Friday, July 30, 2021
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सांड की आँख, मुक्केबाज, पेंशन बंद… सबके लिए मोदी को गरियाएगा अनुराग कश्यप

फिल्म "मुक्केबाज" और "सांड की आंख" के लिए सब्सिडी का आग्रह करते हुए अनुराग कश्यप ने यूपी सरकार को पत्र लिखा था। यह उन्हें अब तक नहीं मिला है। अखिलेश सरकार के जमाने में 50 हजार रुपए हर महीने पेंशन मिलती थी। योगी सरकार में यह भी बंद हो चुका है।

‘डरा हुआ मुस्लिम नैरेटिव’ गढ़ने में शुमार रहे गालीबाज अनुराग कश्यप लगातार पीएम मोदी और उनकी सरकार के खिलाफ जहर उगलते रहते हैं। मोदी सरकार के खिलाफ जहर उगलने और अपने जहरीले प्रोपेगेंडा को हवा देने के लिए वो इतने उतावले हो जाते हैं कि भाषा की मर्यादा तक भूल जाते हैं और अपने ट्वीट्स में अश्लील भाषा का प्रयोग करते हैं। हाल-फिलहाल में भी उन्होंने ऐसे कई सारे ट्वीट्स किए हैं।

सीएए और एनआरसी भी विपक्ष खासकर कॉन्ग्रेस का दोहरा चरित्र जगजाहिर है। बॉलीवुड गैंग के विरोध की भी वजहें निजी हैं। अनुराग कश्यप भी सरकार खैरात बंद होने की वजह से ही गालीबाज बने हैं। बताया जा रहा है कि अपनी पिटी हुई फिल्मों के लिए सरकारी ‘भीख’ (अनुदान) नहीं मिलने से कुंठित होकर वे विरोध के नाम पर गाली-गलौज पर उतरे हैं। पूर्व में यूपी की अखिलेश सरकार ने उनकी ‘मसान’ फिल्म के निर्माण के लिए उन्हें ₹2 करोड़ दिए थे। अब ऐसी ही राशि अनुराग कश्यप ‘सांड की आँख’ और ‘मुक्केबाज’ फिल्म के लिए योगी सरकार से माँग रहे हैं। वर्तमान यूपी सरकार अभी इसका मूल्यांकन कर रही है। ऐसे में अब तक कोई राशि ना मिलने के कारण वह सीएए के मुद्दे को लेकर मोदी सरकार के खिलाफ लगातार जहर उगल रहे है।

यूपी बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने अनुराग कश्यप द्वारा योगी सरकार को लिखी पत्र की कॉपी शेयर करते हुए लिखते हैं, “पिटी हुई फिल्मों के लिए सरकारी भीख ना मिली तो अनुराग कश्यप कुंठित होकर गाली-गलौज पर उतर आए। कुछ सरकारें इनकी फ्लॉप फिल्मों पर भी करोड़ों देती थीं। यश भारती के पेंशन की शहद भी चटाती थीं। योगी जी ने मुफ्त की पेंशन बंद कर पैसा गरीबों, विधवाओं, किसानों में बाँट दिया, यही चिढ़ है इनकी।” उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “मोदी जी, अमित शाह जी और योगी जी से नफ़रत की वजह तो समझिए, पिटी फ़िल्मों पर भी जनता की गाढ़ी कमाई उड़ाते हुए बँटने वाली सरकारी भीख और पेंशन की बख्शीश बीजेपी सरकार आते ही बंद हो गई, फिर क्या मुफ्तखोरों में नफरत तो भड़कनी ही है !!”

“मुक्केबाज” और “सांड की आंख” के लिए सब्सिडी का आग्रह करते हुए अनुराग कश्यप ने लिखा था कि इन फिल्मों के ज्यादातर हिस्से उत्तर प्रदेश में फिल्माए गए हैं। इनके कथानक और पात्र उत्तर प्रदेश से मिलते हैं, इसलिए सरकारी नियमों का हवाला देकर अनुराग कश्यप ने फिल्मों के लिए सब्सिडी की माँग की थी। बता दें कि यूपी में समाजवादी पार्टी की अखिलेश यादव की सरकार यश भारती सम्‍मान के साथ 50 हजार रुपए मासिक पेंशन भी देती थी। मगर यूपी में बीजेपी सरकार आने के बाद अनुराग कश्यप सहित कई लोगों का यह पेंशन बंद कर दिया गया है।

उनके द्वारा लिखे गए पत्र के सामने के बाद उनकी बौखलाहट और बढ़ गई और उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “सरकार को डर किस बात का है जो स्टेट पॉलिसी का सरकारी काग़ज़ unofficially लीक कर के क्या करवाना चाह रही है। ताकि मोदी को अपने काग़ज़ दिखाने को हम ना कहें, या उनका ग्रेजुएशन सर्टिफ़िकेट माँगना बंद करें। खुद बुलाती है और खुद ही इल्ज़ाम लगाती है। हम तो फिर भी बोलेंगे #F**K CAA”

बता दें कि ने अनुराग सरकार के खिलाफ जहर उगलते हुए कई सारे ट्वीट्स किए हैं। इसी कड़ी में शनिवार (जनवरी 11, 2019) तड़के एक ट्वीट करते हुए अनुराग कश्यप ने लिखा, “आज CAA लागू हो गया। मोदी को बोलो पहले अपने कागज, अपनी डिग्री इन “entire political science” दिखाए, और अपने बाप का और ख़ानदान का birth सर्टिफ़िकेट दिखाए सारे हिंदुस्तान को। फिर हमसे माँगे। #f**k CAA”

एक अन्य ट्वीट में अनुराग कश्यप ने पीएम मोदी को अनपढ़ बताया था। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था, “CAA/CAB कहीं नहीं जाने वाला है। इनके लिए कुछ भी वापस लेना नामुमकिन है, क्योंकि वो उनके लिए हार होगी। यह सरकार हर चीज़ को हार-जीत में ही देखती है। इनका इगो ऐसा है कि सब जल जाएगा, राख हो जाएगा लेकिन मोदी कभी ग़लत नहीं हो सकता। क्यों? क्योंकि अनपढ़ लोग ऐसे ही होते हैं।”

उन्होंने शनिवार को एक बार फिर से पीएम की पढ़ाई पर सवाल उठाते हुए ट्वीट किया, हमारे ऊपर CAA लागू करने वाले PM की degree in “entire political science” देखनी है मुझे। पहले साबित करो पहले कि मोदी पढ़ा लिखा है। फिर बात करेंगे। #F**K CAA”

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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