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जिहाद के लिए उकसाना, 9/11 की तारीफ, IS की मदद: जानिए कौन है इस्लाम के नाम पर ‘आतंक’ फैलाने वाला मौलाना अंजेम चौधरी, ब्रिटेन में उम्रकैद

आतंकी प्रोपगेंडा का प्रचार-प्रसार करने वाले इस्लामी कट्टरपंथी अंजेम चौधरी को आजीवन कारावास की सजा मुकर्रर हुई है जिसमें 28 साल कम से कम तो उसे जेल में रहना ही रहना है। यानी 57 साल का अंजेम किसी कीमत पर 85 साल की उम्र से पहले जेल से नहीं छूट सकता। उसके ऊपर आरोप है कि उसने घृणित और विभाजनकारी भाषण देकर आतंकी हमलों को अंजाम देने का काम करवाया।

अंजेम पर आरोप था कि वह लंदन में आतंकी संगठन अल मुहाजिरोन को चलाता था जिसका मकसद हिंसक तरीकों से शरीया कानून को पूरी दुनिया में फैलाना था। वह शुरुआत से ही इस संगठन के प्रमुख सदस्यों में से एक था। उसने 1996 में भी इस संगठन की स्थापना की थी।

बाद में जब इस संगठन पर प्रशासन की नजर रहने लगी तो अंजेम ने अपने एजेंडे पर विराम लगाने की बजाय इसे अलग-अलग नाम से संचालित किया। इन संगठनों में से दो नाम ‘इस्लाम4यूके’ है और दूसरा ‘काफिरों के खिलाफ मुस्लिम’ है।

मीडिया खबरों से पता चलता है कि अंजेम के इस संगठन के आतंकवादी 21 आतंकी साजिशों से जुड़े रहे और बाद में ये सीरिया तक गए जहाँ जाकर इन्होंने आईएस से हाथ मिलाया। इसके अलावा अगर ये बात करें कि अंजेम के विवादित बयानों की तो इसमें 9/11 पर दिया गया बयान कोई नहीं भूल सकता।

उस समय अंजेम ने 9/11 को इतिहास का सबसे बड़ा दिन बताया था और आतंकियों की तारीफ की थी। उसने ये भी कहा था कि वो ब्रिटिश के राजमहस बंकिंघम पैलेस को मस्जिद में बदलना चाहता है। इसके अलावा वो लगातार अपनी तकरीरों में मुस्लिमों को कट्टरपंथ की ओर ले जाने की और जिहाद करने की बात करता था। उसके खिलाफ न केवल ब्रिटेन, बल्कि अमेरिका और कनाडा की पुलिसें भी अलग-अलग जाँच कर रही थीं।

कोर्ट में जज ने उसकी सजा मुकर्रर करते हुए कहा कि अंजेम आतंकी कृत्यों को प्रोत्साहित करने वाले और उनका समर्थन करने वाले संगठन में मुख्य भूमिका में था और वह लोगों को अपनी सोच के अनुरूप ढालने के प्रयास कर रहा था। उसने ऐसे लोगों को प्रोत्साहित किया जो बहुत से लोगों के मृत्यु का कारण बने।

बता दें कि इससे पहले अंजेम को 2016 में सीरिया में इस्लामिक स्टेट के आतंकियों की मदद करने के लिए साढ़े पाँच साल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन उस समय वह आधी सजा काटने के बाद 2018 में रिहा हो गया था। जेल से बाहर निकलने के बाद अंजेम ने व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर लोगों को भड़काता था।

भूस्खलन से वायनाड के 4 गाँव तबाह, 1 का पूरी तरह सफाया: अब तक 150+ मौतें-400+ बचाए गए, केरल में 2 दिन का राजकीय शोक

केरल के वायनाड में मंगलवार (30 जुलाई, 2024) रात को हुए भूस्खलन के कारण मौतों का आँकड़ा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय मीडिया ने बताया है कि वायनाड के इस हादसे में मरने वाली संख्या 150 पहुँच चुकी है। लगभग 100 लोग अब भी लापता हैं, इनकी तलाश की जा रही है। राहत बचाव का काम युद्धस्तर पर जारी है लेकिन बारिश इसमें बाधाएँ डाल रही है। केरल में इस हादसे के कारण 2 दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया है।

वायनाड में हुए इस हादसे के बाद से अब तक 480 से अधिक लोगों को बचाया भी जा चुका है। NDRF, सेना, वायु सेना और केरल का पुलिस प्रशासन भूस्खलन पीड़ितों को बचाने में लगा हुआ है। बचाए हुए लोगों का इलाज भी चल रहा है। बताया गया है कि 100 से अधिक लोगों को अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। वायनाड में कई जगह राहत शिविर लगाए गए हैं। इनमें 3000 से अधिक लोगों को रखा गया है। सबसे अधिक नुकसान मुनदक्कई में हुआ है। यहाँ 50 घरों के जमींदोज होने की सूचना है।

भूस्खलन के कारण एक पुल भी टूट गया था। बहती नदी के ऊपर से जाने के लिए अब सेना की सहायता से अस्थायी पुल बनाने का प्रयास हो रहा है। इसके लिए सेना का 330 फुट का ब्रिज यहाँ लाया जा रहा है। इसके कुछ हिस्से बेंगलुरु जबकि कुछ हिस्से दिल्ली से लाए जा रहे हैं। सेना के अलावा कोस्ट गार्ड भी राहत बचाव में जुट गई है। खाने-पीने का सामान और दवाइयाँ भी लगातार पीड़ितों के पास भेजी जा रही हैं। हालाँकि, बारिश के कारण इन सब कामों में लगातार समस्या आ रही है।

केरल में हुए इस प्राकृतिक हादसे के बाद केंद्र सरकार भी केरल की सहायता के लिए आगे आई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से बात की है। केंद्र सरकार ने केरल को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी से राज्य की स्थिति का जायजा लेते हुए राहत बचाव के कामों में सहयोग देने की बात कही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी वायनाड से सांसद रहे हैं।

वह और प्रियंका गाँधी भी वायनाड जाने वाले थे। अब उन्होंने अपनी यात्रा स्थगति कर दी है क्योंकि उनका जहाज वहाँ नहीं पहुँच पाएगा। केरल मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने केंद्र सरकार की मदद पर धन्यवाद दिया है। इसके अलावा भाजपा कार्यकर्ताओं को भी केरल में निर्देश दिया गया है कि वह राहत बचाव कामों में जुटें।

तेहरान के जिस घर में ठहरा था, उसमें ही मार गिराया गया आतंकी संगठन हमास का सरगना इस्माइल हानिया: अप्रैल में 3 बेटों को भी इजरायल ने किया था ढेर

ईरान में हुए एक बड़े हमले में हमास के सरगना इस्माइल हानिया का खात्मा का कर दिया है। इस बात की पुष्टि ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प ने अपने बयान में भी की है। आईआरजीसी के एक बयान में कहा गया है कि तेहरान में हानिया के आवास को निशाना बनाया और हमास प्रमुख इस्माइल हानिया और उनके एक बॉडी गार्ड की हत्या कर दी गई। इस हमले के पीछे इजरायली सेना का हाथ बताया जा रहा है।

आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि हमला बुधवार (31 जुलाई 2024) तड़के किया गया और घटना के कारण का पता लगाने के लिए जाँच की जा रही है। वहीं हमास की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि एक ‘इजरायली’ हमले में फिलिस्तीनी समूह के नेता इस्माइल हानिया की तेहरान स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई।

हमास चीफ इस्माइल हानिया मंगलवार (30 जुलाई) को ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गया था। उसकी मौत के बाद कहा जा रहा है कि इजरायल ने 7 अक्टूबर का बदला ले लिया है।

बता दें कि इससे पहले उत्तरी गाजा में इजरायल ने हमला करके हमास सरगना के तीन बेटों को मौत के घाट उतारा था। बाद में अलजजीरा को इंटरव्यू देते हुए हानिया ने इस बात की पुष्टि की थी ईद के दिन इजरायल ने उसके तीन बच्चे हाजेम, आमिर और मोहम्मद के साथ उसके पोते-पोतियों को मारा था। हानिया ने बताया था कि उसके बच्चों को उस समय टारगेट किया गया जब वह लोग ईद के दिन शर्णार्थी कैंप में मिलने गए हुए थे।

मस्जिद में नमाज अदा कर सकती हैं अखबारी शिया औरतें भी, तेलंगाना हाई कोर्ट का फैसला: कहा- कुरान नहीं रोकती, वक्फ बोर्ड कर रहा था विरोध

तेलंगाना हाई कोर्ट ने शिया मुस्लिमों के अखबारी फिरके की महिलाओं को इबादत खाना (मस्जिद) में नमाज अदा करने की इजाजत दे दी है। कोर्ट ने कहा है कि कुरान में कहीं भी महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने से नहीं रोका गया है, ऐसे में यहाँ भी नहीं रोका जाना चाहिए।

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, “कुरान में कहीं भी अल्लाह ने महिलाओं को नमाज के लिए इबादत खानों में घुसने से मना नहीं किया है। इसके अध्या 2 के अलबकरह 222-223 से यह साफ होता है कि एक विशेष समय को छोड़ कर, जिसे प्रकृति के अनुसार महिलाओं के लिए आराम का समय माना गया है, उन्हें नमाज पढ़ने पर रोक नहीं है।”

कोर्ट ने कहा कि इससे पहले वक्फ बोर्ड 2007 में शिया मुस्लिमों के उसूली समुदाय की महिलाओं को मस्जिद के भीतर नमाज पढ़ने पर लगी रोक हटा दी थी। वक्फ बोर्ड ने उसूली समुदाय की महिलाओं को मस्जिद के भीतर नमाज पढ़ने की इजाजत दे दी थी।

कोर्ट ने कहा कि अखबारी समुदाय की महिलाओं को अगर उसूली समुदाय की महिलाओं जैसी छूट नहीं मिलती तो यह भेदभाव होगा। कोर्ट ने यह भी प्रश्न उठाए कि जब उसूली समुदाय की महिलाओं को घुसने दिया जा रहा है तो फिर अखबारी महिलाओं को क्यों रोका जा रहा है, यह कारण भी नहीं पता है।

कोर्ट अखबारी समुदाय की महिलाओं के संगठन अंजुमने अलवी शिया इमामिया इथना अशरी अखबारी की एक याचिका सुन रहा था। इस याचिका में माँग की गई थी कि अखबारी समुदाय की महिलाओं को इबादत खानों (मस्जिद) में जशन, नमाज और बाकी मजहबी क्रियाकलापों में शामिल होने की अनुमति दी जाए।

कोर्ट ने महिलाओं की इस याचिका के खिलाफ तेलंगाना का वक्फ बोर्ड था। वक्फ बोर्ड का कहना था कि भले ही कुरान महिलाओं को मस्जिद में नमाज अदा करने से न रोकती हो लेकिन पुराणी परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। हालाँकि, कोर्ट ने इस दलील को मानने से इनकार कर दिया।

इस संबंध में कोर्ट ने दिसम्बर, 2023 में भी आदेश दिया था। तब भी कोर्ट ने महिलाओं को मस्जिद के भीतर नमाज के लिए प्रवेश दिए जाने का आदेश दिया था। हालाँकि, इस आदेश के विरुद्ध वक्फ बोर्ड कोर्ट पहुँच गया था। अब कोर्ट ने अपना आदेश साफ़ स्पष्ट रूप से दिया है।

कहीं वैष्णो नाम का इस्तेमाल, कहीं स्वास्तिक और ॐ के चिन्ह: काँवड़ मार्ग पर मिले भोजनालयों और दुकानों की हकीकत, SC के अंतरिम आदेश के बाद फिर नाम छिपाने शुरू

पश्चिम उत्तर प्रदेश में हर साल निकलने वाली काँवड़ यात्रा इस पर बार उन दुकानदारों की वजह से खासी चर्चा में है जिन पर नाम बदल कर कारोबार करने का आरोप है। मुज़फ्फरनगर के संत स्वामी यशवीर महराज ने काँवड़ यात्रा के शुरू होने से पहले ही आरोप लगाया था कि मार्ग में कई मुस्लिम दुकानदार हिन्दू नाम से कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने इन दुकानदारों पर फलों व सब्ज़ियों पर थूक और मूत्र करके हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को जानबूझ आहत करने का आरोप भी लगाया। ऑपइंडिया ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से इन आरोपों की जमीनी पड़ताल की।

फज़ल की दुकान पर दिखा शुभ-लाभ और ॐ

ऑपइंडिया ने अपनी यात्रा की शुरुआत गाजियाबाद जिले से की। यहाँ काँवड़ मार्ग पर मधुबन बापूधाम थानाक्षेत्र में ‘नई दिल्ली जूस एन्ड शेक’ नाम की एक दुकान नजर आई। दुकान जमीन से लेकर पहले फ्लोर तक बड़े-बड़े कई बोर्डों से ढंकी हुई थी। बाहर किनारे की तरफ सफेद रंग से गेट पर शुभ-लाभ लिखा हुआ था। इसी गेट में नीचे ॐ और स्वस्तिक चिन्ह भी बना हुआ था। हमने पास जाकर देखा तो एक व्यक्ति बर्तन धुल रहा था। पहले उसने हमें ग्राहक समझा लेकिन बाद में पत्रकार जान कर बात करने से बचने लगा।

कुछ ही देर में बर्तन धुल रहे व्यक्ति ने न सिर्फ दुकान का शटर अंदर से गिरा लिया बल्कि साथ में लगा गेट भी बंद कर लिया। जब हमने दुकान का जायजा लिया तो प्रशासन के निर्देश पर लगा A4 साइज का एक छोटा सा कागज कोने में नजर आया। इस कागज में दुकान मालिक के तौर पर मोहम्मद फज़ल लिखा हुआ था। नीचे 30 से ले कर 60 रुपए तक जूस के रेट छपे हुए थे। खास पर ये है कि बिना स्पेलिंग मिस्टेक के मुख्य बोर्ड पर अंग्रेजी में बड़ा-बड़ा नई दिल्ली जूस एन्ड शेक लिखवाने वाले फज़ल ने हिंदी वाले कागज में अपनी दुकान का नाम लिखने में कई मात्रा और शब्दों की गलतियाँ कर रखी थीं।

कार्तिक नाम से नॉनवेज की दुकानें

गाजियाबाद जिले में ही नए बस अड्डे से मुरादनगर मार्ग पर माँसाहार की दुकानें हैं। यह व्यस्ततम काँवड़ मार्ग है। देशी ठाठ नाम से शाकाहारी भोजनालय चलाने वाले हिन्दू दुकानदार ने हमें बताया कि इसी मार्ग पर कार्तिक नाम से नॉनवेज की शॉप है। उन्होंने दावा किया कि इस दुकान का मालिक मुस्लिम है। हालाँकि हमें बताया गया कि सावन माह में प्रशासन की सख्ती से माँसाहारी दुकानें बंद हो जाया करती हैं। बावजूद इसके नाम न छापने की शर्त पर हिन्दू दुकानदारों ने माँग की है कि ऐसे नाम बदल कर धंधा करने वालों पर कार्रवाई की जाए।

चिड़ियापुर में अधिकतर दुकानों के नामों में घालमेल

हरिद्वार और दिल्ली के बीच सफर करने वाले अधिकतर दुकानदार UP और उत्तराखंड के बॉर्डर पर मौजूद चिड़ियापुर में खाना खाते हैं। ऑपइंडिया ने उत्तराखंड के समाजसेवी और हिंदूवादी नेता स्वामी दर्शन भारती से बात की। स्वामी दर्शन भारती ने हमें बताया कि चिड़ियापुर में 70% होटल और ढाबे ऐसे हैं जिनके नाम हिन्दुओं के देवी-देवताओं से जुड़े हैं लेकिन मालिक असल में मुस्लिम समुदाय के लोग हैं। उन्होंने इन ढाबों के न सिर्फ बोर्ड बल्कि काउंटरों पर भी हिन्दू देवताओं के चित्रों की मौजूदगी का भी दावा किया और इस पर रोक लगाने की माँग उठाई।

कंचनतारा क्लॉथ शिवचौक पर मौजूद

मुज़फ्फरनगर का शिवचौक काँवड़ यात्रा के हिसाब से सबसे व्यस्त स्थान है। यहाँ यात्रा के दौरान हर समय हजारों काँवड़ यात्रियों की मौजूदगी होती है। कई श्रद्धालु तो यहाँ हरिद्वार से लाया हुआ जल चढ़ा कर अपनी काँवड़ यात्रा का समापन भी करते हैं। इसी चौराहे पर कंचनतारा नाम से कपड़े की दुकान है। यह दुकान मुस्लिम समुदाय के एक व्यक्ति की है। इसमें काम करने वाले अधिकतर कारीगर भी मुस्लिम समुदाय के ही हैं।

साईं वैष्णो के नाम से चल रहा था मुस्लिम मालिक का ढाबा

अपनी यात्रा के अगले पड़ाव में हम सहारनपुर जिले के अम्बाला-देहरादून हाईवे पर पहुँचे। यहाँ सरसावा बाईपास के पास एक लाइन से कई होटल मौजूद हैं। इसमें से एक होटल बिना बोर्ड का नजर आया। आसपास से पता करने पर हमें बताया गया कि इस ढाबे का लम्बे समय तक नाम साईं वैष्णो भोजनालय था। होटल का मालिक सहारनपुर का ही निवासी एक मुस्लिम समुदाय का व्यक्ति है। बीच में चले असली नाम लिखने के अभियान के दौरान होटल मालिक ने अपने बोर्ड को उतार लिया था। फिलहाल दुकान मालिक को नया या पुराना बोर्ड लगाने से पहले सुप्रीम कोर्ट में अंतिम निर्णय आने की प्रतीक्षा है।

खुर्शीद ने मानव पंजाब ढाबा के ऊपर लिखा अपना नाम ढका

सहारनपुर जिले में ही अम्बाला बाईपास पर मानव पंजाब ढाबा नाम से 2 दुकानें हैं। पहली दुकान हरियाणा की सीमा के पास है जिसका असल मालिक सिख समुदाय के किसी व्यक्ति को बताया गया। यह ढाबा काफी पुराना है जहाँ अक्सर भीड़ लगी रहती है। इसी मानव पंजाब नाम से देहरादून रोड पर एक नया ढाबा लगभग 1 साल पहले खुला। इस ढाबे का असल मालिक खुर्शीद है। बीच में प्रशासनिक सख्ती के चलते खुर्शीद ने ढाबे के बोर्ड पर अपना असली नाम लिख दिया था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्टे लगाने के बाद खुर्शीद ने अपने नाम को फिर से ढंक दिया है। फिलहाल खुर्शीद का ढाबा ‘मानव पंजाब’ नाम से चल रहा है।

बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश आने के बाद पश्चिम उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अधिकतर मुस्लिम दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानों और ठेलों पर लगे नामों के पर्चों को हटा दिया है। इधर असली नाम लिखने के अभियान को शुरू करने वाले स्वामी यशवीर महराज अभी भी अपने इस आरोप पर अड़े हुए हैं कि मुस्लिम दुकानदारों द्वारा नाम बदल कर खाने-पीने की दुकानें खोली जाती हैं और हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने के लिए उस पर थूका और मूत्र विसर्जित किया जाता है।

पहले नाबालिग लड़की से छेड़छाड़, फिर सोहराब-शिब्बू ने साथियों संग दलित परिवार पर किया हमला: लेकर पहुँचे लाठी-डंडे और धारदार हथियार

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में दलित उत्पीड़न का मामला सामने आया है। यहाँ मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों पर दलित समुदाय की लड़कियों से छेड़खानी का आरोप लगा है। छेड़खानी का विरोध करने पर लड़कियों के परिजनों की मुस्लिम भीड़ ने पिटाई कर दी। हमले में लाठी-डंडे और धारदार हथियारों का भी प्रयोग हुआ है। विवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना सोमवार (29 जुलाई, 2024) की है। पुलिस ने अब तक मुस्लिम पक्ष के 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मामले की जाँच व अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है।

यह मामला जौनपुर जिले के थाना क्षेत्र बरसठी का है। सोमवार को यहाँ के परियत बाजार के पास एक नाबालिग लड़की कुछ काम से जा रही थी। तभी सड़क के किनारे बैठे मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों ने नाबालिग को देख कर छींटाकशी करनी शुरू कर दी। वहीँ से गुजर रहे अनुसूचित जाति (SC वर्ग) के एक युवक ने इस हरकत का विरोध किया तो मुस्लिम युवकों ने उसे घेर लिया और मारपीट पर आमादा हो गए। पास ही के एक खेत में कुछ लोग धान की रोपाई कर रहे थे। विवाद को देखते हुए हुए वो भी घटनास्थल पर पहुँच गए।

आरोप है कि कुछ ही देर की बहस के बाद मुस्लिम पक्ष के युवक अनुसूचित जाति के लोगों को पीटने लगे। हमलावरों के घरों से कुछ लोग लाठी-डंडों और धारदार हथियारों के साथ पहुँच गए। इन सभी ने मिल कर पीड़ितों की बेरहमी से पिटाई की। हमले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में उन महिलाओं को भी हमलावरों से जूझते देखा जा सकता है जिनकी गोद में बच्चे हैं। आखिरकार इस हमले में दलित पक्ष से अखिलेश, मुकेश और बंटी घायल हो गए। गाँव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

अखिलेश और मुकेश को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है जबकि बंटी का स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज चल रहा है। राजकुमार को भी चोटें आईं हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस फ़ौरन ही मौके पर पहुँची। पीड़ितों ने मुनव्वर के बेटे गुड्डू, सोहराब, इजरायल, साहिल और शिब्बू सिद्दीकी आदि को नामजद करते हुए तहरीर दी है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 75(2), 191(2), 191(3), 115(2), 352, 351(3) और 109(1) के साथ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली है।

साहिल, सोहराब, इस्रायल, शीबू और गुड्डू को गिरफ्तार कर लिया गया है। जौनपुर पुलिस के एडिशनल एसपी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जाँच व अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है।

ऑटो ड्राइवर नदीम ने मानसिक रूप से बीमार हिन्दू छात्रा को बनाया हवस का शिकार, हल्द्वानी के वनभूलपुरा का मामला: मुँह खोलने पर दी थी मार डालने की धमकी

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में एक मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग लड़की से टेम्पो चालक द्वारा रेप किए जाने का मामला सामने आया है। आरोपित का नाम मोहम्मद नदीम है जो कि हल्द्वानी के वनभूलपुरा इलाके का रहने वाला है। रेप के बाद हिन्दू पीड़िता को मुँह बंद रखने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने केस दर्ज कर के नदीम को गिरफ्तार कर लिया है। घटना रविवार (28 जुलाई 2024) की है। हिन्दू संगठनों ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए मोहम्मद नदीम के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने की माँग उठाई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना कोतवाली हल्द्वानी क्षेत्र की है। यहाँ रहने वाली 16 वर्षीया पीड़िता मानसिक रूप से कमजोर है। वह रोज संगीत सीखने ऑटो से जाया करती है। रविवार को हर दिन की तरह वह मंगलपड़ाव नाम की जगह पर सड़क पर खड़ी हो ऑटो का इंतजार कर रही थी। तभी वहाँ वनभूलपुरा का रहने वाला टेम्पो ड्राइवर नदीम आया। उसने पीड़िता को संगीत क्लास में छोड़ने का वादा किया और टेम्पो में बिठा लिया। यहाँ से वो लड़की को ले कर शहर में मौजूद एम बी इंटर कॉलेज के पास एक सुनसान स्थान पर ले गया।

आरोप है कि यहाँ मोहम्मद नदीम ने पीड़िता से रेप किया। जब नाबालिग ने इसका विरोध किया तो उसे मुँह बंद रखने और मार डालने की धमकी दी गई। बलात्कार करने के बाद नदीम ने लड़की को वापस मंगलपड़ाव के पास छोड़ दिया और टेम्पो ले कर फरार हो गया। लड़की ने अपने घर जा कर परिजनों को सारी बात बताई। पीड़िता के परिजन कोतवाली पहुँचे और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने फुटेज और अन्य सबूत आदि खंगाल कर पता लगाया कि टेम्पो नदीम का था।

सोमवार (29 जुलाई 2024) को पुलिस ने दबिश दे कर मोहम्मद नदीम को गिरफ्तार कर लिया। उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 351(2)(3), 64(2)k, 65(1) के साथ पॉक्सो एक्ट के सेक्शन 3/4 के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपित को जेल भेज दिया गया है। हल्द्वानी के हिन्दू संगठनों ने इस घटना पर नाराजगी जताई है। ऑपइंडिया से बात करते हुए हल्द्वानी में गोसेवा का काम कर रहे जोगिंदर सिंह राणा उर्फ़ जोगी ने इसे दुस्साहस कहा। उन्होंने प्रशासन से मोहम्मद नदीम के खिलाफ कठोर कार्रवाई की उम्मीद जताई है। जोगिंदर राणा उर्फ़ जोगी ने प्रशासन से शहर में चल रहे ऑटो ड्राइवरों के सत्यापन की भी अपील की है।

‘अंकल सैम’ से लेकर ‘अंकल सोरोस’ तक, महाभारत से लेकर कॉन्ग्रेस के घोटालों तक… संसद में अनुराग सिंह ठाकुर ने राहुल गाँधी को चखाया ‘हलवा’, बोले – जिसकी जाति पता नहीं वो…

संसद में बजट सत्र के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मंगलवार (30 जुलाई, 2024) को अकेले पूरे विपक्ष की धज्जियाँ उड़ा दी और उनके प्रपंच की हवा निकाल दी। जब अखिलेश यादव ने कहा कि वो मिलिट्री स्कूल में पढ़े हुए हैं तो अनुराग ठाकुर ने करारा जवाब देते हुए कहा कि वो आज भी टेरिटोरियल आर्मी की 124वीं रेजिमेंट में कैप्टन के रैंक पर अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। उन्होंने अखिलेश यादव को सलाह दी कि वो ज्ञान न बाँटे, राहुल गाँधी के साथ मिल कर अफवाह न फैलाएँ।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि एक नेता ने संसद में खड़े होकर कमल पर कटाक्ष किया, पता नहीं कमल से उनका क्या विरोध है। उन्होंने याद दिलाया कि ‘राजीव’ नाम का अर्थ भी कमल होता है। बता दें कि राहुल गाँधी के पिता का नाम राजीव गाँधी था। अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गाँधी ने ‘राजीव’ शब्द को हिंसा के साथ जोड़ा। उन्होंने इस दौरान याद दिलाया कि माँ लक्ष्मी का आसन कमल है, हमारे राष्ट्रीय पुष्प कमल है, भगवान शिव पद्मासन में होते हैं और लोकमान्य गंगाधर तिलक ने पद्मासन में ही समाधि ली थी।

उन्होंने राहुल गाँधी को सलाह दी कि केवल रील के नेता मत बनिए, रियल नेता बनने के लिए सच बोलना पड़ता है। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि कुछ लोग एक्सीडेंटल हिंदू हैं, और उनका महाभारत का ज्ञान भी एक्सीडेंटल ही है। उन्होंने कहा कि महाभारत में 7 महारथियों ने मिल कर अभिमन्यु का वध किया था, लेकिन राहुल गाँधी ने कभी महाभारत शायद पढ़ी या देखी भी नहीं होगी, उन्हें ‘अंकल सैम’ या ‘अंकल सोरोस’ ने लिख कर दिया होगा, कहीं से पर्ची बन कर आई होगी और ‘कूल ड्यूड’ बनने का प्रयास किया गया।

उन्होंने कहा कि गुजरात से लेकर दिल्ली तक जिस अभिमन्यु को घेरने की कोशिश कर रहे हैं पिछले 22 वर्षों से, आपकी सरकारें निपट गईं लेकिन आप उन्हें नहीं निपटा पाए क्योंकि वो जनता के दिलों में बसते हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा कि भले ही आपके पास ‘नारायणी सेना’ हो, लेकिन हमारे साथ स्वयं श्रीकृष्ण हैं, धर्म हमारे साथ हैं। उन्होंने NDA सांसदों की संख्या गिनाते हुए कहा कि यहाँ 293 अभिमन्यु बैठे हैं। उन्होंने कहा – हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता, शरण में रख दिया हाथ तो किस बात की चिंता।

अनुराग ठाकुर ने इस दौरान कॉन्ग्रेस के ‘हलवा’ वाले कमेंट पर घोटाले पर घोटाले गिनाते हुए कहा कि इन घोटालों का हलवा किसने खाया? उन्होंने कहा कि जैसे मदारी के कंधे पर बंदर होता है, वैसे ही राहुल गाँधी के कंधे पर झूठ का बंडल होता है। उन्होंने कहा, “जीप घोटाले का हलवा किसने खाया?” इसी तरह उन्होंने कोयला, अंतरिक्ष, सबमरीन, अगस्ता-वेस्टलैंड, 2G स्कैम, कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला और चारा घोटाला जैसे स्कैम्स का नाम लेते हुए राहुल गाँधी से पूछा कि हमवा फीका था या मीठा?

अनुराग ठाकुर ने कहा, “इनके लिए OBC का मतलब है – ऑनली फॉर ब्रदर-इन-लॉ कमीशन। जिस पार्टी ने अपने पार्टी के दलित अध्यक्ष को पार्टी से बाहर निकाल दिया, उसके शहजादे हमें ज्ञान बाँट रहे हैं। इन्हें समझना होगा कि LoP मतलब लीडर ऑफ अपोजिशन होता है, न कि लीडर ऑफ प्रोपेगंडा नहीं। जिसे अपनी जाति का पता नहीं, वो जाति जनगणना की बात करता है। मंडल आयोग की और काका कालेलकर की रिपोर्ट पर वर्षों तक कौन बैठा रहा, इस पर जवाब देना होगा।”

सोशल मीडिया से फाँसा, होटल ले जाकर बनाया अश्लील वीडियो और रिश्तेदारों को भेज दिया: तौहीद शरीफ को मुंबई पुलिस ने मैसूर से दबोचा

मुंबई पुलिस ने शनिवार (27 जुलाई, 2024) को एक लड़की के आपत्तिजनक वीडियो बनाने वाले एक 22 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपित का नाम तौहीद शरीफ है जो मूल रूप से कर्नाटक के मैसूर का निवासी है। पीड़िता और तौहीद कभी रिश्ते में थे। तौहीद ने ये वीडियो पीड़िता की माँ और अन्य रिश्तेदारों को भेज दिए। आरोपित के फोन को भी फॉरेंसिक जाँच के लिए जब्त कर लिया गया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

TOI के मुताबिक घटना मुंबई के थाना क्षेत्र आज़ाद मैदान की है। यहाँ एक लड़की ने पुलिस ने तौहीद शरीफ के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में पीड़िता ने तौहीद पर धोखे से अपने आपत्तिजनक वीडियो बनाने और उसे वायरल करने का आरोप लगाया। पुलिस के केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी। जाँच में सामने आया कि तौहीद और पीड़िता सोशल मीडिया के जरिए एक दूसरे से मिले थे। कुछ ही दिनों में दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए और आपस में मिलना-मिलाना शुरू हो गया।

जब लड़की के घर वालों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने पीड़िता को रिश्तेदारी में भेज दिया। हालाँकि आरोपित और पीड़िता पर इस से कोई फर्क नहीं पड़ा। दोनों होटल और लॉज में एक दूसरे से छिप कर मिलते रहे। इसी दौरान तौहीद ने पीड़िता का यौन शोषण किया और इन आपत्तिजनक पलों की वीडियो भी बना डाली। इन वीडियो को तौहीद शरीफ ने पीड़िता की माँ और अन्य रिश्तेदारों को स्नैपचैट के जरिए भेज दिए। आख़िरकार पीड़िता की माँ ने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई।

पुलिस ने केस दर्ज कर के आरोपित की तलाश शुरू कर दी। आरोपित की लोकेशन कर्नाटक में उसके गृह जनपद मैसूर में मिली। पुलिस ने दबिश दे कर तौहीफ शरीफ को गिरफ्तार कर लिया। फ़िलहाल उसके फोन को भी फॉरेन्सिक जाँच के लिए जब्त कर लिया गया है। विस्तार से पूछताछ के लिए पुलिस ने आरोपित को अदालत में रिमांड हासिल किया है। उस पर IT एक्ट सहित कई अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई है। मामले में जाँच और अन्य जरूरी कार्रवाई की जा रही है।

रिटायर्ड जज गोकर्ण मंदिर समिति के अध्यक्ष, वीटो पॉवर भी होगा: सुप्रीम कोर्ट का फैसला, रामचंद्रपुरा मठ करना चाहता है महाबलेश्वर स्थल का संचालन

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (29 जुलाई, 2024) को कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ स्थित गोकर्ण मंदिर के कार्यों को देख रहे पूर्व न्यायाधीश BN श्रीकृष्ण को आ रही कठिनाइयों का संज्ञान लिया। BN श्रीकृष्ण एक समिति के मुखिया हैं, जो गोकर्ण महाबलेश्वर मंदिर के संचालन से जुड़ी कार्यों को देख रही है। मुख्य न्यायाधीश DY चंद्रचूड़, जस्टिस JB पार्दीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने उनकी कठिनाइयों को देखते हुए उन्हें अपने कार्यों में सक्षम बनाने के कई निर्देश दिए, साथ ही समिति में में उन्हें वीटो पॉवर भी दिया।

इससे पहले जस्टिस (रिटायर्ड) BN श्रीकृष्ण ने कहा था कि समिति के लोग उनके साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि अगर यही स्थिति बनी रही तो इन सदस्यों पर अदालत की अवमानना का मामला चलाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “जमीनी स्तर पर स्थिति को जल्द से जल्द सुधारने की आवश्यकता है और सभी पक्षों को यह ध्यान रखना चाहिए कि महाबलेश्वर गोकर्ण मंदिर 8वीं शताब्दी का प्राचीन मंदिर है और इसकी परंपराओं, पूजा के सदियों पुराने तरीकों का पालन किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति श्रीकृष्ण के सुझावों को स्वीकार किया जाना चाहिए।”

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समिति के मुखिया के रूप में रिटायर्ड जज की हताशा उनकी टिप्पणी में झलक रही है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस बात का शुक्र है कि उन्होंने पद नहीं छोड़ा, क्योंकि वो जानते हैं कि ये मंदिर कितना प्राचीन और पूजनीय है। इसके बाद अदालत ने आदेश दिया कि समिति के समुचित संचालन के लिए करवार के जिला न्यायाधीश को समिति का हिस्सा माना जाएगा, यदि वह सभी कार्य नहीं कररकते हैं तो अतिरिक्त जिला न्यायाधीश (ADJ) के पद से नीचे का कोई सदस्य नियुक्त नहीं किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि ट्रस्ट या मंदिर से संबंधित किसी भी मामले को नहीं देखेंगे। सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि अध्यक्ष (न्यायमूर्ति बीएन श्रीकृष्ण) के पास निर्णायक मत होगा और अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के अलावा सभी सदस्यों की सलाहकार भूमिका होगी और अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्णयों पर कोई वीटो नहीं होगा। बता दें कि कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा महाबलेश्वर मंदिर का प्रबंधन रामचंद्रपुरा मठ को सौंपने के राज्य सरकार के फैसले को रद्द कर दिया गया था।