धर्म और संस्कृति

कनक भवन: अयोध्या का वह मंदिर जो त्रेता में श्रीराम-जानकी का महल था, द्वापर में श्रीकृष्ण भी पहुँचे

अयोध्या में कई ऐसे मंदिर हैं जो भक्तों को भगवान राम और उनके रामराज्य की अनुभूति कराते हैं। इन्हीं में से एक है, कनक भवन।

विंध्याचल की माता विंध्यवासिनी: सृष्टि के आरंभ से हैं, प्रलय के बाद भी होंगी; एकमात्र पूर्ण पीठ के बारे में जानिए सब कुछ

51 शक्तिपीठों में शामिल माता विंध्यवासिनी का मंदिर एक जागृत पीठ माना जाता है। इस मंदिर से जुड़ी कई मान्यताएँ हैं जो अपने आप में अनूठी हैं।

माता बगलामुखी का मंदिर: साधुओं की समाधि और श्मशान से घिरा, गुप्त अनुष्ठान के लिए आते हैं नेता

मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में नलखेड़ा तहसील में स्थित माता बगलामुखी का मंदिर शैव और शाक्त संप्रदाय के साधुओं और तांत्रिकों के लिए सिद्ध स्थान है।

मैहर का शक्ति पीठ: मध्य भारत का ‘श्रृंगेरी मठ’, जहाँ सदियों से एक योद्धा करता आ रहा है माँ शारदे की पहली पूजा

मैहर के शारदा माता मंदिर को मध्य भारत का श्रृंगेरी मठ भी कहा जाता है, क्योंकि यहाँ विराजित माता शारदाम्बिका श्रृंगेरी की पूज्य देवी का ही रूप मानी जाती हैं।

तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर: नींव नहीं फिर भी सब कुछ भव्य-विशाल, 200 फुट की ऊँचाई और 81000 किलो का पत्थर

तमिलनाडु के तंजावुर में स्थित बृहदेश्वर मंदिर एक अद्भुत और रहस्यमयी संरचना है। चोल साम्राज्य के ‘द ग्रेट लिविंग टेंपल्स’ में से एक।

मंदिर के पैसों से चलने वाला 1000+ साल से भी पुराना अस्पताल: जहाँ थे डॉक्टर, सर्जन, नर्स… दीवार पर लिखी उपचार विधियाँ

ASI भी योजना बना रहा है कि 9वीं सदी के इस मंदिर के प्रांगण में अभिलेख में वर्णित किए गए आयुर्वेदिक पेड़-पौधे लगाए जाएँ। इसमें बुखार, फेफड़ा रोग और जलशोथ सहित कई बीमारियों के इलाज की विधि बताई गई है।

वीडियो: केदारनाथ मंदिर के कपाट खुले, पीएम मोदी ने किया पहला रुद्राभिषेक; 11 क्विंटल फूलों से की गई भव्य सजावट

केदारनाथ मंदिर के कपाट छह महीने के बाद सोमवार 17 मई 2021 को खुल गए हैं। वहीं, बदरीनाथ धाम के कपाट मंगलवार 18 मई 2021 को खोले जाएँगे। कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह 3 बजे शुरू हुई थी।

आदि शंकराचार्य और ‘शंकर दिग्विजय यात्रा’: 4 दिशा-4 मठ, एक भारत-सशक्त भारत का संकल्प

हिन्दू धर्म से विखंडित हुए पंथ, सनातन धर्म को ही चुनौती देने लगे थे। ऐसे में आदि शंकराचार्य ने सनातन धर्म को पुनर्स्थापित करने का बीड़ा उठाया था।

जहाँ अभी अल-अक्शा मस्जिद, वहाँ पहले था यहूदियों का मंदिर: जानिए कहाँ से शुरू हुआ येरुशलम विवाद

येरुशलम में जहाँ अल अक्सा मस्जिद है उसी स्थान पर टेंपल माउंट पर ही यहूदियों का सेकेंड टेंपल हुआ करता था। सेकंड टेम्पल को यहूदी विद्रोह की सजा के रूप में 70 ईस्वी में रोमन साम्राज्य ने नष्ट कर दिया था।

25 साल छोटे गुरु के शिष्य, जिनके सामने झुका अकबर भी.. 20 बार हरिद्वार जाने वाले वैष्णव संत कैसे बने सिखों के तीसरे गुरु

अपने से 25 साल छोटे गुरु के लिए अमर दास एक तूफानी रात में व्यास नदी से पानी लेने के लिए निकले। वो गिरे, चोट आई और उस दौरान नींद से जागी एक महिला ने जो कहा...

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