प्रवीण राउत शिवसेना नेता के करीबी हैं और उस कंपनी के निदेशक भी जिसे चॉल के पुनर्विकास का जिम्मा मिला। उन्होंने इसी मौके का फायदा उठाकर घोटाले को अंजाम दिया।
संजय राउत ने ईडी की कार्रवाई पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने कहा है कि वो बाला साहेब ठाकरे को मानते हैं और एक शिवसैनिक हैं, जिसे जो करना है कर ले।
गोरखनाथ मंदिर में हमले से पहले खुफिया एजेंसियों ने राज्य पुलिस के साथ एक बैठक की थी। इस बैठक में 16 लोगों की जानकारी दी गई थी जिसमें अब्बासी का नाम भी शामिल था।