शेर मोहम्मद अब्बास स्टानिकजई ने सोवियत-अफगान युद्ध और अफगानिस्तान की मुक्ति के लिए लड़ाई लड़ी। इसके बाद साल 1996 में सेना छोड़ दी और तालिबान में शामिल हो गए।
जब भारत के कठमुल्ले तालिबान की वापसी पर भांगड़ा कर रहे हैं, देश के विपक्षी दल भी इस बात को पुख्ता करने में लगे हैं कि जनता के मनोरंजन में कोई कमी न रह जाए।