भारत की बात

‘उन्हें पढ़कर मेरा देश के प्रति प्रेम हजार गुना बढ़ गया’ : जानें कैसे स्वामी विवेकानंद के कार्यों से गाँधी हुए प्रभावित, मिलने की...

स्वामी विवेकानंद को लेकर गाँधी जी ने कहा था- "मैंने उनके कार्यों को बड़े गहरे से अध्ययन किया है, और उन्हें पढ़ने के बाद, जो प्रेम मुझे अपने देश के लिए था, वह हजार गुना बढ़ गया।"

1954 का कुंभ, 1000+ लोगों की मौत और PM नेहरू: किसे बचाने के लिए इसे कहा गया ‘कुछ भिखारियों की मौत’ – एकमात्र मौजूद...

कुंभ 1954 के दूसरे शाही स्नान (मौनी अमावस्या) में खुद नेहरू के शामिल होने के फैसले ने प्रयाग में लाशों के ढेर लगा दिए। भगदड़ में करीब 1000 लोगों की जान गई।

अर्ध कुंभ, कुंभ, पूर्ण कुंभ और महाकुंभ: जानिए क्या है अंतर, कैसे होती है गणना… क्यों इस बार प्रयागराज में लग रहा है महाकुंभ

प्रयागराज में माघ अमावस्या के दिन सूर्य और चंद्रमा मकर राशि में होते हैं और गुरु मेष राशि में होता है। इस खगोलीय गणना का सटीक पालन आज भी किया जाता है।

भारत स्वतंत्र हुआ, पर कैद ही रह गया पुराणों का अक्षयवट: पहली बार प्रयागराज महाकुंभ में हिंदू कर सकेंगे दर्शन, अकबर का लगाया प्रतिबंध...

कुंभ मेला दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक एवं सांस्कृतिक समागम है, जो पूर्णत: वैज्ञानिक अवधारणाओं पर आधारित है।

नागा संन्यासियों ने दिखाया पराक्रम, महाराणा प्रताप ने मुगलिया फौज के छुड़ा दिए छक्के: छापली तालाब-राणाकड़ा घाट की समाधियाँ आज भी सुना रहीं शौर्य...

कहा जाता है कि जब मुगल आक्रांता अकबर के खिलाफ मेवाड़ के महाराणा प्रताप युद्ध कर रहे थे, उस समय नागा साधुओं ने भी उनका साथ दिया था।

हम गुरु गोविंद सिंह के पुत्र हैं, अपना धर्म नहीं छोड़ सकते… जब साहिबजादों ने इस्लाम की जगह चुना बलिदान: वीर बाल दिवस पर...

गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों- जोरावर सिंह और फतेह सिंह के समक्ष वजीर खान ने इस्लाम कबूलने की शर्त रखी थी। लेकिन दोनों साहिबजादों ने धर्म बदलने से साफ मना कर दिया

‘गरीब नवाज’ कहलाए मणिपुर के मैतेई राजा पम्हीबा, हिंदुत्व को बनाया राजधर्म, संस्कृत में रखा राज्य का नाम: जन्म के बाद से ही मौत...

मैतेई राजा पम्हीबा ने हिंदू धर्म को राजधर्म बना दिया था और अपने राज्य कांगलीपक का नाम बदलकर मणिपुर कर दिया था।

इस्लामी लुटेरे अहमद शाह अब्दाली को रोका, मुगल हो या अंग्रेज सबसे लड़े: जूनागढ़ के निजाम ने जहर देकर हिंदू संन्यासियों को मारा, जो...

जूना अखाड़े के संन्यासियों ने इस्लामी लुटेरे अहमद शाह अब्दाली और जूनागढ़ के निजाम को धूल चटाया और अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह किया।

यह सनातनी आस्था का ही महाकुंभ नहीं, अर्थव्यवस्था को भी देता है गतिः आयोजन पर जितना खर्च करते थे अंग्रेज, उससे अधिक आता था...

सन 1906 तक महाकुंभ के आयोजन में ब्रिटिश भारत की सरकार जितना खर्च करती थी, उससे अधिक इस मेले से उसे राजस्व मिल जाता था।

मुगलों ने खुद लिखा, अंग्रेजों के इतिहास में भी दर्ज, सरकारी दस्तावेज भी… फिर भी संभल में कैसे मंदिर पर बन गई मस्जिद

हिन्दू पक्ष ने कहा है कि संभल में जहाँ आज जामा मस्जिद खड़ी है, वहाँ उनके आराध्य विष्णु का मंदिर हुआ करता था। उन्होंने सबूत भी रखे हैं।

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