बाबरी मस्जिद का टूटना भले ही भारतीय कानून की दृष्टि में एक आपराधिक घटना है, लेकिन हिन्दुओं के इतिहास के हिसाब से यह उस आस्था के साथ न्याय है जिसके मंदिर की दीवार पर मस्जिद खड़ी की गई थी।
सुजाता ने 'नेशनल हेराल्ड' में लिखा कि आडवाणी के साथ जब भी कुछ बुरा होता है तो उन्हें ख़ूब ख़ुशी होती है। साथ ही वो नरेंद्र मोदी पर आडवाणी के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाना भी नहीं भूलीं।
श्रीराम के जन्म को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हिन्दुओं की आस्था पर मुहर लगा दी। इसके पीछे कई कारण रहे, जिनमें से एक कारण भगवान विष्णु भी हैं। वही विष्णु, जिन्होंने श्रीराम के रूप में अवतार लेकर सरयू तट को पवित्र किया। जब वो ख़ुद बोलें तो भला कौन न माने?
Stan (अगर H को साइलेंट कर दें तो, जो कि टेलिग्राफ के संपादक की मंशा भी थी, तभी उसने इसे ब्रेक करके हेडलाइन बनाई) का अर्थ शैतान होता है। खैर... शायद इन्हें नहीं पता लेकिन ये हेडलाइन बनाते-बनाते खुद हेडलाइन बन जाएँगे, JNU से गायब होते वामपंथियों की तरह।
हास्यास्पद यह है कि जितनी भीड़ वामपंथियों ने विरोध के लिए जुटाई थी और जितनी ऊँची आवाज में वो विरोध कर रहे थे, उससे कहीं अधिक जय श्री राम के नारे की गूँज सुनाई दे रही थी। वीडियो में वामपंथी विरोध की दम तोड़ती आवाज को सुनिए और मजे लीजिए।
योगेश्वरन पिछले 9 साल से अयोध्या मामले पर काम कर रहे थे। इस मामले पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उन्हें अदालत के सभी अन्य कामों को छोड़ना पड़ा। वकील आकृति चौबे को तो ब्वॉयफ्रेंड के साथ सगाई करनी थी, लेकिन...
इस ऐतिहासिक क्षण के एक दिन पहले कल ही अपना 93वाँ जन्मदिन मनाने वाले आडवाणी, जिन्होंने अपना कैरियर फिल्म समीक्षा पत्रकार के रूप में शुरू किया था, ने अंग्रेजी में एक बयान जारी कर फैसले से संतोष जाहिर किया है। साथ ही कहा है कि अंततः उनका स्टैंड सही साबित हुआ है।
“अगर ओवैसी का वश चले तो ये हैदराबाद में निजामी के समय की तरह ही दूसरा फसाद खड़ा कर दे, लेकिन इसकी औकात ही नहीं है इतनी कि हिन्दुस्तान का बँटवारा कर सके।”
"हम अपने अधिकार के लिए लड़ रहे थे। हमें दान के रूप में पाँच एकड़ की जमीन नहीं चाहिए। हमें इस 5 एकड़ भूमि के प्रस्ताव को अस्वीकार करना चाहिए, हमें संरक्षण नहीं चाहिए।”
सर्वोच्च अदालत का ये फैसला हमारे लिए एक नया सवेरा लेकर आया है।
इस विवाद का भले ही कई पीढ़ियों पर असर पड़ा हो, लेकिन इस फैसले के बाद हमें ये संकल्प करना होगा कि अब नई पीढ़ी, नए सिरे से न्यू इंडिया के निर्माण में जुटेगी।