पाकिस्तानी एयरफोर्स ने हिंदुस्तानी वायुसीमा के भीतर घुसकर मुख्यमंत्री बलवंत राय मेहता के विमान पर हमला कर दिया। CM के पायलट ने डैने ज़ोर-ज़ोर से हिलाकर नागरिक विमान होने का संकेत भी दिया लेकिन Pak के फाइटर पायलट ने पहले बायाँ और फिर दायाँ डैना पर...
कॉन्ग्रेस के युवा लेकिन प्रसिद्ध नेता जितिन प्रसाद ने जनसंख्या नियंत्रण मुद्दे को उठाते हुए कॉन्ग्रेस के लोगों को AICC के उस प्रस्ताव की भी याद दिलाई, जब 1998 में कॉन्ग्रेस ने पंचमढ़ी शिविर में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर व्यापक बहस और पॉलिसी बनाने की बात कही थी।
तेजस विमान भारतीय वायु सेना की 45वीं स्क्वाड्रन 'फ्लाइंग ड्रैगर्स' का हिस्सा है। इस लड़ाकू विमान को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी ने डिज़ाइन और विकसित किया है।
थल सेना ने जहाँ लद्दाख में सैन्य एक्सरसाइज़ शुरू की है, वहीं वायुसेना ने भारत की पूर्वी सीमा के सबसे आखिरी छोर पर बसे गाँव की अपनी हवाई पट्टी फिर से चालू कर दी है- मकसद है चीनी सेना की किसी घुसपैठ या अन्य आक्रामकता का समय रहते मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार रहना।
"हमने अपने चुनावी घोषणापत्र में देश की जनता से वादा किया था कि केवल असम में नहीं बल्कि पूरे देश में एनआरसी लाएँगे और देश की जनता का एक रजिस्टर बनाएँगे तथा बाकी (अवैध प्रवासियों) लोगों के लिए कानून के हिसाब से कार्रवाई होगी।"
पीड़ित के मुताबिक उसके क्वालिटी बार पर सन 2013 में यह लोग लूटपाट और तोड़फोड़ किए थे। उनके मुताबिक जो उनकी जगह थी उसको पूर्व मंत्री आजम खान की पत्नी तंजीम फातिमा के नाम आवंटित कर दिया गया था।
दक्षिण भारत में हो रहे बवाल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि उन्होंने कभी भी हिंदी को क्षेत्रीय भाषाओं पर थोपने की बात नहीं कही है। हिंदी को केवल दूसरी भाषा के तौर पर सीखने की बात की थी। इसपर अगर किसी को राजनीति करनी है तो वह करता रहे।
"मोदी सरकार के इस कदम से साफ हो गया है कि राष्ट्र विरोधी और अलगाववादी गतिविधियों के लिए देश में कोई जगह नहीं है। जन संघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू- कश्मीर में एक संविधान और एक विधान को लेकर जो संघर्ष किया उनका पक्ष आखिरकार सही साबित हुआ है और नेहरू और शेख अब्दुल्ला गलत साबित हुए हैं।"
राहुल गाँधी ने चुनाव के दौरान सरकार गठन के 10 दिनों के भीतर किसानों की क़र्ज़माफ़ी करने का ऐलान किया था। लेकिन लक्ष्मण सिंह के कहना है कि क़र्ज़माफ़ी किसी भी क़ीमत पर संभव नहीं है। राहुल गाँधी को ऐसा वादा नहीं करना चाहिए था।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अयोध्या मामले की सुनवाई बहुत आगे पहुॅंच गई है। यदि पक्ष मध्यस्थता के जरिए मामला सुलझाने के इच्छुक हैं, तो वे ऐसा कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज कलीफुल्ला की अगुवाई वाली मध्यस्थता पैनल के समक्ष हो रही सुनवाई गोपनीय रहेगी।