सावन के महीने को इस सदी के किसी गाने से वर्णित करना बड़ा मुश्किल होगा, क्योंकि बड़े-बड़े दिग्गजों का करियर इस महीने ने बनाया है। आइए, उदाहरणों से समझते हैं, कैसे।
प्रत्येक सुबह वामदेव अपने शिष्य को एक हस्तलिखित पर्ची देते थे। उस पर्ची को रोज़ अलग-अलग संतों के पास लेकर जाना होता था। उसमें अमित शाह के लिए सिफ़ारिश होती थी। इस तरह अमित शाह रोज़ किसी न किसी नए संत के साथ समय व्यतीत करते थे, भंडारे में खाते और दक्षिणा इकट्ठा किया करते थे।
त्रिनिदाद एंड टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद के पूर्वज बिहार के रहने वाले थे। पीएम मोदी ने इस संदर्भ में गिरमिटिया मजदूरों का जिक्र किया जिन्हें अंग्रेजों ने मजदूर के रूप में वहाँ बसाया था