वीडियो में दिखाया गया है कि स्थानीय पुलिस उन चार नाईयों को हिरासत में लेकर उनसे 5,000 रुपए का जुर्माना वसूलने के बाद चेतावनी के साथ रिहा कर देती है। साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर उन्होंने गैर इस्लामिक तरीके से दाढ़ी आगे भी काटी तो अंजाम और बुरा होगा।
संसदीय मामलों के राज्य मंत्री अली मोहम्मद ने विपक्षी सांसद के इस प्रस्तावित बिल का विरोध किया। मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान एक इस्लामिक रिपब्लिक है जहाँ सिर्फ मुस्लिम ही राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री बन सकता है।
विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि खान आर्थिक संकट से गुजर रहे देश को समस्याओं से बाहर निकाल पाने में असफल हैं। पार्टी ने इमरान खान को प्रधानमंत्री पद से हटाने के लिए आजादी मार्च निकालने की घोषणा की है।
हमलावर पुलिस मुख्यालय में ही कार्यरत था और बताया जा रहा है कि हमलावर ने हाल ही में इस्लाम धर्म अपनाया था। फ़िलहाल, हमलावर को पुलिस ने गोली मारकर ढेर कर दिया।
मोनीदीपा का स्पैम करार दिया लेख गैर-विवादास्पद था, जिसमें आपत्तिजनक शब्द ढूँढ़ना असंभव है। पहले ही अपनी कंटेंट मॉडरेशन टीम में वामपंथी झुकाव की बात स्वीकार चुके फेसबुक के हिन्दूफोबिया के अलावा किसी भी अन्य दृष्टिकोण से इसकी व्याख्या करना असंभव है।
"मुझे और मेरी बेटी को इतना सुनना पड़ा कि कोई भी परेशान हो जाए, लेकिन शैफाली ने एक दिन मुझसे कहा- ये लोग किसी दिन मेरे नाम के नारे लगाएँगे।" इसके बाद परिस्थितियाँ तब बदलीं जब उनके स्कूल ने लड़कियों के लिए क्रिकेट टीम बनाने का फ़ैसला लिया।
कोर्ट के इस आदेश पर पाकिस्तानन के एक पत्रकार ने ट्वीट किया कि कोर्ट ने कार्यकर्ता गुलालाई इस्माइल के ख़िलाफ़ ग़ैर-ज़मानती वारंट जारी किया है। यह कोर्ट ने नहीं किया है। पाक सेना चाहती है और हम सब जानते हैं कि न्याय व्यवस्था कितनी स्वतंत्र है।
इस कार्यक्रम में फ्रांस के सांसदों के नहीं पहुँचने की आशंका की वजह से पाकिस्तानी राजदूत को मसूद ख़ान के सम्मान में आयोजित डिनर को भी रद्द करना पड़ा। ये डिनर नेशनल असेंबली के कार्यक्रम की पूर्वसंध्या यानी 23 सितंबर को आयोजित होना था।
कंपनी का कहना है कि फोन की घंटी बजने की अवधि कम करने से मिस्ड कॉल की संख्या बढ़ेगी। इससे किसी व्यक्ति को कॉल लगाने और साथ ही मिस्ड कॉल देखने के बाद वापस कॉल करने की संख्या भी बढ़ेगी। इससे ग्राहकों के अनुभव के साथ-साथ नेटवर्क की गुणवत्ता पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।
देश के विभाजन के बाद हैदराबाद के निजाम उस्मान अली खान ने 1948 में लंदन के नेशनल वेस्टमिंस्टर बैंक में 10 लाख पाउंड (क़रीब 8.87 करोड़ रुपए) जमा किए थे। इस पर दावे को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले 70 सालों मुक़दमा चल रहा था। अब यह रकम बढ़कर करीब 35 मिलियन पाउंड (करीब 306 करोड़ रुपए) हो चुकी है।