कट्टरपंथी जमीयत नेता फजलुर रहमान ने सरकार के खिलाफ 27 अक्टूबर को मार्च का किया ऐलान। कहा, "यह जंग तब तक जारी रहेगी जब तक इमरान ख़ान की सरकार चली नहीं जाती। पूरे देश से लोगों का जनसैलाब मार्च में भाग लेने आ रहा है और फ़र्ज़ी शासक इसमें एक तिनके की तरह डूब जाएँगे।"
आखिर अंग्रेज़ों के दस्तावेजों में चोरी-छिपे 'बाबरी मस्जिद' किसने जोड़ा? खुदाई में मिले साक्ष्यों से यह साफ़ है कि न केवल मस्जिद मंदिर तोड़कर बनी, बल्कि यह स्थल मस्जिद के सैकड़ों, हज़ारों साल पहले से मंदिर रहा है।
पीटीआई नेता ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में छात्राओं के बीच बॉंटे बुर्के। कहा इससे छेड़छाड़ से बचेंगी। पिछले दिनों प्रांतीय सरकार ने स्कूलों में बुर्का अनिवार्य करने का आदेश जारी किया था। हालॉंकि विवाद होने पर इसे वापस ले लिया था।
यहाँ तक कि जब चौधरी को उनका वह ट्वीट दिखा दिया गया, जिसमें उन्होंने "50 से अधिक देशों" के UNHRC में पाकिस्तान के समर्थन का दावा किया था, तो भी उन्हें समझ नहीं आया कि उसमें गलत क्या है। "मैंने जो कहा, उस पर मैं कायम हूँ। इसमें इतनी हैरत की क्या बात है? आप किसका एजेंडा चला रहे हो?"
पाकिस्तानी सेना देश के बजट का 17-22% लेती है। बावजूद इसके कि वह खुद 100 अरब डॉलर के आर्थिक साम्राज्य की मालिक है, जो बैंकिंग, सीमेंट, रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में पसरा हुआ है। हाल ही में उसने सरकार से खनन, तेल और गैस का काम भी अपने हाथों में ले लिया है।
याची पक्ष ने कोर्ट को आरोपितों की मौत की बात नहीं बताने के लिए माफ़ीनामा देने के साथ साल 2016 के उसके आदेश की याद दिलाई। मृतक समर के बेटे और प्रदीप की विधवा रेनू ने आवेदन में कहा है कि माननीय उच्च न्यायालय यमराज को निर्देश दे कि वह दोनों आरोपितों को पृथ्वी पर वापस भेजें ताकि वे दोनों कोर्ट द्वारा मुकर्रर सज़ा पूरी करें।
प्रस्तावित मेट्रो शेड के कारण व्यापक विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे, इसमें विभिन्न एनजीओ और फ़िल्मी सितारे शेड का विरोध करने के लिए एकजुट हुए थे। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि वर्तमान सरकार शहर को तबाह कर रही है, जंगलों को नष्ट कर रही है और सरकार का यह क़दम पर्यावरण विरोधी है।
वीडियो में दिखाया गया है कि स्थानीय पुलिस उन चार नाईयों को हिरासत में लेकर उनसे 5,000 रुपए का जुर्माना वसूलने के बाद चेतावनी के साथ रिहा कर देती है। साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर उन्होंने गैर इस्लामिक तरीके से दाढ़ी आगे भी काटी तो अंजाम और बुरा होगा।
संसदीय मामलों के राज्य मंत्री अली मोहम्मद ने विपक्षी सांसद के इस प्रस्तावित बिल का विरोध किया। मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान एक इस्लामिक रिपब्लिक है जहाँ सिर्फ मुस्लिम ही राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री बन सकता है।
विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि खान आर्थिक संकट से गुजर रहे देश को समस्याओं से बाहर निकाल पाने में असफल हैं। पार्टी ने इमरान खान को प्रधानमंत्री पद से हटाने के लिए आजादी मार्च निकालने की घोषणा की है।