इस्लाम जहाँ है, समाचारों में है। भारत में कश्मीर, बंगाल होकर केरल तक समाचार माध्यमों में उसकी चर्चा अधिकतर नकारात्मक है और फ्रांस समेत ऐसा ही अन्य देशों में है।
जिन्हें अंग्रेजों ने जेल में बंद दिया तो छत पर टहलते दिखे। विष का कोई असर नहीं होता था उन पर। 280 वर्ष जीवित रहे। नदी के भीतर कई दिनों तक पैठ कर साधना की। रामकृष्ण परमहंस भी उनके भक्त थे।
सीजेआई को जब पता चला कि गुजरात हाईकोर्ट द्वारा सरेंडर की बात कहे जाने के बाद तीस्ता सीतलवाड़ का मामला सुप्रीम कोर्ट आया है तो उन्होंने इस पर नजर बनाए रखी...।