाले कुछ मुस्लिम उनपर भड़कते हुए दिखाई दे रहे थे। आम्रपाली ने पूछा था कि क्या एक हिंदू और जानवर प्रेमी महिला का मुस्लिम क्षेत्रों में रहना वाकई में मुश्किल है। उन्होंने आरोप लगाया था कि स्थानीय मुश्किल भीड़ उन्हें लगातार प्रताड़ित करती है और परेशान करती है। वहीं पुलिस से मदद माँगने जाओ तो सुनवाई नहीं होती।

UAE में 50% अपराधी पाकिस्तानी, बनाते हैं महिलाओं की वीडियो, सऊदी में भीख माँगने जाते हैं: PAK की संसद कमिटी में खुलासा

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों ने पाकिस्तानी कामगारों को लेकर अपनी चिंताएँ जाहिर की हैं। UAE में 50% अपराध पाकिस्तानियों द्वारा किए जा रहे हैं जबकि सऊदी अरब पाकिस्तान से आने वाले भिखारियों से परेशान है। यह सारे खुलासे पाकिस्तानी संसद की एक कमिटी में हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तानी संसद के उच्च सदन सीनेट की प्रवासी पाकिस्तानियों के लिए बनाई गई कमिटी को यह जानकारी पाकिस्तान के अधिकारीयों ने दी है। कमेटी को बताया गया है कि UAE जैसे देश पाकिस्तान से आने वाले कामगारों से कटाई खुश नहीं हैं और वह अब पाकिस्तानियों को काम के लिए बुलाने की जगह बांग्लादेश जैसे जगहों के लोगों को तरजीह दे रहे हैं।

UAE पाकिस्तानी कामगारों से इसलिए भी परेशान है क्योंकि यहाँ होने वाले 50% अपराधो में यही लोग शामिल पाए गए हैं। इसके अलावा पाकिस्तानी UAE के भीतर बदतमीजी भी करते हैं। UAE इनके व्यवहार से परेशान है। पाकिस्तानी दुबई जैसे शहरों में महिलाओं की बिना इजाजत के वीडियो बनाते हैं।

UAE के साथ ही इराक़ और सऊदी अरब भी पाकिस्तानियों से परेशान हैं। सऊदी अरब और इराक पाकिस्तान से आने वाले भिखारियों से परेशान हैं। अधिकारियों ने इस कमिटी को बताया कि सितम्बर, 2023 में यहाँ ऐसे गैंग पकड़े गए थे जो हज करने जाते थे लेकिन फिर वहाँ भीख माँगने लगते थे।

यह भी सामने आया है कि सऊदी अरब समेत खाड़ी देशों में पकड़े जाने वाले 90% भिखारी पाकिस्तानी निकले हैं। कमिटी में कहा गया कि पाकिस्तानी नई तकनीकों के हिसाब से काम नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए भी उनकी माँग इन देशों में घट रही है। कमिटी को बताया गया है कि इन्हें ट्रेनिंग दिए जाने की जरूरत है।

सऊदी अरब में पाकिस्तानी भिखारियों के जाने का मुद्दा पहले भी कई बार उठता रहा है। कमिटी ने जनवरी, 2024 में भी पाकिस्तानी सरकार से कहा था कि वह सऊदी अरब में पाकिस्तानी भिखारियों के जाने पर रोक लगाए। इससे पहले अक्टूबर, 2023 में सऊदी अरब जाने की कोशिश कर रहे 24 भिखारियों को पकड़ा गया था।

यह भी इससे पहले सामने आया है कि पाकिस्तानी सऊदी अरब में मस्जिदों के अंदर तक जेबकतरे बन कर घूम रहे हैं। इन सबसे खाड़ी देशों के लोग तंग आ रहे हैं और पाकिस्तानियों को अब काम पर नहीं रख रहे हैं। पाकिस्तान बड़े स्तर पर बाहर से आने वाले पैसे पर निर्भर है ऐसे में उसके लिए यह चिंता का विषय है।

पंजाब में निहंगों ने दुकानदार को घर में घुस कर मारा, तलवारों से काट कर दी हत्या, बेटे और भाई को भी किया घायल: घटना के बाद भागे, पुलिस खाली हाथ

पंजाब के तरनतारन जिले में 6 निहंग सिखों ने शम्मी पुरी नाम के एक दुकानदार की दिनदहाड़े हत्या कर दी। उन्होंने शम्मी पुरी पर तलवारों से हमला करके उन्हें काट दिया और उनकी मौत हो गई। निहंगों ने इस दौरान शम्मी पुरी के भाई और बेटे पर भी जानलेवा हमले किए, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तरनतारन के कस्बा पट्टी में मंगलवार (30 जुलाई, 2024) को यह घटना हुई। यहाँ शाम को 6 बजे आसपास 6 निहंग सिख एक इनोवा गाड़ी में सवार हो कर आए और शम्मी पुरी को आवाज लगाई। इसके बाद जब शम्मी पुरी बाहर आए तो उनके साथ यह निहंग मारपीट करने लगे।

थोड़ी देर में निहंगों ने तलवारें निकाल ली और शम्मी को तलवार से काट दिया। शम्मी की घायल हो जाने के कारण मौत हो गई। शम्मी के बेटे करण पर भी निहंगों ने तलवार से वार कर दिया और उसकी कलाई भी काट दी। शम्मी के भाई पर भी निहंगों ने हमला किया। इसमें वह भी घायल हो गए।

शम्मी की जहाँ मौत हो गई वहीं उनके भाई और बेटे को निहंगों के हमले के कारण अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा है। निहंगों के हमले के पीछे पैसे के लेनदेन का मामला बताया जा रहा है। बताया गया कि शम्मी का किसी से ₹1.75 लाख करोड़ का विवाद था और निहंग उनसे यह पैसे माँग रहे थे।

उसे कई बार फोन पर भी इस बात की धमकी मिल चुकी थी। हालाँकि, निहंगों ने आकर सीधे शम्मी को मारने का रास्ता चुना था। इसके बाद भी वह उत्पात मचाते रहे। शम्मी पर हमले की बात सुनकर पड़ोसी बाहर आए और उत्पात मचा रहे निहंगों को वहाँ से भगाया।

इस पूरी घटना का एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें निहंग उत्पात मचाते देखे जा सकते हैं। वीडियो में पीछे एक महिला भी रो रही है और निहंगों को ‘बाबा’ पुकार कर उनसे दया दिखाने को कह रही है। वीडियो में एक व्यक्ति अपना घायल हाथ भी दिखा रहा है। ऑपइंडिया इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

इस घटना को लेकर पीड़ित के परिजनों ने धरना प्रदर्शन किया है और साथ ही यह माँग की है कि आरोपितों को जल्द पकड़ा जाए। उन्होंने ऐलान किया है कि जब तक हत्या करने वाले निहंग पकड़े नहीं जाएँगे तब तक वह दाह संस्कार नहीं करेंगे। परिजनों ने इलाज में भी कोताही बरते जाने के आरोप लगाए हैं।

मृतक शम्मी पुरी के भतीजे अमन पुरी ने बताया, “मेरे चाचा का निहंगों से पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। 15 दिन पहले गोइंदवाल साहिब में उनके डेरे में समझौता हो गया था। समझौते के बावजूद उन्होंने मेरे चाचा पर हमला कर दिया।”

वहीं मामले में तरनतारन के SSP विजय कपूर कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा, “हमलावर दुकानदार से 1.75 लाख रुपए की मांग कर रहे थे। रुपए न मिलने पर उन्होंने परिवार पर हमला कर दिया।” उन्होंने बताया कि हमलावरों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।

जिहाद के लिए उकसाना, 9/11 की तारीफ, IS की मदद: जानिए कौन है इस्लाम के नाम पर ‘आतंक’ फैलाने वाला मौलाना अंजेम चौधरी, ब्रिटेन में उम्रकैद

आतंकी प्रोपगेंडा का प्रचार-प्रसार करने वाले इस्लामी कट्टरपंथी अंजेम चौधरी को आजीवन कारावास की सजा मुकर्रर हुई है जिसमें 28 साल कम से कम तो उसे जेल में रहना ही रहना है। यानी 57 साल का अंजेम किसी कीमत पर 85 साल की उम्र से पहले जेल से नहीं छूट सकता। उसके ऊपर आरोप है कि उसने घृणित और विभाजनकारी भाषण देकर आतंकी हमलों को अंजाम देने का काम करवाया।

अंजेम पर आरोप था कि वह लंदन में आतंकी संगठन अल मुहाजिरोन को चलाता था जिसका मकसद हिंसक तरीकों से शरीया कानून को पूरी दुनिया में फैलाना था। वह शुरुआत से ही इस संगठन के प्रमुख सदस्यों में से एक था। उसने 1996 में भी इस संगठन की स्थापना की थी।

बाद में जब इस संगठन पर प्रशासन की नजर रहने लगी तो अंजेम ने अपने एजेंडे पर विराम लगाने की बजाय इसे अलग-अलग नाम से संचालित किया। इन संगठनों में से दो नाम ‘इस्लाम4यूके’ है और दूसरा ‘काफिरों के खिलाफ मुस्लिम’ है।

मीडिया खबरों से पता चलता है कि अंजेम के इस संगठन के आतंकवादी 21 आतंकी साजिशों से जुड़े रहे और बाद में ये सीरिया तक गए जहाँ जाकर इन्होंने आईएस से हाथ मिलाया। इसके अलावा अगर ये बात करें कि अंजेम के विवादित बयानों की तो इसमें 9/11 पर दिया गया बयान कोई नहीं भूल सकता।

उस समय अंजेम ने 9/11 को इतिहास का सबसे बड़ा दिन बताया था और आतंकियों की तारीफ की थी। उसने ये भी कहा था कि वो ब्रिटिश के राजमहस बंकिंघम पैलेस को मस्जिद में बदलना चाहता है। इसके अलावा वो लगातार अपनी तकरीरों में मुस्लिमों को कट्टरपंथ की ओर ले जाने की और जिहाद करने की बात करता था। उसके खिलाफ न केवल ब्रिटेन, बल्कि अमेरिका और कनाडा की पुलिसें भी अलग-अलग जाँच कर रही थीं।

कोर्ट में जज ने उसकी सजा मुकर्रर करते हुए कहा कि अंजेम आतंकी कृत्यों को प्रोत्साहित करने वाले और उनका समर्थन करने वाले संगठन में मुख्य भूमिका में था और वह लोगों को अपनी सोच के अनुरूप ढालने के प्रयास कर रहा था। उसने ऐसे लोगों को प्रोत्साहित किया जो बहुत से लोगों के मृत्यु का कारण बने।

बता दें कि इससे पहले अंजेम को 2016 में सीरिया में इस्लामिक स्टेट के आतंकियों की मदद करने के लिए साढ़े पाँच साल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन उस समय वह आधी सजा काटने के बाद 2018 में रिहा हो गया था। जेल से बाहर निकलने के बाद अंजेम ने व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर लोगों को भड़काता था।

भूस्खलन से वायनाड के 4 गाँव तबाह, 1 का पूरी तरह सफाया: अब तक 150+ मौतें-400+ बचाए गए, केरल में 2 दिन का राजकीय शोक

केरल के वायनाड में मंगलवार (30 जुलाई, 2024) रात को हुए भूस्खलन के कारण मौतों का आँकड़ा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय मीडिया ने बताया है कि वायनाड के इस हादसे में मरने वाली संख्या 150 पहुँच चुकी है। लगभग 100 लोग अब भी लापता हैं, इनकी तलाश की जा रही है। राहत बचाव का काम युद्धस्तर पर जारी है लेकिन बारिश इसमें बाधाएँ डाल रही है। केरल में इस हादसे के कारण 2 दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया है।

वायनाड में हुए इस हादसे के बाद से अब तक 480 से अधिक लोगों को बचाया भी जा चुका है। NDRF, सेना, वायु सेना और केरल का पुलिस प्रशासन भूस्खलन पीड़ितों को बचाने में लगा हुआ है। बचाए हुए लोगों का इलाज भी चल रहा है। बताया गया है कि 100 से अधिक लोगों को अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। वायनाड में कई जगह राहत शिविर लगाए गए हैं। इनमें 3000 से अधिक लोगों को रखा गया है। सबसे अधिक नुकसान मुनदक्कई में हुआ है। यहाँ 50 घरों के जमींदोज होने की सूचना है।

भूस्खलन के कारण एक पुल भी टूट गया था। बहती नदी के ऊपर से जाने के लिए अब सेना की सहायता से अस्थायी पुल बनाने का प्रयास हो रहा है। इसके लिए सेना का 330 फुट का ब्रिज यहाँ लाया जा रहा है। इसके कुछ हिस्से बेंगलुरु जबकि कुछ हिस्से दिल्ली से लाए जा रहे हैं। सेना के अलावा कोस्ट गार्ड भी राहत बचाव में जुट गई है। खाने-पीने का सामान और दवाइयाँ भी लगातार पीड़ितों के पास भेजी जा रही हैं। हालाँकि, बारिश के कारण इन सब कामों में लगातार समस्या आ रही है।

केरल में हुए इस प्राकृतिक हादसे के बाद केंद्र सरकार भी केरल की सहायता के लिए आगे आई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से बात की है। केंद्र सरकार ने केरल को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी से राज्य की स्थिति का जायजा लेते हुए राहत बचाव के कामों में सहयोग देने की बात कही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी वायनाड से सांसद रहे हैं।

वह और प्रियंका गाँधी भी वायनाड जाने वाले थे। अब उन्होंने अपनी यात्रा स्थगति कर दी है क्योंकि उनका जहाज वहाँ नहीं पहुँच पाएगा। केरल मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने केंद्र सरकार की मदद पर धन्यवाद दिया है। इसके अलावा भाजपा कार्यकर्ताओं को भी केरल में निर्देश दिया गया है कि वह राहत बचाव कामों में जुटें।

तेहरान के जिस घर में ठहरा था, उसमें ही मार गिराया गया आतंकी संगठन हमास का सरगना इस्माइल हानिया: अप्रैल में 3 बेटों को भी इजरायल ने किया था ढेर

ईरान में हुए एक बड़े हमले में हमास के सरगना इस्माइल हानिया का खात्मा का कर दिया है। इस बात की पुष्टि ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प ने अपने बयान में भी की है। आईआरजीसी के एक बयान में कहा गया है कि तेहरान में हानिया के आवास को निशाना बनाया और हमास प्रमुख इस्माइल हानिया और उनके एक बॉडी गार्ड की हत्या कर दी गई। इस हमले के पीछे इजरायली सेना का हाथ बताया जा रहा है।

आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि हमला बुधवार (31 जुलाई 2024) तड़के किया गया और घटना के कारण का पता लगाने के लिए जाँच की जा रही है। वहीं हमास की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि एक ‘इजरायली’ हमले में फिलिस्तीनी समूह के नेता इस्माइल हानिया की तेहरान स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई।

हमास चीफ इस्माइल हानिया मंगलवार (30 जुलाई) को ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गया था। उसकी मौत के बाद कहा जा रहा है कि इजरायल ने 7 अक्टूबर का बदला ले लिया है।

बता दें कि इससे पहले उत्तरी गाजा में इजरायल ने हमला करके हमास सरगना के तीन बेटों को मौत के घाट उतारा था। बाद में अलजजीरा को इंटरव्यू देते हुए हानिया ने इस बात की पुष्टि की थी ईद के दिन इजरायल ने उसके तीन बच्चे हाजेम, आमिर और मोहम्मद के साथ उसके पोते-पोतियों को मारा था। हानिया ने बताया था कि उसके बच्चों को उस समय टारगेट किया गया जब वह लोग ईद के दिन शर्णार्थी कैंप में मिलने गए हुए थे।

मस्जिद में नमाज अदा कर सकती हैं अखबारी शिया औरतें भी, तेलंगाना हाई कोर्ट का फैसला: कहा- कुरान नहीं रोकती, वक्फ बोर्ड कर रहा था विरोध

तेलंगाना हाई कोर्ट ने शिया मुस्लिमों के अखबारी फिरके की महिलाओं को इबादत खाना (मस्जिद) में नमाज अदा करने की इजाजत दे दी है। कोर्ट ने कहा है कि कुरान में कहीं भी महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने से नहीं रोका गया है, ऐसे में यहाँ भी नहीं रोका जाना चाहिए।

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, “कुरान में कहीं भी अल्लाह ने महिलाओं को नमाज के लिए इबादत खानों में घुसने से मना नहीं किया है। इसके अध्या 2 के अलबकरह 222-223 से यह साफ होता है कि एक विशेष समय को छोड़ कर, जिसे प्रकृति के अनुसार महिलाओं के लिए आराम का समय माना गया है, उन्हें नमाज पढ़ने पर रोक नहीं है।”

कोर्ट ने कहा कि इससे पहले वक्फ बोर्ड 2007 में शिया मुस्लिमों के उसूली समुदाय की महिलाओं को मस्जिद के भीतर नमाज पढ़ने पर लगी रोक हटा दी थी। वक्फ बोर्ड ने उसूली समुदाय की महिलाओं को मस्जिद के भीतर नमाज पढ़ने की इजाजत दे दी थी।

कोर्ट ने कहा कि अखबारी समुदाय की महिलाओं को अगर उसूली समुदाय की महिलाओं जैसी छूट नहीं मिलती तो यह भेदभाव होगा। कोर्ट ने यह भी प्रश्न उठाए कि जब उसूली समुदाय की महिलाओं को घुसने दिया जा रहा है तो फिर अखबारी महिलाओं को क्यों रोका जा रहा है, यह कारण भी नहीं पता है।

कोर्ट अखबारी समुदाय की महिलाओं के संगठन अंजुमने अलवी शिया इमामिया इथना अशरी अखबारी की एक याचिका सुन रहा था। इस याचिका में माँग की गई थी कि अखबारी समुदाय की महिलाओं को इबादत खानों (मस्जिद) में जशन, नमाज और बाकी मजहबी क्रियाकलापों में शामिल होने की अनुमति दी जाए।

कोर्ट ने महिलाओं की इस याचिका के खिलाफ तेलंगाना का वक्फ बोर्ड था। वक्फ बोर्ड का कहना था कि भले ही कुरान महिलाओं को मस्जिद में नमाज अदा करने से न रोकती हो लेकिन पुराणी परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। हालाँकि, कोर्ट ने इस दलील को मानने से इनकार कर दिया।

इस संबंध में कोर्ट ने दिसम्बर, 2023 में भी आदेश दिया था। तब भी कोर्ट ने महिलाओं को मस्जिद के भीतर नमाज के लिए प्रवेश दिए जाने का आदेश दिया था। हालाँकि, इस आदेश के विरुद्ध वक्फ बोर्ड कोर्ट पहुँच गया था। अब कोर्ट ने अपना आदेश साफ़ स्पष्ट रूप से दिया है।

कहीं वैष्णो नाम का इस्तेमाल, कहीं स्वास्तिक और ॐ के चिन्ह: काँवड़ मार्ग पर मिले भोजनालयों और दुकानों की हकीकत, SC के अंतरिम आदेश के बाद फिर नाम छिपाने शुरू

पश्चिम उत्तर प्रदेश में हर साल निकलने वाली काँवड़ यात्रा इस पर बार उन दुकानदारों की वजह से खासी चर्चा में है जिन पर नाम बदल कर कारोबार करने का आरोप है। मुज़फ्फरनगर के संत स्वामी यशवीर महराज ने काँवड़ यात्रा के शुरू होने से पहले ही आरोप लगाया था कि मार्ग में कई मुस्लिम दुकानदार हिन्दू नाम से कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने इन दुकानदारों पर फलों व सब्ज़ियों पर थूक और मूत्र करके हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को जानबूझ आहत करने का आरोप भी लगाया। ऑपइंडिया ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से इन आरोपों की जमीनी पड़ताल की।

फज़ल की दुकान पर दिखा शुभ-लाभ और ॐ

ऑपइंडिया ने अपनी यात्रा की शुरुआत गाजियाबाद जिले से की। यहाँ काँवड़ मार्ग पर मधुबन बापूधाम थानाक्षेत्र में ‘नई दिल्ली जूस एन्ड शेक’ नाम की एक दुकान नजर आई। दुकान जमीन से लेकर पहले फ्लोर तक बड़े-बड़े कई बोर्डों से ढंकी हुई थी। बाहर किनारे की तरफ सफेद रंग से गेट पर शुभ-लाभ लिखा हुआ था। इसी गेट में नीचे ॐ और स्वस्तिक चिन्ह भी बना हुआ था। हमने पास जाकर देखा तो एक व्यक्ति बर्तन धुल रहा था। पहले उसने हमें ग्राहक समझा लेकिन बाद में पत्रकार जान कर बात करने से बचने लगा।

कुछ ही देर में बर्तन धुल रहे व्यक्ति ने न सिर्फ दुकान का शटर अंदर से गिरा लिया बल्कि साथ में लगा गेट भी बंद कर लिया। जब हमने दुकान का जायजा लिया तो प्रशासन के निर्देश पर लगा A4 साइज का एक छोटा सा कागज कोने में नजर आया। इस कागज में दुकान मालिक के तौर पर मोहम्मद फज़ल लिखा हुआ था। नीचे 30 से ले कर 60 रुपए तक जूस के रेट छपे हुए थे। खास पर ये है कि बिना स्पेलिंग मिस्टेक के मुख्य बोर्ड पर अंग्रेजी में बड़ा-बड़ा नई दिल्ली जूस एन्ड शेक लिखवाने वाले फज़ल ने हिंदी वाले कागज में अपनी दुकान का नाम लिखने में कई मात्रा और शब्दों की गलतियाँ कर रखी थीं।

कार्तिक नाम से नॉनवेज की दुकानें

गाजियाबाद जिले में ही नए बस अड्डे से मुरादनगर मार्ग पर माँसाहार की दुकानें हैं। यह व्यस्ततम काँवड़ मार्ग है। देशी ठाठ नाम से शाकाहारी भोजनालय चलाने वाले हिन्दू दुकानदार ने हमें बताया कि इसी मार्ग पर कार्तिक नाम से नॉनवेज की शॉप है। उन्होंने दावा किया कि इस दुकान का मालिक मुस्लिम है। हालाँकि हमें बताया गया कि सावन माह में प्रशासन की सख्ती से माँसाहारी दुकानें बंद हो जाया करती हैं। बावजूद इसके नाम न छापने की शर्त पर हिन्दू दुकानदारों ने माँग की है कि ऐसे नाम बदल कर धंधा करने वालों पर कार्रवाई की जाए।

चिड़ियापुर में अधिकतर दुकानों के नामों में घालमेल

हरिद्वार और दिल्ली के बीच सफर करने वाले अधिकतर दुकानदार UP और उत्तराखंड के बॉर्डर पर मौजूद चिड़ियापुर में खाना खाते हैं। ऑपइंडिया ने उत्तराखंड के समाजसेवी और हिंदूवादी नेता स्वामी दर्शन भारती से बात की। स्वामी दर्शन भारती ने हमें बताया कि चिड़ियापुर में 70% होटल और ढाबे ऐसे हैं जिनके नाम हिन्दुओं के देवी-देवताओं से जुड़े हैं लेकिन मालिक असल में मुस्लिम समुदाय के लोग हैं। उन्होंने इन ढाबों के न सिर्फ बोर्ड बल्कि काउंटरों पर भी हिन्दू देवताओं के चित्रों की मौजूदगी का भी दावा किया और इस पर रोक लगाने की माँग उठाई।

कंचनतारा क्लॉथ शिवचौक पर मौजूद

मुज़फ्फरनगर का शिवचौक काँवड़ यात्रा के हिसाब से सबसे व्यस्त स्थान है। यहाँ यात्रा के दौरान हर समय हजारों काँवड़ यात्रियों की मौजूदगी होती है। कई श्रद्धालु तो यहाँ हरिद्वार से लाया हुआ जल चढ़ा कर अपनी काँवड़ यात्रा का समापन भी करते हैं। इसी चौराहे पर कंचनतारा नाम से कपड़े की दुकान है। यह दुकान मुस्लिम समुदाय के एक व्यक्ति की है। इसमें काम करने वाले अधिकतर कारीगर भी मुस्लिम समुदाय के ही हैं।

साईं वैष्णो के नाम से चल रहा था मुस्लिम मालिक का ढाबा

अपनी यात्रा के अगले पड़ाव में हम सहारनपुर जिले के अम्बाला-देहरादून हाईवे पर पहुँचे। यहाँ सरसावा बाईपास के पास एक लाइन से कई होटल मौजूद हैं। इसमें से एक होटल बिना बोर्ड का नजर आया। आसपास से पता करने पर हमें बताया गया कि इस ढाबे का लम्बे समय तक नाम साईं वैष्णो भोजनालय था। होटल का मालिक सहारनपुर का ही निवासी एक मुस्लिम समुदाय का व्यक्ति है। बीच में चले असली नाम लिखने के अभियान के दौरान होटल मालिक ने अपने बोर्ड को उतार लिया था। फिलहाल दुकान मालिक को नया या पुराना बोर्ड लगाने से पहले सुप्रीम कोर्ट में अंतिम निर्णय आने की प्रतीक्षा है।

खुर्शीद ने मानव पंजाब ढाबा के ऊपर लिखा अपना नाम ढका

सहारनपुर जिले में ही अम्बाला बाईपास पर मानव पंजाब ढाबा नाम से 2 दुकानें हैं। पहली दुकान हरियाणा की सीमा के पास है जिसका असल मालिक सिख समुदाय के किसी व्यक्ति को बताया गया। यह ढाबा काफी पुराना है जहाँ अक्सर भीड़ लगी रहती है। इसी मानव पंजाब नाम से देहरादून रोड पर एक नया ढाबा लगभग 1 साल पहले खुला। इस ढाबे का असल मालिक खुर्शीद है। बीच में प्रशासनिक सख्ती के चलते खुर्शीद ने ढाबे के बोर्ड पर अपना असली नाम लिख दिया था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्टे लगाने के बाद खुर्शीद ने अपने नाम को फिर से ढंक दिया है। फिलहाल खुर्शीद का ढाबा ‘मानव पंजाब’ नाम से चल रहा है।

बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश आने के बाद पश्चिम उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अधिकतर मुस्लिम दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानों और ठेलों पर लगे नामों के पर्चों को हटा दिया है। इधर असली नाम लिखने के अभियान को शुरू करने वाले स्वामी यशवीर महराज अभी भी अपने इस आरोप पर अड़े हुए हैं कि मुस्लिम दुकानदारों द्वारा नाम बदल कर खाने-पीने की दुकानें खोली जाती हैं और हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने के लिए उस पर थूका और मूत्र विसर्जित किया जाता है।

पहले नाबालिग लड़की से छेड़छाड़, फिर सोहराब-शिब्बू ने साथियों संग दलित परिवार पर किया हमला: लेकर पहुँचे लाठी-डंडे और धारदार हथियार

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में दलित उत्पीड़न का मामला सामने आया है। यहाँ मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों पर दलित समुदाय की लड़कियों से छेड़खानी का आरोप लगा है। छेड़खानी का विरोध करने पर लड़कियों के परिजनों की मुस्लिम भीड़ ने पिटाई कर दी। हमले में लाठी-डंडे और धारदार हथियारों का भी प्रयोग हुआ है। विवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना सोमवार (29 जुलाई, 2024) की है। पुलिस ने अब तक मुस्लिम पक्ष के 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मामले की जाँच व अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है।

यह मामला जौनपुर जिले के थाना क्षेत्र बरसठी का है। सोमवार को यहाँ के परियत बाजार के पास एक नाबालिग लड़की कुछ काम से जा रही थी। तभी सड़क के किनारे बैठे मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों ने नाबालिग को देख कर छींटाकशी करनी शुरू कर दी। वहीँ से गुजर रहे अनुसूचित जाति (SC वर्ग) के एक युवक ने इस हरकत का विरोध किया तो मुस्लिम युवकों ने उसे घेर लिया और मारपीट पर आमादा हो गए। पास ही के एक खेत में कुछ लोग धान की रोपाई कर रहे थे। विवाद को देखते हुए हुए वो भी घटनास्थल पर पहुँच गए।

आरोप है कि कुछ ही देर की बहस के बाद मुस्लिम पक्ष के युवक अनुसूचित जाति के लोगों को पीटने लगे। हमलावरों के घरों से कुछ लोग लाठी-डंडों और धारदार हथियारों के साथ पहुँच गए। इन सभी ने मिल कर पीड़ितों की बेरहमी से पिटाई की। हमले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में उन महिलाओं को भी हमलावरों से जूझते देखा जा सकता है जिनकी गोद में बच्चे हैं। आखिरकार इस हमले में दलित पक्ष से अखिलेश, मुकेश और बंटी घायल हो गए। गाँव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

अखिलेश और मुकेश को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है जबकि बंटी का स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज चल रहा है। राजकुमार को भी चोटें आईं हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस फ़ौरन ही मौके पर पहुँची। पीड़ितों ने मुनव्वर के बेटे गुड्डू, सोहराब, इजरायल, साहिल और शिब्बू सिद्दीकी आदि को नामजद करते हुए तहरीर दी है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 75(2), 191(2), 191(3), 115(2), 352, 351(3) और 109(1) के साथ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली है।

साहिल, सोहराब, इस्रायल, शीबू और गुड्डू को गिरफ्तार कर लिया गया है। जौनपुर पुलिस के एडिशनल एसपी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जाँच व अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है।

ऑटो ड्राइवर नदीम ने मानसिक रूप से बीमार हिन्दू छात्रा को बनाया हवस का शिकार, हल्द्वानी के वनभूलपुरा का मामला: मुँह खोलने पर दी थी मार डालने की धमकी

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में एक मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग लड़की से टेम्पो चालक द्वारा रेप किए जाने का मामला सामने आया है। आरोपित का नाम मोहम्मद नदीम है जो कि हल्द्वानी के वनभूलपुरा इलाके का रहने वाला है। रेप के बाद हिन्दू पीड़िता को मुँह बंद रखने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने केस दर्ज कर के नदीम को गिरफ्तार कर लिया है। घटना रविवार (28 जुलाई 2024) की है। हिन्दू संगठनों ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए मोहम्मद नदीम के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने की माँग उठाई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना कोतवाली हल्द्वानी क्षेत्र की है। यहाँ रहने वाली 16 वर्षीया पीड़िता मानसिक रूप से कमजोर है। वह रोज संगीत सीखने ऑटो से जाया करती है। रविवार को हर दिन की तरह वह मंगलपड़ाव नाम की जगह पर सड़क पर खड़ी हो ऑटो का इंतजार कर रही थी। तभी वहाँ वनभूलपुरा का रहने वाला टेम्पो ड्राइवर नदीम आया। उसने पीड़िता को संगीत क्लास में छोड़ने का वादा किया और टेम्पो में बिठा लिया। यहाँ से वो लड़की को ले कर शहर में मौजूद एम बी इंटर कॉलेज के पास एक सुनसान स्थान पर ले गया।

आरोप है कि यहाँ मोहम्मद नदीम ने पीड़िता से रेप किया। जब नाबालिग ने इसका विरोध किया तो उसे मुँह बंद रखने और मार डालने की धमकी दी गई। बलात्कार करने के बाद नदीम ने लड़की को वापस मंगलपड़ाव के पास छोड़ दिया और टेम्पो ले कर फरार हो गया। लड़की ने अपने घर जा कर परिजनों को सारी बात बताई। पीड़िता के परिजन कोतवाली पहुँचे और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने फुटेज और अन्य सबूत आदि खंगाल कर पता लगाया कि टेम्पो नदीम का था।

सोमवार (29 जुलाई 2024) को पुलिस ने दबिश दे कर मोहम्मद नदीम को गिरफ्तार कर लिया। उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 351(2)(3), 64(2)k, 65(1) के साथ पॉक्सो एक्ट के सेक्शन 3/4 के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपित को जेल भेज दिया गया है। हल्द्वानी के हिन्दू संगठनों ने इस घटना पर नाराजगी जताई है। ऑपइंडिया से बात करते हुए हल्द्वानी में गोसेवा का काम कर रहे जोगिंदर सिंह राणा उर्फ़ जोगी ने इसे दुस्साहस कहा। उन्होंने प्रशासन से मोहम्मद नदीम के खिलाफ कठोर कार्रवाई की उम्मीद जताई है। जोगिंदर राणा उर्फ़ जोगी ने प्रशासन से शहर में चल रहे ऑटो ड्राइवरों के सत्यापन की भी अपील की है।