मैहर के शारदा माता मंदिर को मध्य भारत का श्रृंगेरी मठ भी कहा जाता है, क्योंकि यहाँ विराजित माता शारदाम्बिका श्रृंगेरी की पूज्य देवी का ही रूप मानी जाती हैं।
ASI भी योजना बना रहा है कि 9वीं सदी के इस मंदिर के प्रांगण में अभिलेख में वर्णित किए गए आयुर्वेदिक पेड़-पौधे लगाए जाएँ। इसमें बुखार, फेफड़ा रोग और जलशोथ सहित कई बीमारियों के इलाज की विधि बताई गई है।
केदारनाथ मंदिर के कपाट छह महीने के बाद सोमवार 17 मई 2021 को खुल गए हैं। वहीं, बदरीनाथ धाम के कपाट मंगलवार 18 मई 2021 को खोले जाएँगे। कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह 3 बजे शुरू हुई थी।
येरुशलम में जहाँ अल अक्सा मस्जिद है उसी स्थान पर टेंपल माउंट पर ही यहूदियों का सेकेंड टेंपल हुआ करता था। सेकंड टेम्पल को यहूदी विद्रोह की सजा के रूप में 70 ईस्वी में रोमन साम्राज्य ने नष्ट कर दिया था।
अपने से 25 साल छोटे गुरु के लिए अमर दास एक तूफानी रात में व्यास नदी से पानी लेने के लिए निकले। वो गिरे, चोट आई और उस दौरान नींद से जागी एक महिला ने जो कहा...