श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल का कहना है, "शालिग्रामी नदी से निकाली गईं ये दोनों शिलाएँ करीब 6 करोड़ साल पुरानी बताई जा रही हैं।"
जिस चौपाई का जिक्र चंद्रशेखर यादव ने किया, उसे काकभुशुण्डि कह रहे होते हैं, एक ऋषि जो काग (कौवा) के रूप में रहा करते थे। चंद्रशेखर यादव ने इसे गलत अर्थ में पेश किया।