उच्चतम न्यायालय ने कारण यह बताया कि याचिकाकर्ता खुद मुस्लिम नहीं है, इसलिए इस याचिका पर सुनवाई का कोई औचित्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट का यह रुख सबरीमाला मामले में उसके फैसले के ठीक उलट है। सबरीमाला के याचिकाकर्ताओं में भी किसी का संबंध न तो केरल से था न ही...
कर्नाटक में इन दिनों खूब हलचल मची हुई है। सदन में आँकड़े की बात करें तो गठबंधन सरकार (कॉन्ग्रेस-जेडीएस) अल्पमत में आ चुकी है। सरकार समर्थित विधायकों की संख्या अब मात्र 104 रह गई है जबकि भाजपा को समर्थन देने वाले विधायकों की संख्या 105 हो गई है।
पुरुष, किन्नर, बच्चे-बच्चियाँ व महिलाएँ- सिकंदर खान के लिए यह सब सिर्फ एक शरीर थे। वो अब तक 25 बच्चे-बच्चियों के साथ-साथ 40 पुरुषों व किन्नरों को भी अपना शिकार बना चुका है। जब वह जेल में था, तो वहाँ भी उसने अन्य क़ैदियों को अपना शिकार बनाया था।
दिल्ली के चांदनी चौक में मंदिर तोड़-फोड़ अपने-आप में अनोखी घटना हुई हो, ऐसा नहीं है। मंदिरों को तोड़ने, उत्पात मचाने और हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने की घटनाएँ हर सप्ताह घटित होती हैं। हालाँकि वामी मीडिया इसे अपने प्रोपेगेंडा के कारण दबा देती है। इसलिए जून 2019 से लेकर अब तक की 10 ऐसी घटनाएँ आपके लिए...
वसीम ने कहा, " इस मंदिर को जड़ से उखाड़ दो, जब मंदिर ही नहीं बचेगा तो विवाद खत्म हो जाएगा।" उस पर यह भी आरोप है कि उसने वहाँ बचे-खुचे एक-दो घरों में बसे हिंदुओं को भी भगा देने और घर पर कब्जा कर लेने की भी ललकार लगाई।
सलीम ने सत्तार कोलिया का बछड़ा चुराया। उसकी हत्या करके अपनी बेटी की शादी के दावत में परोस दिया। FIR के आधार पर फॉरेंसिक जाँच कराई गई। जाँच में यह पाया गया कि मामला वाकई में गौकशी से जुड़ा हुआ था। इसके बाद कोर्ट ने...
मकान मालिक सुल्तान, उसकी पत्नी मदीना और उनके बेटे सलमान ने गुलिस्तां के साथ मारपीट भी की। घर से न निकलने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। वजह सिर्फ इतनी कि गुलिस्तां ने अपनी मर्जी से भाजपा की सदस्यता ग्रहण की, जिसकी फोटो अखबार में प्रकाशित हुई।
दंगाई भीड़ ने हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं और आम लोगों की पिटाई कर दी। यहाँ तक कि बच्चों को भी नहीं बख़्शा गया। हिन्दू समुदाय के लोगों का आरोप है कि पुलिस ने दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की।
लेखक ने अपने भाषण में अरबी-फारसी शब्दों के इस्तेमाल से बचने और उनकी जगह हिन्दी का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। लेकिन, कृतिका शर्मा ने कई जगहों पर अपनी सहूलियत से फ़ारसी को 'उर्दू' कर दिया। नित्यानंद मिश्र का यह भी कहना है कि उन्होंने केवल "शासन/प्रभुत्व" बनाम "सरकार" शब्दों की बात की थी, लेकिन कृतिका ने रिपोर्ट को सनसनीखेज़ बनाने के लिए "मोदी" जोड़कर "मोदी सरकार" बनाम "मोदी शासन" कर दिया।
एक कश्मीरी युवा पर रॉ की नजर थी। रॉ के स्टेशन चीफ, डीबी माथुर को साथी अधिकारियों ने इसके बारे में अंसारी को सूचना नहीं देने की सलाह दी। हालाँकि, माथुर ने अंसारी को इसकी जानकारी दे दी। कथित तौर पर अंसारी ने इसकी सूचना ईरान के विदेश विभाग को दी, जिससे एसएवीएके को इसकी भनक लग गई और फिर माथुर अगवा हो गए।