एफआईआर में आरोपित नाज़िम हुसैन अल-जाफ़री जामिया मिल्लिया इस्लामिया के रजिस्ट्रार हैं तो नसीम हैदर डिप्टी रजिस्ट्रार। इनके साथ ही आरोपित शाहिद तसलीम यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर हैं।
ज्योति मिश्रा का पूरा मामला पूजा खेडकर के फ्रॉड से जुड़ी खबरें आने के बीच उजागर हुआ। जाँच में पता चला कि ज्योति ने परिवार को दो साल से गुमराह किया हुआ था।
महिला ने सोशल मीडिया पर आपबीती पोस्ट की है। इस पोस्ट में बताया गया कि कैसे बेंगलुरु में नौकरी के दौरान महिला को कन्नड़ न आने के कारण कितना भेदभाव झेलना पड़ा।
सिद्धारमैया के फैसले का भारी विरोध भी हो रहा था, जिसकी वजह से कॉन्ग्रेसी सरकार बुरी तरह से घिर गई थी। यही नहीं, इस फैसले की जानकारी देने वाले ट्वीट को भी मुख्यमंत्री को डिलीट करना पड़ा था।