स्वामी विवेकानंद का जीवन बहुत लंबा न होने के बावजूद, सौभाग्य से विभिन्न समय पर लिखे गए पत्रों, संस्मरणों, लेखों और हँसी-ठिठोली से हम वंचित नहीं हुए हैं। खास बात ये है कि उनके लिखे कई पत्र, संस्मरण आज उनके न रहने के लगभग एक शताब्दी के बाद भी कई नए रहस्य उद्घाटित कर रहे हैं।
एनआरसी और सीएए पर विपक्ष खासकर कॉन्ग्रेस का दोहरा चरित्र जगजाहिर है। बॉलीवुडिया गैंग के विरोध की भी वजहें निजी हैं। अनुराग कश्यप भी सरकारी खैरात बंद होने की वजह से ट्रोलबाज बने हैं। पढ़िए, वो पत्र जो उनकी पोल खोलता है।
मुल्तान डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन ने फ़ैसला लिया है कि जो भी वकील बार काउंसिल का चुनाव लड़ेगा, उसे एक एफिडेविट देना होगा। इस एफिडेविट के माध्यम से उम्मीदवारों को इस्लाम के प्रति अपनी आस्था की शपथ लेनी होगी।
फ़िल्म 'तान्हाजी' ने वामपंथी पोर्टलों की ऐसी सुलगाई है कि वो अजय देवगन से खार खाए बैठे हैं। क्विंट, वायर, एनडीटीवी और स्क्रॉल की समीक्षाओं का पोस्टमार्टम कर हमने आपके मनोरंजन की व्यवस्था की है। जानिए, वामपंथी समीक्षकों ने देश के अस्तित्व को कैसे नकारा है।
विदेश में अत्याधुनिक प्रेस में छपी कुरान 6 महीने से लावारिस पड़ी हैं। इन्हें मलप्पुरम के दारुल उलूम अरबी कॉलेज के प्रिंसिपल अब्दुल सलाम ने मॅंगवाया था। उनका कहना है कि गरीबों के बीच बॉंटने के लिए कुरान मॅंगवाई गई थी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि एसिड पीड़िता की वकील अपर्णा को क्रेडिट दिए बिना फ़िल्म रिलीज़ पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। इसके लिए 15 जनवरी तक मल्टिपलेक्स और अन्य जगहों पर 17 जनवरी तक की मोहलत दी गई है।
वीडियो में दिखाया गया कि हवाई अड्डे के पास ऊपर एक विमान को मिसाइल ने निशाना बनाया, तभी एक छोटा धमाका हुआ, लेकिन विमान में विस्फोट नहीं हुआ। इसके कई मिनट बाद तक वो उड़ान भरता रहा लेकिन हवाई अड्डे से पहले वो दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
एसिड अटैक पीड़िता लक्ष्मी अग्रवाल का केस लड़ने वाली वकील को क्रेडिट देने के निचली अदालत के फ़ैसले के एक दिन बाद Fox Studios और फ़िल्म की निर्देशक मेघना गुलज़ार ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक अपील दायर की है।
जम्मू के जगती कैंप जाइए, दिल्ली के मजनू का टीला जाइए। देखिए वहाँ के कश्मीरी पंडितों के कुछ परिवारों की हालत। देखिए उनकी महिलाएँ क्या काम करने को मजबूर हैं! इनके लिए संविधान क्या कहता था 1990 में? इनके लिए संविधान अब क्या कहता है? इसके लिए न्यायपालिका क्या कह रही थी 1990 में? इनके लिए न्यायपालिका अब क्या कह रही है?
"वे चारों लोग चाहते थे कि मैं अरेबिक में वो शब्द बोलूँ। मैं डर गया था और मेरे मन में ख्याल आ रहा था कि वे मुझे मार देंगे क्योंकि उन्होंने कहा था कि उनके पास चाकू है और उन्हें कोई गवाह नहीं चाहिए।"