हमले को अंजाम देने के लिए गुलाम कश्मीर के नेजापीर सेक्टर से जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं। इसके अलावा श्रीनगर-बारामुला-उरी हाइवे पर सेना के काफिले को भी आईईडी धमाके से निशाना बनाने की योजना थी।
सैनिकों की तैनाती और विभिन्न आदेशों से जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने जैसे कुछ बड़े फैसलों को लेकर अटकलें जोरों पर है। सरकार का कहना है कि ये कदम आतंकी मंसूबों को नाकाम करने तथा सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के मकसद से उठाए गए हैं। लेकिन, जम्मू-कश्मीर के नेताओं की बयानबाजी से अफवाहों का बाजार गरम है।
सेना ने शुक्रवार को खुफिया जानकारियों का हवाला देते हुए कहा था कि पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। इसके तुरंत बाद, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों से घाटी की अपनी यात्रा में ‘‘कटौती करने’’ और जल्द से जल्द लौटने को कहा था।
सेना के मुताबिक श्रद्धालुओं को निशाना बनाने के लिए आईईडी ब्लास्ट करने की साजिश रची गई थी। आतंकवादियों के पास से पाकिस्तान सेना की लैंडमाइंस बरामद की गई है। अमरनाथ यात्रा रूट से अमेरिकन स्नाइपर राइफल एम-24 भी बरामद की गई है।
सेना के मुताबिक 83% स्थानीय आतंकियों का पत्थरबाजी का ही इतिहास होता है। इसलिए, अगर वो आज वो अपने बच्चों को नहीं नहीं रोकते तो साल भीतर उन्हें मरना पड़ेगा।
मुँह दिखाई की रस्म पर पीड़िता के सामूहिक दुष्कर्म की साज़िश अजमल ने ख़ुद रची, जिसमें उसके भाई और दोस्त भी शामिल थे। उन्होंने कोल्डड्रिंक में नशे की दवा मिलाकर लड़की को पिलाई, जिसके बाद उसके साथ बेहोशी की हालत में सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
राज्यसभा में विधि-विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) मतलब UAPA संशोधन विधेयक को पारित कर दिया गया। बिल के पक्ष में 147 और विपक्ष में 42 वोट पड़े। इस बिल में आतंक से संबंध होने पर संगठन के अलावा किसी शख्स को भी आतंकी घोषित करने का प्रावधान शामिल है।
ब्यूटी पार्लर में नौकरी के लिए रोज ऑटो से आती-जाती। इसी दौरान ऑटो ड्राइवर 'अमन' से हुई दोस्ती। 'अमन' के साथ कई बार मंदिर भी गई। 'अमन' हाथ में कलावा बाँधता था, कड़ा पहनता था। एक दिन अचानक से पता चला कि वो हिन्दू नहीं बल्कि मुस्लिम है और उसका अमन नहीं बल्कि ख़ालिद है।
रूजवेल्ट को लिखे गए इस पत्र के 6 साल बाद 6 और 9 अगस्त, 1945 को अमेरिका ने हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराया था। इतिहास और आइंस्टीन दोनों को यह अफ़सोस हमेशा रहा कि इस महान त्रासदी की नींव पर कुछ Best Brains के भी हस्ताक्षर थे।
सौ करोड़ की आबादी, NDA के 45% वोट शेयर में आखिर किसके वोटर कार्ड हैं? फिर सवाल कौन पूछेगा इन हुक्मरानों से? आलम यह है कि तीन चौथाई बहुमत वाले योगी जी के राज्य में, हिन्दुओं को अपने घरों पर लिखना पड़ रहा है कि यह मकान बिकाऊ है!