'द वायर' की रोहिणी सिंह के अनुसार, बाईं तरफ उनके बेटे ने एक हरे रंग के मस्जिद का चित्र बनाया और उसके बगल में ही एक मंदिर का चित्र बनाया, जो लाल रंग की है।
पूरे दिन बर्फ की सिल्ली पर बैठा रहा और जलन ऐसी कि 'जिया जले, जाँ जले, सिल्ली पर धुआँ चले' हो गया। जैसे ऊर्ध्वपाती पदार्थ होते हैं न जो ठोस से सीधा गैसीय अवस्था को प्राप्त कर जाते हैं, वैसे ही आप यकीन मानिए कि बर्फ की सिल्ली ठोस बर्फ से सीधे वाष्पीकृत हो रही थी और रत्ती भर भी पानी नहीं बन पा रहा था।
इसमें कई इस्लामी विचारधारा के समर्थक और कॉन्ग्रेसी नेता भी मौजूद हैं, जिन्होंने कानूनी अड़चनों के कारण विलम्ब होने पर अतीत में राम मंदिर निर्माण का मखौल उड़ाया था।
आज खुद को श्रीराम से अलग बताने का समय नहीं। आत्मविश्लेषण करते हुए पूछने का समय है कि आज आपकी ख़ुशी में आपके कितने मुस्लिम और सेक्युलर मित्र आपके साथ खुश हैं?