प्रत्येक सुबह वामदेव अपने शिष्य को एक हस्तलिखित पर्ची देते थे। उस पर्ची को रोज़ अलग-अलग संतों के पास लेकर जाना होता था। उसमें अमित शाह के लिए सिफ़ारिश होती थी। इस तरह अमित शाह रोज़ किसी न किसी नए संत के साथ समय व्यतीत करते थे, भंडारे में खाते और दक्षिणा इकट्ठा किया करते थे।
त्रिनिदाद एंड टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद के पूर्वज बिहार के रहने वाले थे। पीएम मोदी ने इस संदर्भ में गिरमिटिया मजदूरों का जिक्र किया जिन्हें अंग्रेजों ने मजदूर के रूप में वहाँ बसाया था
प्राडा ने वे कोल्हापुरी चप्पलें एक लाख रुपए में बेचीं जो असल में ₹200 से ₹1000 में बाजार में उपलब्ध हैं। प्राडा की चप्पलें सोशल मीडिया में वायरल हुईं तो लोगों का गुस्सा भी सामने आया।