Wednesday, January 27, 2021
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क्या जम्मू कश्मीर भारत के लिए सिर्फ एक कॉलनी है? महबूबा मुफ्ती की बेटी ने सरकार से पूछा सवाल

"अनुच्छेद 370 का विकास से कोई लेना-देना नहीं है। जम्मू-कश्मीर में विकास और वहाँ की महिलाओं को आजादी उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे अन्य राज्यों की तुलना में काफी बेहतर था।"

जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने वाले अनुच्छेद 370 के पर करतने के केंद्र के फैसले और इसके बाद संचार सेवा पर प्रतिबंध लगाने को लेकर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती की बौखलाहट एक बार फिर से सामने आई है। उन्होंने सरकार से पूछा है कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था या फिर इसका उपनिवेश (एक कॉलनी मात्र)?

इल्तिजा मुफ्ती ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में हिस्सा लेते हुए सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, “पिछले एक महीने से कश्मीरियों को बंदी बना लिया गया है। आप भविष्य के बारे में बात करते हैं, क्या हम पहले वर्तमान के बारे में बात कर सकते हैं? क्या हम मानवीय संकट, आर्थिक संकट, मनोवैज्ञानिक संकट, मानसिक आघात के बारे में बात कर सकते हैं?”

इतना ही नहीं, जब उनसे अनुच्छेद 370 के पर कतरने से जम्मू-कश्मीर के एकीकरण और महिलाओं के अधिकारों के बारे में पूछा गया, तो इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि अनुच्छेद 370 का विकास से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की तुलना उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे अन्य राज्यों से करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर देश के अन्य राज्यों की तुलना में काफी बेहतर था।

इल्तिजा ने कश्मीर की महिलाओं की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि कश्मीरी महिलाएँ, देश के बाकी हिस्सों की महिलाओं की तुलना में काफी आजाद हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में शिशु और मातृ मृत्यु दर अधिकांश राज्यों की तुलना में बेहतर बताया।

उन्होंने पीएम मोदी के ‘अच्छे दिन आएँगे’ वाले स्लोगन का मजाक उड़ाते हुए कहा कि सरकार कहती है कि अनुच्छेद 370 एक बहुत बड़ी बाधा थी और इसके हटने से विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। इसके अलावा, कश्मीर में कम्युनिकेशन लॉकडाउन को हटाने के बारे में बात करते हुए इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि वो इसका बेसब्री से इंतजार कर रही हैं और ऐसा लग रहा है कि सभी कश्मीरी एक सदी से इसका इंतजार कर रहे हैं।

इल्तिजा यहीं नहीं रूकी। उन्होंने अनुच्छेद 370 के पर कतरने के सरकार के फैसले को बहाना करार देते हुए कहा कि चूँकि अर्थव्यवस्था मंदी की स्थिति में थी, इसलिए सरकार ने लोगों को इस मुद्दे से भटकाने के लिए ये कदम उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को यह दिखाना था कि उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल में 100 दिन के अंदर अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया। साथ ही इल्तिजा ने यह भी कहा, “अभी देश की जीडीपी 5 फीसदी है और बांग्लादेश जैसा देश भी हमसे आगे निकल चुका है।”

बता दें कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के पर कतर दिए जाने के बाद सरकार ने ऐहतियात बरतते हुए महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख उमर अब्दुल्ला, उनके पिता फारुक अब्दुल्ला समेत कई अलगाववादी नेताओं को हिरासत में लिया है। फिलहाल, जम्मू कश्मीर में आम जनजीवन सामान्य हो रहा है और संचार व्यवस्था भी धीरे-धीरे चालू की जा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

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