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आकाश बन नसीम ने शादीशुदा महिला को फँसाया, पति से तलाक दिलवा कर ली शादी: बाद में हुआ फरार, घरवालों ने कहा- मुस्लिम बनो तब घर में रखेंगे

उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला नसीम अपनी पहचान छिपाकर आकाश बन गया और फिर पंजाब के मोहाली की एक शादीशुदा महिला को अपने जाल में फँसा लिया। नसीम ने महिला को उसके पति से तलाक करवाने के बाद उसके साथ हिंदू रीति रिवाज से शादी कर ली। जब महिला को सच्चाई पता चली तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने नसीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है।

दरअसल, बिजनौर शहर के कोतवाली क्षेत्र स्थित फरीदपुर काज़ी उर्फ खेड़की का रहने वाला नसीम चंडीगढ़ के मोहाली में बढ़ई का काम करता है। वहाँ उसकी मुलाकात रौशनी नाम की एक महिला से हुई। रौशनी हिंदू है और पहले से ही शादीशुदा थी। महिला ने बताया कि नसीम ने अपना नाम आकाश बताया और उससे दोस्ती कर ली। इसके बाद धीरे-धीरे उसने उससे नजदीकियाँ बढ़ा ली।

जागरण के अनुसार, नसीम अब रौशनी को शादी का ख्वाब दिखाने लगा था। शादी के नाम पर उसने महिला को अपने पति को तलाक देने के लिए उकसाने लगा। उसकी बातों में आकर महिला ने अपने पति को तलाक दे दी और इसमें आकाश बने नसीम ने उसकी सहायता की। तलाक के बाद उसने हिंदू रीति-रिवाज के साथ उससे शादी कर ली। इसके बाद दोनों पति-पत्नी बनकर साथ रहने लगे।

शादी के कुछ समय बाद नसीम उर्फ आकाश रौशनी को बिना बताए मोहाली से फरार हो गया। वह दो महीने तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद उसे तलाशते हुए महिला 16 जुलाई 2024 को बिजनौर के उसके गाँव पहुँची। उस समय नसीम घर पर नहीं मिला। वहाँ नसीम के परिजनों ने उसके साथ मारपीट की। नसीम के परिजनों ने बताया वह साथ नहीं रह सकती है, क्योंकि वे मुस्लिम हैं।

उन्होंने शर्त रखी कि अगर महिला इस्लाम कबूल कर मुस्लिम बन जाएगी तो उसका नसीम से निकाह करा देंगे और फिर साथ रखेंगे। हालाँकि, रौशनी इसके लिए तैयार नहीं हुई। वहीं पता चला कि उसका नाम नसीम नहीं, बल्कि आकाश है। इसके बाद पीड़ित थाने पहुँची और उसने तहरीर दी। इस घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठन के लोग भी थाने पहुँचे और हंगामा करने लगे।

महिला की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपित नसीम उर्फ आकाश, भाई वसीम, पिता शमीम, और ताऊ हासिल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। नसीम के खिलाफ झाँसा देकर शादी करने और उसके तथा उसके परिजनों के खिलाफ मारपीट की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों को जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मनु भाकर ने दिलाया पेरिस ओलंपिक का पहला पदक, 10 मीटर एयर पिस्टल प्रतिस्पर्धा में जीता कांस्य पदक, कोरियन खिलाड़ियों को दी कड़ी टक्कर

पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर ने मेडल टैली में भारत का खाता खोल दिया है। मनु भाकर ने 10 मीटर विमेंस एयर पिस्टल में कांस्य पदक जीत लिया है। उन्होंने आखिर तर कोरियाई खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर दी, लेकिन वो तीसरे नंबर पर रही। इस स्पर्धा का स्वर्ण और रजत पदक, दोनों ही दक्षिण कोरियाई खिलाड़ियों ने जीता है। दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी ने ओलंपिक रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता है। मनु भाकर ने फाइनल में 221.7 अंक के साथ कांस्य पदक जीता है।

आखिर तक कोरियाई खिलाड़ियों को दी कड़ी टक्कर

मनु भाकर एक समय सिल्वर की तरफ भी बढ़ रही थी और आखिरी शॉट से पहले .1 अंक से आगे भी थी। आखिरी शॉट से पहले मनु का स्कोर 211.4 अंक था, तो कोई खिलाड़ी का 211.3… दोनों ही खिलाड़ियों ने आखिरी शॉट बेहतरीन लगाया, जिसमें मनु ने 10.3 का शॉट लगाया, तो कोरियाई खिलाड़ी ने अपनी सांसों पर काबू रखते हुए 10.5 का स्कोर किया, जिसके दम पर वो महज 0.1 अंक से आगे निकल गई। हालाँकि आखिरी शॉट में उनका स्कोर उतना बेहतर नहीं रहा और 9.6 का ही स्कोर लगा सकी, वहीं YJ Oh ने 243.2 अंक के साथ ओलंपिक रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता, तो YJ KUM 241.3 अंकों के साथ सिल्वर पदक जीती। मनु 221.7 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रही और भारत का खाता खोल दिया।

भारत की ओलंपिक टीम ने मनु को बधाई दी है।

मनु भाकर क्वालिफिकेशन राउंड में भी तीसरे स्थान पर रही थीं। हालाँकि क्वालिफिकेशन राउंट में टॉप पर रही हंगरी की वी मेजर नाम की खिलाड़ी फाइनल मुकाबले में आखिरी यानी आठवें नंबर पर रहीं। इसी के साथ मनु भाकर शूटिंग में भारत को ओलंपिक पदक दिलाने वाली भारत की पहली महिला एथलीट बन गई हैं। यही नहीं, उन्होंने शूटिंग में भारत के पदक के 12 साल के सूखे को भी खत्म किया। 2012 लंदन ओलंपिक में गगन नारंग और विजय कुमार ने शूटिंग में पदक जीता था।

फेक न्यूज फैलाने वाले मोहम्मद जुबैर को X पर फॉलो करते मिले मुख्य चुनाव आयुक्त: जनता ने रगड़ दिया… अब राहुल गाँधी को भी कर दिया अनफॉलो

भारत में लोकसभा चुनाव हो या राज्यों में विधानसभा चुनाव। उस समय देश में सबसे ज्यादा ताकतवर पद कोई होता है, तो वो होता है मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) का। लेकिन भारत के मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार, जिनके नेतृत्व में चुनाव आयोग ने 2 माह पहले ही दुनिया के सबसे बड़े चुनाव अभियान को संपन्न कराया है, वो सोशल मीडिया पर फेक न्यूज फैलाने की फैक्ट्री मोहम्मद जुबैर को फॉलो करते पाए गए।

यही नहीं, चुनाव आयोग पर सबसे ज्यादा हमला बोलने वाले राहुल गाँधी को भी वो एक्स पर फॉलो करते पाए गए। हालाँकि सोशल मीडिया पर जिस बात को लेकर लोगों का गुस्सा फूटा, वो मामला जुबैर को फॉलो करने से जुड़ा था।

राजीव कुमार की फॉलोविंग लिस्ट में चुनाव आयोग का आधिकारिक हैंडल, आल इंडिया रेडियो न्यूज, राहुल गाँधी और मोहम्मद जुबैर था। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से फेक न्यूज पेडलर मोहम्मद जुबैर को फॉलो करने की बात सामने आते ही सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया हुई। जिसके बाद उन्होंने चुनाव आयोग के हैंडल को छोड़कर सभी को अनफॉलो कर दिया।

इस मामले में कई यूजर्स ने उन पर गुस्सा निकाला और पूछा कि मुख्य चुनाव आयुक्त मोहम्मद जुबैर को क्यों फॉलो करते हैं, जो कि फेक न्यूज फैलाने वाला व्यक्ति है। वो चुनाव आयोग के खिलाफ फेक न्यूज फैलाकर उसे बदनाम करता रहा है।

कई लोगों ने बॉलीवुड फिल्म ‘द कश्मीर फाइल’ की मशहूर लाइन को लिखा, “सरकार भले ही आपकी हो, सिस्टम हमारा है।”

मिक्कू नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा, “राजीव साब एक ऐसे आदमी को फॉलो कर रहे हैं जिसने चुनाव के समय चुनाव आयोग और ईवीएम में धांधली का दावा करने वाली हर पोस्ट को बढ़ावा दिया।”

जयपुर डायलॉग्स ने लिखा, “भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ट्विटर पर सिर्फ़ 4 अकाउंट फ़ॉलो कर रहे हैं: चुनाव आयोग, राहुल गाँधी, एआईआर न्यूज़ और मोहम्मद ज़ुबैर, लेकिन अंदाज़ा लगाइए कि भारत में चुनावों को कौन प्रभावित कर रहा है?”

सोशल मीडिया पर जबरदस्त गुस्सा देखते हुए सीईसी राजीव कुमार ने चुनाव निकाय को छोड़कर फर्जी खबर फैलाने वाले मोहम्मद जुबैर के एक्स हैंडल और विपक्ष के मौजूदा नेता राहुल गाँधी समेत बाकी सभी अकाउंट को अनफॉलो कर दिया। अपनी मौजूदा फॉलोइंग लिस्ट के अनुसार, सीईसी राजीव कुमार अब केवल चुनाव निकाय के आधिकारिक एक्स हैंडल को ही फॉलो कर रहे हैं।

(फिलहाल मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार केवल एक अकाउंट को फॉलो कर रहे हैं – चुनाव आयोग का आधिकारिक एक्स हैंडल)

इस मामले में लोगों ने सोशल मीडिया के मंच के सही उपयोग की तारीफ की है और कई लोगों ने लिखा है कि सोशल मीडिया कभी-कभी अच्छे कामों को अंजाम देने का मंच बन जाता है।

सऊदी अरब में महिलाएँ आजाद, जो चाहें सो पहने, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का आदेश: सच में? जानिए पूरी बात

सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद (MBS) का एक बयान वायरल हो रहा है। इसमें कथित तौर पर दावा किया गया है कि मुहम्मद बिन सलमान ने महिलाओं के कपड़ों चुनने की आजादी का समर्थन किया है। उनका बयान ”केवल महिलाएँ ही तय कर सकती हैं कि उन्हें क्या कपड़े पहनना है।” के तौर पर प्रचारित हो रहा है।

कई सोशल मीडिया यूजर्स ने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और मिस यूनिवर्स में भाग ले रही सऊदी अरब की पहली महिला रूमी अलकाहतानी की तस्वीरों के साथ यह बयान पोस्ट किया है। इन पोस्ट में लिखा गया है “MBS ने घोषणा की है कि अब से, सऊदी अरब में महिलाएँ पुरुषों की इजाजत के बिना अपनी पसंद के कपड़े पहन सकती हैं।”

ऐसा ही पोस्ट करने वाले ‘डॉ मालौफ’ नाम के एक यूजर की पोस्ट पर लोगों ने ‘कम्युनिटी नोट्स’ का इस्तेमाल किया। इसमें इस पोस्ट का खंडन करते हुए बताया गया कि असल में मोहम्मद बिन सलमान क्या कह रहे थे। नोट के अनुसार, मोहम्मद बिन सलमान ने ऐसी कोई बात नहीं की है। मोहम्मद बिन सलमान ने केवल इतना कहा कि इस्लामी कानून काले अबाया या काले हिजाब को जरूरी नहीं मानते। लेकिन उन्होंने यह नहीं कहा कि महिलाएँ जो चाहें पहन सकती हैं।

नोट में कहा गया, “इसकी शुरुआत इस तरह से होती है कि शरिया के कानून बहुत साफ हैं और इसमें लिखा है कि महिलाएँ पुरुषों की तरह सभ्य, सम्मानजनक कपड़े पहनें। हालाँकि, इसमें अलग से काले अबाया या काले सिर स्कार्फ का उल्लेख नहीं है।”

एक अन्य सोशल मीडिया यूजर की पोस्ट पर भी ‘कम्युनिटी नोट्स’ लगे गए, इसने भी यही दावा किया था। इसमें लिखा गया, “क्राउन प्रिंस ने 2018 में यह बात कही थी, उनका कहना है कि महिलाओं को इस्लाम में बताए गए कपड़ों की बड़ी रेंज में से कुछ भी पहनने का अधिकार है। इसमें पोस्ट में दिखाने जाने वाले दूसरे या मॉडर्न कपड़ों का कोई लेनादेना नहीं है।”

असल में जो बात 2024 में वायरल हो रही है वह उन्होंने अमेरिकी नेटवर्क CBS न्यूज़ के साथ उनके 2018 में कही थी। उनके बयान को अब गलत तरीके से समझा जा रहा है, क्योंकि जब उन्होंने महिलाओं के खुद के कपड़े चुनने के बारे में बात की, तो उन्होंने पुरुषों की अनुमति के बिना कुछ भी पहनने की बात को लेकर कुछ नहीं कहा।

मुहम्मद बिन सलमान का असल बयान था, “शरिया के कानूनों में कानून बहुत साफ कि महिलाएँ पुरुषों की तरह सभ्य, सम्मानजनक कपड़े पहनें। हालाँकि, इसमें अलग से काले अबाया या काले सिर को ढंकने के बारे में नहीं लागू होता। यह पूरी तरह से महिलाओं की इच्छा है कि वह किस प्रकार का सभ्य और सम्मानजनक कपड़े पहनना पसंद करती हैं।”

यह बयान पत्रकार नोरा ओ’डॉनेल द्वारा के सवाल के जवाब में था। उन्होंने पूछा था, “आपने कहा है कि आप ‘सऊदी अरब को वापस उसी जगह ले जा रहे हैं, जो हम पहले था। यानी एक उदारवादी इस्लामी देश, इसका क्या मतलब है।”

मुहम्मद बिन सलमान ने इस पर कहा था, “हमारे यहाँ कट्टरपंथी हैं जो महिलाओं और पुरुषों के बीच घुलने-मिलने पर रोक लगाते हैं और एक पुरुष और एक महिला के बीच अकेले और ऑफिस में उनके साथ होने के बीच अंतर नहीं कर पा रहे। इनमें से कई के विचार पैगंबर और खलीफाओं के समय के जीवन के खिलाफ हैं।”

गौरतलब है कि सऊदी अरब में ही इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहर, मक्का और मदीना हैं। सख्त सामाजिक और धार्मिक नियंत्रण लंबे समय से सऊदी अरब के समाज का हिस्सा रहा है जो अरब प्रायद्वीप का सबसे बड़ा देश है। सऊदी अरब ने हाल ही में महिलाओं को कार चलाने की अनुमति दी है सिनेमाघर खोल रहा है म्यूजिक शो आयोजित कर रहा है।

दिल्ली और MCD में AAP की सरकार, फिर भी BJP पर आरोप लगा रही केजरीवाल सरकार: विधायक दुर्गेश पाठक ने पल्ला झाड़ा, इलाके की होकर भी मेयर शैली ने नहीं दिया ध्यान

दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में स्थित राव IAS एकेडमी के बेसमेंट में पानी भर जाने से तीन विद्यार्थियों की मौत के मामले में राजनीति शुरू हो गई है। नगर निगम और दिल्ली सरकार वाली आम आदमी पार्टी के नेता-मंत्री भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद पर आरोप लगा रहे हैं। राजेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र से AAP विधायक दुर्गेश पाठक ने घटना का दोष भाजपा पर मढ़ा है।

पाठक ने कहा, “अभी वहाँ (घटनास्थल) पर पानी तो निकल गया है, लेकिन अब हद हो गई है। दिल्ली के सिर्फ ओल्ड राजेंद्र नगर में नहीं, बहुत सारी जगहों पर कोचिंग इंस्टीट्यूट बेसमेंट को कमर्शियल परपश के यूज कर रहे हैं। यहाँ के बारे में बताया जा रहा है कि यहाँ वॉटर लॉगिंग होती है। पानी सड़क से निकल रहा था। इनके (राव IAS इंस्टीट्यूट) बेसमेंट में बच्चे पढ़ रहे थे।”

उन्होंने आगे कहा, “वहाँ से कोई गाड़ी गुजरी है और उनका दरवाजा टूटा है, जिसके कारण उनके बेसमेंट पानी गया है। लेकिन, बेसमेंट में बच्चे पढ़ क्यों रहे थे? वहाँ लाइब्रेरी खोल रखी है। यह टोटल क्रिमिनल एक्टिविटी है। इनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसमें जो भी ऑफिसर रिस्पॉन्सिबल है, उसके खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे तो पूरी दिल्ली बर्बाद हो जाएगी।”

स्थानीय विधायक पाठक ने कहा, “खुद मैं 20 दिन पहले दिल्ली जल बोर्ड के CEO से मिलकर आया था। जल बोर्ड के नीचे लेवल के अधिकारियों से मिलकर आया। एमसीडी के अधिकारियों से मिलकर आया। ड्रेनेज मशीनों की माँग कर रहा हूँ। जहाँ 10 मशीनों की माँग की, वहाँ दो मशीनें आ रही हैं। 2 घंटे के लिए मशीनें आ रही हैं। उसमें है कमी, मैं मानता हूँ।”

हालाँकि, सारा दोष कोचिंग संस्थानों पर डालते हुए विधायक पाठक ने कहा, दिल्ली का ड्रेनेज सिस्टम बर्बाद है। इसका कारण है कि यहाँ (एमसीडी में) 15 साल सत्ता में भारतीय जनता पार्टी रही। ड्रेनेज पर उसने कोई काम नहीं किया। हमलोग एक साल से सत्ता में आए हैं। ड्रेनेज के ऊपर काम कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि जब तक बेसमेंट के ऊपर ऐक्शन नहीं होगा, तब ऐसी चीजें चलती रहेंगी।

जिस जगह यह घटना हुई है, उस क्षेत्र के AAP विधायक इस घटना की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने को तैयार नहीं हैं। ड्रेनेज सिस्टम और साफ-सफाई एमसीडी के अंतर्गत आता है। एमसीडी में आम आदमी पार्टी की सरकार है। इसलिए पाठक इस पूरे मामले को बेसमेंट का मुद्दा बता रहे हैं। वहीं, दिल्ली में भी AAP की ही सरकार है। फिर भी वे अपनी जिम्मेदारी मानने को तैयार नहीं हैं।

सबसे बड़ी ये है कि एमसीडी के मेयर शैली ओबरॉय राजेंद्र नगर से सटे पूर्वी पटेल नगर से AAP की पार्षद हैं। वे पटेल नगर में पली-बढ़ी और शिक्षा ग्रहण की हैं। यहीं रहते हुए मेयर भी बनीं। इसके बावजूद वे इलाके को जल-जमाव से निजात नहीं दिला पाईं। अभी पिछले सप्ताह ही यूपीएससी की तैयारी करने वाले छात्र की पानी में करंट तोड़ने से मौैत हो गई थी। फिर राजेंद्र नगर की घटना हो गई।

वहीं, इस घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने के लिए AAP की राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल पहुँची थी। इसके बाद छात्रों ने उन्हें लौटाते हुए कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने ‘स्वाति मालीवाल वापस जाओ’ के नारे लगाते हुए कहा कि वे उन्हें राजनीति नहीं करने देंगी। उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी ही पार्टी की सरकार को घेरा।

उधर, दिल्ली सरकार में शिक्षा मंत्री आतिशी ने इस घटना का मजिस्ट्रेट से जाँच कराने के लिए कहा है और 24 घंटे में रिपोर्ट माँगी है। वहीं, मेयर शैली ओबेरॉय ने एमसीडी आयुक्त को निर्देश दिया है कि दिल्ली में एमसीडी के अधिकार में आने वाले वैसे कोचिंग सेंटर के खिलाफ कार्रवाई की जाए, जो अवैध रूप से बेसमेंट में चल रहे हैं। राजेंद्र नगर की जाँच कराकर उसकी रिपोर्ट भी माँगी है।

दिल्ली भाजपा के प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “यह एक हत्या है और अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार का एक उदाहरण है। स्थानीय लोगों ने आप विधायक दुर्गेश पाठक से कई बार नाले की सफाई करवाने का आग्रह किया था। लेकिन उन्होंने नहीं करवाए।” वहीं, भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि इस मृत्यु की जिम्मेदार केजरीवाल की सरकार है।

BJP नेता ने शेयर किया टैक्स और सब्सिडी पर पोस्ट, कार्टून देख आहत हुई मुस्लिम भीड़: कर्नाटक के थाने के बाहर किया बवाल, शांत कराने के लिए पुलिस ने 2 को गिरफ्तार किया

कर्नाटक के कोलर जिले में मुस्लिम भीड़ ने पुलिस थाने के बाहर बवाल किया है। बताया जा रहा है कि ये सब एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुआ है। पुलिस ने घटना के संबंध में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें एक भारतीय जनता पार्टी के नेता भी हैं।

जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला केजीएफ जिले के रॉबर्टसन थाने का है। यहाँ मुस्लिम भीड़ थाने के पास इकट्ठा होकर हल्ला करने लगी। इनकी माँग थी कि पुलिस भाजपा नेता नवीन जैन और चेतन बांतिया की गिरफ्तारी करे, जिन्होंने मुस्लिम समाज को लेकर कार्टून शेयर किया जिसमें टैक्स भरने की बात थी।

टीवी9 कन्नड़ की रिपोर्ट के अनुसार, कार्टून में मुस्लिम परिवार दिखाया गया है। इसमें एक मुस्लिम आदमी है, दो प्रेगनेंट महिलाएँ हैं और दो छोटे बच्चे हैं। ऊपर लिखा है 31 जुलाई करीब आ रही है कृपया अपना टैक्स समय पर भरें। आगे इसी कार्टून में तंज कसते हुए कहा गया, “आखिरकार आपका दिया टैक्स ही किसी को मिलने वाली सब्सिडी है।”

इसी पोस्ट को शेयर करने के बाद सोशल मीडिया पर खूब बवाल हुआ। बाद में पुलिस उपाधीक्षक पांडुरंगा घटनास्थल पर पहुँचे और मुस्लिम नेताओं से बाच की। बाद में पुलिस ने एक्शन लेते हुए भाजपा नेता नवीन जैन और व्यापारी चेतन बांतिया को गिरफ्तार किया।

2022 में कर्नाटक के हुबली में बवाल

बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब इस तरह सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर कर्नाटक में बवाल देखा गया हो। इससे पहले साल 2022 में पुलिस थाने का घेराव करके बहुत बवाल हुआ था। उस समय भी एक आपत्तिजनक सोशल मीडिया को आधार बनाकर उपद्रव हुआ था। तब, कर्नाटक के धारवाड़ जिले के ओल्ड हुबली थाने पर पथराव की घटना सामने आई थी। इसमें 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। गाड़ियों को भी क्षतिग्रस्त किया गया था। बवाल इतना बड़ा था कि हिंसा के बाद शहर में 144 लागू करनी पड़ी थी। बाद में पुलिस ने करीबन 40 लोगों पर कार्रवाई की थी।

प्रोजेक्ट परी, मिशन ओलंपिक, चीयर फॉर भारत के साथ ‘हर घर तिरंगा’: PM मोदी के मन की बात में चराईदेउ मैदाम पर भी चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (28 जुलाई 2024) को अपने मासिक रेडियो शो ‘मन की बात’ के 112वें संस्करण में देशवासियों के सामने अपनी बात रखी। मोदी 3.0 में ये दूसरी बार था, जब उन्होंने मन की बात की। इस दौरान पीएम मोदी ने पेरिस ओलंपिक से लेकर मैथ्य ओलंपियाड, असम के चराईदेउ मैदाम, प्रोजेक्ट परी, हर घर तिरंगा जैसे मुद्दों पर बात की।

मन की बात में पीएम मोदी ने पेरिस ओलंपिक की बात करते हुए भारत के खिलाड़ियों को समर्थन देने की बात की। पीएम मोदी ने चीयर फॉर भारत का स्लोगन भी दिया। इसके साथ ही उन्होंने इंटरनेशनल मैथमेटिक्स ओलंपियाड का जिक्र करते हुए उन्होंने इससे जुड़े छात्रों से फोन पर बात की और उनके अनुभवों को भी जाना।

पीएम मोदी ने चराई देव मैदाम का जिक्र करते हुए कहा कि असम के चराई देव मैदाम को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह नॉर्थ-ईस्ट की पहली साइट होगी। इसकी खासियत बताते हुए उन्होंने इसका मतलब भी बताया। पीएम मोदी ने बताया कि चराईदेउ मैदाम का मतलब साइनिंग सिटी ऑन द हिल्स है। यह अहोम राज्य की राजधानी थी। 13वीं शताब्दी में शुरू हुआ ये साम्राज्य 19वीं शताब्दी तक रहा, ये बहुत बड़ी बात है। उन्होंने लोगों से अपील की कि आप भविष्य में इस साइट को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें।

मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोजेक्ट परी का भी जिक्र किया। उन्होंने प्रोजेक्ट परी के बारे में बताते हुए कहा कि इसका मतलब ‘पब्लिक आर्ट ऑफ इंडिया’ है। प्रोजेक्ट परी, पब्लिक ऑर्ट के उभरते कलाकारों को एक मंच पर लाने का प्रयास कर रही है। दिल्ली के भारत मंडपम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहाँ पर देश भर के पब्लिक आर्ट देखे जा सकते हैं।

खादी के उपयोग को बढ़ाने की अपील

हरियाणा के रोहतक की महिलाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन्होंने उन्नति सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ने का फैसला लिया और अब ये महिलाएँ लाखों रुपये कमा रही हैं। खादी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कई लोग होंगे जो खादी का उपयोग नहीं करते होंगे लेकिन आज गर्व से खादी पहन रहे हैं। पहली बार खादी का कारोबार 1.5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुँच गया है। खादी की बिक्री 400 प्रतिशत बढ़ी है। इससे सबसे ज्यादा फायदा महिलाओं को हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर आपने अब तक खादी का वस्त्र नहीं खरीदा है तो इसे इसी साल से शुरू कर दें।

मानस कॉल सेंटर का जिक्र

पीएम मोदी ने ड्रग्स की चुनौती की चर्चा करते हुए कहा कि ये हर परिवार की चिंता होती है। इसके लिए सरकार ने मानस नाम से एक विशेष केंद्र खोला है। मानस की हेल्प लाइन और पोर्टल को कुछ दिन पहले ही शुरू किया है। उन्होंने कहा कि 1933 पर कॉल करके कोई भी जरूरी सलाह या जानकारी ले सकता है। अगर कोई अन्य जानकारी है तो वह भी इसी नंबर पर कॉल करके साझा कर सकते हैं। इस पर साझा की गई हर जानकारी गोपनीय रखी जाती है।

देखें: मन की बात का 112वाँ एपिसोड

बाघों को बचाने की अपील

पीएम मोदी ने कहा कि कल दुनिया भर में टाइगर डे मनाया जाएगा। ये हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। हम सभी ने किस्सों-कहानियों में बाघों से जुड़ी कहानियाँ सुनी हैं। हमारे देश में कई गाँव हैं, जहाँ इंसान और बाघ के बीच कई टकराव की स्थिति नहीं आती, लेकिन जहाँ ऐसी स्थिति आती है वहाँ भी बाघों के संरक्षण के लिए प्रयास किए जा रहा है। कुल्हाड़ी बंद पंचायत इसी का एक हिस्सा है। रणथंभौर से शुरू हुआ यह अभियान रोचक है। स्थानीय लोगों ने ही संकल्प लिया है कि ये जंगल नहीं काटेंगे, इससे बाघों के लिए बेहतर पर्यावरण तैयार हो रहा है। हमारे देश में वन क्षेत्र भी तेजी से बढ़ रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि एक पेड़ माँ के नाम कार्यक्रम के तहत देश भर से लोग जुड़ रहे हैं। इसके तहत इंदौर में एक ही दिन में 2 लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए। इस अभियान से आप भी जरूर जुड़ें और सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करें।

हर घर तिरंगा अभियान

पीएम मोदी ने कहा कि 15 अगस्त का दिन दूर नहीं है। इसके साथ एक और अभियान जुड़ गया है। हर घर तिरंगा अभियान भी इससे जुड़ गया है। पिछले कुछ सालों से लोगों में इसके लिए जोश हाई रहता है। आपने गौर किया होगा कि जब एक-एक घर पर तिरंगा लहराता है तो दूसरे घरों पर भी तिरंगा दिखने लगता है। यह एक यूनिक फेस्टिवल बन चुका है। इस साल भी आप तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी जरूर अपलोड करें। इसके अलावा 15 अगस्त से पहले आप अपने सुझाव जरूर भेजें। माई गॉव या नमो एप पर भी सुझाव भेज सकते हैं। 15 अगस्त के संबोधन में इन सुझावों को मैं कवर करने की कोशिश करूंगा। इसके अलावा उन्होंने आने वाले पर्वों की शुभकामनाएं भी दीं।

जिस सड़क पर सिर्फ काँवड़ियों को अनुमति, वहाँ शराब पीकर गाड़ी घुसाया, मार दी टक्कर: वामपंथी गैंग ने गाड़ी तोड़ने वाला वीडियो किया वायरल, छुपाई सच्चाई

कांवड़ यात्रा के शुरू होने के बाद से ही इस पर दुष्प्रचार का अभियान चल पड़ा है। कांवड़ियों के हर काम को सोशल मीडिया पर गलत भावना से प्रचारित किया जा रहा है। ऐसा ही एक वीडियो गाजियाबाद के मुरादनगर से सामने आया है जिसमें कांवड़िये एक गाड़ी को तोड़ते दिखे हैं। इस घटना की सच्चाई गाजियाबाद पुलिस ने ऑपइंडिया को बताई है।

शनिवार (27 जुलाई, 2024) को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। इसमें दिखता है कि कुछ कांवड़ियों वाले कपड़े पहने लोग एक हौंडा सिटी गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। यहाँ भारी भीड़ भी जमा है। आसपास मौजूद लोग वीडियो भी बना रहे हैं। कुछ देर बाद यह वीडियो कांवड़ियों के उत्पात के रूप में प्रचारित किया जाने लगा।

इस वीडियो को कांवड़ियों के विरूद्ध लगातार प्रोपेगेंडा चलाने वाले हैंडल्स ने खूब आगे बढ़ाया। उन्होंने इसे कांवड़ियों का कानून व्यवस्था को उल्लंघन बताते हुए उन पर काफी टिप्पणियाँ की। हालाँकि, इस मामले की सच्चाई पुलिस ने ऑपइंडिया को बताई है।

ऑपइंडिया ने इस मामले में मुरादनगर थानाध्यक्ष मुकेश सोलंकी से बात की। उन्होंने बताया कि जिस मार्ग पर यह घटना हुई, वहाँ वर्तमान में किसी भी वाहन को चलने की अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि इस मार्ग पर केवल पैदल कांवड़िये और उनके वाहनों को चलने की ही अनुमति है।

मुकेश सोलंकी ने बताया कि अनुमति ना होने के बाद गाड़ी का चालक इस मार्ग पर गाड़ी ले आया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उसे एक जगह रोकने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माना और कांवड़ियों के बीच से ही गाड़ी निकालने लगा। जब वह इस रास्ते पर लगी दूसरी पुलिस पिकेट पर पहुँचा तो उसे फिर रोका गया।

उन्होंने बताया कि इसी बीच उसने किसी कांवड़िया के गाड़ी से टक्कर मार दी। इसके बाद कांवड़ियों में आक्रोश पनप गया। उन्होंने इसके कारण गाड़ी में तोड़फोड़ की। पुलिस ने बताया कि कांवड़ियों ने 3-4 मिनट में ही तोड़फोड़ की और फिर वापस चले गए। कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि गाड़ी की टक्कर के कांवड़ खंडित हो गई थी।

ऑपइंडिया से थानाध्यक्ष मुकेश सोलंकी ने बताया कि इस मामले में कार चालक को लापरवाही के कारण गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने शराब पी रखी थी। उसके विरुद्ध पुलिस ने मामला भी दर्ज किया है। उसे अभी जेल भेजा गया है। बाकी स्थानों पर कांवड़ यात्रा सुचारु रूप से चल रही है।

माहवारी शुरू होते ही निकाह की बात करता है मुस्लिम लॉ: FIR रद्द करने की अर्जी को केरल हाई कोर्ट ने किया खारिज, कहा- बाल विवाह निषेध कानून उससे ऊपर

केरल हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम-2006 सभी नागरिकों पर लागू होता है, चाहे वे किसी भी धर्म के हों। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह अधिनियम यौवन (Puberty) पर लड़की का निकाह करने की अनुमति देने वाले मुस्लिम पर्सनल लॉ का स्थान लेता है। इसके बाद अदालत ने याचिकाकर्ता की याचिका खारिज कर दी।

केरल हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति पीवी कुन्हीकृष्णन की एकल पीठ ने कहा कि नागरिकता प्राथमिक है, जबकि धर्म गौण। उन्होंने कहा, “आधुनिक समाज में बाल विवाह पर प्रतिबंध महत्वपूर्ण है। बाल विवाह बच्चों को उनके बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित करता है, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य और शोषण से सुरक्षा का अधिकार शामिल हैं।”

अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान आगे कहा, “बच्चों को पढ़ने दें। उन्हें यात्रा करने दें। जीवन का आनंद लेने दें और जब वे परिपक्व हो जाएँ तो उन्हें शादी के बारे में फैसला करने दें। आधुनिक समाज में शादी के लिए कोई बाध्यता नहीं हो सकती है।” इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता के खिलाफ बाल विवाह के तहत केस को रद्द करने से इनकार कर दिया।

दरअसल, केरल के पलक्कड़ में बाल विवाह के आरोप में पाँच व्यक्ति पर साल 2012 में केस हुआ था। इनमें लड़की के अब्बू , लड़का, एक अधिकारी और एक गवाह शामिल थे। अलाथुर मजिस्ट्रेट की अदालत में ने वडक्कनचेरी पुलिस द्वारा शुरू की गई सुनवाई को रद्द करने की माँग वाली याचिका खारिज कर दी। इसके बाद आरोपित केरल हाई कोर्ट पहुँचे थे।

आरोपितों ने हाई कोर्ट से गुहार लगाई थी कि उन पर दर्ज केस रद्द किया जाए। आरोपितों ने दलील दी थी कि कोई भी मुस्लिम लड़की अगर प्यूबर्टी हासिल कर लेती है यानी उसका मासिक धर्म शुरू हो जाता है तो वह मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत वह शादी के योग्य मानी जाती है। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि इसके लिए न्यूनतम आयु 15 वर्ष निर्धारित की गई है।

मुस्लिम समुदाय कसे ताल्लुक रखने वाले आरोपितों ने अपनी याचिका में तर्क दिया कि मुस्लिम पर्सनल कानून में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि बाल विवाह विरोधी कानून के कारण मुस्लिमों के पर्सनल कानून में हस्तक्षेप होता है। इसलिए यह कानून मुस्लिमों के अधिकारों का हनन करता है।

हालाँकि, कोर्ट ने याचिककर्ता की दलील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि भारत और यहाँ तक कि विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों पर भी बाल विवाह कानून अधिनियम 2006 लागू होता है। बाल विवाह विरोधी कानून किसी भी धर्म और उसके पर्सनल लॉ से भी ऊपर है। इसमें कोई कोताही नहीं बरती जा सकती है।

हर भारतीय की 15 लाख रुपए हर साल कमाई (8-9 गुना वृद्धि), GDP से तोड़ना है मिडिल क्लास का जाल: 2047 के लिए NITI आयोग का रोडमैप

दिल्ली में हुई NITI आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में 2047 तक देश को विकसित बनाने के लिए विजन रखा गया है। NITI आयोग ने कहा है कि भारत को वर्तमान समस्याओं से पार पाने के लिए 2047 तक $30 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था वाला देश बनना होगा और देशवासियों की कमाई को ₹15 लाख तक ले जाना होगा। बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि विकसित बनाने के लिए केंद्र और राज्यों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने यहाँ रोजगार और कौशल विकास के मुद्दे को उठाया।

कैसे भारत बनेगा विकसित?

नई दिल्ली में शनिवार (27 जुलाई, 2024) को हुई गवर्निंग काउंसिल बैठक में पीएम मोदी और अधिकांश राज्यों के मुख्यमंत्री-उपराज्यपाल शामिल हुए। विपक्ष के राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हुए। NITI आयोग ने इस बैठक में 2047 तक देश को विकसित बनाने को लेकर विजन पेपर प्रस्तुत किया।

NITI आयोग ने इस पेपर में कहा है कि भारत को मध्य आयवर्ग के जाल से निकलने के लिए अगले 20 वर्षों तक 7-10% की GDP वृद्धि दर बनाकर रखनी होगी। इससे भारत के लोगों को एक विकसित देश वाली सुविधाएँ मिल सकेंगी। भारत को 2047 तक $30 ट्रिलियन के लक्ष्य को पाना होगा।

इसके अलावा इसी दौरान देश वासियों की औसत सालाना आय को भी $18,000 (₹15 लाख) तक पहुँचाना होगा। वर्तमान में भारतवासियों की औसत आय $2392 है। इसमें 8-9 गुना वृद्धि की आवश्यकता होगी। भारतवासियों की आय वर्तमान में कम कमाई वाले समूह में हैं।

पीएम बोले- केंद्र राज्य सहयोग जरूरी

पीएम मोदी ने इस बैठक की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने के लिए सभी राज्यों और केंद्र के सहयोग और सामूहिक प्रयास पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले 10 वर्षों में विकास की गति को बनाए रखा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था, जो 2014 में दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी, 2024 तक 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है।

पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत के विजन को जमीनी स्तर यानी प्रत्येक जिले, ब्लॉक और गाँव तक पहुँचाया जाना चाहिए। इसके लिए, प्रत्येक राज्य और जिले को 2047 के लिए एक विजन बनाना चाहिए, ताकि 2047 में विकसित भारत को साकार किया जा सके।

पीएम मोदी ने यहाँ रोजगार और कौशल विकास के मुद्दे को लेकर बात की। हालिया बजट में भी इस पर जोर दिया गया था। पीएम मोदी ने यहाँ युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के लिए कौशल और प्रशिक्षण पर जोर दिया जिससे विश्व भर में भारतीय कामगारों की माँग पूरी की जा सके। उन्होंने देश को गरीबी मुक्त करने को पहला लक्ष्य बताया।

बैठक में देश में नदियों को जोड़कर उनका भी एक ग्रिड बनाने पर चर्चा हुई। इसके अलावा कृषि जैसे मुद्दों पर भी बात हुई। बैठक में शामिल राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों ने भी सुझाव दिए। बैठक के बीच में से ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री उठ कर चली गईं।